कामुक पत्नी की अद्भुत चूत को चोदने का आनंद – मेरी उम्र 39 साल है और मेरी प्यारी बीवी की उम्र 30 साल है। मैं दिखने में अच्छा खासा हूं, यूं कह लीजिए कि लोग मुझे हैंडसम समझते हैं। सच कहूं तो कोई भी औरत दूसरी बार मुझे जरूर नजरें घुमाकर देखती ही है। लेकिन मेरी नजरें सिर्फ और सिर्फ मेरी बीवी पर ही टिकती हैं। मेरी बीवी बेहद खूबसूरत है। उसके मोटे-मोटे गोल-गोल मम्मे और भारी-भरकम गांड मुझे बहुत पसंद है। उसका पूरा शरीर ही किसी अप्सरा की तरह गढ़ा हुआ है। हम दोनों की शादी को कई साल हो गए हैं लेकिन आज भी हमारी सेक्स लाइफ में वही जुनून, वही गर्माहट और वही चाहत बरकरार है जो शादी के शुरुआती दिनों में हुआ करती थी। बल्कि सच कहूं तो अब तो हम एक-दूसरे को और भी ज्यादा समझने लगे हैं, और भी ज्यादा चाहने लगे हैं।
हम दोनों को नए-नए पोजीशन में, कभी भी, कहीं भी चुदाई करना बेहद पसंद है। मेरी बीवी को मेरी चुदाई इतनी पसंद है कि वह हमेशा मेरे लिए तैयार रहती है। मैं भी उसकी हर इच्छा का पूरा ख्याल रखता हूं। जब भी वह कहती है, मैं उसे चोदने के लिए हाजिर रहता हूं और देर तक उसकी चुदाई करता रहता हूं। मैं जब भी अपनी बीवी की चुदाई करता हूं तो उसकी चूत से पानी निकलना लगभग तय रहता है। इस कामुक पत्नी की अद्भुत चूत को चोदने का आनंद की कहानी ऐसे ही एक दिन की है जब घर में हम दोनों अकेले थे और हमने जमकर मस्ती की। पति-पत्नी की इस रोमांचक और गरम हिंदी सेक्स स्टोरी को अंत तक जरूर पढ़ें।
भाग 1 – शरारती पत्नी और सुबह की शुरुआत
मेरी बीवी का नाम मैं यहां नहीं बताऊंगा, लेकिन हां, वह बेहद शरारती और चुलबुली है। उसकी शरारतें ही मुझे उसका दीवाना बनाए रखती हैं। वह हमेशा कुछ न कुछ ऐसा करती रहती है कि मेरा लंड खड़ा हो जाए और मैं उसे घसीट कर बेडरूम में ले जाने के लिए मजबूर हो जाऊं। वह आते-जाते मेरा लंड दबा जाती है। जब वह मेरे सामने से गुजरती है तो अपनी मैक्सी और पेटीकोट को पूरा ऊपर उठाकर अपनी मोटी-मोटी गोल गांड मुझे दिखाती है और मटकाती हुई जाती है। उसकी वह अदा देखकर मेरा लंड फड़फड़ाने लगता है और मन करता है कि उसे वहीं पकड़कर उसकी गांड पर चपत लगाऊं और जोर-जोर से चोदूं।
कभी-कभी जब मैं दोपहर में बेड पर आराम कर रहा होता हूं तो वह चुपके से मेरे पास आती है। मेरी तरफ देखकर शरारत भरी मुस्कान देती है और फिर अपनी ब्रा ऊपर उठाकर अपने गोरे-गोरे मोटे मम्मे बाहर निकाल लेती है। उसके गुलाबी निप्पल मुझे बुला रहे होते हैं। वह झुककर अपना निप्पल मेरे मुंह में दे देती है और मुझे चूसने के लिए मनाती है। मैं भी उसके निप्पल को चूसने लगता हूं और वह मस्ती में आहें भरने लगती है।
कभी-कभी वह बेड के किनारे अपनी मोटी गांड रखकर औंधे मुंह लेट जाती है और अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर ऊपर उठा लेती है। इससे उसकी चूत पूरी तरह से खुल जाती है। फिर वह अपनी उंगलियों से अपनी नाजुक और कोमल गुलाबी चूत को मसलने लगती है और मुझे चोदने के लिए बुलाती है। यह नजारा देखकर मेरा लंड सख्त हो जाता है और मैं तुरंत उसके पीछे पहुंच जाता हूं।
