मेरी बीवी बहुत मजे से चुदवाती है – यह सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि मेरी रोज़ की रात की सच्चाई है। इस हिंदी सेक्स स्टोरी में मैं शुभ साहा आपको बताऊंगा कैसे मेरी पत्नी शुभांगी (शुबू) हर रात मुझसे चुदवाने के लिए बेताब रहती है। कैसे वह पायल पहनकर, सेक्सी नाइटी में सजकर मेरे पास आती है, और कैसे हम दोनों बूब्स चोदना, चूत चाटना, एनल सेक्स और रात भर की पागल चुदाई का मज़ा लेते हैं। मेरी बीवी बहुत मजे से चुदवाती है – यह कहानी उन सभी जोड़ों के लिए है जो अपनी सेक्स लाइफ को रोमांचक और गर्म बनाना चाहते हैं। अगर आप भी ढूंढ रहे हैं ऐसी ही सच्ची और धमाकेदार हिंदी सेक्स कहानी, तो यह आपके लिए ही है।
भाग 1: सैटरडे नाइट और पेटीकोट के अंदर की मस्ती
हेलो फ्रेंड्स, मैं हूँ शुभ साहा। मेरी उम्र 28 साल है और शुबू (जैसा कि मैं प्यार से उसे बुलाता हूँ) की उम्र 25 साल है। हमारी शादी को अभी कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन हम एक-दूसरे को बहुत पहले से बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के तौर पर जानते थे। शादी से पहले ही हमने तय कर लिया था कि शादी के बाद पहले 2-3 साल हम सिर्फ चुदाई में मज़े करेंगे, खूब एक्सप्लोर करेंगे, और फिर बच्चे के बारे में सोचेंगे। और अब हम अपने उस फैसले पर पूरी तरह खरे उतर रहे हैं। रोज़ाना चुदाई होती है – कभी सुबह, कभी दोपहर, कभी रात। लेकिन जो रात मैं आपको बताने जा रहा हूँ, वह कुछ और ही खास थी।
मैं स्कूल में टीचर हूँ। शुबू हाउसवाइफ है और साथ में थोड़ा बहुत फैशन डिज़ाइन भी करती है। हमारी सोच एक जैसी है, हमारे बीच प्यार है, अंडरस्टैंडिंग है, और सबसे बढ़कर – ट्रस्ट है। हम एक-दूसरे से कोई राज नहीं रखते, खासकर सेक्स को लेकर। शुबू को जो पसंद है, वह खुलकर बताती है। और मुझे यही सबसे ज्यादा पसंद है उसमें।
वह दिन सैटरडे था। सप्ताह का आखिरी दिन, और हम दोनों जानते थे कि आज रात कुछ खास होने वाला है। हमने साथ में खाना खाया – पूरा परिवार: मम्मी, पापा, मैंने। उसने बहाना बना दिया कि उसे खाने का मन नहीं है क्योंकि वो आज उसने अपनी गांड साफ करके गांड चुदाई के लिए तैयार थी। खाने के बाद मम्मी-पापा अपने रूम में चले गए। वो जल्दी सो जाते हैं। लेकिन हम? हम तो उस रात के इंतज़ार में थे।
शुबू किचन में साफ-सफाई के लिए चली गई। रोज़ की तरह बर्तन साफ करने, गैस बंद करने, सब कुछ ठीक करने में उसे थोड़ा समय लगता था। हमारा रूम ऊपर वाले फ्लोर पर था। मैं पहले ही ऊपर आ गया था। मैंने अपनी टी-शर्ट और हाफ पैंट पहन रखी थी। बिस्तर पर लेटे-लेटे मैं फ़ोन देख रहा था, लेकिन मेरा दिमाग तो बस शुबू में ही लगा था। मैं सोच रहा था कि आज वह क्या पहनकर आएगी। कभी-कभी तो वह बिल्कुल न्यूड आ जाती है, कभी सेक्सी नाइटी में। कभी मेरी शर्ट पहनकर आती है तो कभी सिर्फ ब्रा और पैंटी में। उसका हर लुक मुझे दीवाना बना देता है।
