सालगिरह की रात पति ने दुल्हन बनाकर चोदा – क्या आपने कभी सोचा है कि शादी की सालगिरह की रात को जब पति अपनी बीवी को फिर से दुल्हन की तरह सजाकर चोदता है, तो वो रात कितनी खास और यादगार बन जाती है? यह गर्म हिंदी सेक्स स्टोरी पायल की जुबानी है, जिसने अपनी पहली सालगिरह पर पति के साथ बिताई उस रात का पूरा किस्सा बयान किया है। इस सालगिरह की रात पति ने दुल्हन बनाकर चोदा वाली कहानी में आप पढ़ेंगे कि कैसे पति ने पायल को लाल लहंगे में दुल्हन बनाकर तैयार किया, कार में ही उसकी चूत गीली कर दी, और फिर घर लाकर पहले उसकी चूत चाटी, फिर जमकर चोदा और आखिर में उसकी टाइट गांड में भी अपना मोटा लंड घुसाकर उसे चरम सुख दिया। अगर आप सालगिरह की रात पति ने दुल्हन बनाकर चोदा जैसी रोमांटिक चुदाई, गांड मारना और दुल्हन बनाकर सेक्स करने की धमाकेदार और सच्ची कहानी ढूंढ रहे हैं, तो पायल की यह पूरी दास्तान आपके लिए ही है।
भाग 1: सालगिरह की खास प्लानिंग और दुल्हन बनने की तैयारी
मेरा नाम पायल है। मेरी यादगार सालगिरह की रात को याद करके आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं और मेरी चूत गीली होने लगती है। उस रात मेरे पति के साथ पहली जैसी चुदाई का ऐसा एहसास हुआ कि मुझे लगा जैसे सच में हमारी शादी की पहली रात ही हो। सालगिरह के उस दिन न तो कोई जल्दबाजी थी और न ही कोई झिझक—बस प्यार था, दीवानगी थी और एक दूसरे में खो जाने की बेचैनी थी। वैसे तो मुझे चुदाई करते हुए पता ही नहीं चला कि कब शादी के एक साल निकल गया, लेकिन सालगिरह का दिन कुछ खास ही था हमारे लिए और मेरे लिए तो पहले दिन के जैसा लग रहा था। तो आइए पढ़ते हैं मेरी इस यादगार सालगिरह की रात की गर्म, रोमांटिक और पूरी तरह से सच्ची कहानी।
वैसे तो मेरी और मेरे पति की सेक्स लाइफ बहुत ही शानदार है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब हमने एक-दूसरे के साथ चुदाई न की हो। हम दोनों ही एक-दूसरे के जिस्म के दीवाने हैं और जब भी मौका मिलता है, हम एक-दूसरे में खो जाते हैं। लेकिन हमारी शादी की पहली सालगिरह का दिन कुछ और ही खास था। उस दिन का इंतजार हम दोनों को कई हफ्तों से था और हम दोनों ने मिलकर उसे बहुत ही खास और यादगार बनाने की प्लानिंग की थी।
जिस दिन हमारी सालगिरह थी, उस दिन सुबह जब मैं उठी तो मैंने देखा कि मेरे पति अभी भी गहरी नींद में सो रहे थे। उनका चेहरा बहुत ही प्यारा और मासूम लग रहा था। मैंने चुपके से उनके माथे पर एक प्यार भरा किस किया और फिर धीरे से बिस्तर से उठकर अपने घर के कामों में लग गई। मैंने सबसे पहले रसोई में जाकर उनके लिए उनकी पसंद का नाश्ता और खाना बनाया। मैं चाहती थी कि आज का दिन हर तरह से परफेक्ट हो।
जब पति उठे तो मैंने तुरंत उनके पास जाकर उन्हें गले लगा लिया और उनके होंठों पर एक गहरा किस करते हुए कहा, “हैप्पी एनिवर्सरी, मेरे प्यारे पति।” उन्होंने भी मुझे अपनी मजबूत बाहों में भर लिया और मेरे होंठों को चूसते हुए कहा, “हैप्पी एनिवर्सरी, मेरी प्यारी बीवी।” फिर मैंने उन्हें बताया कि आज हमें उनके एक करीबी दोस्त और उनकी पत्नी के साथ लंच के लिए बाहर जाना है और उसके बाद कुछ बहुत ही स्पेशल होने वाला है। मैंने उन्हें यह भी बताया कि मैंने पूरे दिन की प्लानिंग कर रखी है और आज का दिन हम दोनों के लिए बहुत ही खास होने वाला है।