कभी-कभी मेरा मूड होता है उसका डांस देखने का। मैं जब भी उससे कहता हूं कि “आज तो तुम्हारा डांस देखना है”, तो वह बड़ी खुशी से अपने मोबाइल पर कोई गाना लगाकर मेरे सामने डांस करने लगती है। या फिर कभी-कभी जब उसका खुद का मूड होता है तो वह बिना मेरे कहे ही मेरे सामने आकर डांस करने लगती है। उसका डांस देखकर मेरा लंड तन जाता है और फिर डांस के बाद हम दोनों जमकर चुदाई करते हैं। आज की सेक्स कहानी में मैं आपको ऐसा ही एक किस्सा सुनाने वाला हूं।
भाग 2 – डांस से शुरुआत और बढ़ती उत्तेजना
यह बात अक्टूबर महीने की है। सुबह का समय था और मौसम में हल्की ठंडक घुल रही थी। हमारी बेटी सुबह 9 बजे ही कॉलेज के लिए निकल गई थी, इसलिए घर में सिर्फ हम दोनों पति-पत्नी ही थे। घर में हम कुल तीन लोग ही हैं इसलिए वैसे भी ज्यादा काम नहीं रहता। मेरी प्यारी पत्नी करीब दस बजे तक अपने सारे काम निपटा कर फ्री हो गई। मैं बेडरूम में बिस्तर पर पीठ के बल लेटा हुआ मोबाइल पर कुछ देख रहा था। तभी मेरी प्यारी पत्नी मुस्कुराती हुई कमरे में आई और सीधे मेरे पास आकर बैठ गई।
उसने बिना कुछ कहे, झुककर मेरे होंठों पर एक गहरा चुंबन लिया और अपने होंठों में मेरे होंठों को भरकर चूसने लगी। उसकी इस अचानक हरकत से मैं भी चौंक गया और मोबाइल एक तरफ रखकर उसकी इस मस्ती में शामिल हो गया। मैंने अपना हाथ बढ़ाकर उसकी मैक्सी और पेटीकोट को ऊपर उठाया और उसके मोटे, मुलायम और गर्म चूतड़ों को सहलाने लगा। उसकी गांड का स्पर्श बहुत ही कोमल और मखमली था।
करीब पांच मिनट तक हम यूं ही एक-दूसरे को चूमते और सहलाते रहे। फिर मेरी प्यारी पत्नी मुझसे अलग हुई और शरारत भरी नजरों से मुझे देखते हुए उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और हल्के से दबाया। वह मुस्कुराने लगी क्योंकि उसके स्पर्श मात्र से ही मेरा लंड फूलकर सात इंच लंबा और कड़क हो गया था। मेरी पैंट के अंदर ही मेरा लंड तनकर झटके मार रहा था। मैं समझ गया कि आज उसका कुछ खास करने का मूड है। मैंने अपने मोबाइल में एक गाना चालू किया और उसे इशारा किया। वह तुरंत समझ गई और मेरे सामने डांस करने लगी।
भाग 3 – स्ट्रिप डांस और लंड का खड़ा होना
गाने की धुन पर वह झूमने लगी। झूमते-झूमते वह अपने हाथ अपनी चूचियों पर फेरने लगी और उन्हें हल्के-हल्के दबाने लगी। फिर वह घूम-घूमकर अपनी गांड मेरी तरफ करके मटकाने लगी। वह अपने हाथों को अपनी गांड पर फिरा रही थी, मानो मुझे बुला रही हो। धीरे-धीरे उसने अपनी मैक्सी और पेटीकोट को ऊपर उठाना शुरू कर दिया। अब मुझे उसकी डिजाइनर रेड कलर की चड्डी साफ दिखाई देने लगी थी। उस लाल चड्डी के अंदर उसकी गोरी गांड और भी ज्यादा आकर्षक लग रही थी।
उसने अपनी उंगली से चड्डी को आधा नीचे सरका दिया तो मुझे उसकी गोरी-गोरी, चिकनी और मोटी गांड के पूरे दर्शन हो गए। वह नजारा इतना शानदार था कि मेरी आंखें वहीं चिपक गईं। फिर उसने घूमकर अपनी चूत को मेरी तरफ किया और अपनी चड्डी को और नीचे सरकाकर अपनी फूली हुई, नर्म और गुलाबी चूत मुझे दिखाते हुए उस पर हाथ फेरने लगी। गोरी बन-पाव जैसी फूली हुई चूत, जिस पर छोटी-छोटी सी मुलायम झांटें थीं। सोचिए यार, वह क्या नजारा रहा होगा।
