10 दिन की जुदाई के बाद चुदाई – पत्नी की चूत और गांड की जमकर ठुकाई

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10 दिन की जुदाई के बाद चुदाई की वह गर्म रात जब पति ने अपनी पत्नी प्रतिभा की चूत और गांड को जमकर चोदा। इस हिंदी सेक्स स्टोरी में प्रतिभा खुद बयान करती है कि कैसे मुंबई से 10 दिन बाद घर लौटने पर उसके पति का मोटा लंड उसकी चूत में जाने के लिए बेताब था। कैसे बेटी के नहाने के दौरान हॉल में ही छेड़छाड़ शुरू हो गई, और फिर 10 दिन की जुदाई के बाद चुदाई ने रात भर का रूप ले लिया। इस कहानी में आप पढ़ेंगे कुतिया पोजीशन, सुपरमैन पोजीशन, चूत चाटना, लंड चूसना, और अंत में गांड की चुदाई – जिसने प्रतिभा की छोटी सी कोमल गांड का भोसड़ा बना दिया। अगर आप 10 दिन की जुदाई के बाद चुदाई जैसी सच्ची और धमाकेदार हिंदी सेक्स कहानियां ढूंढ रहे हैं, तो यह कहानी आपके लिए ही है।

भाग 1:मुंबई से लौटी पत्नी और पति की बेचैनी

मेरा नाम प्रतिभा है। और यह कहानी है पिछले साल अप्रैल की। मेरी बहन के घर में एक बहुत बड़ा फंक्शन था – उसकी बेटी की शादी थी। इसलिए मैं अपनी बेटी के साथ मुंबई गई हुई थी। आप तो जानते ही हैं कि मुंबई जाने में बहुत टाइम लग जाता है – वहाँ जाना, फंक्शन में शामिल होना, फिर वापस आना। इस सब में मुझे 10 दिन का वक्त लग गया। दस दिन! यह सबसे लंबा समय था जो मैंने अपने पति से दूर बिताया था।

जब मैं आखिरकार घर पहुंची, तो मेरे पति का चेहरा देखते ही बन रहा था। वह मुझे एयरपोर्ट पर लेने आए थे, और जैसे ही मैंने उनकी तरफ देखा, मैं समझ गई – उनकी आँखों में वही भूख थी, वही तड़प थी जो किसी पुरुष की होती है जब वह 10 दिन से अपनी औरत से दूर हो। उनका चेहरा तो मुस्कुरा रहा था, लेकिन उनकी आँखें मेरी चूत को देख रही थीं। मैंने मन ही मन सोचा – ‘आज रात जमकर चुदाई होगी।’

घर आते ही मैंने जल्दी से अपने कपड़े बदल लिए। मैं सफर के कारण काफी थकी हुई थी – 10 दिन की यात्रा, शादी की थकान, और फिर ट्रेन का सफर। लेकिन पति का बेचैन चेहरा देखकर मुझे पता चल गया था कि वह मेरी चूत के दर्शन के लिए मचल रहे हैं। पति को खुश करना मेरा पहला कर्तव्य है। जब मैं उनको खुश रखती हूँ, तभी तो वह मुझे भी खुश रखते हैं। यह हमारे रिश्ते का अनकहा नियम है।

इसलिए मैंने जल्दी से कपड़े बदल लिए और फिर एक हल्की सूती मैक्सी पहन ली। उसके बाद मैं फटाफट नहाकर आ गई। नहाते समय मैंने अपनी चूत को अच्छे से साफ किया – मैं जानती थी कि आज उसे 10 दिनों का इंतजार पूरा होने वाला है। मैंने अपने शरीर पर हल्का सा तेल लगाया ताकि मेरी स्किन चमकने लगे और पति को देखने में और मजा आए।

भाग 2:बेटी के नहाने के बाद हॉल में ही शुरू हुई छेड़छाड़

मेरी बेटी जैसे ही बाथरूम में नहाने के लिए गई, मेरे पति ने आकर मुझे पकड़ लिया। वह बिना कुछ कहे सीधे मेरे चूचों पर टूट पड़े। उन्होंने मैक्सी के ऊपर से ही मेरे मोटे चूचों को भींचना शुरू कर दिया – इतनी जोर से कि मैं हल्की सी कराह उठी। मैं जानती थी कि वह 10 दिन से मेरी चूत के बिना हैं, इसलिए उनका लंड मेरी चूत में जाने के लिए बेताब होगा। लेकिन इतनी जल्दी? बेटी के अंदर जाते ही उन्होंने मुझे दबोच लिया।