हम दोनों ने जल्दी-जल्दी तैयार होकर सबसे पहले पास के एक मंदिर में जाकर भगवान का आशीर्वाद लिया। हमने साथ में पूजा की और प्रार्थना की कि हमारा प्यार और हमारा रिश्ता हमेशा ऐसे ही मजबूत और खूबसूरत बना रहे। मंदिर से लौटने के बाद हमने घर पर साथ में बैठकर खाना खाया। खाना खाते वक्त मेरे पति बार-बार मुझे देख रहे थे और उनकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। मैं समझ गई कि उनके दिमाग में कुछ चल रहा है।
खाना खत्म करने के बाद वो मेरे पास आए, मुझे प्यार से गले लगाया और मेरे कान में फुसफुसाते हुए बोले, “आज रात मैं तुम्हें अपनी दुल्हन के रूप में देखना चाहूंगा, बिल्कुल वैसे ही जैसे हमारी शादी की पहली रात को देखा था। तो पूरी तरह से तैयार रहना, बिल्कुल दुल्हन की तरह सजना-संवरना।” उनकी यह बात सुनकर मेरे पूरे शरीर में एक सिहरन सी दौड़ गई और मेरी चूत गीली होने लगी। उन्होंने मुझे एक और जोरदार किस किया और फिर अपने ऑफिस के काम पर चले गए।
मैं उनकी इस बात को लेकर बहुत ही उत्साहित थी। मैंने तुरंत अपने पास वाले पार्लर में फोन करके एक अपॉइंटमेंट ले ली। मैं पार्लर गई और वहां जाकर मैंने अपना पूरा श्रृंगार करवाया—बिल्कुल वैसे ही जैसे शादी से पहले करवाया था। मैंने अपने हाथों में गहरी लाल रंग की मेहंदी लगवाई, जिस पर बेहतरीन डिजाइन बनी हुई थी। मैंने अपने बालों को धुलवाया और उन्हें सिल्की और शाइनी बनवाया। मैंने अपनी बॉडी का पूरा वैक्सिंग भी करवाया ताकि मेरी स्किन एकदम चिकनी और चमकदार हो जाए। मैंने अपनी चूत के आसपास भी अच्छी तरह से सफाई करवा ली थी ताकि वहां कोई बाल न रहें और वह पूरी तरह से साफ और मुलायम हो। मैं जानती थी कि आज रात मेरे पति मेरी चूत को बहुत चाटने वाले हैं और मैं चाहती थी कि उन्हें कोई परेशानी न हो।
पार्लर से लौटने के बाद मैंने अपने कमरे में जाकर वो सारा सामान निकाला जो मैंने खास तौर पर इस रात के लिए खरीदा था। मैंने एक लाल रंग का बेहद खूबसूरत और सेक्सी लहंगा पहना जो मेरी जांघों तक कटा हुआ था। उसके साथ एक मैचिंग चोली थी जो बहुत ही टाइट और छोटी थी, जिससे मेरे स्तनों का उभार और उनकी गहरी घाटी साफ दिखाई दे रही थी। मेरे स्तन वैसे भी 32 साइज के हैं और जब वो उस चोली में कैद हुए तो ऐसा लग रहा था जैसे अभी फट पड़ेंगे। मैंने नीचे एक जालीदार लाल रंग की ही पैंटी पहनी थी जिसमें से मेरी गोरी और मोटी गांड साफ झलक रही थी। मैंने अपने सारे श्रृंगार का सामान निकाला और आईने के सामने बैठकर बड़े ध्यान से तैयार होने लगी।
मैंने अपनी आँखों में गहरा काजल लगाया, पलकों पर मस्कारा लगाया, और होठों पर गहरा लाल रंग की लिपस्टिक लगाई। मैंने अपनी मांग में सिंदूर भरा और माथे पर एक खूबसूरत सा मांगटीका लगाया। मैंने अपने कानों में झुमके, गले में मंगलसूत्र और एक भारी हार, हाथों में चूड़ियाँ और कंगन, और पैरों में पायल पहनी। मैंने अपनी नाक में एक छोटी सी नथ भी पहनी जो मुझ पर बहुत ही जच रही थी। जब मैं पूरी तरह से तैयार होकर आईने के सामने खड़ी हुई तो मुझे खुद पर विश्वास नहीं हुआ। मैं सच में एकदम सेक्सी और खूबसूरत दुल्हन लग रही थी। मेरे गोरे और चिकने शरीर पर वो लाल लहंगा बहुत ही शानदार लग रहा था। मेरी जांघें चमक रही थीं और मेरे स्तनों का क्लीवेज तो किसी का भी दिमाग खराब कर सकता था। मैं सोच रही थी कि जब मेरे पति मुझे इस रूप में देखेंगे तो उनका क्या हाल होगा।
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भाग 2: कार में शुरू हुई छेड़छाड़ और बढ़ती बेचैनी