फिर अचानक से वह पीछे घूमी और अपनी गांड को मेरी तरफ करके कमर से झुक गई। उसने अपनी चड्डी को पूरी तरह से नीचे पैरों तक सरका दिया। अब उसने अपनी गोरी, मोटी और गोल गांड को मेरी तरफ पूरी तरह से खोल दिया था। उसकी गांड के बीच की दरार से उसकी रसीली चूत साफ दिखाई दे रही थी। उसका डांस अभी भी जारी था। वह अपनी खूबसूरत गांड को हिलाती, मटकाती हुई डांस कर रही थी। यह सब देखकर मेरा लंड भी बाहर आ गया था और उसे चोदने के लिए भनभना रहा था।
भाग 4 – खड़े-खड़े चूचियों का खेल और लंड चूसना
मैंने झट से अपनी पैंट और चड्डी निकालकर फेंक दी और अपनी पत्नी को डांस में ज्वाइन किया। वह भी मेरे लौड़े के आगे ठुमकने लगी। मैंने अपना कड़क लंड उसकी गांड की दरार में रख दिया और वह हिलने लगी। उसका डांस चालू था। मैंने उसे खड़ी अवस्था में ही पकड़कर उसकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया। मेरी पत्नी ने एक हाथ पीछे लाकर मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया और मुठ मारने लगी।
वह खड़ी थी तो मैंने मैक्सी के अंदर हाथ डालकर उसकी ब्रा को ऊपर उठा दिया और उसके दोनों मोटे-मोटे मम्मों को धीरे-धीरे मसलने लगा। अब उसके मुंह से कराहने की आवाजें निकलने लगीं- “आह… उह… स्स…स… आह… आह…” उसकी ये आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं और मेरा जोश बढ़ा रही थीं।
अब उसका डांस करने का मूड खत्म हो चुका था और चुदाई का मूड सवार हो गया था। वह मेरे लंड को अपनी गांड की दरार में आगे-पीछे घिसने लगी। मेरा लंड उसकी चूत को ठोकर मार रहा था और अब उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। उसकी चूत मेरे लंड को अंदर लेने के लिए तड़प रही थी। उसने हाथ से मेरा लंड छोड़ा और मेरे सामने घुटनों के बल बैठ गई।
उसने मेरे सात इंच के कड़क लंड को अपने मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। वह मेरे लंड को पूरा गले तक ले जाकर चूस रही थी। उसकी जीभ मेरे लंड के सुपारे पर गोल-गोल घूम रही थी। चूस-चूसकर उसने मेरे पूरे लंड को अपनी लार से गीला कर दिया। मेरे लंड पर उसकी लार की चमक आ गई थी। यह कामुक पत्नी की अद्भुत चूत को चोदने का आनंद का एक अहम हिस्सा था – जब उसने मेरे लंड को पूरी लगन से चूसा।
भाग 5 – चूत में लंड और पहला ऑर्गेज्म
फिर वह उठी और बेड पर जाकर बैठ गई। उसने अपनी गांड को बेड के किनारे पर रखा और पीछे की तरफ लेट गई। उसने अपने दोनों पैरों को अपनी तरफ खींचकर घुटनों में मोड़ लिया और बाहर की तरफ फैला दिया। वाह! अब मेरी पत्नी की फूली हुई, नर्म, गुलाबी और मुलायम चूत पूरी तरह से मेरे सामने खुल चुकी थी। उसकी चूत के अंदर की गुलाबी दरार बहुत ही मनमोहक लग रही थी। वह नजारा इतना खूबसूरत था कि मैं अपने आप को रोक नहीं पाया।
