सुहागरात पर बीवी की प्यार से चुदाई – रात भर चूत और गांड का मज़ा

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सुहागरात पर बीवी की प्यार से चुदाई – शादी की पहली रात सुहागरात पर बीवी की प्यार से चुदाई – मेरा नाम राहुल है और यह कहानी मेरी सुहागरात की है, जब मैंने अपनी बीवी नेहा को पहली बार अपनी बांहों में लिया। उस रात हमने ऐसी चुदाई की कि मेरी बीवी की चूत में मेरा लंड घुसते ही उसके आँसू निकल आए, लेकिन उसे गंदा सेक्स करके और मेरी गरमागरम बातें सुनकर इतना मज़ा आया कि वो बार-बार चुदवाने को तैयार हो गई। इस सुहागरात पर बीवी की प्यार से चुदाई कहानी में आप पढ़ेंगे कैसे हमने चूत की चुदाई की, गांड की चुदाई की, और लंड चूसने का भी पूरा मज़ा लिया। उस रात पहली बार मैंने उसकी चूत फाड़ी, उसके मुँह में लंड का पानी निकाला, और अगली सुबह भी लाल साड़ी में उसने मेरा लंड चूसा। अगर आप सुहागरात की ऐसी धमाकेदार सेक्स कहानी पढ़ना चाहते हैं जिसमें पति-पत्नी के बीच हवस, दर्द, प्यार, और ऑर्गेज्म का जबरदस्त मिश्रण हो, तो यह पूरी दास्तान आपके लिए ही है।

भाग 1 – शादी से पहले की बातें और सुहागरात की तैयारी

मेरा नाम राहुल है। मेरी उम्र 30 साल है। मैं एक प्राइवेट कंपनी में अच्छी सी जॉब करता हूँ। मैं दिल्ली में अपनी बीवी नेहा के साथ रहता हूँ। नेहा को मैं कॉलेज से ही जानता था, पर हमने कभी बात नहीं की थी। एक साल पहले – एक रोज़ – हम एक कॉमन फ्रेंड की पार्टी में मिले। उसने मुझसे बात की, मैंने उससे बात की, और फिर शुरू हुई हमारी दोस्ती, फिर प्यार – और फिर प्यार का वो दीवानापन। हमें प्यार हो गया और हम दोनों जल्दी ही शादी के लिए तैयार हो गए थे।

नेहा बड़ी सुंदर है। उसकी उम्र 27 साल है – पूरी जवानी का शबाब। उसकी आँखें काजल की तरह काली, बाल घने और लंबे, और मुस्कान जैसे मोती बिखर जाएँ। उसका फिगर बिल्कुल परफेक्ट है – 34-26-34 – और उसकी चूत बिल्कुल साफ-सुथरी, बिना झांटों वाली, जैसे कोई गुलाबी कली हो। मेरी और नेहा की शादी अभी हाल ही में हुई है। हम दोनों के बीच प्यार और उसमें खुमार बहुत ज्यादा रहता है। मेरी बीवी को सेक्स बहुत पसंद है। उसे सेक्स में हवस और गंदा सेक्स अच्छा लगता है। गालियाँ नहीं, बल्कि गरमागरम बातें, लंड चूसना, चुदाई के बीच थूकना, मुँह में माल पीना – ये सब उसे बहुत भाता है। मुझे भी ये सब बहुत पसंद है। हम दोनों एक जैसे हैं।

शादी से पहले हम लोग खूब सेक्स के बारे में बातें करते थे। रोज़ रात को हम फोन पर घंटों बातें करते – सिर्फ सेक्स के बारे में। एक दिन हम लोग फोन पर सेक्स की बातें कर रहे थे। वो मुझसे बोली, “राहुल, मैं आपका लंड चूस कर सारा माल पी जाऊँगी।” मैंने कहा, “अभी बहुत बोल रही हो। जब मैं तुम्हारी गांड मारूंगा तो रोने लगोगी।” नेहा ने जवाब दिया, “अभी ही आ जाओ जो करना है कर लो। मुझसे तो इंतजार नहीं हो रहा। मेरी चूत पहले से ही गीली हो गई है।” मैंने कहा, “अब शादी में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। शादी के बाद मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी करूंगा।” उसने पूछा, “सुहागरात में क्या-क्या कीजियेगा?” मैंने कहा, “सुहागरात आने तो दो, मैं तुम्हारी चीखें निकाल दूंगा। मैं तुम्हारी चूत और गांड – दोनों को चोदूंगा।” उसने कहा, “सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हो। उस दिन भूल मत जाना।”