शाम होते-होते मेरे पति मुझे लेने के लिए घर आ गए। वो भी बहुत अच्छी तरह से तैयार हुए थे। उन्होंने एक ब्लैक कलर की शर्ट और जींस पहनी हुई थी और वो बहुत ही हैंडसम लग रहे थे। जैसे ही वो कमरे में आए और उनकी नजर मुझ पर पड़ी, वो वहीं के वहीं ठिठक कर रह गए। उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं और उनके मुंह से बस इतना ही निकला, “हे भगवान… तुम तो सच में अप्सरा लग रही हो। मेरी तो नजरें ही नहीं हट रही हैं तुमसे।” मैं शर्मा गई और मेरी नजरें झुक गईं। वो मेरे पास आए और मुझे अपनी बाहों में भरकर एक जोरदार किस किया। उनकी वो किस इतनी प्यार भरी और गर्म थी कि मेरी चूत तुरंत गीली हो गई।
फिर हम दोनों हाथ में हाथ डालकर कार में बैठे और लंच के लिए निकल पड़े। कार में बैठते ही उनका हाथ मेरी जांघों पर आ गया। वो धीरे-धीरे मेरी जांघों को सहला रहे थे और बीच-बीच में अपनी उंगलियों से मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को छू रहे थे। मैं शर्म से लाल हुई जा रही थी और बैठी-बैठी सिकुड़ रही थी, लेकिन मेरा हाथ भी बेचैन था। मैंने भी अपना हाथ बढ़ाकर उनकी जींस के ऊपर से ही उनके लंड को पकड़ लिया। वो पहले से ही सख्त हो चुका था और मैं उसकी गर्माहट को अपनी हथेली पर साफ महसूस कर पा रही थी। मैंने शरारत भरे अंदाज में कहा, “रात के लिए थोड़ा कंट्रोल रखिए इसे, वरना सारा मजा खराब हो जाएगा।” वो हंसते हुए बोले, “कंट्रोल करने की पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन जब तुम ऐसी लग रही हो तो कंट्रोल करना नामुमकिन है।”
रास्ते भर हम यूं ही एक-दूसरे के साथ छेड़खानी करते रहे। कार में एक अलग ही रोमांटिक माहौल था। बाहर शहर की रोशनियाँ थीं और अंदर हम दोनों की बढ़ती हुई बेचैनी। हम जल्द ही उस रेस्टोरेंट में पहुंच गए जहां उनके दोस्त और उनकी पत्नी पहले से ही हमारा इंतजार कर रहे थे। उनके दोस्त ने फॉर्मल ड्रेस पहनी हुई थी और उनकी पत्नी ने एक बहुत ही छोटी सी मिनी स्कर्ट और एक टाइट टॉप पहना हुआ था। हमने एक-दूसरे को नमस्ते किया और फिर हम सब उस प्राइवेट रूम में चले गए जो हमारे लिए बुक किया गया था। रूम के बीचों-बीच एक मेज पर एक खूबसूरत सा केक रखा हुआ था जिस पर लिखा था “हैप्पी एनिवर्सरी”। रूम की लाइटिंग बहुत ही हल्की और रोमांटिक थी और हल्का संगीत बज रहा था।
हम सब वहां बैठकर बातें करने लगे और हंसी-मजाक करने लगे। थोड़ी ही देर में हमारे लिए लंच आ गया। हमने साथ में खाना खाया और एक-दूसरे की लव स्टोरीज शेयर कीं। खाने के बाद जब हम थोड़ा घूमने-फिरने लगे तो मेरे पति ने मुझे अचानक से अपनी तरफ खींच लिया और अपनी गोद में बिठा लिया। मैं शर्म से पानी-पानी हो गई। लेकिन हमें देखकर उनके दोस्त ने भी अपनी पत्नी को अपनी गोद में बिठा लिया। वो पल बहुत ही रोमांटिक और प्यारा था। फिर हमने वो खास केक काटा। मेरे पति ने केक का एक टुकड़ा अपने होठों पर रखा और फिर मेरे होंठों पर अपने होंठ रखकर मुझे एक गहरा किस करते हुए वो केक खिलाया। यह देखकर उनके दोस्त और उनकी पत्नी जोर-जोर से तालियाँ बजाने लगे और हूटिंग करने लगे। मुझे बहुत शर्म आ रही थी, लेकिन साथ ही बहुत अच्छा भी लग रहा था। फिर हमने देखा कि उनके दोस्त भी अपनी पत्नी को इसी तरह किस करने लगे। मैं इतना ज्यादा शर्मा रही थी कि मेरे लिए वहां बैठना मुश्किल हो रहा था, लेकिन मेरे पति ने मेरा हाथ कसकर पकड़ रखा था।