आधा घंटा बीत गया। मैंने घड़ी देखी – रात के 11 बज रहे थे। शुबू अभी भी नहीं आई थी। मेरे अंदर की बेचैनी बढ़ने लगी। मैंने उसे फ़ोन किया। फ़ोन उठाते ही मैंने थोड़ी नाराज़गी भरी आवाज़ में कहा, “क्या कर रही हो शुबू? जल्दी आओ ना! इतना इंतज़ार करवा रही हो। आज तो मैं तुम्हें जमकर चोदूंगा, पूरी तैयारी करके आना।”
दूसरी तरफ से शुबू की मीठी और शरारती आवाज़ आई, “आ रही हूँ जानू। बस ये दूध गर्म कर लूँ। मम्मी ने कहा है रात को दूध पीकर सोना चाहिए।”
मैंने तुरंत जवाब दिया, “दूध? ऊपर आओ ना, मैं तुम्हारा दूध गर्म कर दूँगा – अपने तरीके से!” (मैं उसके बूब्स की बात कर रहा था, और वह समझ गई।)
वह हँसते हुए बोली, “शैतान कहीं के। आ रही हूँ।”
और दो मिनट बाद ही मैंने सीढ़ियों पर उसके पायल की आवाज़ सुनी – छन-छन-छन। मेरा दिल तेज़ धड़कने लगा। दरवाज़ा खुला। और मैं वहीं का वहीं रह गया।
शुबू उस रात कमाल लग रही थी। उसने ब्लैक कलर की एक सेक्सी नाइटी पहनी थी। वह नाइटी ऊपर से छोटी थी, नीचे तक उसकी जांघों के बीच तक आ रही थी। उसके अंदर उसने पेटीकोट पहना था, जो नाइटी से भी छोटा था। उसके नीचे ब्लैक लेस वाली पैंटी थी। और ऊपर से ब्लैक ब्रा – जो उसके 34 साइज के भरे हुए बूब्स को कसकर पकड़े हुए थी। उसने अपने पैरों में पायल पहनी थी, और उसके बाल खुले हुए थे, कंधों पर बिखरे हुए। उसने हल्का सा लिपस्टिक लगाया था और आँखों में काजल। वह बिल्कुल देवी लग रही थी।
उसने मुझे एक शरारती स्माइल दी और भागकर बेड के पास आ गई। उसने अपना फ़ोन बिस्तर पर फेंक दिया और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई। मैंने थोड़ा मुंह बनाकर उसे दिखाया कि मैं नाराज़ हूँ, लेकिन वह समझ गई कि यह सब नखरे हैं।
फिर उसने जो किया, उसने मेरे होश उड़ा दिए। उसने अपनी नाइटी और पेटीकोट को दोनों हाथों से पकड़ा, ऊपर उठाया, और बेड पर चढ़ गई। फिर वह मेरे दोनों तरफ पैर डालकर मेरे ऊपर खड़ी हो गई। बिल्कुल – जैसे कोई रानी अपने दास के ऊपर खड़ी हो। उसकी पैंटी सीधे मेरे चेहरे के सामने थी। मैं उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत की गर्माहट महसूस कर सकता था।
मेरी बीवी बहुत मजे से चुदवाती है – यह सोचते हुए मैंने उसके पेटीकोट के अंदर घुसने का फैसला किया। मैं नीचे सरका और उसके पेटीकोट के अंदर पूरा चेहरा घुसा दिया। अब मैं सीधे उसकी पैंटी के ठीक सामने था। मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर चुम्मियाँ करनी शुरू कर दीं। हल्की-हल्की, गीली चुम्मियाँ। हर चुम्मी के साथ शुबू सिहर जाती थी। उसने ज़ोर से मेरा सिर पकड़ लिया और बोली, “आह्ह! क्या कर रहे हो? बाहर निकलो पेटीकोट से! शैतान कहीं के!”
लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी। मैंने उसकी चूत की खुशबू लेनी शुरू कर दी – वह गर्म, मीठी, और नशीली खुशबू। मैं दीवाना हो गया था। मैंने अपने दोनों हाथ उसके पेटीकोट के अंदर डाल दिए और उसकी पैंटी पकड़ ली। एक ही झटके में मैंने उसकी पैंटी नीचे उतार दी। वह उसके घुटनों तक आ गई। शुबू ने अपने पैरों को झटका दिया और पैंटी बाहर निकल गई – जमीन पर गिर गई।
अब उसकी चूत पूरी तरह नंगी थी, और मैं सीधे उसके सामने था। मैंने अपना चेहरा उसकी दोनों जांघों के बीच घुसा दिया। मेरी जीभ ने उसकी चूत के होंठों को ढूंढ लिया। मैंने धीरे-धीरे चाटना शुरू किया – ऊपर से नीचे तक। हर बार जब मैं उसकी क्लिट को छूता, वह कराह उठती। “आह… आआह्ह… उम्म्ह्ह! चूसो… अम्ह्ह! यस, फास्टर! उह्ह! चूसो और चूसो! निकाल दो सब, बेबी!”
भाग 2: बूब्स चोदना और गर्दन पर गर्म माल
शुबू इतनी मस्त हो चुकी थी कि उसने अपने पूरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए। पहले उसने नाइटी उतारी – ऊपर से सरकाकर। फिर उसने पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। पेटीकोट मेरी पूरी बॉडी पर लग रहा था – उसका मुलायम कपड़ा मेरे चेहरे और गर्दन पर छू रहा था। उसने चूसवाते-चूसवाते पेटीकोट को भी नीचे उतार दिया। अब वह सिर्फ ब्रा और पायल में थी। मैं उसकी चूत चूस रहा था, और वह पूरी तरह मस्ती में थी। उसकी चूत से पानी निकल रहा था – मीठा, गर्म, लिक्विड। मैं उसे पी रहा था जैसे कोई प्यासा व्यक्ति पानी पीता है।
फिर उसने मेरी टी-शर्ट पकड़कर ऊपर खींच ली। मैंने थोड़ा ऊपर उठकर उसे निकलने दिया। अब मैं भी ऊपर से नंगा था। मैंने फिर से उसकी चूत चूसनी शुरू कर दी। लेकिन इस बार शुबू ने मेरे गालों पर हाथ रखकर मुझे ऊपर उठाया। पेटीकोट नीचे गिर गया। अब हम दोनों एक-दूसरे के सामने थे – वह ब्रा और पायल में, मैं सिर्फ पैंट में।
शुबू ने मेरे होंठों को अपने होंठों से चूस लिया। गहरा, लंबा, गीला चुम्बन। हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं। हम बिस्तर पर खड़े-खड़े ज़ोर-ज़ोर से एक-दूसरे की ज़ुबान खींच रहे थे। उसकी साँसें तेज़ हो गई थीं। उसके ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स की गर्माहट मेरी छाती पर पड़ रही थी।
फिर वह चूमती हुई नीचे जाने लगी – मेरी गर्दन पर। उसकी फेवरेट जगह। वह मेरी गर्दन को चूसने लगी, काटने लगी, लाल निशान बनाने लगी। “आह… जान… क्या कर रही हो…” मैं कराह उठा। फिर वह धीरे-धीरे मेरे सीने पर आई, मेरे निप्पल चूसे, मेरे पेट को चूमा। और फिर – मेरे लंड तक पहुँच गई।
उसने मेरा लंड पकड़ा। वह पहले से ही पूरी तरह खड़ा था – 6.5 इंच, मोटा, नसों से भरा हुआ। उसने उसे अपने मुँह में भर लिया। “आह! वाह! क्या मज़े देती हो तुम शुबू! रोज़ चूसती हो, फिर भी हर बार नया लगता है!” मैंने उसका सिर पकड़ लिया और उसके मुँह को चोदना शुरू कर दिया – धीरे-धीरे, फिर तेज़। “पुच-पुच-पुच” की आवाज़ें कमरे में गूंजने लगीं। उसकी लार मेरे लंड पर टपक रही थी, उसकी आँखों में पानी आ गया था, लेकिन वह रुकी नहीं। वह चूसती रही।
फिर उसने मेरा लंड पकड़ा, खींचा, और मुझे नीचे बैठा लिया। हम दोनों बिस्तर पर बैठ गए। और फिर से किस करने लगे। उसने मेरी गर्दन चूसी, मैंने उसकी। उसने मेरे कान में काटा, मैंने उसकी। हम दोनों पागल हो रहे थे।
भाग 3: पायल की छन-छन के साथ जमकर चुदाई
अब मैंने शुबू को बिस्तर पर लेटा दिया। मैं उसके ऊपर चढ़ गया। उसने अभी भी ब्रा पहन रखी थी। मैंने उस ब्रा के बीच की छोटी सी जगह देखी – जहाँ से उसके दोनों बूब्स के बीच की घाटी दिखती थी। मैंने उस जगह पर थूक गिराया, अपने लंड को चिकना किया, और फिर उसके दोनों बूब्स के बीच अपना लंड फिट कर दिया। फिर मैंने उसके बूब्स चोदना शुरू कर दिया – आगे-पीछे, धीरे-धीरे, फिर तेज़। मेरा लंड उसके नरम, गर्म बूब्स के बीच घुस रहा था और बाहर आ रहा था।
शुबू हँसते हुए बोली, “क्या कर रहे हो? दूध गर्म कर रहे हो क्या? हाहा!”