भाग 2 – सुहागरात की रात और पहला स्पर्श

सुहागरात वाले दिन… रात के दस बज रहे थे। मेरी भाभी मुझे मेरे कमरे के दरवाजे तक लेकर आईं। मेरे कमरे में मोगरे के फूलों की लड़ियाँ लटक रही थीं। गुलाब के फूलों से बिस्तर के बीचों-बीच दिल के आकार का डिज़ाइन बना हुआ था। कमरे में चंदन और गुलाब की मादक खुशबू घुली हुई थी। बिस्तर के एक किनारे मेरी बीवी नेहा बैठी थी – खूबसूरत सी लाल रंग की साड़ी पहने।

एक अजीब सी कसक उसके और मेरे दिल में उठी, जब मैंने कमरे का दरवाजा बंद किया। हम दोनों का दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। मैं बिस्तर पर बैठ गया और अपनी बीवी के घूँघट को उठा कर उसे देखने लगा। मेरी बीवी का ब्लाउज बहुत गहरे गले का था, जिसमें से उसकी सुडौल चुचियों की दरार मुझे उकसा रही थी।

फिर मैंने उसके पल्लू को सर पर रख कर उसके चेहरे को ऊपर उठाया। अब मेरी बीवी ने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं और मुझे देख कर मुस्कुराई। फिर मेरी बीवी ने दूध का गिलास मेरी तरफ बढ़ा दिया। मैंने दूध का गिलास अपनी बीवी के होंठों से लगा दिया। उसने मुस्कुराते हुए गिलास में होंठ लगा कर थोड़ा पिया, और फिर मेरी तरफ बढ़ा दिया। मैंने भी दूध पीया। फिर धीरे-धीरे मैं उसके पास जाने लगा और उसके होंठों पर लगे दूध को अपनी जीभ से चाट लिया। मेरी बीवी कसमसा गयी।

फिर मैंने बीवी से कहा, “मैं तुमको अपनी बांहों में लेना चाहता हूँ।” वो बोली, “मैं भी आपकी बांहों में समा जाना चाहती हूँ।” इसके बाद हम दोनों ज़मीन पर खड़े हो गए। मेरा हाथ मेरी बीवी की कमर में चला गया। मेरे हाथ से उसकी नंगी कमर का स्पर्श बहुत ही उत्तेजित करने वाला था। मेरी बीवी सिहर गयी और मेरी बांहों में आकर मुझसे चिपक गयी।

अब मेरी बीवी मेरे सीने से चिपकी हुई थी। उसकी मदमस्त चुचियां मेरे सीने में चुभ रही थीं। मैंने धीरे-धीरे अपनी बीवी का पल्लू नीचे कर दिया और उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके गहने उतारने लगा। मैंने जिस-जिस अंग से जो उतारा, वहाँ-वहाँ पर अपने होंठों से चूम लिया। कुछ ही देर में मेरे होंठ मेरी बीवी के गाल पर आ गए थे। मैंने अपनी बीवी का चेहरा थाम लिया और पहले उसके माथे पर, फिर नाक पर, फिर दोनों गालों पर चूम लिया।

अब मैं अपनी बीवी का चेहरा देख रहा था और वो आँखें बंद करके अपने होंठों पर मेरे होंठों का इंतज़ार कर रही थी। उसके होंठ किसी गुलाब की तरह थे। मैं अपने होंठों को धीरे-धीरे उसके पास ले गया। अगले ही पल मेरे होंठ मेरी बीवी के रसीले होंठों से चिपक गए। मेरी बीवी मेरी बांहों में और सिमट गयी और मेरे होंठों को काटने लगी। मेरे हाथ मेरी बीवी की नंगी पीठ को सहला रहे थे और मेरे होंठ उसके होंठों को चूस रहे थे। बारी-बारी से हम दोनों एक-दूसरे की जीभ को मुँह में डाल कर चुसवा रहे थे।