लंच खत्म करने के बाद हम वहां से निकले और एक लंबी ड्राइव पर निकल गए। हमने कार की खिड़कियाँ नीचे कर दीं और ठंडी हवा का मजा लेते हुए बातें करते रहे। फिर धीरे-धीरे हम वापस अपने घर की तरफ लौट पड़े। जब हम घर पहुंचे तो मैंने देखा कि मेरे पति ने मेरे लिए एक बहुत बड़ा सरप्राइज तैयार कर रखा था। उन्होंने हमारा पूरा बेडरूम मोमबत्तियों और गुलाब की पंखुड़ियों से सजा दिया था। कमरे में हल्की रोशनी थी और बैकग्राउंड में एक बहुत ही रोमांटिक गाना बज रहा था। उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर मुझे बिस्तर पर बैठा दिया और फिर मेरे ऊपर गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश करने लगे। मैं वाकई में बहुत शर्मीली और खास महसूस कर रही थी। मुझे सच में ऐसा लग रहा था जैसे आज ही हमारी शादी हुई है और यह हमारी पहली रात है।
वो मुझे एकटक देखते ही रह गए और फिर बोले, “हे भगवान, तुम आज इतनी खूबसूरत लग रही हो कि मेरी नजरें ही नहीं हट रही हैं।” वो मेरे पास आए और मुझे अपनी बाहों में भर लिया। उन्होंने सबसे पहले मेरे माथे पर लगे मांगटीके को हटाया और वहां एक प्यारा सा किस किया। फिर उन्होंने मेरे दोनों गालों को चूमा और मेरी नथ से खेलने लगे। उनका हर स्पर्श मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ा रहा था।
फिर हम दोनों धीरे-धीरे उस रोमांटिक गाने की धुन पर डांस करने लगे। डांस करते हुए उनका एक हाथ मेरी पीठ पर था और दूसरा हाथ मेरी गांड पर। वो मुझे अपनी तरफ खींचते हुए मेरे होंठों पर चूमने लगे। ऐसे ही धीरे-धीरे उन्होंने अपने होंठों से मेरे होंठों को खोलना शुरू किया और फिर मेरे निचले होंठ पर एक हल्का सा काट भी लगाया। उनकी इस हरकत से मेरी चूत में एक जोरदार झटका सा लगा। फिर उन्होंने पीछे से मेरी गांड को जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया। कुछ देर तक हम ऐसे ही डांस करते रहे और एक-दूसरे को चूमते रहे। फिर वो मुझसे अलग हुए और मेरी गर्दन पर टूट पड़े। उन्होंने मेरी गर्दन को चूमा और फिर वहां एक हल्का सा बाइट किया। “आह… यह तो बहुत अच्छा था,” मैंने कराहते हुए कहा।
भाग 3: दुल्हन को चूत चाटी और पहली बार चोदा
फिर उन्होंने अपना हाथ मेरी पीठ पर डाला और मेरी चोली की डोरी को ढीला कर दिया। उन्होंने मेरी चोली को मेरे स्तनों से नीचे सरका दिया और मेरे दोनों मोटे-मोटे चूचियाँ बाहर निकल आए। उन्होंने चोली को पूरी तरह से निकाला नहीं, बल्कि उसे वहीं मेरे स्तनों के नीचे ही रहने दिया। यह देखने में और भी सेक्सी लग रहा था। वो मेरे स्तनों को जोर-जोर से दबाने लगे और फिर एक को अपने मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगे।
“अहह… आराम से, जान… उउम्म्म… काट क्यों रहे हो… आअहह,” मैंने उनके बालों को पकड़ते हुए कहा। लेकिन वो तो बस मेरे स्तनों को काटने और चूसने में लगे हुए थे। वो अपनी गर्म और गीली जीभ से मेरे निप्पल के चारों तरफ गोल-गोल घूम रहे थे और फिर उसे हल्के से काट रहे थे। मेरी सांसें तेज हो गई थीं और मेरी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।
उसके बाद वो पीछे हट गए और मुझे कुछ समझ नहीं आया कि वो क्या करने वाले हैं। फिर उन्होंने धीरे-धीरे अपने कपड़ों को उतारना शुरू कर दिया। सबसे पहले उन्होंने अपनी शर्ट के बटन खोले और उसे एक तरफ फेंक दिया। उनकी चौड़ी और बालों वाली छाती देखकर मेरा मन और भी ज्यादा बेचैन हो गया। फिर उन्होंने अपनी जींस और अंडरवियर भी निकाल दिए। उनका लंड पूरी तरह से खड़ा था और लोहे की रॉड की तरह सख्त था। वो मोटा और लंबा था, और उसके ऊपर का सुपारा लाल और चमकदार था, जिस पर प्री-कम की कुछ बूंदें चमक रही थीं।