मैंने भी एकदम से उनके लंड को हाथ से टटोला। उनकी पैंट के ऊपर से ही मैंने उनका लंड पकड़ लिया। मेरे हाथ लगते ही उनका लंड और सख्त हो गया। उन्होंने शायद 10 दिन में एक बार भी मुट्ठी नहीं मारी थी – इतना मोटा और सख्त लंड मैंने कभी नहीं देखा था। उनका सारा माल उस लंड में इकट्ठा हो गया था, जो उन्हें एक सेकंड भी इंतजार नहीं करने दे रहा था।

मुझे अपने पति का लंड हाथ में लेने में बहुत मजा आता है। उनका लंड काफी मोटा है – लगभग 6.5 इंच लंबा और लगभग 3 इंच मोटा। जब मैं उसे अपने हाथ में लेती हूँ तो वह मेरी हथेली में पूरा भर जाता है। सच कहूँ तो मैं भी 10 दिन से उसी मोटे लंड को लेने के लिए तरस रही थी। मेरी चूत ने भी उसकी कमी महसूस की थी।

मैंने अपने पति के लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाना शुरू कर दिया – धीरे-धीरे, फिर तेजी से। मेरे हाथ जैसे ही उनके लंड पर पहुंचे, उन्होंने मेरे होंठों को अपने होंठों के अंदर दबा लिया। उसके बाद वह जोर से मेरे होंठों को काटने लगे। इतनी जोर से काटा कि उनके दांत मेरे होंठ पर लग गए और हल्का सा दर्द हुआ। मैंने कहा – “आराम से करो, जान। मैं कहीं नहीं जा रही।” लेकिन उनको आज चुदाई की ज्यादा ही जल्दी लगी हुई थी। उनका लंड उनसे बात ही नहीं सुन रहा था। इससे पहले मैं इतने दिनों तक कभी अपने पति से दूर नहीं रही थी इसलिए मैं उनकी प्यास को समझते हुए उनका साथ देने की पूरी कोशिश कर रही थी.

मेरे मोटे चूचों को दबाते हुए मेरे पति मेरे होंठों को काट रहे थे. फिर उऩ्होंने अपना लंड मेरी मैक्सी पर मेरी चूत के पास सटा दिया और फिर मेरी गांड के पीछे हाथ ले जाकर उसको पकड़ लिया. अब वो मेरे बदन से चिपक गये थे और मेरे होंठों को चूसते हुए मेरी गांड को दबाने लगे.

उनका लंड पूरा तन गया था और मुझे मेरी टांगों पर महसूस हो रहा था. मैंने भी उनकी गांड को अपने हाथ में दबा दिया. मेरे पति की गांड भी मुझे बहुत अच्छी लगती है. मैं भी अपने पति के साथ खुल कर मजे लेने लगी. वो मेरी गांड को भींच रहे थे और मैं उनकी गांड को दबा रही थी. मैं बिल्कुल चुदासी हो गई थी पांच मिनट के अंदर ही.

फिर मेरे पति ने मेरी मैक्सी को ऊपर उठा दिया. मैंने नीचे से कुछ नहीं पहना हुआ था. मेरे चूतड़ नीचे से बिल्कुल ही नंगे थे. मेरे पति के हाथ मेरे नंगे चूतड़ों को दबाने लगे.

वो मेरे चूतड़ों को दबा रहे थे और उनका लंड पूरा का पूरा मेरे हाथ में था. उन्होंने भी शायद पैंट के अंदर चड्डी नहीं हुई थी. इसलिए लंड आराम से मेरे हाथ में आ रहा था.

फिर मैंने उनकी पैंट की चैन को खोल कर उनके मोटे लंड को बाहर निकाल लिया. उनका लंड पूरा सख्त हो चुका था. मैंने उनके लंड को अपने हाथ में लेकर उसके मोटे से टोपे को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया.

पति के मुंह से सिसकारियां निकल गईं. उन्होंने मेरे चूतड़ों को और जोर से दबाना शुरू कर दिया. मैं भी पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी. मेरी चूत से पानी बाहर आने लगा था. मेरी चूत अब पति का लंड लेने के लिए मचलने लगी थी. वैसे तो मैं सफर के कारण थकी हुई थी लेकिन पति का मोटा लंड हाथ में लेकर उन्होंने मेरी चूत की आग को जगा दिया था.

मैं जल्दी से अपने पति का लंड अपनी चूत में लेना चाह रही थी. इसलिए मैंने नीचे बैठकर उनके लंड को अपने मुंह में भर लिया और तेजी से चूसने लगी. मेरे पति के लंड को चूस-चूस कर मैंने बिल्कुल गीला कर दिया. जब उनका लंड पूरा गीला हो गया तो मैंने उनकी गोलियां भी चूस डालीं. वो जोर से सिसकारने लगे.

