कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई – क्या आपने कभी सोचा है कि जब एक कॉलेज कपल पहली बार गांड चुदाई करता है तो कितनी तैयारी, कितनी सफाई, और कितना प्यार लगता है? यह हिंदी सेक्स कहानी कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई की है जहाँ विक्रांत ने अपनी गर्लफ्रेंड तान्या को पहले बाथरूम में ले जाकर जेट स्प्रे और गर्म पानी से उसकी गांड की अंदरूनी सफाई की, फिर अपनी जीभ और उंगलियों से तैयार किया, ढेर सारा तेल लगाया, और फिर अपने 7.5+ इंच के मोटे लंड से उसकी टाइट, कुंवारी गांड की चुदाई की। डॉगी स्टाइल, काउगर्ल, और स्पून पोज़िशन में गांड चोदकर उसने तान्या को पूरी रात रगड़ डाला और उसकी गांड में ही माल छोड़ दिया। अगर आपको पहली गांड चुदाई, सफाई की तैयारी, तेल मालिश, और हॉट एनल सेक्स वाली कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ आपके लिए ही है।
भाग 1: कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई – दोबारा घर पर अकेले मिलने का मौका
पहली चुदाई के तीन दिन जैसे पलक झपकते ही बीत गए थे। मम्मी-पापा वापस आ गए थे, और तान्या भी अपने घर चली गई थी। लेकिन उन तीन दिनों की यादें हम दोनों के दिलों में ताज़ा थीं — हर वो पल, हर वो स्पर्श, हर वो कराह। अब हमारी अंतिम परीक्षाएँ भी खत्म हो चुकी थीं, और कॉलेज की आखिरी छुट्टियाँ चल रही थीं। रिजल्ट आने में अभी एक महीना बाकी था, और हम दोनों के पास ढेर सारा खाली समय था।
पहली चुदाई के बाद से हमारा रिश्ता और भी गहरा हो गया था। अब हम फोन पर सिर्फ “आई लव यू” नहीं कहते थे — बल्कि हम एक-दूसरे को विस्तार से बताते कि हमने क्या-क्या किया, कैसा लगा, और अगली बार क्या-क्या करना चाहते हैं। तान्या अब पहले से ज़्यादा खुल गई थी। वो खुद फोन पर कहती — “पता है, उस दिन जब तुमने मुझे डॉगी स्टाइल में चोदा था… मुझे बहुत अच्छा लगा था।” और फिर मैं उससे कहता — “अगली बार मैं तुम्हारी गांड चोदूँगा।”
पहली बार जब मैंने ये कहा, तो तान्या चुप हो गई। फिर धीरे से बोली — “गांड? वहाँ तो बहुत दर्द होता है ना?”
“हाँ, थोड़ा दर्द तो होता है। लेकिन बाद में बहुत मज़ा आता है। मैंने सुना है,” मैंने कहा। “और मैं बहुत धीरे-धीरे करूँगा। बहुत प्यार से।”
तान्या कुछ देर चुप रही, फिर बोली — “देखते हैं… अगर मौका मिला तो। लेकिन एक बात बोलूँ… मैंने सुना है कि गांड चुदाई से पहले बहुत सारी तैयारी करनी पड़ती है। सफाई वगैरह।”
“हाँ, मैंने भी सुना है। मैं पूरा इंतज़ाम करूँगा। तुम बस आना,” मैंने भरोसे भरी आवाज़ में कहा।
और मौका मिल गया। मेरे मम्मी-पापा को फिर से बाहर जाना था — इस बार किसी रिश्तेदार के यहाँ, और वो दो दिन के लिए जा रहे थे। जैसे ही मुझे पता चला, मैंने तुरंत तान्या को मैसेज किया — “मम्मी-पापा फिर से जा रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार। आ रही है?”