मैंने तुरंत अपने लंड का सुपारा उसकी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार झटका देकर अपना पूरा सात इंच लंड जड़ तक उसकी चूत में उतार दिया। “ऊई मां… मर गई…” मेरी गर्म बीवी चीख उठी। उसकी यह चीख पूरे कमरे में गूंज गई। मैंने फिर से अपना पूरा लंड बाहर निकाला और एक और तगड़ा झटका देकर अंदर घुसा दिया। इस बार मेरी पत्नी फिर से चीखी- “धीरे से चोदो… अंदर दर्द हो रहा है।”
लेकिन मैं कहां रुकने वाला था। मैंने उसकी बात अनसुनी कर दी और एक और जोरदार झटका दे मारा। इस बार उसे ज्यादा दर्द हुआ तो उसने ऊपर की तरफ खिसककर एकदम से मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकाल दिया। “फट” की आवाज के साथ मेरा लंड उसकी चूत से बाहर आ गया। मेरा लंड उसकी चूत के रस से पूरी तरह चमक रहा था और उसकी गुलाबी चूत के होंठ और बाहरी हिस्सा भी उसी रस से गीला और चमकदार हो गया था।
भाग 6 – धीरे से चुदाई और दूसरा ऑर्गेज्म
अब मैंने अपनी पोजीशन बदली। मैंने अपना एक पैर उसकी जांघ के ऊपर से निकालकर उसकी कमर के बगल में बेड पर रख दिया। उसका दायां पैर मेरे दोनों पैरों के बीच में था और मेरा दायां पैर जमीन पर टिका हुआ था। मैंने अपने लंड को हाथ में पकड़कर एक बार फिर उसकी चूत में प्रवेश कराया। इस बार मेरी पत्नी ने कहा- “धीरे-धीरे चोदो… मुझे अंदर तक पेट में दर्द हो रहा है।”
मैंने भी प्यार से कहा- “ओके डार्लिंग, अब तुम्हारी चूत को धीरे-धीरे और मजे से चोदूंगा।” यह सुनकर वह हंसने लगी और मैं उसकी चूत को आराम-आराम से चोदने लगा।
मेरी पत्नी ने अब अपनी मैक्सी के ऊपर के बटन खोल दिए और अपने गोरे-गोरे मोटे-मोटे मम्मों को बाहर निकाल दिया। उसने मेरे दोनों हाथों को पकड़कर अपनी दोनों चूचियों पर रख दिया। मैं उसका इशारा तुरंत समझ गया और धीरे-धीरे उसके मम्मों को दबाने और मसलने लगा। मेरी पत्नी मस्ती में आहें भरने लगी और बोली- “आंह… चोदो… ऐसे ही आराम से चोदो… मुझे चूत में बहुत अच्छा लग रहा है।”
फिर उसने अपने हाथों की उंगलियों को मेरी उंगलियों में फंसाकर कसकर पकड़ लिया और कहने लगी- “मुझे कुछ-कुछ हो रहा है… स्स…स… रुको मत, चोदते रहो… आंह… थोड़ा और जोर से… और जोर से… आहा… मेरा पानी निकल रहा है… रुको मत।”
मैं और जोर लगाकर उसे चोदने लगा। अब उसकी चूत से “पच-पच” और “खचा-खच” की आवाजें पूरे कमरे में गूंजने लगीं। उसकी चूत का रस मेरे लंड और उसकी जांघों पर फैल रहा था। फिर क्या था, उसकी उंगलियां ढीली पड़ गईं और उसकी आंखें अधखुली हो गईं। मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत के अंदर ही दबाकर रख दिया। मेरी पत्नी को कुछ पल के लिए कुछ भी होश नहीं रहा। उसकी चूत ने झरने की तरह पानी छोड़ दिया था। उसकी चूत से रस बहकर बेड की चादर पर टपक रहा था। वह कुछ देर तक ऐसे ही निढाल पड़ी रही।
भाग 7 – लेग्स पोजीशन और निप्पल चूसना
कुछ देर बाद उसने अपनी आंखें खोलीं और मुझे अपनी चूचियों पर खींच लिया और कसकर गले से लगा लिया। मैं भी उसके ऊपर लेट गया और हम दोनों कुछ देर ऐसे ही एक-दूसरे से लिपटे रहे।