भाग 3: दूसरे रूम में नंगे होकर पहली चुदाई

मुझे डर था कि कहीं हमारी कामुक आवाजें अंदर बाथरूम में बेटी तक न पहुंच जाएं। इसलिए मैंने अपने पति को दूसरे रूम में चलने के लिए कहा। पति बोले – “तुम खुद ही ले चलो मेरी रानी।” मैं उनकी शरारत को समझ गई थी।

मैंने उठकर उनके होंठों को फिर से चूसा और फिर उनके लंड को हाथ में पकड़ लिया। उनके लंड को हाथ में पकड़कर मैं आगे चलने लगी और पति पीछे-पीछे चलने लगे। मैं उनके मोटे लंड को खींचते हुए दूसरे रूम में ले गई – बिल्कुल वैसे जैसे कोई जानवर को रस्सी से खींचता है।

हमने दरवाजा बंद कर लिया और दरवाजा बंद होते ही मेरे पति ने मेरी मैक्सी उतार फेंकी। मैंने नीचे कुछ भी नहीं पहना हुआ था – न ब्रा, न पैंटी। सिर्फ वह मैक्सी थी जो अब फर्श पर पड़ी थी। मैं अपने पति के सामने पूरी की पूरी नंगी हो गई।

मेरे पति मेरे स्तनों पर टूट पड़े। वह मेरे मोटे चूचों को चूसने और काटने लगे। मैंने उनके लंड की मुठ मारने लगी। पति का मुंह मेरे चूचों के बीच में घुसा हुआ था – वह एक चूचा चूस रहे थे और दूसरे को हाथ से मसल रहे थे। उन्होंने मेरे चूचों को काट-काटकर लाल कर दिया। मेरे निप्पल सख्त हो गए थे – जैसे छोटी उंगलियाँ हों।

फिर उन्होंने मुझे बेड पर धकेल दिया और मेरी टांगें उठाकर अपना मुंह मेरी चूत में लगा दिया। मेरी चूत से पहले से ही पानी निकल रहा था – 10 दिन के इंतजार ने उसे बिल्कुल गीला कर दिया था। उस पानी को वह अपनी जीभ से चाटने लगे तो मैं तड़प उठी। पति की गर्म जीभ मेरी चूत की फांकों को अलग करती हुई अंदर घुस गई। मैंने उनका सिर पकड़कर अपनी चूत में दबा दिया। वह जोर-जोर से मेरी चूत में जीभ को अंदर और बाहर करने लगे। अब मुझसे भी रुका नहीं जा रहा था। मैं तेजी से सिसकारियां लेने लगी।

भाग 4:रात भर चूत चोदने का वादा

फिर मेरे पति ने जल्दी से उठकर अपनी शर्ट और पैंट निकाल दी। उनका मोटा-तगड़ा लंड – लगभग 6.5 इंच का – मेरे सामने हवा में लहरा गया। उसकी सुपारी लाल और चमकदार थी, नसें उभरी हुई थीं। मैं उसको देखकर मुस्करा दी – इतने दिनों बाद वही मोटा लंड, वही ताकत।

मैंने पति को अपने पास आने का इशारा किया तो वह बेड पर कूद गए। उन्होंने एक बार मेरे होंठों को जोर से चूसा और फिर मेरे चूचों को दबाते हुए मेरे पूरे बदन को चाटने लगे – गर्दन से लेकर नाभि तक, फिर जांघों तक। चाटते हुए वह मेरी चूत तक चले गए। उनकी गर्म जीभ मेरे पूरे बदन पर मजा दे रही थी – जैसे कोई भूखा भेड़िया शिकार को चाट रहा हो।

फिर एक-दो मिनट तक चूत चुसवाने के बाद मैंने पति को अपने ऊपर खींच लिया और उनके होंठों को फिर से चूसने लगी। पति ने नीचे से अपना लंड मेरी चूत पर लगा दिया और एक जोरदार धक्का मारा। कई दिनों बाद पति का मोटा लंड ले रही थी, इसलिए एक बार मुझे काफी दर्द हुआ – लेकिन अच्छा दर्द। वह दर्द जो बताता है कि अब मैं फिर से उनकी हो गई हूँ।

उन्होंने दूसरा धक्का मारा – इस बार और जोर से। पूरा 6.5 इंच का लंड मेरी चूत में घुस गया। मैंने पति को अपनी बाहों में जकड़ लिया – इतनी जोर से कि मेरे नाखून उनकी पीठ में गड़ गए। वह मेरी चूत को चोदने लगे – धीरे-धीरे नहीं, बल्कि तेजी से, जैसे 10 दिनों की भूख एक ही बार में निकालनी हो।

