कॉलेज कपल की सुहागरात– शादी के बाद चूत और गांड दोनों चोदी

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कॉलेज कपल की सुहागरात – क्या आपने कभी सोचा है कि जब दो कॉलेज लवर्स सालों तक एक-दूसरे को चोदने के बाद आखिरकार शादी करते हैं, तो उनकी सुहागरात कैसी होती है? यह हिंदी सेक्स कहानी कॉलेज कपल की सुहागरात की है जहाँ विक्रांत और तान्या ने शादी के बाद अपनी सबसे खास रात बिताई। लाल साड़ी में सजी दुल्हन तान्या को विक्रांत ने पहले पूरे प्यार से चूमा, उसकी चूत चाटी, लंड चुसवाया, और फिर पति-पत्नी बनकर जोरदार चुदाई की। इतना ही नहीं, सुहागरात के खास तोहफे के तौर पर तान्या ने अपनी गांड भी विक्रांत को दे दी और उसने उसकी गांड में भी अपना माल छोड़ा। अगर आपको शादी, सुहागरात, रोमांटिक और हॉट सेक्स वाली कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ आपके लिए ही है।

भाग 1: कॉलेज कपल की सुहागरात – शादी का जश्न और पहली रात का इंतज़ार

कॉलेज के दिनों से शुरू हुआ हमारा प्यार, पहली बार चूत चुदाई, पहली बार गांड चुदाई — सब कुछ अब एक याद बन चुका था। ग्रेजुएशन खत्म होने के बाद, मैंने और तान्या ने अपने-अपने करियर की शुरुआत की। मैं एक बैंक में जॉब करने लगा, और तान्या ने एक स्कूल में टीचर की नौकरी पकड़ ली। हम दोनों ने मिलकर तय किया कि जब तक हम अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते, शादी नहीं करेंगे। और आखिरकार, तीन साल की मेहनत के बाद, वो दिन आ ही गया।

हमारी शादी का दिन तय हुआ — 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे। इससे रोमांटिक तारीख और क्या हो सकती थी? शादी का पूरा इंतज़ाम हमने खुद किया। तान्या की पसंद का लाल लहंगा, मेरी पसंद की शेरवानी, और एक छोटा सा बैंक्वेट हॉल जहाँ सिर्फ करीबी रिश्तेदार और दोस्त आए। हम बहुत ज़्यादा भीड़-भाड़ नहीं चाहते थे — बस वो लोग जो हमारे लिए सच में मायने रखते थे।

शादी का दिन आ गया। मैं अपनी शेरवानी में तैयार हुआ — हल्के क्रीम कलर की शेरवानी, साथ में लाल पगड़ी। मेरे दोस्त मेरे चारों तरफ थे, मज़ाक कर रहे थे, चिढ़ा रहे थे। “विक्रांत, आज तो तू दुल्हा बना है! तान्या को देखकर संभल जाना, कहीं वहीं न गिर जाना!” मोहित ने मज़ाक किया — हाँ, वही मोहित जिसने कभी तान्या को काली चुड़ैल कहा था। अब वो हमारा सबसे अच्छा दोस्त था और उसे अपनी उस बात पर बहुत शर्मिंदगी थी। उसने हमारी शादी में पूरी मदद की थी।

फिर बारात आई। मैं घोड़ी पर चढ़कर तान्या के घर पहुँचा। जब मैंने तान्या को पहली बार दुल्हन के रूप में देखा, तो मेरी साँसें रुक गईं। वो लाल रंग का भारी लहंगा पहने हुए थी — बिल्कुल दुल्हन जैसी। उसके हाथों में मेहंदी रची हुई थी, माथे पर लाल बिंदी और माँग में सिंदूर भरा हुआ था, गले में कुंदन का भारी हार, और पैरों में चाँदी की पायल। उसके चेहरे पर घूँघट था, लेकिन उस घूँघट के पीछे से भी उसकी साँवली त्वचा और उसकी बड़ी-बड़ी आँखें चमक रही थीं। वो इतनी खूबसूरत लग रही थी कि मैं एक पल के लिए भूल ही गया कि मुझे क्या करना है।