तान्या का रिप्लाई आया — एक स्माइली इमोजी और साथ में लिखा था — “आ रही हूँ। और इस बार… तैयार रहना।”
मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा। “तैयार रहना” का क्या मतलब था? क्या वो सच में गांड चुदाई के लिए तैयार थी? मैंने पूरी तैयारी कर ली। मैंने मेडिकल स्टोर से एक अच्छा सा लुब्रिकेंट खरीदा — वाटर बेस्ड, बिना खुशबू वाला, ताकि कोई एलर्जी न हो। मैंने नारियल का तेल भी रख लिया, क्योंकि सुना था कि प्राकृतिक तेल गांड के लिए बहुत अच्छा होता है। मैंने अपना बेडरूम साफ किया, ताज़ी चादर बिछाई, और एसी ठीक करवाया। मैंने बाथरूम को भी अच्छी तरह से धोया, जेट स्प्रे को चेक किया कि ठीक से काम कर रहा है या नहीं, और गर्म पानी का गीज़र भी ऑन कर दिया।
शुक्रवार की सुबह, मम्मी-पापा चले गए। और दोपहर 2 बजे तान्या आ गई। इस बार उसने थोड़े टाइट जींस और एक हल्के गुलाबी रंग का कुर्ता पहना था। उसके बाल खुले हुए थे, और उसने हल्की सी लिपस्टिक लगाई थी — हल्का गुलाबी। उसके हाथ में एक छोटा सा बैग था। वो दरवाज़े पर खड़ी थी, और मैं उसे देखता ही रह गया।
“अंदर तो आने दो,” उसने मुस्कुराकर कहा।
मैंने उसे अंदर खींच लिया और दरवाज़ा बंद करते ही उसे ज़ोर से गले लगा लिया। “कितना मिस कर रहा था तुझे,” मैंने उसके बालों में मुँह छिपाकर कहा।
“मैं भी,” उसने फुसफुसाकर कहा और मेरी छाती से चिपक गई।
हमने पहले साथ में खाना खाया — तान्या ने फिर से अपने हाथों से पंजाबी खाना बनाया, इस बार छोले भटूरे। खाने के बाद हमने कुछ देर बातें कीं — कॉलेज की, रिजल्ट की, और अपने भविष्य की। फिर शाम होते-होते, हम दोनों बेडरूम में चले गए। लेकिन बेडरूम में जाने से पहले, मैंने तान्या का हाथ पकड़ा और उसे सीधे बाथरूम की तरफ ले गया।
“पहले तुम्हारी गांड की सफाई करनी है,” मैंने प्यार से कहा।
तान्या थोड़ी शरमा गई, लेकिन उसने सिर हिलाकर हाँ कर दी। “ठीक है… लेकिन तुम बाहर रहना।”
“नहीं, मैं अंदर ही रहूँगा। मैं तुम्हारी मदद करूँगा,” मैंने कहा। “इसमें शरमाने की कोई बात नहीं है। हम एक-दूसरे के हैं।”
तान्या ने एक गहरी साँस ली और फिर धीरे से मुस्कुराई। “ठीक है।”
भाग 2: कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई – बाथरूम में जेट स्प्रे और पानी से गांड की अंदरूनी सफाई
हम दोनों बाथरूम में गए। मेरे घर का बाथरूम काफी बड़ा और साफ-सुथरा था — सफेद टाइल्स, एक बड़ा शीशा, और वॉशबेसिन के पास जेट स्प्रे लगा हुआ था। मैंने पहले से ही गर्म पानी का गीज़र ऑन कर रखा था, और बाथरूम में हल्की भाप भरी हुई थी। मैंने जेट स्प्रे को चेक किया — पानी का प्रेशर ठीक था, न ज़्यादा तेज़, न ज़्यादा धीमा। मैंने पानी को हल्का गर्म किया ताकि तान्या को ठंड न लगे।
“ठीक है, अब अपने कपड़े उतारो,” मैंने प्यार से कहा।
तान्या ने शरमाते हुए अपना कुर्ता उतारा, फिर अपनी जींस। अब वो सिर्फ अपनी ब्रा और पैंटी में थी। मैंने भी अपनी शर्ट और जींस उतार दी, और सिर्फ अपने अंडरवियर में रह गया।