10 दिन की जुदाई के बाद चुदाई का यह पहला दौर शुरू हो चुका था।

कई मिनट तक उन्होंने मेरी चूत को इसी तरह मिशनरी पोजीशन में चोदा। मेरी चूत से “चुप-चुप-चुप” की आवाजें आ रही थीं। फिर उन्होंने पोजीशन बदलने के लिए कहा। मैं उठ गई और नीचे आकर मैंने अपने दोनों हाथ बेड पर रख लिए – कुतिया वाली पोजीशन में आ गई।

लेकिन इतने में ही फिर बाथरूम का दरवाजा खुलने की आवाज हुई। मेरी बेटी नहाकर बाहर आ गई थी। पति को मेरी चूत चोदने की इतनी ललक थी कि उन्होंने बाथरूम खुलने की आवाज नहीं सुनी। उन्होंने अपना लंड पीछे से मेरी चूत में डाल दिया और चोदने लगे। लेकिन तभी बेटी ने आवाज लगाई – “मम्मी, तुम कहाँ हो?”

न चाहते हुए भी हमें रुकना पड़ा। पति ने मेरी चूत से अपना चिकना हो चुका लंड निकाल लिया। फिर मेरी गांड पर लंड को रगड़ते हुए झुककर मेरे कान में बोले – “रात को जमकर चोदूंगा मेरी जान! तब तक अपनी चूत को संभालकर रखना।”

मैं मुस्कराती हुई उठी और जल्दी से अपनी मैक्सी पहन ली. पति ने भी जल्दी से अपनी पैंट और शर्ट डाल ली. दरवाजा खोला तो बेटी नहाकर बाहर आ गई थी.

फिर मैं किचन में चाय बनाने के लिए चली गई. दिन में मैंने थोड़ा सा आराम किया. पति भी यहां-वहां छोटे मोटे काम में लगे रहे.

भाग 5: 10 दिन की जुदाई के बाद चुदाई – रात का पहला दौर

फिर रात को बिटिया के सोने के बाद हम दूसरे रूम में चले गये और जाते ही नंगे होकर एक दूसरे को चूसने लगे. पति का लौड़ा तो जैसे मेरी चूत के हमेशा ही खड़ा रहता था.

अपने पति को बेड पर नीचे गिराकर मैं उनके लंड पर बैठ गई. उम्म्ह… अहह… हय… याह… अपने चूचे मसलते हुए चुदने लगी. पति भी मेरी गांड को उठा-उठा कर अपने लंड पर पटक रहे थे. लंड मेरी चूत में गचागच उतर रहा था. उनका मोटा लौड़ा जब अंदर जाता था तो पूरी चूत फैल जाती थी. फिर मैंने अपने मोटे चूचों को अपने पति के मुंह के सामने कर दिया तो वो मेरे निप्पलों से मेरे दूधों को पीने लगे.

चूत में उनका मोटा लंड और उनके मुंह में मेरे निप्पल. ऐसा लग रहा था कि दुनिया में यही एक सुख है. मैं तेजी से पति के लंड पर कूदने लगी. मन कर रहा था कि आज चूत को फड़वा ही लूं. लेकिन अगर ज्यादा फैल गई तो पति को रस आना बंद हो जायेगा इसलिए फिर मैंने गति धीमी कर ली.

अब स्थिति ऐसी थी कि कोई अगर दूर से देखे तो जान पड़े कि मैं ही अपने पति को चोद रही थी. मुझे इस पोज में बहुत ज्यादा मजा आता था इसलिए अब मेरा झड़ना पक्का था. दो मिनट के बाद ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.

उसके बाद मैं कुतिया की पोज में आ गई. मेरे पति अपने घुटनों पर खड़े हो गये. दोनों हाथों से मेरे कूल्हे फैलाकर अपना लंड चूत में घुसा दिया. मेरी चूत में गुदगुदी होने लगी. फिर तेजी से मेरे पति का लंड मेरी चूत में अंदर-बाहर होने लगा.

कुतिया के पोज में मेरे प्यारे पति ने मुझे दस मिनट तक चोदा. फिर उन्होंने मुझे बेड पर सीधी लिटाकर अपने पैर मेरी कमर की बाजू में रख लिये और चूत में लंड को पेलने लगे. जब उनको मुझे सताने का मन करता है तो वो इसी पोज में मेरी चुदाई करते हैं.

इस पोज में उनका लंड मेरी चूत में बिल्कुल अंदर तक चला जाता है. मैं उनको ऐसी पोजीशन में ज्यादा देर तक झेल नहीं पाती.
पांच मिनट की चुदाई के बाद दर्द मेरी बर्दाश्त के बाहर हो गया. मैंने उनको लंड वापस बाहर निकालने के लिए कहा. मेरे कहने पर उन्होंने लंड बाहर निकाल लिया. मुझे उनकी यही अदा बहुत पसंद आती थी. मैं जैसे बोलती हूँ वो तुरंत मान जाते हैं. इसलिए मैं भी उनको खुश रखने की पूरी कोशिश करती रहती हूँ.