“दुल्हन को देखते रहोगे या फेरे भी लोगे?” पंडित जी ने मुस्कुराकर कहा।

हमने फेरे लिए। सात फेरे, सात वचन। हर फेरे के साथ, मैं तान्या की तरफ देखता और सोचता — ये वही लड़की है जिससे मैंने कॉलेज के पहले दिन प्यार किया था। ये वही लड़की है जिसने मुझे अपनी चूत दी, अपनी गांड दी, और अब अपनी पूरी ज़िंदगी दे रही है। और मैंने भी उसे अपना सब कुछ दिया था।

फेरे खत्म होने के बाद, हम दोनों ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया और मालाएँ पहनाईं। तान्या ने अपना घूँघट हटाया और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई। उसकी वो मुस्कान — वही मुस्कान जो मैंने कॉलेज के पहले दिन देखी थी — आज भी वैसी ही थी। बस अब उसमें एक नई चमक थी, एक नया अपनापन था।

रिसेप्शन पार्टी खत्म हुई, मेहमान चले गए, और रात के 11 बज चुके थे। अब बारी थी उस पल की जिसका हम दोनों बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे — हमारी सुहागरात। हमारी पहली रात पति-पत्नी के रूप में।

हमने एक अच्छे से होटल में सुइट बुक किया था। होटल का स्टाफ हमें हमारे कमरे तक छोड़ गया। कमरे में घुसते ही मैंने देखा कि होटल वालों ने कमरे को हमारी सुहागरात के लिए खास तौर पर सजाया था। बिस्तर पर गुलाब की लाल पंखुड़ियाँ बिछी हुई थीं, हल्की मोमबत्तियाँ जल रही थीं, और हवा में गुलाब की हल्की खुशबू थी। एक तरफ शैंपेन की बोतल और दो ग्लास रखे हुए थे। खिड़की से शहर की लाइटें दिख रही थीं, और पूरा माहौल बहुत ही रोमांटिक था।

तान्या बिस्तर के किनारे पर बैठ गई। वो अब भी अपने लाल लहंगे में थी, उसका घूँघट अब हट चुका था, और उसका चेहरा मोमबत्तियों की रोशनी में चमक रहा था। मैंने दरवाज़ा बंद किया और धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा।

“तान्या… मेरी बीवी,” मैंने फुसफुसाकर कहा। ये शब्द बोलते ही मेरी रूह काँप गई।

“विक्रांत… मेरे पति,” तान्या ने जवाब दिया, और उसकी आवाज़ में प्यार, शरम, और एक गहरी खुशी का मिश्रण था।

मैंने उसके पास बैठकर उसका हाथ पकड़ लिया। उसकी मेंहदी लगी हथेली मेरी हथेली में थी। मैंने धीरे से उसकी मेंहदी पर अपनी उंगली फेरी और फिर उसे अपने होंठों से छू लिया।

“पता है, कॉलेज के पहले दिन जब मैंने तुम्हें देखा था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन तुम मेरी बीवी बनोगी,” मैंने कहा।

“और मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन तुम मेरे पति बनोगे,” तान्या ने मुस्कुराकर कहा। “लेकिन अब… अब मैं दुनिया की सबसे खुश औरत हूँ।”

भाग 2: कॉलेज कपल की सुहागरात – दुल्हन की लाल साड़ी उतरी और सुहागरात की शुरुआत

मैंने तान्या का चेहरा अपने हाथों में लिया और उसकी आँखों में देखा। उसकी आँखों में प्यार था — गहरा, सच्चा, और सिर्फ मेरे लिए। फिर मैंने धीरे से उसके माथे पर एक चुम्बन दिया — वहाँ जहाँ सिंदूर भरा हुआ था। फिर उसकी पलकों पर, उसकी नाक पर, उसके गालों पर, और आखिर में उसके होंठों पर।