मैंने भी हँसते हुए जवाब दिया, “हाहा! हाँ, मेरी सेक्सी जोरू! तुम्हारा दूध गर्म कर रहा हूँ!”
इस बीच, शुबू पहले ही मेरा आधा माल चूसकर खत्म कर चुकी थी। बचा हुआ मैंने बूब्स चोदते हुए निकाल दिया। मेरा गर्म, गाढ़ा वीर्य उसकी गर्दन पर, सीने पर, और ब्रा पर फैल गया। ब्लैक ब्रा के ऊपर सफेद स्पर्म साफ दिख रहा था – एकदम परफेक्ट कंट्रास्ट। हम दोनों ने एक-दूसरे को देखा और मुस्कुराए। हमें लाइट ऑन करके सेक्स करना पसंद है – एक-दूसरे को देखते हुए, हर भाव, हर रिएक्शन, हर बूंद।
अब शुबू उठी और अलमारी से ड्यूरेक्स का चॉकलेट कंडोम ले आई। उसने धीरे-धीरे मेरे लंड पर कंडोम चढ़ाया – पहले सुपारी पर, फिर पूरे लंड पर। फिर उसने अपनी ब्रा उतार दी। उसके बूब्स आज़ाद हो गए – बड़े, मुलायम, और बिल्कुल सही। मैंने उन्हें पकड़ा, दबाया, चूसा। बहुत मज़ा आता है उसके बूब्स चूसने में। मैं सोचता हूँ कि कुछ साल बाद तो शुबू का दूध भी निकालना पड़ेगा!
बूब्स चूसते-चूसते मैंने उसे लेटाया और उसकी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रख लीं। उसने भी अपनी टाँगें फैला दीं – पूरी तरह खुली, तैयार। उसने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़कर उसकी चूत का छेद ढूंढा। उसे छेद मिल गया। वह मुस्कुराई और बोली, “चलिए, मशीन को अंदर डालिए – खुदाई करने के लिए!”
बस फिर क्या था। मैंने एक ही झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया। “आआ… आह्ह्ह!” शुबू की चीख निकल गई – सुख और दर्द का अद्भुत मिश्रण।
फिर चुदाई शुरू हुई। थप-थप-थप! आह-आह-आह! और साथ में पायल की छन-छन-छन! यह आवाज़ें एक साथ मिलकर ऐसा संगीत बना रही थीं जैसे कोई जादू हो। मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था। शुबू नीचे से अपनी गांड उठा-उठाकर लंड को अंदर ले रही थी। वह बोली, “और ज़ोर से! आह-आह! डालिए! बिल्कुल दया मत दिखाना! चोदते रहो! चोदते रहो! प्लीज़-प्लीज़! आह! चोदो! चोदो! मेरी बीवी बहुत मजे से चुदवाती है – यह सोचते हुए मैं और तेज़ हो गया!
भाग 4: काउगर्ल पोजीशन का जादू
हम दोनों इतने गर्म हो चुके थे कि पूरा कमरा हमारी आवाज़ों से गूंज रहा था। शुबू ने कहा, “मुझे आपके ऊपर आना है! अब मैं चोदूंगी!”