कुछ देर बाद वह मेरा पूरा चेहरा चूमने लगी। उसके चेहरे पर एक अलग ही संतुष्टि, एक अलग ही चमक थी। उसकी आंखों में प्यार और उसके होंठों पर मुस्कान थी। आधे घंटे से भी ज्यादा समय से हमारी चुदाई चल रही थी। उसने मुझसे पूछा- “अब तुमको कैसे चोदना है?” मैंने कहा- “जैसे तुम कहो, वैसे।”
फिर उसने मुझे अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकालने के लिए कहा। मैंने अपना लंड बाहर निकाला। मेरा लंड तो पहले से ही उसकी चूत के पानी से चमक रहा था। मेरी प्यारी पत्नी ने झुककर मेरे लंड को चूमा और फिर बेड पर सीधी लेट गई और मुझे जल्दी से अपने ऊपर आने को बोली।
मैं उसके ऊपर लेट गया और अपना तगड़ा लंड एक बार फिर उसकी रसीली चूत में पेल दिया। अब हमारी पोजीशन ऐसी थी कि पत्नी के दोनों पैरों के बीच मेरा दायां पैर था और मेरे दोनों पैरों के बीच उसका बायां पैर। इस पोजीशन में हम दोनों को बहुत मजा आता है और मेरी पत्नी को यह पोजीशन बेहद पसंद है। अब मेरी पत्नी ने अपनी गांड को थोड़ा ऊपर उठाकर मुझे चोदने की इजाजत दे दी।
मैं अपना सात इंच का लंड उसकी चूत में आराम से अंदर-बाहर करने लगा। मेरी पत्नी ने अपनी मैक्सी के अंदर से अपनी दोनों चूचियों को एक बार फिर बाहर निकाल लिया और मेरा सर पीछे से पकड़कर अपने निप्पल पर लगा दिया। यार, घनघोर चुदाई हो रही हो और दूध न पिया जाए, तो चुदाई अधूरी ही रहती है। अब मैं अपनी प्यारी पत्नी का एक निप्पल चूसते हुए उसकी चुदाई कर रहा था। जब मैं एक निप्पल चूसता तो दूसरे मम्मे को हाथ से हल्के-हल्के मसलता और उसके निप्पल को उंगली से घुमाता। जब दूसरा निप्पल चूसता तो पहले वाले के साथ भी यही करता।
भाग 8 – होंठ चूसना और तीसरा ऑर्गेज्म
मेरी सेक्सी पत्नी लगातार आहें भर रही थी और कराह रही थी- “आह… मेरे प्यारे चोदू पति… कितना मस्त चोदते हो यार… मेरी तो चुत मस्त हो जाती है तुम्हारे लंड से चुदवाकर। मेरे दूध पीते हुए मस्त चोदते हो… आह… थोड़ा जोर लगा दो… आ…ह… स्स…स… मैं म…र ग…यी रे… मुझे कुछ हो रहा है… आँहह… मेरी चुत में चींटियां चल रही हैं… ऊई मां… मेरे होंठ कांप रहे हैं… मेरे होंठ अपने होंठों में ले लो।”
फिर उसने मेरे मुंह से अपना निप्पल छुड़ाया और अपने कांपते हुए होंठ मेरे होंठों में दे दिए। मैं उसके होंठों को चूसने लगा और वह मेरे होंठों को। हम दोनों एक-दूसरे की जीभ चूस रहे थे। मेरी चुदक्कड़ पत्नी ने अपने दोनों हाथों से मेरा सर अपने होंठों पर दबा लिया और नीचे से अपनी चूत को मेरे लंड पर जोर से दबाकर अकड़ गई। उसका पूरा शरीर तन गया और फिर एकदम से निढाल होकर बेड पर ढह गई। मैं समझ गया कि इस बार भी उसका पानी निकल गया है। दूसरी बार उसकी चूत ने मेरे लंड पर पानी छोड़ा था।
फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठों से अलग किए और मुझसे पूरी तरह लिपट गई। वह हांफ रही थी और उसका शरीर पसीने से भीगा हुआ था। उसने धीरे से कहा- “तुम्हारे लंड ने तो मेरी चुत का दो बार पानी निकाल दिया… लेकिन तुम्हारा लंड अपना पानी कब निकालेगा?”