हमारा पहला किस पति-पत्नी के रूप में — ये बिल्कुल अलग था। ये सिर्फ जुनून नहीं था, ये सिर्फ हवस नहीं थी। ये एक वादा था, एक अधिकार था, एक दूसरे के प्रति पूर्ण समर्पण था। हमारी जीभें आपस में मिल गईं, और हम एक-दूसरे में खो गए। तान्या ने अपनी बाहें मेरी गर्दन में डाल दीं और मुझे अपनी तरफ खींच लिया। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके होंठों को चूसने लगा। हम दोनों की साँसें तेज़ हो गईं, और कमरे का तापमान जैसे अचानक बढ़ गया।

किस करते-करते, मैंने तान्या के लहंगे की डोरी खोलनी शुरू की। लेकिन दुल्हन का लहंगा इतना भारी और जटिल था कि मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी। तान्या मेरी कोशिशों पर मुस्कुरा रही थी। “रुको, मैं मदद करती हूँ,” उसने कहा और अपनी पीठ के पीछे हाथ ले जाकर डोरी ढीली की। लहंगा ढीला हुआ और मैंने उसे धीरे-धीरे नीचे सरकाया। लाल लहंगा ज़मीन पर गिर गया — एक बड़े से ढेर की तरह।

अब तान्या सिर्फ अपने ब्लाउज और पेटीकोट में थी। उसका ब्लाउज भी लाल रंग का था, जिस पर सुनहरी कढ़ाई की गई थी। पेटीकोट भी लाल रंग का था — बिल्कुल दुल्हन जैसा। मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले — एक-एक करके, बहुत धीरे-धीरे, हर बटन के साथ उसकी त्वचा का एक नया हिस्सा सामने आ रहा था। ब्लाउज उतर गया, और उसने लाल रंग की ब्रा पहनी हुई थी — बिल्कुल दुल्हन जैसी। उसके 32 इंच के स्तन ब्रा के अंदर से झाँक रहे थे।

“तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो,” मैंने फुसफुसाकर कहा।

“और तुम अभी भी अपनी शेरवानी में हो,” तान्या ने शरारत से कहा। “चलो, ये भी उतारो।”

मैंने अपनी शेरवानी उतारी, फिर अपनी कमीज़, फिर अपनी पैंट। कुछ ही पलों में मैं सिर्फ अपने अंडरवियर में था। तान्या ने मेरी छाती पर हाथ फेरा और मेरी मांसपेशियों को महसूस किया। “मेरे पति का शरीर… कितना मजबूत है,” उसने फुसफुसाया।

फिर मैंने तान्या का पेटीकोट उतारा, और अब वो सिर्फ अपनी लाल ब्रा और लाल पैंटी में थी — बिल्कुल सुहागरात की दुल्हन जैसी। उसकी साँवली त्वचा लाल कपड़ों के साथ और भी खूबसूरत लग रही थी। मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर झुक गया।

मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके स्तन आज़ाद हो गए — वही 32 इंच के स्तन, वही गहरे भूरे रंग के निप्पल, जो अब सख्त और उभरे हुए थे। मैंने तुरंत एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा। तान्या ने अपनी कमर उठा दी और कराह उठी — “आह… विक्रांत… मेरे पति…”

मैंने बारी-बारी से दोनों स्तनों को चूसा, उन्हें मसला, उन पर किस किया। तान्या की साँसें तेज़ हो रही थीं, और वो अपनी उंगलियाँ मेरे बालों में फेर रही थी। फिर मैंने उसकी पैंटी उतार दी। अब तान्या पूरी तरह नंगी थी — उसकी साँवली त्वचा, उसके उभरे हुए स्तन, उसकी पतली कमर, उसके गोल-मटोल कूल्हे, और उसकी चूत — जो अब गीली हो चुकी थी। बिस्तर पर बिखरी गुलाब की पंखुड़ियों पर उसका नंगा शरीर ऐसा लग रहा था जैसे कोई अप्सरा स्वर्ग से उतरी हो।

“अब तुम,” तान्या ने कहा और मेरा अंडरवियर उतार दिया। मेरा 7.5+ इंच का लंड बाहर आ गया — पूरी तरह खड़ा, मोटा, और सुहागरात की चुदाई के लिए तैयार। तान्या ने उसे देखा और मुस्कुराई। “मेरे पति का लंड… आज फिर से मेरे लिए तैयार है।”