हमने लंड को उसकी चूत में ही रखकर पलट लिया। अब शुबू ऊपर थी और मैं नीचे। काउगर्ल पोजीशन – मेरी फेवरेट। शुबू मेरे लंड पर कूदने लगी। ऊपर-नीचे, आगे-पीछे, गोल-गोल। उसके बूब्स उछल रहे थे – जैसे दो बड़ी गेंदें हवा में हो रही हों। मैंने उन्हें पकड़ लिया – दोनों हाथों से – और ज़ोर से दबाने लगा। शुबू को और चाहिए था। उसने अपने हाथ मेरे हाथों के ऊपर रख दिए और बूब्स को और ताकत से मसलवाने लगी। वह पागल हो गई थी।
लेकिन जल्दी ही वह थक गई। वह मेरे ऊपर लेट गई, अपने बूब्स मेरी छाती पर रख दिए, और धीरे-धीरे अपनी गांड हिलाने लगी। मैं नीचे से धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर कर रहा था। उसकी गांड मेरे हाथ में थी – गोल, मुलायम, गर्म। मैं उसे सहला रहा था।
तभी मैंने उसके कान में कहा, “कैन आई फक योर ऐस?”
शुबू की सारी थकान एकदम गायब हो गई। उसने उठकर मेरे होंठों को ज़ोर से चूसा और बोली, “यस! ज़रूर! आज तो मुझे भी एनल का मज़ा चाहिए!”
भाग 5: पहली बार एनल सेक्स – घोड़ी बनकर गांड मरवाना
मैंने कहा, “लेकिन मुझे अपनी घोड़ी चाहिए होगी!”
शुबू ने शरारत से कहा, “तो मुझे पोर्न चाहिए होगा – मूड बनाने के लिए!”
मैं उठा और अपना फ़ोन टीवी से कनेक्ट कर दिया। कुछ ही सेकंड में कमरे की बड़ी स्क्रीन पर पोर्न चलने लगा – दो लोग जमकर एनल सेक्स कर रहे थे। शुबू देखने लगी।
जब मैं पीछे मुड़ा, तो देखा – मेरी घोड़ी तैयार खड़ी थी! शुबू हाथों और घुटनों के बल बिस्तर पर थी – डॉगी स्टाइल में। उसकी गांड ऊपर थी, सिर नीचे। वह अपनी गांड को हिला-हिलाकर डांस कर रही थी। बिल्कुल वैसे ही जैसे पोर्न में लड़कियाँ करती हैं। उसकी पायल छन-छन कर रही थी।
यह देखकर मैं बिल्कुल पागल हो गया। मैंने उसकी गांड पर दोनों तरफ एक-एक जोरदार थप्पड़ मारा – “सटाक-सटाक”। शुबू चिल्लाई, “आह्ह!” लेकिन उसकी गांड और ऊपर उठ गई। फिर मैंने सहलाया – उसकी गांड की गर्माहट, उसकी चिकनी त्वचा। वह बोली, “डालो ना जान! डालो! डालो!”
मैंने साइड में पड़ा वैसलीन उठाया। पहले अपनी उंगलियों में भरा, फिर शुबू की गांड के छेद पर लगाया – धीरे-धीरे गोल-गोल घुमाकर। फिर मैंने अपने लंड पर भी वैसलीन लगाया – पूरे लंड पर, सुपारी से लेकर जड़ तक। फिर मैंने उसके बाल पकड़ लिए – “लगाम” – और लंड को उसकी गांड के छेद पर रखा।
शुबू पोर्न देख रही थी – उसकी नज़र टीवी पर थी। मैं धीरे-धीरे लंड अंदर धकेलने लगा। पहले सुपारी – गांड ने खिंचाव दिखाया। फिर थोड़ा और – आधा लंड। शुबू को कुछ महसूस नहीं हुआ – वह इतनी बिज़ी थी पोर्न देखने में। मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर कर दिया। अब मैंने धक्के मारने शुरू किए – धीरे-धीरे पहले, फिर तेज़। तभी शुबू पीछे मुड़ी और बोली, “पूरा पेल दिया क्या?”
मैंने कहा, “हाँ, पूरा। और अब मैं तुम्हारी घोड़ी को दौड़ाऊंगा।”
मैंने शुबू को पकड़-पकड़कर दौड़ाया। मैं उसकी गांड में ज़ोर-ज़ोर से लंड मार रहा था। वह चिल्ला रही थी, “आह-आह! करो! यस, बेबी! आह-आह! करो! कम ऑन! फक माय ऐस! उम्म्म… हा-हा! करो! करो! और तेज़ करो! यस-यस! आह!”
ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने पूरा माल अंदर निकालने के लिए कंडोम उतार दिया। चोद-चोदकर उसकी पूरी गांड अपने स्पर्म से भर दी। वो दौड़कर टॉयलेट में चली गई। मैं उसके पीछे गया। हम दोनों ने एक-दूसरे को साफ किया और आकर एक-दूसरे की बाहों में लेट गए।
बिस्तर में वहीं से फिर शुरू हुआ असली खेल
हम दोनों बिस्तर पर नंगे लेटे थे। मैं हमेशा उसके बूब्स पकड़कर सोता हूँ और वो मेरा लंड पकड़कर। वैसे ही हम लेटे थे। लेकिन आज रात अलग थी। आज रात हमने पहली बार एनल सेक्स किया था, और उसका असर अभी भी हमारे शरीर पर था।
शुबू करवट बदलकर मेरी तरफ आ गई। उसका एक हाथ मेरे लंड पर था – जो फिर से खड़ा होना शुरू हो गया था। उसने धीरे-धीरे मेरे लंड को सहलाया, फिर उसकी सुपारी पर अपना अंगूठा फिराया। “जान… तुम्हारा लंड अभी भी गर्म है,” उसने फुसफुसाया।
मैंने उसके बूब्स को और जोर से दबाया। उसके निप्पल फिर से तन गए थे। मैंने अपना मुँह बढ़ाया और उसके एक निप्पल को चूसना शुरू कर दिया। शुबू “आह्ह…” करते हुए पीछे झुक गई, लेकिन उसने मेरा लंड नहीं छोड़ा। वह मेरे लंड को हिला रही थी और मैं उसके स्तन चूस रहा था।
“जान,” शुबू ने धीमी आवाज़ में कहा, “तुमने मेरी गांड में पहली बार एनल किया… और मुझे बहुत अच्छा लगा। दर्द तो हुआ, लेकिन वो दर्द अच्छा था। मैं फिर से चाहती हूँ।”
मैं चौंक गया। “अभी? पहली बार के बाद आराम करना चाहिए, शुबू।”
उसने शरारत से मेरी तरफ देखा और बोली, “मैं अब तुम्हारी घोड़ी हूँ। और घोड़ी को उसका सवार चाहिए। अब मुझे बिस्तर पर ही चोदो – इसी तरह, लेटे-लेटे।”
उसने मुझे अपनी तरफ खींचा। मैं उसके ऊपर आ गया। उसने अपनी दोनों टांगें खोल दीं और मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत की तरफ ले गई। “पहले चूत में डालो,” उसने कहा, “फिर गांड में।”
मैंने उसकी चूत में लंड डाला – वह अभी भी गीली थी। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू किया। शुबू ने अपनी टांगें मेरी कमर पर लपेट दीं और अपने हाथों से मेरी पीठ को सहलाने लगी। हम इसी तरह मिशनरी पोजीशन में चोदते रहे।
“अब गांड में डालो,” शुबू ने कहा।
मैंने अपना लंड बाहर निकाला। शुबू ने तुरंत करवट ली और अपनी गांड मेरी तरफ कर दी – स्पूनिंग पोजीशन में। उसने अपना एक हाथ पीछे करके अपनी गांड के छेद को फैलाया और बोली, “जान, अब रुकना मत। पूरा डाल देना एक बार में।”
मैंने अपने लंड पर वैसलीन लगाई – बिस्तर की साइड टेबल पर ही रखी थी – और उसकी गांड के छेद पर रखा। मैंने एक गहरी साँस ली और फिर एक ही जोरदार झटके में पूरा लंड अंदर कर दिया।
“आह्ह्ह्ह्ह!” शुबू चिल्लाई, लेकिन इस बार उसकी चीख में दर्द से ज़्यादा सुख था। “हाँ… ऐसे… पूरा… अंदर तक…”
मैंने धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू किया। उसकी गांड पहली बार से कम टाइट थी – पहले ही फैल चुकी थी – लेकिन फिर भी काफी कसी हुई थी। मैं उसकी गांड में आराम से आ-जा रहा था। शुबू अपनी गांड को पीछे की तरफ धकेल रही थी ताकि मेरा लंड और अंदर जाए।