वो लंड को बाहर निकाल कर मेरे ऊपर आ गये. मैंने अपने पैर घुटनों से मोड़कर फैला दिये तो मेरी नाजुक गुलाबी चूत ने अपना मुंह खोल दिया.
पति का मोटा लंड हाथ में लेकर मैंने उसको चूत के मुंह पर रख लिया. पति को इशारा करते ही उन्होंने उन्होंने आधा लंड मेरी चूत में उतार दिया.

जैसे ही मैंने अपना हाथ बाहर निकाला तो उन्होंने दूसरा धक्का मार दिया. पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया उन्होंने। मेरे दोनों निप्पलों को बारी-बारी से चूसते हुए वो मुझे चोदने लगे. मेरे मुंह से हल्की-हल्की सिसकारियां निकल रही थीं.
अब वो मेरे ऊपर ही झुक आये थे, अपने होंठों से मेरे निचले होंठ को चूसने लगे. मैं भी उनके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने की पूरी कोशिश कर रही थी.

लेकिन उनकी रफ्तार ज्यादा थी. उनका लंड अब जोर से मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था. आठ-दस धक्के मार कर पति ने अपना लंड चूत में पूरा घुसा दिया. मुझे उनके लंड से निकलने वाले लावा का पहला शॉट महसूस हो गया. एक-दो-तीन-चार … शॉट पर शॉट लगने लगे उनके वीर्य के … मेरी चूत को उन्होंने अपने गर्म माल से भर दिया.

फिर वो मेरी चूत के अंदर ही अपना लंड डाल कर सो गये. मैंने अपने दोनों हाथ उनके पीछे डाल कर उनको कसकर पकड़ लिया. कुछ ही देर में उनका लंड सिकुड़ने के बाद चूत से बाहर निकल आया. लंड के निकलते ही पति का वीर्य भी चूत से बहकर बाहर गिरने लगा. मैंने उस माल को अपनी चूत से पौंछा नहीं और उनको ऐसे ही बांहों में लेकर सो गयी. हम दोनों को नींद आ गयी थी.

मुंबई से वापस आने के बाद पहली रात को मैं पति का लंड अपनी चूत में ही लेकर सो गई थी.

भाग 6:बेटी के कॉलेज जाने के बाद गांड चुदाई की तैयारी

अगले तीन दिनों में मेरे पति ने मेरी चूत को जमकर चोदा – सुबह-सुबह, दोपहर में, रात को। जब चूत की चुदाई की भूख भरने लगी तो अब ध्यान गांड की चुदाई पर जाने लगा लेकिन हम दोनों गांड चुदाई नहीं कर पा रहे थे। गांड चुदाई के समय मैं बहुत रोती और चिल्लाती हूँ। इसके लिए हमें दिन का समय चाहिए था. दिन में हम दोनों आराम से मजे लेते हुए गांड चुदाई का आनंद लेना चाहते थे. मगर बेटी के होने के कारण दिन में वो सब करने का मौका नहीं मिल पा रहा था.

जब तीन दिन गुजर गये तो मेरी बेटी ने कहा कि अब उसको कॉलेज जाना है नहीं तो फिर पढ़ाई का नुकसान हो जायेगा.

जब रात को मैंने पति के लंड से चुदते हुए उनको ये खबर सुनाई तो वो खुश हो गये. मैंने उनसे कह दिया कि आज अपना माल जी भर कर निकाल लो ताकि कल दिन में आराम से गांड चुदाई का मजा लिया जा सके.
पति ने कहा- अगर ऐसी बात है तो फिर सुबह ही तुम्हारी चूत में वीर्य निकालूंगा. अब ऐसे ही चूत में लंड को रख कर सो जाते हैं. नींद आने के बाद लंड खुद ही चूत से बाहर निकल आयेगा. अगर अभी निकालूंगा तो फिर तुम्हें
चुदाई बिना रहा नहीं जायेगा.

इसलिए उनके कहने पर वो मेरी चूत में अपना लंड डाल कर सो गये.

सुबह के पांच बजे के करीब मेरी आंख खुल गई. मैंने उठते ही पति के लंड को अपने मुंह में लेकर उनका लंड गीला कर दिया. काफी देर तक मुंह में लंड को रखने के बाद उनका लौड़ा अच्छी तरह से गीला हो गया ताकि चूत में आराम से जा सके.

मोटा लंड चूसते हुए मेरी चूत भी चिकनी हो चली थी. उसने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था. इसलिए बस अब चूत में लंड जाने की देरी रह गई थी.