भाग 3: कॉलेज कपल की सुहागरात – चूत चाटी, लंड चूसा और पहली बार पति-पत्नी बनकर चोदा

“आज हम पति-पत्नी हैं,” मैंने तान्या की आँखों में देखते हुए कहा। “आज की चुदाई हमारी ज़िंदगी की सबसे खास चुदाई होगी।”

“हाँ… आज मैं तुम्हारी बीवी हूँ। पूरी तरह से,” तान्या ने जवाब दिया।

मैंने तान्या को बिस्तर पर आराम से लिटा दिया और उसकी टाँगें फैला दीं। उसकी चूत मेरे सामने थी — गीली, गर्म, और तैयार। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी और उसे चाटना शुरू कर दिया। तान्या कराह उठी — “आह… पति जी… आप मेरी चूत चाट रहे हैं…”

“हाँ, और बहुत अच्छे से चाटूँगा,” मैंने कहा और अपनी जीभ को और तेज़ी से चलाने लगा।

मैंने उसकी चूत के होंठों को चूसा, उसके क्लिट पर अपनी जीभ से गोल-गोल घुमाया, और अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। तान्या की चूत अब भी उतनी ही टाइट थी जितनी पहली बार थी — शायद इसलिए क्योंकि पिछले कुछ महीनों से हम शादी की तैयारियों में इतने व्यस्त थे कि ठीक से मिल नहीं पाए थे। मैंने अपनी उंगली को अंदर-बाहर किया और अपनी जीभ से उसके क्लिट को चाटता रहा।

करीब 10 मिनट तक मैंने उसकी चूत चाटी। इस दौरान तान्या दो बार झड़ गई — उसकी चूत से पानी निकल रहा था, जिसे मैंने पूरा पी लिया। “तुम्हारी चूत का रस… मेरे लिए अमृत है,” मैंने कहा।

फिर हम 69 पोज़िशन में आ गए। तान्या ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड की नसों पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड को कसकर पकड़ रहे थे। मैंने भी उसकी चूत को चाटा और अपनी दो उंगलियाँ उसमें डाल दीं। हम दोनों एक-दूसरे को पूरे जोश से चूस और चाट रहे थे।

“अब… अब मैं तुम्हारी चूत चोदूँगा,” मैंने कहा।

“हाँ… चोदो मुझे… अपनी बीवी को चोदो…” तान्या ने कराहते हुए कहा।

मैं तान्या के ऊपर आ गया — मिशनरी पोज़िशन में। मैंने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और अपना लंड उसकी चूत के द्वार पर लगाया। तान्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं और अपने होंठों को दाँतों से दबा लिया।

“आज हम पति-पत्नी बनकर चोदेंगे,” मैंने फुसफुसाकर कहा और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।

मेरा लंड उसकी चूत में सरक गया — इस बार कोई दर्द नहीं, कोई रुकावट नहीं। तान्या की चूत गीली थी, और मेरा लंड आसानी से अंदर चला गया। “आह… पूरा अंदर…” तान्या कराह उठी।

“हाँ, मेरी बीवी… तुम्हारी चूत में मेरा लंड…”

मैंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया — पहले बहुत धीरे, फिर थोड़ा तेज़। तान्या अपनी कमर उठा-उठाकर मेरा साथ दे रही थी। हर धक्के के साथ मैं उसकी आँखों में देखता, उसके होंठों पर किस करता, और उससे प्यार करता। ये सिर्फ चुदाई नहीं थी — ये हमारी सुहागरात थी, हमारी पहली रात पति-पत्नी के रूप में।

करीब 20 मिनट तक मैंने उसे मिशनरी पोज़िशन में चोदा। तान्या तीन बार झड़ गई — हर बार उसकी चूत मेरे लंड को कसकर जकड़ लेती। फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में घुमाया। तान्या अपने हाथों और घुटनों पर आ गई — उसकी गोल-मटोल गांड हवा में उठी हुई थी। मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाला और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा।