“जान… तुम्हारी गांड तो चूत से भी अच्छी है,” मैंने उसके कान में कहा।
“चुप रहो… और चोदो… और तेज़…” उसने जवाब दिया।
मैंने रफ्तार बढ़ा दी। “थप-थप-थप” की आवाजें कमरे में गूंजने लगीं। शुबू के मुँह से निकल रहा था, “आह-आह-आह… हाँ-हाँ-हाँ… मारो… मारो… मेरी गांड मारो…”
मैंने उसके बाल पकड़ लिए और खींचे। उसका सिर पीछे आ गया। मैंने उसके गले पर हाथ रखा – हल्का सा दबाव दिया – और उसी समय उसकी गांड में जोरदार लंड मारा। “बस… बस… मैं झड़ने वाली हूँ…” उसने कहा।
“नहीं, अभी नहीं,” मैंने कहा और उसे पलट दिया। मैं उसके ऊपर आ गया – अब वह पेट के बल लेटी थी और मैं उसके ऊपर। यह प्रोन पोजीशन थी। मैंने उसकी गांड के दोनों गाल पकड़े, उन्हें अलग किया और पीछे से फिर से लंड अंदर कर दिया। इस पोजीशन में मेरा पूरा वजन उसके ऊपर था और मैं जितना चाहूं उतना गहरा जा सकता था।
मैंने अपनी कोहनियाँ बिस्तर पर टिका दीं और अपने कूल्हों को जोर-जोर से हिलाना शुरू कर दिया। शुबू ने अपना चेहरा तकिए में दबा लिया था, लेकिन उसकी आवाजें तकिए के अंदर से भी साफ सुनाई दे रही थीं – “म्म्म्म्म… आह्ह्ह्ह… माआ गई… माआ गई…”
मैं भी झड़ने के कगार पर था। मैंने पूछा, “कहाँ निकालूं?”
शुबू ने तुरंत करवट बदली, मेरे नीचे से निकलकर मेरे सामने आ गई और बोली, “मेरे मुँह में। मुझे तुम्हारा रस पीना है।”
वह घुटनों के बल बैठ गई। मैंने अपना लंड – जो उसकी गांड के तेल और मेरे प्री-कम से चिकना था – उसके मुँह में डाल दिया। उसने बिना किसी घृणा के उसे चूसना शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरे लंड की सुपारी पर घूम रही थी। उसने अपने दोनों हाथों से मेरे अंडकोष को सहलाया। मैं और अंदर नहीं रोक सकता था।
“आ रहा हूँ…” मैंने कहा।
“आ जाओ… मेरे मुँह में… पूरा…” उसने कहा।
मैंने अपना पूरा माल उसके मुँह में निकाल दिया – गर्म, गाढ़ा, सफेद वीर्य। उसने बूंद-बूंद पी ली। जब मेरा लंड खाली हो गया, तो उसने उसे चूसकर साफ कर दिया – ऊपर से नीचे तक।
वह मेरे पास आई और मुझे किस किया। “धन्यवाद, जान,” उसने कहा, “पहली बार एनल सेक्स इतना शानदार होगा, मैंने सोचा नहीं था।”
मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया। हम दोनों पसीने से तर थे। मैंने उसके माथे पर एक किस किया। “तुम सच में घोड़ी नहीं, शेरनी हो, शुबू।”
वह हँसी और बोली, “अगली बार मैं तुम पर सवारी करूंगी।”
हम वैसे ही लेटे रहे – उसके बूब्स मेरे हाथों में, मेरा लंड उसकी हथेली में – ठीक वैसे ही जैसे हम हर रात सोते हैं। लेकिन इस रात हमने कुछ नया किया था। इस रात हमने पहली बार एनल सेक्स किया था – बिस्तर में, प्यार से, दीवानगी से – और इसे हम दोबारा जरूर करेंगे।
अंत: ये तो रोज़ की बातें हैं – एक-दूसरे के बूब्स और लंड पकड़कर सोना। लेकिन एनल सेक्स का यह पहली बार का अनुभव हम दोनों के लिए बहुत खास था। जो इंटरेस्टिंग होता है, वो आप सबको बताया। अब आगे और कहानियाँ होंगी, और भी गर्म, और भी सच्ची।