“पैंटी भी उतारनी पड़ेगी,” मैंने कहा।
तान्या ने अपनी पैंटी उतारी और एक तरफ रख दी। अब वो सिर्फ ब्रा में थी — नीचे से पूरी तरह नंगी। उसकी साँवली जाँघें, उसके गोल-मटोल कूल्हे, और उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल — सब कुछ बाथरूम की रोशनी में साफ दिख रहा था।
“अब पश्चिमाभिमुख होकर बैठो — उकड़ू बैठो, जैसे भारतीय टॉयलेट में बैठते हैं,” मैंने समझाया। “इससे तुम्हारी गांड का छेद खुल जाएगा और पानी आसानी से अंदर जाएगा।”
तान्या ने वैसा ही किया। वो बाथरूम के फर्श पर उकड़ू बैठ गई — उसके घुटने मुड़े हुए थे, और उसकी गांड नीचे की तरफ थी। मैंने जेट स्प्रे उठाया और उसकी गांड के पास ले गया।
“ठंडा तो नहीं है पानी?” मैंने पूछा।
“नहीं, बिल्कुल ठीक है… हल्का गर्म है…”
मैंने जेट स्प्रे की धार को तान्या की गांड के छेद पर लगाया। पानी की हल्की धार उसकी गांड के छेद पर पड़ रही थी। तान्या का शरीर हल्का सा काँपा, लेकिन वो चुप रही। मैंने धीरे-धीरे जेट स्प्रे को उसकी गांड के छेद के करीब लाया और पानी की धार को अंदर जाने दिया।
“आह… अंदर जा रहा है…” तान्या ने कहा।
“हाँ, यही तो करना है। इससे तुम्हारी गांड अंदर से साफ हो जाएगी। जब तक पानी साफ न निकले, तब तक करना पड़ेगा।”
मैंने जेट स्प्रे को कुछ देर तक वहीं रखा। पानी तान्या की गांड के अंदर जा रहा था और फिर बाहर निकल रहा था। शुरू में पानी हल्का गंदा निकला, लेकिन धीरे-धीरे साफ होता गया। तान्या बीच-बीच में ज़ोर लगाती, जैसे उसने मुझे बताया था कि इससे गांड का छेद खुलता है और पानी अंदर तक जाता है।
“अब पानी साफ आ रहा है,” मैंने करीब 5 मिनट बाद कहा। “अब तुम ज़ोर लगाकर सारा पानी बाहर निकाल दो।”
तान्या ने ज़ोर लगाया और उसकी गांड से सारा पानी बाहर आ गया। मैंने फिर से जेट स्प्रे से पानी डाला, और इस बार भी पानी बिल्कुल साफ निकला।
“अब एक बार और,” मैंने कहा और तीसरी बार जेट स्प्रे से उसकी गांड में पानी डाला। इस बार भी पानी बिल्कुल साफ निकला।
“हो गया। अब तुम्हारी गांड बिल्कुल साफ है,” मैंने मुस्कुराकर कहा।
तान्या ने राहत की साँस ली। “अच्छा किया जो तुमने ये किया। मुझे अकेले करने में बहुत शरम आती।”
“इसमें शरमाने की क्या बात है? हम एक-दूसरे के हैं। और गांड चुदाई से पहले सफाई बहुत ज़रूरी है — नहीं तो इन्फेक्शन हो सकता है।”
इसके बाद मैंने तान्या को खड़ा किया और शॉवर चालू कर दिया। गर्म पानी की बौछारें हम दोनों पर पड़ने लगीं। मैंने साबुन लगाकर तान्या के पूरे शरीर को धोया — उसकी पीठ, उसके कंधे, उसकी बाहें, उसका पेट, उसकी जाँघें, और हाँ, उसकी गांड भी। मैंने उसकी गांड के चारों तरफ साबुन लगाया और अपने हाथों से साफ किया। तान्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं और मेरे स्पर्श का आनंद लेने लगी।
“अब तुम एकदम साफ और तैयार हो,” मैंने शॉवर बंद करते हुए कहा।