भाग 3 – नंगा होना, चूचियाँ चूसना और चूत चाटना

अब मैंने बीवी के होंठों को चूमते हुए उसकी साड़ी को उसके जिस्म से अलग कर दिया। धीरे-धीरे मेरे हाथ उसकी चुचियों पर आ गए। मैं प्यार से चूचियों को सहलाने लगा। इसके बाद मैंने धीरे-धीरे अपनी बीवी के ब्लाउज के हुक खोल दिए और ब्लाउज को उसके जिस्म से अलग कर दिया। अब मेरी बीवी सिर्फ ब्रा में मेरी बांहों में थी। कमरे की रोशनी में मैं उसकी लाल रंग की जालीदार ब्रा को देख सकता था।

मैं झुक कर अपनी बीवी की चुचियों के बीच चाटने लगा। यह मेरी बीवी को बहुत अच्छा लग रहा था। वो मेरे सर पर हाथ रख कर अपनी चुचियों को चुसवाने के लिए दबाने लगी। मैं उसकी चुचियों को चाट रहा था और मेरे हाथ मेरी बीवी के पेटीकोट को खोल रहे थे। पेटीकोट खुलने के बाद वो नीचे गिर गया और मेरी बीवी अब सिर्फ ब्रा और पेंटी में खड़ी थी।

उसे इस रूप में देख कर मैंने अपने कपड़े उतार दिए। अब मैं पूरी तरह नग्न था। मेरा खड़ा लंड मेरी बीवी आराम से महसूस कर सकती थी। मैंने अपनी बीवी को फिर से दबोच लिया और उसके होंठों और गर्दन को चूमने लगा। मैंने कहा, “नेहा, मैं तुमको नंगा देखना चाहता हूँ।” उसने कहा, “मुझे नंगा कर दीजिये और जो देखना हो देख लीजिये।” मैंने अपनी बीवी की ब्रा को खोल दिया और उसकी चुचियों को आज़ाद कर दिया। उसकी चुचियाँ बिल्कुल गोल और उठी हुई थीं। मेरी बीवी के निप्पल बहुत सख्त थे।

अब मैं अपनी बीवी की चुचियों को सहला रहा था और प्यार से उसके होंठों को चूस रहा था। मेरी बीवी बोली, “ज़ोर से दबाइए ना इनको।” मैं समझ गया कि वो अपनी चुचियों को जोर से दबवाना चाहती है। मैंने दोनों हाथों से जोर-जोर से अपनी बीवी की चुचियों को दबाना शुरू कर दिया और उसके दोनों निप्पलों को बारी-बारी से चूसने लगा। मेरी बीवी ने मेरे सर को कस कर पकड़ लिया और अपनी चुचियों में दबा लिया। वो बोली, “आंह… काट लीजिए इनको। खा जाईए मेरे बूब्स को।”

मैंने धीरे से अपने दांतों में अपनी बीवी के निप्पल को दबा लिया। इससे मेरी बीवी सिहर गई और उसने मुझे जोर से पकड़ लिया। फिर उसने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और मुझे अपने ऊपर लिटा लिया। अब मैं नीचे था और मेरी बीवी ऊपर थी। मेरे मुँह में उसकी एक चुची दबी हुई थी। मैं उसकी चुची को चूसते हुए दूसरी चुची को मसल रहा था।

फिर मैं धीरे से नीचे को हुआ और उसके पेट पर चाटने लगा। मैं उसकी नाभि में जीभ घुसा कर चाटने लगा। मेरी बीवी ऊपर से पूरी नंगी होकर बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसकी चूत उसकी जालीदार पेंटी के अंदर से झांक रही थी। मैं उसकी नंगी जांघों के बीच बैठ गया और पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सूंघने लगा। मैंने पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चाट लिया। इससे मेरी बीवी और सिहर गयी और उसने मुझे अपनी टांगों के बीच जकड़ लिया। कुछ ही पलों में मेरी बीवी की चूत ने अपना रस निकाल दिया।

अब मैंने उसकी पेंटी को अपने दांतों में दबा कर नीचे खींच दिया और उसे पूरा उतार दिया। मेरी बीवी की छोटी-सी मुलायम, बिल्कुल गीली चूत मेरे सामने थी। मैंने उसे चाट-चाट कर साफ करने लगा।