“हाँ… हाँ… और ज़ोर से… पति जी… मुझे चोदो…” तान्या चीख रही थी।

डॉगी स्टाइल में 15 मिनट तक चोदने के बाद, हमने काउगर्ल पोज़िशन ट्राई की। तान्या मेरे ऊपर चढ़ गई और अपनी चूत मेरे लंड पर सरकाकर बैठ गई। उसने अपनी कमर को हिलाना शुरू किया — कभी आगे-पीछे, कभी ऊपर-नीचे। मेरे लंड पर उसकी चूत का नज़ारा बहुत ही कामुक था। उसके स्तन मेरी आँखों के सामने उछल रहे थे, और मैं उन्हें पकड़-पकड़कर चूस रहा था।

“अब मैं झड़ने वाला हूँ, तान्या… तुम्हारी चूत में…” मैंने कराहते हुए कहा।

“हाँ… मेरी चूत में… अपनी बीवी की चूत में माल छोड़ो… मुझे गर्भवती करो…” तान्या चीख उठी।

और फिर — मैंने अपना सारा माल तान्या की चूत के अंदर छोड़ दिया। गर्म, गाढ़ा, बहुत सारा माल — सब कुछ उसकी चूत में भर गया। तान्या मेरी छाती पर गिर गई और हम दोनों हाँफते रहे।

भाग 4: कॉलेज कपल की सुहागरात – गांड चुदाई और सुहागरात का खास तोहफा

करीब आधे घंटे के आराम के बाद, मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। तान्या ने उसे देखा और मुस्कुराई। “फिर से?”

“हाँ… लेकिन इस बार… तुम्हारी गांड में,” मैंने कहा।

तान्या की आँखें चौड़ी हो गईं। “गांड? सुहागरात पर?”

“हाँ… ये तुम्हारा सुहागरात का तोहफा होगा मुझे। और मेरा तुम्हें।”

तान्या थोड़ी देर चुप रही, फिर बोली — “ठीक है। लेकिन पहले सफाई करनी पड़ेगी।”

“ज़रूर। चलो बाथरूम में।”

हम दोनों बाथरूम में गए। इस बार भी मैंने वही प्रक्रिया दोहराई — जेट स्प्रे से गर्म पानी से तान्या की गांड की अंदरूनी सफाई की। तान्या ने उकड़ू बैठकर ज़ोर लगाया और पानी को अंदर जाने और बाहर निकलने दिया। करीब 10 मिनट की सफाई के बाद, उसकी गांड बिल्कुल साफ थी। हमने फिर शॉवर लिया, एक-दूसरे को साबुन लगाया, और फिर बेडरूम में लौट आए।

बेडरूम में आकर मैंने नारियल तेल और लुब्रिकेंट निकाला। मैंने तान्या को बिस्तर पर औंधा लिटाया और उसकी गांड पर ढेर सारा तेल लगाया। फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी गांड को चाटा — गोल-गोल, अंदर तक। तान्या कराह रही थी — “आह… पति जी… आप मेरी गांड चाट रहे हैं…”

“हाँ, और अब तुम्हारी गांड मेरा लंड लेगी।”

मैंने अपनी उंगलियों से उसकी गांड को ढीला किया — पहले एक उंगली, फिर दो उंगलियाँ। तान्या ने दर्द से कराह भरी, लेकिन फिर धीरे-धीरे सहज हो गई। फिर मैंने अपने लंड पर ढेर सारा तेल और लुब्रिकेंट लगाया और उसकी गांड के छेद पर लगाया।

“तैयार हो, मेरी बीवी। अब तुम्हारी गांड मेरा लंड लेगी।”

मैंने बहुत धीरे-धीरे अपना लंड उसकी गांड में डाला। टोपा अंदर गया, तान्या चीख उठी — “आआआह… दर्द… पति जी…”

“चाहो तो निकाल लूँ?” मैंने पूछा।

“नहीं… रुको… मुझे एडजस्ट करने दो…”