भाग 9 – कुतिया पोजीशन और वीर्य का निकलना
मैंने मुस्कुराते हुए कहा- “अभी निकालता हूं, बोलो कैसे निकालूं?” पत्नी ने अपनी शरारत भरी अदा से कहा- “मुझे कुतिया बनाकर पीछे से चोदो और अपने लंड का पानी मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दो।” मैं तुरंत उसके ऊपर से उठ गया और मेरी पत्नी बेड पर घुटनों के बल कुतिया बनकर चुदने के लिए तैयार हो गई। उसने अपनी कमर को नीचे झुकाया और अपनी मोटी गांड को मेरी तरफ उठा दिया।
मैं उसकी गांड के पीछे घुटनों के बल खड़ा हो गया और उसकी गोरी-गोरी और मोटी गांड को देखने लगा। सच में, उसके वे मोटे चूतड़ बहुत ही मस्त लग रहे थे। मैंने उसकी गांड पर एक जोरदार चपत लगा दी तो वह चीखी- “आंह… चपत क्या मारते हो… तुम अपना लंड घुसा दो न मेरी चूत में!”
मैंने तुरंत अपना लंड उसकी कोमल, गुलाबी और नाजुक चूत के छेद पर लगाया और एक ही झटके में अंदर घुसा दिया। मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ बड़े आराम से अंदर तक चला गया। वह फिर से कराह उठी- “आ…ह… कितना मस्त घुसता है तुम्हारा लंड मेरी चूत में… अब चोदो और निकाल दो अपने लंड का पानी।”
मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी गांड को मजबूती से पकड़ लिया और जोर-जोर से उसकी चूत में अपना लंड पेलने लगा। मैंने अपनी चुदाई की स्पीड बहुत तेज कर दी। मेरा पूरा सात इंच का कड़क लंड उसकी चुत में तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था। मेरे अंडकोष उसकी चूत और गांड पर जोर-जोर से टकरा रहे थे। कमरे में सिर्फ हमारी सांसों की आवाज और चुदाई की “पच-पच” की आवाज गूंज रही थी।
मेरी पत्नी भी अपनी गांड को पीछे की तरफ झटक रही थी ताकि मेरा लंड और गहराई तक जा सके। वह चीखते हुए बोली- “आ…ह… स्स… मेरा पानी छूटने वाला है… छोड़ दो पानी… तुम्हारे लंड के पानी के लिए तड़प रही है मेरी प्यारी चूत… आह… और जोर से… और तेज… मुझे भर दो अपने पानी से।”
उसकी ये बातें सुनकर मैं भी अपने आप पर काबू नहीं रख सका। मैंने पूरी ताकत से उसकी चूत में दो-तीन गहरे झटके दिए और फिर मेरे लंड ने जोरदार पिचकारी छोड़ दी। मैंने अपने लंड का सारा गर्म-गर्म वीर्य उसकी चूत के अंदर ही खाली कर दिया। मेरे वीर्य की गर्माहट से वह फिर से चीख उठी और खुद भी तीसरी बार झड़ गई। हम दोनों एक साथ चरमसुख की गहराइयों में डूब गए। काफी देर से चल रही हमारी चुदाई की एक सुखद और संतोषजनक समाप्ति हो गई थी।
भाग 10 – संतुष्टि और प्यार भरी नींद
मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और थककर बेड पर लेट गया। मेरी प्यारी पत्नी भी मेरे बगल में आकर मुझसे लिपट गई और हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में समा गए। उसकी चूत से मेरा वीर्य धीरे-धीरे बाहर बह रहा था और बेड की चादर को भिगो रहा था, लेकिन उसे कोई परवाह नहीं थी। वह वैसे ही मेरी बाहों में पड़ी रही।
चुदाई की संतुष्टि और खुशी मेरी प्यारी पत्नी के चेहरे पर साफ झलक रही थी। उसके चेहरे की वह चमक देखकर मुझे भी बहुत सुकून और आत्मसंतोष हुआ। हम दोनों उसी अवस्था में गहरी नींद में डूब गए।
यही है कामुक पत्नी की अद्भुत चूत को चोदने का आनंद – एक साधारण सुबह जो बेहद खास बन गई। हमारी शादी को सालों बीत गए, लेकिन हमारे बीच का प्यार और जुनून आज भी उतना ही ताजा है जितना पहले दिन था।