भाग 4 – लंड चूसना और पहली बार चूत में लंड घुसना

कुछ देर बाद मैं सीधा खड़ा हो गया और अपनी नंगी बीवी को बिस्तर पर बिठा दिया। मेरी बीवी ने मेरी चड्डी नीचे करके मेरा 6 इंच का लंड बाहर निकाल लिया और उसे देखने लगी।

उसने मेरे लंड को सूंघा, फिर धीरे से चूमा, और फिर अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके गले तक लंड पेल दिया। उसकी आँखों में पानी आ गया। मैंने लंड निकाल लिया। उसने हवस भरी निगाहों से मुझे देखा। मैंने कहा, “क्या देख रही हो?” उसने कहा, “आपका लंड बहुत मस्त है।” मैंने कहा, “हमेशा चूसेगी मेरा लंड?” वो बोली, “हाँ जान… मैं आपके लंड को खा जाऊंगी।” अब उसने मेरे लंड पर थूक लगाया और उसे चाटने लगी। फिर मैंने उसके मुँह में पूरा लंड पेल दिया। वो लंड को मन से चूसने लगी।

अब मैंने अपनी बीवी को बिस्तर पर गुलाब के फूलों पर लिटा दिया और उसकी चूत को फिर से चाट कर गीला कर दिया। फिर मैं उसके ऊपर लेट गया। उसने मेरा लंड अपनी चूत पर सेट कर दिया और बोली, “चोद दीजिए मुझे।” मैंने अपनी बीवी के मुँह में मुँह डाल दिया और एक जोर का धक्का देकर लंड उसकी चूत में घुसा दिया। मेरी बीवी दर्द से चीख उठी – “आआह्ह्ह – मम्मी – फट गयी मेरी चूत!” उसकी आँखों से आँसू निकल आए। मैंने पूछा, “बहुत दर्द हो रहा है क्या?” वो बोली, “जान, मर जाऊंगी – लंड निकाल लीजिये।” मैंने कहा, “रुको, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा।”

मैंने धीरे-धीरे अपनी बीवी की चूत में आधे लंड से चोदना शुरू कर दिया। उसे बहुत दर्द हो रहा था। वो बोली, “जान, मत कीजिये। अब लाईट बंद कर दीजिए।” मैं लाईट बंद करने के लिए उठा तो मेरा लंड उसकी चूत से निकल गया। उसकी चूत से खून की कुछ बूंदें गिरीं। नेहा डर गयी और रोने लगी। मैंने उसे शांत किया और उसकी चूत पर तेल लगाया। फिर मैं उसे गले लगाकर लेट गया। मैंने कहा, “पहली बार में ऐसा होता है।” धीरे-धीरे उसकी चूत फिर से गीली होने लगी।

फिर मैं उसके ऊपर आ गया। उसने कहा, “अब डाल दीजिए।” मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया – इस बार आसानी से घुस गया। वो मेरे जिस्म से चिपक कर चुदने लगी। मैं जोर-जोर से उसे चोद रहा था और गरमागरम बातें कह रहा था – “तेरी चूत बहुत तंग है, मुझे बहुत मजा आ रहा है। आज रात तुझे पूरा चोदूंगा।” वो कराह रही थी – “आह्ह्ह – जोर से चोदिये – मुझे बहुत मजा आ रहा है – और जोर से – फाड़िये मेरी चूत को।” मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। उसने मुझे कस कर जकड़ लिया और अपनी चूत का रस निकाल दिया। यह उसका पहला ऑर्गेज्म था।

मेरा पानी अभी नहीं निकला था। मैंने लंड बाहर निकाल लिया और बाथरूम जाकर आया। फिर मैंने उससे कहा, “अब मेरा लंड चूस।” वो तुरंत उठ बैठी और मेरा लंड जोर-जोर से चूसने लगी। मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके मुँह में लंड डाल दिया। वो चूसती रही। फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और मेरा लंड अपनी चूत में डाल कर ऊपर-नीचे होने लगी। हम दोनों साथ में चरम पर पहुँचे। उसका रस मेरे लंड पर फूट पड़ा और मैंने अपना माल उसकी चूत में निकाल दिया।