मैंने तान्या को तौलिये से पोंछा — पहले उसके बाल, फिर उसके कंधे, फिर उसकी पीठ, फिर उसके स्तन, उसका पेट, उसकी जाँघें, और आखिर में उसकी गांड। तान्या बस खड़ी रही और मुझे अपना ख्याल रखने देती रही।
फिर हम दोनों बाथरूम से बाहर निकले और बेडरूम में चले गए।
भाग 3: कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई – गांड की तैयारी, चूत चाटी और लंड चूसा
बेडरूम का माहौल बिल्कुल रोमांटिक था। मैंने हल्की लाइट जला रखी थी, एसी चल रहा था, और खिड़की से शाम की हल्की रोशनी आ रही थी। तान्या बिस्तर पर बैठी थी — अब भी नंगी, बस अपनी ब्रा पहने हुए। मैंने भी अपना अंडरवियर उतार फेंका और पूरी तरह नंगा हो गया।
“अब तुम्हारी गांड बिल्कुल साफ है। अब हम इसे तैयार करेंगे — बहुत धीरे-धीरे, बहुत प्यार से,” मैंने कहा।
मैंने तान्या को बिस्तर पर औंधा लिटा दिया। उसकी गोल-मटोल, चिकनी गांड हवा में उठी हुई थी — दोनों चूतड़ बिल्कुल सटे हुए, और उनके बीच की दरार में उसकी गांड का साफ, गुलाबी छेद छुपा हुआ था। अभी-अभी जेट स्प्रे और गर्म पानी से साफ होने के कारण उसकी गांड का छेद थोड़ा खुला हुआ और मुलायम था। मैंने पहले अपने हाथों से उसकी गांड को सहलाया — दोनों चूतड़ों पर हाथ फेरा, उन्हें हल्के से दबाया, और उसकी मुलायमियत को महसूस किया। तान्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं और धीमी-धीमी साँसें लेने लगी।
“सबसे पहले, मैं तुम्हारी गांड चाटूँगा,” मैंने फुसफुसाकर कहा।
“क्या? अभी तो हमने अभी-अभी सफाई की है… वो भी ठीक रहेगा?” तान्या ने थोड़ी झिझक के साथ पूछा।
“बिल्कुल ठीक रहेगा। तुम्हारी गांड अब एकदम साफ है। और रिमिंग से गांड का छेद गीला और मुलायम हो जाता है, और दर्द कम होता है।”
मैंने उसकी गांड के दोनों चूतड़ों को फैलाया और उसका गांड का छेद मेरे सामने था — एक छोटा सा, गुलाबी, सिकुड़ा हुआ छेद, जो अब साफ और ताज़ा था। नहाने के बाद उसकी त्वचा से हल्की साबुन की खुशबू आ रही थी। मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और उसके गांड के छेद पर रख दी। तान्या का शरीर झटके से काँप उठा — “आह… विक्रांत… ये क्या…”
मैंने अपनी जीभ से उसके गांड के छेद को गोल-गोल चाटना शुरू कर दिया। मेरी जीभ उसकी गांड की सिलवटों पर घूम रही थी, उसे गीला कर रही थी, उसे मुलायम कर रही थी। तान्या लगातार कराह रही थी — “उम्म्ह… आह… ये तो बहुत अलग एहसास है…” मैंने अपनी जीभ को और अंदर धकेलने की कोशिश की, और तान्या की कराह और तेज़ हो गई।
करीब 5 मिनट तक मैंने उसकी गांड को चाटा। फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर ले गया और उसे भी चाटने लगा। तान्या की चूत पहले से ही गीली थी — मेरे गांड चाटने से वो बहुत हॉर्नी हो गई थी। मैंने बारी-बारी से उसकी चूत और गांड को चाटा — पहले चूत, फिर गांड, फिर चूत, फिर गांड। तान्या पागल हो रही थी।
“अब तुम मेरा लंड चूसो,” मैंने कहा और हम 69 पोज़िशन में आ गए।