पति ने उठ कर मेरी गीली चूत में अपना लंड ठोका और दस मिनट तक मजे लेकर मेरी चुदाई कर डाली. दनादन चूत चुदाई के बाद एकदम से उन्होंने अपना पूरा लंड मेरी चूत में बिल्कुल जड़ तक घुसा दिया और उनके लौड़े से वीर्य निकल कर मेरी चूत में गिरने लगा. इधर मेरी चूत ने अपना पानी निकाल दिया. दोनों शांत हो गये.

उठने के बाद मैंने सुबह के सारे काम जल्दी से निपटा लिये. नहा धोकर मैंने नाश्ता बना दिया. फिर बेटी भी कॉलेज के लिए दस बजे के करीब निकल गई.

भाग 8: गांड में मोटा लंड – एनल सेक्स का मादक दृश्य

मैंने उसके जाते ही मैक्सी पहन ली. बाथरूम में जाकर एक बार फिर से नहा ली और गांड की अच्छे से सफाई कर ली ताकि चुदाई का मजा अच्छे से लिया जा सके. नहाकर जब मैं बाथरूम से बाहर आई तो पति मेरी मैक्सी को घूर रहे थे. मेरे चूचे मेरी मैक्सी में इधर-उधर डोल रहे थे. पति को भी पता चल गया था कि मैंने चुदाई की पूरी तैयारी कर ली है और इसी वजह से मैंने मैक्सी के नीचे कुछ भी नहीं पहना है.

फिर पति भी उठ कर नहा लिये और उन्होंने भी पैंट और टी-शर्ट पहन लिया. मैं अपनी गांड अपने पति से चुदवाने के लिए बेकरार थी. बेटी के जाने के बाद घर में हम दोनों ही रह गये थे. मैंने अपने पति का हाथ पकड़ा और उनको पकड़ कर खुद ही बेडरूम में लेकर जाने लगी. मेरे पति ने चलते हुए ही मेरी गांड को दबाना शुरू कर दिया था. आज इस गांड की चुदने की बारी थी. चूत चुदवाते हुए तो मुझे कई दिन हो चुके थे. पति को भी कुछ नया करने का मौका मिल रहा था इसलिए वो भी ज्यादा ही उत्तेजित हो रहे थे.

उन्होंने चलते हुए ही मेरी गांड को मैक्सी के ऊपर से दबा दिया. मैंने पीछे मुड़कर उनका लंड सहला दिया. फिर वहीं पर रुक कर हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे.

लेकिन बाहर यह सब करना ठीक नहीं था. घर में खिड़की दरवाजे लगे थे जिनसे बाहर से कोई भी देख सकता था. इसलिए एक दो बार होंठों को चूसने के बाद हम रूम की तरफ बढ़ने लगे. पति ने चलते हुए ही अपना लंड दो-तीन बार मेरी गांड पर लगा कर ये बता दिया था कि आज मेरी गांड की चुदाई जमकर होने वाली है.

रूम में जाते ही उन्होंने मेरी मैक्सी को ऊपर उठा दिया. मैं नीचे से नंगी थी. मैंने पैंटी भी नहीं पहनी हुई थी. मेरे नंगे चूतड़ देखते ही पति ने एक बार उनको हाथ से दबा दिया और फिर मेरी गांड को किस करने लगे. मैंने मैक्सी को अपने हाथों में ऊपर ही पकड़ रखा था और गांड पर पति के होंठों का मजा ले रही थी. फिर उन्होंने उठकर अपनी पैंट के अंदर से ही अपना तना हुआ लंड मेरी गांड पर सटा दिया और मेरी गर्दन को चूमने लगे. मैंने भी पीछे की तरफ घूम कर उनके होंठों को चूस लिया.

पतिदेव ने मुझे बेड पर धक्का देते हुए झुका दिया और मेरी मैक्सी उठा कर अपना लंड मेरी चूत पर पीछे से ही रगड़ने लगे. मैं चुदासी हो गई और अपनी गांड को पीछे करते हुए खुद ही अपने पति के लौड़े पर रगड़ने लगी.

उन्होंने मेरी चूत को अपने हाथ से सहलाया और फिर मेरी गांड पर एक बड़ा सा चुम्बन दे दिया. फिर उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत पर पीछे से ही रगड़ा और लंड का टोपा मेरी चूत पर लगा कर एक धक्का दे दिया. मेरे पति का मोटा लंड गच्च से मेरी चूत में उतर गया.

वो मुझे कुतिया बनाकर वहीं बेड के किनारे पर चोदने लगे. दस मिनट तक मेरे पति ने ऐसे ही कुतिया बनाकर मुझे चोदा और फिर अपना लंड बाहर निकाल लिया.