फिर वे मेरे पास आए और मेरे लहंगे को ऊपर उठाया। वो मेरे लहंगे के अंदर घुस गए और अपना सर मेरी जांघों के बीच रख दिया। उन्होंने मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को चूमना शुरू कर दिया। फिर उन्होंने मेरी पैंटी को एक तरफ सरका दिया और सीधे मेरी नंगी चूत पर अपना मुँह लगा दिया। वो मेरी चूत को जोर-जोर से चूसने लगे और मेरे क्लिट को अपने दांतों से हल्के-हल्के काटने लगे।
“माआ… अह्ह्ह… उम्म्म्म… अह्ह्हह्ह… उउउउइइइम्म्म…” मैं जोर-जोर से चिल्ला रही थी। मेरे लिए खड़ा रहना मुश्किल हो रहा था, इसलिए मैंने पास की दीवार का सहारा ले लिया और उससे चिपक गई। “उउइइ… माआ… आ… उम्म… अहहाआआ…” मेरी आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। वो लगातार मेरी चूत को चाट रहे थे और चूस रहे थे। करीब पांच मिनट तक चूसने के बाद ही मेरी चूत से पानी निकल गया, लेकिन वो फिर भी नहीं रुके। वो तो जैसे मेरी चूत का सारा रस पी जाने पर तुले हुए थे।
कुछ देर बाद वो बाहर निकल आए और मेरे होंठों को चूम लिया। उनके होंठों पर मेरी चूत का स्वाद था। फिर वो मुझे उठाकर बिस्तर पर ले गए। उन्होंने मुझे इस तरह लिटाया कि मेरे पैर बेड के नीचे लटक रहे थे और मेरी गांड बेड के बिल्कुल किनारे पर थी। उसके बाद वो मेरे ऊपर आ गए और मेरे उन स्तनों को चूसने लगे जो चोली से बाहर निकले हुए थे। चूसते-चूसते उनका एक हाथ मेरी गांड पर था और वो उसे जोर-जोर से दबा रहे थे। उनका सख्त लंड मेरे पेट पर रगड़ खा रहा था और मैं उसकी गर्माहट को अपनी नाभि तक महसूस कर पा रही थी।
फिर वो मेरे ऊपर से हट गए और पूरी तरह से नंगे होकर मेरे सामने खड़े हो गए। उनका लंड अब और भी सख्त और तना हुआ था। वो ऐसे ही खड़े-खड़े मेरे स्तनों के बीच अपना लंड रगड़ने लगे। “आह्ह… ओह्ह्ह…” मैं कराह उठी। मैंने अपने दोनों हाथों से अपने स्तनों को दबाकर उनके लंड को बीच में फंसा लिया। मेरा मंगलसूत्र बार-बार उनके लंड पर जा रहा था तो उन्होंने उसे पीछे कर दिया। वो मेरे स्तनों के बीच अपना लंड घुसाकर जोर-जोर से धक्के मार रहे थे और मैं उनके चेहरे के भाव देखकर समझ रही थी कि उन्हें इसमें बहुत मजा आ रहा है।
उसके बाद मैंने उनका लंड अपने हाथ में पकड़ा और उसे प्यार से सहलाने लगी। फिर मैंने उसे अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। मुझे पता है कि मेरे पति को यह बहुत पसंद है, इसलिए मैंने अपने मुँह का पूरा इस्तेमाल किया और उनके पूरे लंड को अपने मुँह के अंदर लेने की कोशिश करने लगी। लंड चूसते हुए मेरी चूत में भी हलचल मची हुई थी और वह लगातार टपक रही थी। उन्होंने मेरा सर पकड़ रखा था और मैं मुश्किल से उनका पूरा लंड अपने मुँह में ले पा रही थी। वो मेरे गले तक जाकर फंस जाता था और मेरा दम घुटने लगता था। लेकिन उन्हें अपनी दुल्हन का मुँह में लंड लेकर चूसना बहुत अच्छा लग रहा था। वो काबू के बाहर हो गए और मेरा मुँह ही चोदने लगे। उनका पेट मेरे चेहरे से टकरा रहा था और मुझे सांस नहीं आ रही थी। कुछ देर तक मैंने उन्हें पूरा मजा लेने दिया और फिर जब मुझसे सहन नहीं हुआ तो मैंने उनके लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल दिया।
मैंने हांफते हुए कहा, “प्लीज़ अब नहीं जा रहा है… जल्दी से चूत में डाल दो ना… अब मुझे चोदो।”
उन्होंने मेरी तरफ प्यार से देखा और कहा, “तुम इस ड्रेस में मेरा लंड चूसते हुए मुझे इतनी सुंदर लग रही हो कि क्या बताऊं… मुझे तो तुम्हें रात भर चुसवाने का मन कर रहा है।”
मैंने शरारत से कहा, “मैं सुंदर लग रही हूँ तो सिर्फ मेरे मुँह में ही करोगे? नीचे से भी तैयार हूँ… प्लीज उधर भी ध्यान दीजिए!”