इस बार तान्या ने बिना किसी झिझक के मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड की नसों पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड को कसकर पकड़ रहे थे। मैंने भी उसकी चूत को चाटा और उसमें एक उंगली डाल दी। तान्या कराह रही थी, लेकिन उसने मेरा लंड चूसना नहीं छोड़ा।
“आज तो तुम बहुत ज़ोर से चूस रही हो,” मैंने कहा।
“क्योंकि आज तुम मेरी गांड चोदोगे… मैं चाहती हूँ कि तुम पूरी तरह खुश हो। और मेरी गांड अब बिल्कुल साफ है — तुमने इतनी मेहनत से सफाई की है,” उसने जवाब दिया।
करीब 10 मिनट तक हम 69 पोज़िशन में रहे। इस दौरान तान्या दो बार झड़ गई — उसकी चूत से पानी निकल रहा था, जिसे मैंने पूरा पी लिया।
भाग 4: कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई – उंगली से गांड ढीली की और धीरे-धीरे लंड डाला
अब तान्या पूरी तरह तैयार थी — उसकी चूत गीली थी, उसकी गांड का छेद मेरी जीभ से गीला और मुलायम हो चुका था, और उसका शरीर पूरी तरह रिलैक्स था। लेकिन गांड चुदाई के लिए सिर्फ इतना काफी नहीं था। मुझे उसकी गांड को और ढीला करना था।
मैंने नारियल तेल की बोतल उठाई और अपनी हथेली में ढेर सारा तेल लिया। तेल हल्का गर्म था, और उसमें से नारियल की मीठी खुशबू आ रही थी। मैंने तेल को अपनी हथेलियों में रगड़कर और गर्म किया, और फिर तान्या की गांड पर लगाना शुरू कर दिया। मैंने उसकी पूरी गांड पर तेल लगाया — दोनों चूतड़ों पर, उनके बीच की दरार पर, और गांड के छेद पर। तेल से उसकी साँवली त्वचा और भी चमकने लगी।
“अब मैं एक उंगली डालूँगा, ठीक है? बहुत धीरे-धीरे,” मैंने कहा।
तान्या ने घबराई हुई आवाज़ में कहा — “ठीक है… लेकिन बहुत धीरे करना।”
मैंने अपनी तर्जनी उंगली पर ढेर सारा तेल लगाया और उसे तान्या के गांड के छेद पर रखा। मैंने बहुत हल्के से दबाव डाला। तान्या का छेद इतना टाइट था कि मेरी उंगली अंदर नहीं जा पा रही थी। मैंने और तेल लगाया और फिर से कोशिश की। इस बार मेरी उंगली का सिरा धीरे-धीरे अंदर सरक गया। तान्या ने एक गहरी साँस ली और अपनी मुट्ठियाँ भींच लीं।
“आह… अंदर गई?” उसने पूछा।
“हाँ, बस थोड़ी सी। दर्द हो रहा है?”
“थोड़ा… लेकिन ठीक है… धीरे-धीरे करो…”
मैंने अपनी उंगली को बहुत धीरे-धीरे अंदर सरकाया। एक इंच, फिर दो इंच। तान्या की गांड की मांसपेशियाँ मेरी उंगली को कसकर पकड़ रही थीं। मैंने उंगली को अंदर-बाहर करना शुरू किया — बहुत धीरे-धीरे, बहुत सावधानी से।
“अब ठीक लग रहा है?” मैंने पूछा।
“हाँ… पहले से बेहतर… थोड़ा अजीब सा लग रहा है… लेकिन बुरा नहीं…”
मैंने और तेल लगाया और इस बार अपनी बीच वाली उंगली भी अंदर डालने की कोशिश की। करीब 10 मिनट तक मैंने उसकी गांड को उंगलियों से तैयार किया। फिर मैंने अपनी उंगलियाँ बाहर निकालीं और अपने लंड पर ढेर सारा तेल और लुब्रिकेंट लगाया।
“अब मैं अपना लंड डालूँगा,” मैंने कहा। “तुम बस आराम से रहना।”
मैंने अपने लंड का टोपा उसके गांड के छेद पर लगाया और बहुत धीरे-धीरे अंदर सरकाने लगा। टोपा अंदर गया। तान्या चीख उठी — “आआआह… विक्रांत… दर्द हो रहा है…”
मैं तुरंत रुक गया। “निकाल लूँ?”