भाग 5 – अगली सुबह, गांड चुदाई और सुखद अंत

अब हम दोनों थक कर बिस्तर पर लेट गए। थोड़ी देर बाद हम 69 पोज़ में आ गए – मैं उसकी चूत चूस रहा था और वो मेरा लंड। फिर से मैंने उसकी चूत चोदी – अब प्यार से। मुझे लगा कि वो थक गयी है, इसलिए मैंने जल्दी से अपना माल उसकी चूत में छोड़ दिया। फिर हम एक-दूसरे से लिपट कर सो गए।

सुबह वो देर से उठी। उसे चलने में दर्द हो रहा था। मैंने उसे बाथरूम में नहलाया, साड़ी पहनाई, बाल बनाए, सिन्दूर लगाया। वो बोली, “पहले तो आप कह रहे थे कि सुहागरात में मेरी चीखें निकालेंगे – तो क्या हुआ?” मैंने कहा, “पगली, मैं तुमसे प्यार करता हूँ। दो बार में ही तुम्हारा यह हाल है, रात भर तुम झेल नहीं पाती।” वो बोली, “मैंने तो मना नहीं किया था।” मैं बोला, “कोई नहीं, आज तुम्हारी गांड चोदूंगा। तैयार रहना।”

हम बाहर आए। भाभी ने खाना दिया और हमें चिढ़ाया। लाल साड़ी में नेहा बहुत कामुक लग रही थी। खाना खाने के बाद मैं उसे कमरे में ले गया। मैंने कहा, “मेरा बहुत मन कर रहा है।” उसने कहा, “बताइये क्या करना है?” मैंने कहा, “तुम साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही हो। बस ऐसे ही मेरा लंड चूस दो।” वो नीचे बैठ गयी और मेरा लंड चूसने लगी। लाल साड़ी में वो इतनी सेक्सी लग रही थी कि मुझे बहुत मजा आया। मैंने उसके मुँह में लंड डाल कर चोदा और अपना माल उसके मुँह में निकाल दिया। फिर भी मेरा मन नहीं भरा। मैंने एक घंटे तक उसका मुँह चोदा – तब जाकर मेरा लंड शांत हुआ।

रात को वो गांड मरवाने के लिए तैयार होकर आई। उसकी गांड का छेद बहुत छोटा था। मैंने तेल लगा कर उसे चिकना किया। मैंने जैसे ही लंड गांड में डाला, वो चीख उठी – “आअह – दर्द हो रहा है – निकालो!” मैंने कहा, “सुबह तो बोल रही थी कि तुम सह लोगी।” मैंने उसे प्यार से चूमते हुए धीरे-धीरे उसकी गांड मारना शुरू किया। थोड़ी देर में उसका दर्द कम हो गया। फिर मैंने रफ्तार बढ़ा दी। वो चीखती रही, रोती रही, पर सहती रही। मैंने तीन बार उसकी गांड चोदी। फिर उस पर रहम करके मैंने दो बार उसकी चूत चोदी और अपना लंड शांत किया।

सुबह मैंने पूछा, “रात को कैसा लगा?” नेहा ने मुस्कुराते हुए कहा, “सच में, रात को आपने मेरी हालत खराब कर दी थी। मजा आ गया।” मैं बोला, “ऐसा मजा मैं आपको रोज दूंगा।” वो हँसने लगी। इस तरह हमारी जिंदगी शुरू हुई। हम बहुत खुश थे और आज भी हैं। सुहागरात पर बीवी की प्यार से चुदाई हमारी जिंदगी की सबसे यादगार रात थी।

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2 thoughts on “सुहागरात पर बीवी की प्यार से चुदाई – रात भर चूत और गांड का मज़ा”

  1. सच बोलूं तो शुरुआत वाला romantic buildup काफी अच्छा लगा ❤️
    सुहागरात वाला room setup, घूँघट, दूध वाला scene… सब कुछ काफी traditional और feel वाला था 😍

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  2. बाकी stories से थोड़ा अलग लगा क्योंकि इसमें सिर्फ़ hot scenes नहीं थे, husband-wife वाला प्यार भी feel हो रहा था 😊
    Especially morning वाला caring part काफी sweet लगा।

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