उसके बाद मैं बेड पर ऊपर चढ़ गई और अपने दोनों पंजों को बेड से बाहर करते हुए अपना चेहरा और अपने चूचे मैंने बेड पर टिका लिये. इस पोजीशन में मेरी गांड उठकर पति के सामने आ गई और वो अपने लंड को हिलाते हुए मेरे पैरों के बीच में आकर खड़े हो गये. मैंने अपने मोटे चूतड़ों को अपने हाथों से फैलाकर रखा हुआ था. फिर मेरी गांड को चाटने लगे। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

फिर मैंने सुना कि पतिदेव ने अपना थूक अपनी हथेली पर लिया और उसको शायद अपने लंड के टोपे पर मलने लगे. दो मिनट के बाद उन्होंने दोबारा से थूका और मेरी गांड पर भी थोड़ा सा थूक मल दिया. अब मुझे भी थोड़ी सी घबराहट होने लगी थी और मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा था. मेरी गांड में सुरसुरी सी उठने लगी थी.

ऐसा भी नहीं था कि इससे पहले पति ने मेरी गांड नहीं मारी थी लेकिन मुझे गांड मरवाने में जितना मजा आता था उससे पहले डर भी बहुत लगता था. इससे पहले भी जब मैंने अपने पति से गांड चुदवाई थी तो उन्होंने मेरी गांड को खोल कर रख दिया था. पति का मोटा लंड गांड में समाने के लिए मैंने अपने आप को पूरी तरह से तैयार करने की पूरी कोशिश की.

थूक मलने के बाद मेरे घरवाले ने मेरी गांड के छेद पर अपने तगड़े लंड का मोटा सा सुपारा रख दिया और मेरी सांसें तेज होने लगीं. अब लंड मेरी गांड को चीरने के लिए तैयार हो चुका था.

उन्होंने मेरी गांड के छेद पर अपने मोटे लंड का सुपारा रख दिया। हल्का सा दबाव दिया तो मैं उचक गई – लेकिन उन्होंने मेरे चूतड़ों को पकड़कर नीचे दबा दिया। फिर हल्का सा धक्का – सुपारा गांड में घुस गया। मैं दर्द से उछल गई। लंड बहुत मोटा था और गांड का छेद टाइट था। उन्होंने अपने हाथ से ही खुद ही मेरे चूतड़ों को फैला दिया और दबाव बढ़ाने लगे. लंड अंदर नहीं सरक रहा था.

फिर उन्होंने लंड पर दोबारा से थूका और फिर से दबाव बढ़ाया तो लंड थोड़ा अंदर सरकने लगा. मेरी गांड फैलने लगी. फिर पति ने एकदम से पूरी ताकत के साथ जोर का धक्का मार दिया और लंड मेरी गांड में उतार दिया. मैं दर्द से चीख पड़ी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’

और उन्होंने मेरे चूचों को दबा दिया. उनका लंड मेरी गांड में उतर गया था लेकिन दर्द भी बहुत कर रहा था. फिर वो एक दो मिनट तक ऐसे ही मुझे पीठ पर चूमते रहे और फिर हल्के से मेरी गांड में धक्के देने लगे.

अब मेरा दर्द कम होता जा रहा था, गांड पूरी खुल कर फैलने लगी थी. उनका लंड पूरा गांड में फंस गया था.

धीरे-धीरे पति ने मेरी गांड में अपने धक्कों की गति तेज की तो मुझे भी मजा आने लगा. मेरी गांड की चुदाई शुरू हो गई. पति के लंड से गांड चुदवाने का मजा ही अलग है. मैं अपने पति के मोटे लंड को अब आराम से अपनी गांड में लेने लगी.

कुछ ही देर में मैं पति के लंड से चुदते हुए मदमस्त होने लगी. वो कभी मेरे चूचों को दबा रहे थे तो कभी मेरी पीठ को चूम रहे थे. मेरी गांड में पति का लंड तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था.

जब मेरी गांड चुदते हुए पूरी तरह से खुल गई तो मैंने पति को नीचे लिटा लिया और खुद उनके लंड पर बैठ कर मैंने पूरा लंड अपनी गांड में ले लिया. फिर मैंने पति की जांघों पर अपने हाथों का सहारा लेते हुए अपनी गांड को उनके लंड पर उछालना शुरू कर दिया. मैं मस्ती से अपने चूचे हिलाती हुई अपने पति से गांड चुदवा रही थी. मेरी छोटी सी कोमल गांड का भोसड़ा बना दिया मेरे पति के मोटे लौड़े ने। लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा था और पति के मुंह से भी कामुक सिसकारियां निकल रही थीं. पहली बार में तो मजा आ रहा था।