“नहीं… नहीं… बस ऐसे ही रुको… मुझे एडजस्ट करने दो…”
दो मिनट बाद — “अब… अब थोड़ा और… धीरे से…”
ऐसे करते-करते, करीब 10 मिनट में, मेरा पूरा 7.5+ इंच का लंड तान्या की गांड के अंदर चला गया।
“हो गया… पूरा अंदर है…” मैंने फुसफुसाया।
तान्या की आँखों से आँसू निकल रहे थे, लेकिन वो मुस्कुरा रही थी। “पूरा? तुम्हारा पूरा लंड मेरी गांड में है? तुम्हारी मेहनत रंग लाई… सफाई से लेकर अब तक…”
“हाँ, जानेमन। पूरा। और तुम्हारी गांड ने मेरा पूरा लंड ले लिया।”
भाग 5: कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई – डॉगी स्टाइल, काउगर्ल, माल और प्यार भरी नींद
जब तान्या पूरी तरह से सहज हो गई, तो मैंने धीरे-धीरे अपनी कमर को हिलाना शुरू किया। पहले बहुत धीरे — बस एक इंच अंदर, एक इंच बाहर। तान्या कराह रही थी, लेकिन अब उसकी कराह में दर्द नहीं था — सिर्फ आनंद था।
“हाँ… अब ठीक लग रहा है… और करो…” उसने कहा।
मैंने अपनी रफ्तार थोड़ी बढ़ा दी। अब मैं उसकी गांड को ठीक से चोद रहा था। मेरा लंड उसकी गांड में अंदर-बाहर हो रहा था, और हर बार जब मैं अंदर जाता, तान्या की साँसें रुक जातीं।
“तुम्हारी गांड बहुत टाइट है, तान्या… बहुत मज़ा आ रहा है…” मैंने कराहते हुए कहा।
“हाँ… मुझे भी… पहले बहुत दर्द हुआ… लेकिन तुम्हारी वजह से… सफाई से लेकर अब तक… सब कुछ परफेक्ट रहा…”
डॉगी स्टाइल में करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद, हमने काउगर्ल पोज़िशन में चुदाई की। तान्या मेरे ऊपर चढ़ गई और अपनी गांड से मेरा लंड लेने लगी। उसकी गांड अब काफी ढीली हो चुकी थी, और वो आराम से ऊपर-नीचे हो रही थी।
“तुम बहुत अच्छा कर रही हो, तान्या…” मैंने कहा।
“मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है… तुम्हारा लंड मेरी गांड में…”
करीब 15 मिनट बाद, मैंने कहा — “तान्या… मैं झड़ने वाला हूँ… तुम्हारी गांड में…”
“हाँ… मेरी गांड में… भर दो अपना माल…” तान्या चीख उठी।
हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे — एक-दूसरे से लिपटे हुए। फिर मैं उठा और तान्या को बाथरूम ले गया। मैंने गर्म पानी से उसकी गांड को साफ किया, उसकी चूत को धोया, और उसके पूरे शरीर पर पानी डाला। तान्या ने भी मेरे लंड को धोया और मेरी छाती पर साबुन लगाया।
बाथरूम से बाहर आकर हम फिर से बिस्तर पर लेट गए। तान्या मेरी बाँहों में सिमट गई और बोली — “आई लव यू, विक्रांत।”
“आई लव यू टू, तान्या। और हाँ… कॉलेज कपल की पहली गांड चुदाई — ये भी हमेशा याद रहेगी।”
तान्या मुस्कुराई और मेरी छाती पर अपना सिर रखकर सो गई। और मैं उसे देखता रहा — अपनी बेस्ट फ्रेंड, अपनी गर्लफ्रेंड, और अब अपनी पूरी दुनिया को, जिसने आज मुझे अपनी गांड तक दे दी थी।