वो हंस पड़े और बोले, “ठीक है मेरी प्यारी, अभी तुम्हें छोड़ दे रहा हूँ।”
उसके बाद उन्होंने मुझे बिस्तर पर अच्छी तरह से लेटा दिया और मेरे लहंगे को मेरी जांघों तक ऊपर कर दिया। उन्होंने मेरी दोनों टांगों को ऊपर उठाकर अपने कंधों पर रख लिया। उसके बाद उन्होंने बिना कोई देर किए धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रखा और अंदर डालना शुरू कर दिया।
“अह्ह्ह… उउउउइइइइइइइइइइइइइइइइइ…” मेरी चीख निकल गई। उनका लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर जा रहा था। ऐसे ही धीरे-धीरे उन्होंने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और फिर जोर-जोर से धक्के मारने लगे। पहले वो धीरे कर रहे थे, फिर उन्होंने अपनी स्पीड तेज कर दी। “अह्ह्ह… उम्म्म्म… अहहाहाआ…” मैं बस चिल्ला रही थी और वो मेरी टांगों को पकड़कर मुझे बेरहमी से चोद रहे थे। मेरे पैरों में पहनी हुई पायल “छन-छन” बज रही थी और कमरे में हमारी चुदाई की “थप-थप” की आवाजें गूंज रही थीं। “ओह्ह… आह्ह… हां… हां… चोदो इसे… आह्ह…” मैं उन्हें और उकसा रही थी। उन्होंने मुझे अच्छी तरह से चोदा और फिर अपना पूरा गर्म माल मेरी चूत के अंदर ही निकाल दिया। उनके वीर्य की गर्माहट से मेरी चूत भर गई और मैं भी उसी पल चरमसुख को प्राप्त कर गई।
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भाग 4: दुल्हन की गांड में लंड – पहली बार एनल सेक्स
फिर वो मुझसे लिपट गए और मुझे प्यार से चूमने लगे। मेरे पूरे चेहरे पर किस करने लगे और मेरे बालों में हाथ फेरने लगे। कुछ देर आराम करने के बाद उन्होंने मुझे बिस्तर पर पीछे से झुका दिया। उन्होंने मेरा लहंगा ऊपर उठाया और मेरी गांड को नंगा कर दिया। वो मेरी गांड को चूमने लगे और उसे चूसने लगे। “आह्ह…” मैं सिहर उठी। उन्होंने मुझसे पूछा, “क्या तुम तैयार हो?” मैंने धीरे से कहा, “हाँ, मैं तैयार हूँ।” उसके बाद उन्होंने मेरी गांड पर एक जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे मेरी गांड लाल हो गई और मेरी चीख निकल गई।
फिर उन्होंने वहां पास में रखी एक क्रीम उठाई और उसे अपनी उंगलियों पर लगाकर मेरे गांड के छेद पर लगाने लगे। मैं समझ गई कि आज तो मेरी गांड का बैंड बजने वाला है। इससे पहले कि मैं कुछ कहती, उन्होंने धीरे-धीरे अपना लंड मेरे गांड के छेद पर रखा और अंदर डालना शुरू कर दिया। “आह्ह्ह्ह… उउम्म्म्म… नहीं… बाहर निकालो…” मैं दर्द से चीख उठी।
मैंने गिड़गिड़ाते हुए कहा, “कृपया प्यार से… दर्द हो रहा है… आह्ह… उई मर गई… आह्ह्ह्ह… म्म्म्म।”
उन्होंने मुझे प्यार से समझाया, “चिंता मत करो, दर्द के साथ मजा भी तो आएगा मेरी जान को।”
उन्होंने मेरी एक न सुनी और अपना पूरा लंड मेरी गांड के अंदर ठूंस दिया। मेरी आँखों से पानी आ गया। मेरी गांड अभी भी बहुत टाइट है क्योंकि हम महीने में बस तीन-चार बार ही एनल सेक्स करते हैं। “अहह… आराम से प्लीज़… अहहाह… उउउम्म्म… उईई… माआआअ… अहहह्ह्ह्ह… प्लीज बाहर निकालो वहां से… अहह…” मैं चीख रही थी। पहले तो वो आराम से अपना लंड अंदर-बाहर कर रहे थे, लेकिन बाद में वो जंगली तरीके से मेरी गांड मारने लगे। मैं जोर-जोर से चिल्ला रही थी और मेरी आवाज पूरे घर में गूंज रही थी।
कुछ देर तक मेरी गांड चोदने के बाद उन्होंने मुझे फिर से उठाकर बिस्तर पर लेटा दिया। सालगिरह की रात पति ने दुल्हन बनाकर चोदा था – और वो भी इतनी बेरहमी से कि मेरा शरीर पूरी तरह से थक चुका था। उन्हें चोदते हुए काफी समय हो गया था और इतनी देर करने के बाद भी उनका अभी तक दूसरी बार पानी नहीं निकला था, जबकि मेरा दो बार हो चुका था। मैं पूरी तरह से थक चुकी थी। फिर वो मेरे ऊपर आए और मेरे होंठों को चूसा। कुछ देर बाद उन्होंने मेरी टांगों को ऊपर उठाया और एक ही झटके में अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया। “उउउउउउउइइइइइइइ… अह्ह्ह… मैं गइइइइइइइ…” मैं जोर से चीखी। उसके बाद वो मेरे ऊपर आ गए और मेरे स्तनों को चूसने लगे और साथ ही साथ मेरी गांड को भी चोदने लगे। मेरे हाथ उनकी पीठ पर थे और मैं बस चिल्ला रही थी। वो बिना किसी दया के मुझे चोदे जा रहे थे। कुछ देर बाद ऐसे ही चोदते हुए उन्होंने अपना सारा माल मेरी गांड के अंदर ही निकाल दिया और फिर ऐसे ही मेरे ऊपर लेट गए।