कुछ मिनटों के बाद, मेरा पूरा 7.5+ इंच का लंड तान्या की गांड में समा गया। और फिर मैंने उसकी गांड चोदी — पहले धीरे-धीरे, फिर तेज़, फिर बहुत तेज़। तान्या चीख रही थी, कराह रही थी, और बार-बार झड़ रही थी।

“ये मेरा सुहागरात का तोहफा है, तान्या… तुम्हारी गांड… मेरे लिए…” मैंने गुर्राकर कहा।

“हाँ… और ये मेरा तोहफा है तुम्हें… मेरी गांड…” तान्या ने जवाब दिया।

गांड चुदाई के करीब 15 मिनट बाद, मैंने अपना माल तान्या की गांड में छोड़ दिया। इस बार का माल और भी ज़्यादा था, और भी गाढ़ा था।

भाग 5: कॉलेज कपल की सुहागरात – पूरी रात चुदाई, मॉर्निंग सेक्स और हमेशा का प्यार

गांड चुदाई के बाद हम दोनों थककर बिस्तर पर गिर गए। तान्या की चूत और गांड दोनों से मेरा माल बाहर बह रहा था, लेकिन हमें कोई परवाह नहीं थी। हम एक-दूसरे से लिपटकर लेटे रहे, एक-दूसरे की धड़कनें सुनते रहे।

थोड़ी देर बाद, हमने फिर से चुदाई की — इस बार स्पून पोज़िशन में, करवट लेकर, बहुत धीरे-धीरे और प्यार से। रात भर हमने कई बार चुदाई की — कम से कम 5 बार। हर बार एक अलग पोज़िशन, हर बार एक अलग एहसास।

सुबह जब हमारी नींद खुली, तो सूरज की किरणें खिड़की से कमरे में आ रही थीं। तान्या मेरी बाँहों में सिमटी हुई थी — मेरी बीवी, मेरी पत्नी, मेरी ज़िंदगी। उसकी साँवली त्वचा सुबह की रोशनी में सोने की तरह चमक रही थी। उसके चेहरे पर कल रात की थकान और संतुष्टि साफ दिख रही थी। उसकी माँग में सिंदूर अब भी था, हालाँकि थोड़ा फैल गया था। उसके गले में मंगलसूत्र अब भी था, जो कल रात की जोरदार चुदाई के बावजूद नहीं उतरा था।

मैंने उसके माथे पर एक हल्का सा किस किया, और वो जाग गई। “गुड मॉर्निंग, मेरी बीवी,” मैंने फुसफुसाया।

“गुड मॉर्निंग, मेरे पति,” तान्या ने मुस्कुराकर कहा।

और फिर… हमने सुबह की चुदाई की। मॉर्निंग सेक्स — सुहागरात के बाद की सुबह का सेक्स। इस बार हमने बहुत धीरे-धीरे, बहुत प्यार से चोदा। मैंने तान्या को मिशनरी पोज़िशन में लिटाया और उसकी चूत में अपना लंड डालकर बहुत धीरे-धीरे चोदा। हर धक्के के साथ मैं उसके होंठों पर किस करता, उसकी आँखों में देखता, और उससे कहता — “आई लव यू, मेरी बीवी।”

“आई लव यू टू, मेरे पति,” तान्या जवाब देती।

करीब 20 मिनट की इस प्यार भरी चुदाई के बाद, हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा माल उसकी चूत में भर गया, और तान्या का रस मेरे लंड पर बह गया।

चुदाई के बाद, हम दोनों ने साथ में शॉवर लिया, एक-दूसरे को धोया, और फिर होटल के रेस्टोरेंट में जाकर साथ में नाश्ता किया। नाश्ते की टेबल पर बैठकर, तान्या ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा — “पता है, कॉलेज कपल की सुहागरात … ये मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत रात थी।”

“मेरी भी,” मैंने कहा। “और ये तो सिर्फ शुरुआत है, तान्या। अभी तो हमें पूरी ज़िंदगी साथ बितानी है। हर रात हमारी सुहागरात होगी।”

तान्या मुस्कुराई, और उस मुस्कान में हमारा पूरा प्यार, हमारी पूरी ज़िंदगी, और हमारी हर आने वाली रात का वादा था।

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