पहले राउंड में ही मेरा गांड जवाब दे चुका था। जब दूसरा राउंड शुरू हुआ तो उन्होंने मुझे अलग-अलग पोजीशन में चोदना शुरू किया। उन्होंने मेरी गांड को कुतिया बनाकर चोदा. मुझे दर्द हो रहा था तो उन्हें मेरे पीछे से मेरे गले को अपनी बाहों में पकड़ लिया और जोर से चोद रहे थे। मैंने रोने लगी थी तो उन्होंने मेरा मुँह बंद कर दिया।

इस पोज में चोदने के बाद उन्होंने मुझे दीवार के सहारे लगा लिया और पीछे से मेरी गांड में लंड डाल दिया और चोदने लगे. फिर मेरी एक टांग को उठाकर चोदा. फिर मुझे सीधी खड़ी करके पीछे से लंड डाल दिया और मेरे मम्मे दबाते हुए चोदा. उन्होंने मुझे खूब रुलाया। इतनी चुदाई करने के बाद हम दोनों थक गये थे. मगर पति का लंड अभी भी खड़ा हुआ था. वो मुझे बांहों में लेकर वहीं बेड पर लेट गये.

पति का लंड मेरी गांड से निकल गया था लेकिन ऐसा लग रहा था कि उनका लंड अभी भी मेरी गांड में घुसा हुआ है. मेरी गांड में चींटियां सी चल रही थीं. कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे.

मैं बता दूं कि मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते हैं। वो मुझे दर्द देते हैं या रुलाते हैं क्योंकि मैंने उनको इसकी इजाज़त दी है। मुझे यह पसंद है कि पति सेक्स के दौरन मुझ पर हावी रहे और मुझे बेरहमी से चोदे।

भाग 8: 69 पोजीशन में आखिरी दौर और वीर्य पान

मेरे पति की आंख खुली तो वो मेरे चूचों को फिर से भींचने लगे. मैंने उनका लंड फिर से पूरी तरह खड़ा कर दिया था. फिर मैंने उसको अपने मुंह में ले लिया. दो-तीन मिनट तक लंड को चूस कर गीला कर लिया. फिर मैं पति के साथ ही लेट गई.

लेकिन मेरे अंदर की चुदास फिर से जाग चुकी थी इसलिए मैंने उनके लंड की तरफ अपना मुंह कर लिया और अपनी चूत को उनके मुंह की तरफ कर दिया. उसके बाद मैंने उनके लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. मुझे पति के लंड से निकलने वाले नमकीन पानी का स्वाद चखने का मन कर रहा था. इसलिए मैंने तेजी के साथ उनके लंड को चूसने लगी. पति का लंड जब पूरी तरह से तन गया तो उन्होंने मेरी चूत को भी चूसना शुरू कर दिया – हम 69 पोजीशन में आ गए।

जब वो भी सेक्स के लिए उत्तेजित हो गये तो उनके लंड से नमकीन पानी रस कर बाहर आने लगा. मुझे उनके लंड से निकल रहे पानी का स्वाद अपनी जीभ पर महसूस होने लगा. मैं उनके लंड को चूसते हुए उनके पानी का स्वाद लेती रही और वो मेरी चूत को चाटते रहे. मैंने पति के लंड को पूरा मुंह में ले लिया और उन्होंने मेरी चूत में जीभ को पूरी घुसा दिया. मैं बहुत चुदासी हो गई थी.

लगभग दस मिनट तक पति के मोटे लौड़े को चूसने के बाद उनके लंड में तनाव बहुत ज्यादा ही बढ़ गया मुझे लगने लगा था कि अब उनके लंड का वीर्य निकलने वाला है. मेरा मुंह भी दुखने लगा था. फिर दो मिनट बाद ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और पति के लंड ने अपना गर्म वीर्य मेरे मुंह में छोड़ दिया। मैंने उनका सारा वीर्य पी लिया – बूंद-बूंद करके। फिर दोनों शांत हो गये.

उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में रख दिया और मैं उनकी बांहों से लिपट गई. उसके बाद फिर मेरी आंख लग गई. मुझे पति का लंड चूत में लेकर लेटने के बाद ही नींद अच्छी आती है. फिर मैं दोपहर को उठी क्योंकि खाना बनाने का टाइम हो गया था.

मैंने उठकर खाना बनाया और तब तक बेटी के आने का समय भी हो गया था. फिर हम दोनों नहाने चले गए। पति का 10 दिनों का इंतजार पूरा हो चुका था – उन्होंने मेरी चूत और गांड दोनों को जमकर चोदा था। मैंने उस दिन ढेर सारा प्यार और ढेर सारा वीर्य पाया। और मैं पूरी तरह संतुष्ट थी।

10 दिन की जुदाई के बाद चुदाई का यह अनुभव अविस्मरणीय था। उसके बाद के दिनों में भी हमने ऐसी ही मस्ती की – लेकिन वह कहानी कभी और। आज के लिए इतना ही।

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