कुछ देर ऐसे ही लेटने के बाद, वे बाथरूम में गए और खुद को साफ करके आए। वो एक गीला कपड़ा लेकर आए थे और उन्होंने मुझे नीचे से अच्छी तरह से साफ कर दिया। उन्होंने मुझे पानी पिलाया और मुझे प्यार से सहलाने लगे। मेरी पीठ उनकी तरफ थी और वो मेरी पीठ पर चूमने लगे। चूमते-चूमते फिर से उनका लंड खड़ा हो गया और वो मेरी गांड से टच होने लगा। उन्होंने मेरी चोली को वापस ठीक करके मुझे पहना दिया और फिर से मुझे अपना लंड चूसने के लिए कहा। मैंने मना करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि अब बड़े प्यार से करेंगे।
भाग 5: ऊपर बैठकर चुदाई, 69 और रात भर की मस्ती
थोड़ी देर तक उन्होंने अपना लंड मेरे होंठों पर रगड़ा। फिर मैंने उनका लंड अपने हाथ में लिया और चूसने लगी। इस बार वो बड़े प्यार से चुसवा रहे थे। वो मेरी आँखों में देख रहे थे और मेरे चेहरे को सहला रहे थे और मेरे कंगन से खेल रहे थे। मुझे भी इस बार बहुत अच्छा लग रहा था।
उसके बाद वो कुर्सी पर बैठ गए और मुझे अपनी गोद में बैठा लिया। जब मैं बैठने लगी तो उन्होंने अपने लंड को पकड़ा हुआ था और जैसे ही मैं बैठी, उन्होंने वो मेरी चूत में डाल दिया। मैंने अपने दोनों हाथ उनके गले में डाल दिए और उनसे लिपटकर गले लग गई। वो एकदम से मेरी चूत के अंदर तक घुस गया। मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे मेरी चूत फट गई हो, बिल्कुल वैसे ही जैसे पहली बार चुदाई के समय हुआ था। दर्द के मारे मैंने अपने होंठों को उनके होंठों से लगा दिया और उन्हें जोर-जोर से चूसने लगी। “आह्ह… आह्ह… आह्ह… ऊऊऊ… माआ गई मेरी चूत… आह्ह… उउफफ… आअह्ह्ह्ह…” मैं चीख रही थी।
उनका लंड लंबा और मोटा दोनों है। मैं धीरे-धीरे उनके लंड पर ऊपर-नीचे होने लगी। मेरा दर्द से बुरा हाल था, लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था, इसलिए मैं अपने पति के लंड पर जोर-जोर से उछल रही थी। मैं उनसे पूरी तरह से लिपटी हुई थी। काफी देर तक ऐसे ही चोदने के बाद वो मुझे चोदते-चोदते ही खड़े हो गए और मुझे दीवार से सटाकर जोर-जोर से शॉट मारने लगे। हे भगवान, मेरी चीख के साथ-साथ मुझे बहुत मजा भी आ रहा था। मुझे चुदाई का पूरा आनंद आ रहा था और मैं जोर-जोर से चिल्ला रही थी, “आअहह… उफ्फ्फ… उम्म्म… हम्म… उम्म्म… आआआहह… जान!”
उसके बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर से उतारकर बिस्तर पर गिरा दिया और मेरे ऊपर आ गए। उन्होंने मेरे पूरे शरीर को चूसा—मेरी गर्दन, मेरे कंधे, मेरे स्तन, मेरा पेट, मेरी जांघें—कोई जगह नहीं छोड़ी। फिर उन्होंने मुझे उल्टा किया और मेरी गांड को ऊपर उठाया। फिर पीछे से मेरी गांड में अपना लंड डालने लगे। मैंने अपना चेहरा तकिए में दबा लिया। वो पीछे से जोर-जोर से धक्के मार-मार कर मेरी गांड चोद रहे थे। मैं सिसकियाँ लेने लगी, “आआअहह… उउइइइ… माआ… अहह… उउउम्म्म्म…” उन्होंने मेरी चोली को नीचे कर दिया था और अपने दोनों हाथों से मेरे स्तनों को पकड़ा हुआ था और मेरे निप्पल को मसल रहे थे।
यही वह पल था जब मैं पूरी तरह से उनमें खो गई। मैं अब गांड में पीछे से मजे से चुद रही थी। “अह्ह्हह्ह… उम्म्म्म… उईईइ… माआआ… हाह्ह्ह्ह… तुम बहुत अच्छे हो मेरे पति.. अह्ह्ह… अहहाहाआआआ…” वो बहुत मस्त चोद रहे थे। मुझे चोदने के बाद वो बाथरूम चले गए। पेशाब करके और अपना लंड साफ करके वापस आए। वे बिस्तर पर लेट गए और हम 69 पोजीशन में आ गए। हमारी सांसें बहुत तेज चल रही थीं। वो अब मेरी चूत चूसने लगे और मैं उनका लंड चूस रही थी। हम दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह चाट और चूस रहे थे।
कुछ देर बाद मैं उठकर फिर से पति के लंड को अपनी चूत में लेकर उनके ऊपर बैठ गई, बिल्कुल काउगर्ल पोजीशन में। अब पति मेरी गांड को पकड़कर नीचे से जोर-जोर से चोदने लगे। “अहहहहह… उउउम्म्म… माआ… आ… चोदो… बहुत मजा आ रहा है.. अहहह… चोद डालो… आज हमारी सालगिरह की रात है… अहहा… उउउउउफफ्फ़… उईइमाआ… आहाहा…” मैं जोर-जोर से चीख रही थी। साथ ही साथ हम दोनों एक-दूसरे के होंठ चूस रहे थे और एक-दूसरे के मुंह में अपनी जीभ दे रहे थे। ऐसे करते हुए हम दोनों एक साथ झड़ गए और मैं ऐसे ही निढाल होकर उनके ऊपर लेट गई।
सालगिरह की रात पति ने दुल्हन बनाकर चोदा और हमने उस दिन लगभग सारी रात चुदाई की – सुबह के चार बजे हम सोए। हमने उस रात लगभग चार राउंड किए। सुबह जब मुझे जोर से पेशाब आया तो मैं उठी। मैं मुश्किल से चल पा रही थी। मेरे पति ने मुझे उठाया और बाथरूम में ले जाकर मुझे पेशाब कराया। मेरी चूत के पानी से पूरा बिस्तर भीग चुका था। मेरे पति ने बिस्तर के ऊपर दूसरी बेडशीट बिछा दी। हमारे बिस्तर के ऊपर वाटरप्रूफ कवर लगा है, जिससे कि पानी नीचे नहीं जाता, क्योंकि हमेशा मेरी चूत से पानी निकल जाता है। मेरी चूत और गांड का बैंड बज चुका था और हम पूरी तरह से थक चुके थे। हमें पता ही नहीं चला कि कब हमें नींद आ गई।
सुबह ग्यारह बजे जब मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि पति ने मुझे अपनी बाहों में जकड़ रखा है। मैंने बिस्तर से उठने की कोशिश की तो उन्होंने मुझे और कसकर पकड़ लिया और कहा, “अभी नहीं, मेरी रानी।” वो मुझे बहुत देर तक प्यार करते रहे, मेरे बालों में हाथ फेरते रहे, मेरी पीठ सहलाते रहे। फिर उन्होंने धीरे से मेरे सारे गहने और कपड़े निकाले। फिर मुझे उठाकर बाथरूम में ले गए। उन्होंने मुझे फ्रेश कराया और मेरे उन कपड़ों को धोया जो उनके माल और मेरे पानी से पूरी तरह से भीग चुके थे। वो मेरे साथ शावर में नहाने लगे और मुझे प्यार से सहलाने लगे। मुझे चूमते-चूमते उनका लंड फिर से खड़ा हो गया और मेरा भी मन हो गया। उन्होंने बिना कुछ कहे अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चूमते हुए धीरे-धीरे चोदने लगे। आधे घंटे बाद हम नहा कर बाहर निकले। उन्होंने मुझे अपने हाथों से कपड़े पहनाए और तैयार किया। उन्होंने मेरे लिए खाना मंगवाया और हम दोनों साथ में बैठकर प्यार से खाना खाया। फिर हम साथ में बैठकर बातें करने लगे और हंसने लगे। सच में, सालगिरह की रात पति ने दुल्हन बनाकर चोदा – वह रात बिल्कुल शानदार और यादगार थी।
तो ये थी मेरी यादगार सालगिरह की रात की कहानी—जहाँ पति के साथ पहली जैसी चुदाई का वो एहसास था, जो शादी की पहली रात से भी बढ़कर था। उस रात का जुनून, प्यार, दीवानगी और एक-दूसरे में खो जाने की बेचैनी—सब कुछ आज भी मेरे दिल और शरीर में ताज़ा है। हमने उस रात लगभग चार राउंड चुदाई की और हर राउंड अपने आप में खास था। सालगिरह की रात पति ने दुल्हन बनाकर चोदा – उसने मुझे दुल्हन की तरह सजाया, मेरी चूत चाटी, मुझे कार में ही गर्म किया, और फिर घर लाकर मेरी गांड भी चोदी। सच में, वो रात मेरी ज़िंदगी की सबसे यादगार रातों में से एक थी। उम्मीद करती हूँ कि आपको मेरी यह कहानी पसंद आई होगी।
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Car वाली teasing और बाद में room decoration वाला part काफी cinematic लगा 😅
ऐसा लगा जैसे कोई real anniversary night imagine कर रहे हों 🔥
सालगिरह वाला romantic setup काफी प्यारा लगा ❤️
दुल्हन बनकर ready होना और पति का reaction वाला scene सबसे ज्यादा feel वाला था 😊
पूरी story में husband-wife bonding अच्छी लगी।