सारा की सेक्सी सुहागरात – क्या आपने कभी सोचा है कि एक कॉलेज लव कपल की पहली सुहागरात कितनी सेक्सी और रोमांचक हो सकती है? यह हिंदी सेक्स कहानी सारा की सेक्सी सुहागरात की है जहाँ गोवा के बीच हाउस में नील ने सारा की क्लीन शेव चूत को चाटा, तेल मालिश की, और फिर उसकी वर्जिन चूत की चुदाई करके उसे कली से फूल बना दिया। गुलाब की पंखुड़ियों से सजी सेज, चाँदनी रात, और घंटों तक चली जोरदार चुदाई — अगर आपको रोमांटिक और हॉट सुहागरात की कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ आपके लिए ही है।
भाग 1: सारा की सेक्सी सुहागरात – कॉलेज लव स्टोरी और शादी का सफर
मेरा नाम सारा है और मैं नील को कॉलेज के दिनों से जानती थी। हम दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से एक कैंटीन में हुई थी, जहाँ चाय की चुस्कियों के बीच नील ने पहली बार मेरी तरफ देखा और मुस्कुराया। यह पहली नजर में होने वाला प्यार था। पहली बार जब मैंने नील को देखा, मैं उसकी झील जैसी नीली आँखों में पूरी तरह डूब गई थी। वो आँखें — समंदर से भी गहरी, आसमान से भी साफ — मानो सीधे मेरी रूह में उतर गईं। तभी मैंने मन ही मन में सोच लिया था कि नील से शादी करके उसे अपना लाइफ पार्टनर बनाऊँगी। उसे मैं प्रपोज करूँगी, ऐसा भी मैंने उसी पल ठान लिया था। पहली मुलाकात में ही नील ने मुझ पर जैसे कोई जादू कर दिया था।
पहले मैंने ही नील के साथ नज़दीकियाँ बढ़ाईं। कॉलेज के बाद हम रोज़ मिलने लगे, कैंपस की बेंचों पर घंटों बैठकर बातें करते, कभी साथ में चाय पीते। फिर लॉन्ग ड्राइव पर जाने लगे — नील अपनी पुरानी SUV में मुझे शहर के बाहर सुनसान सड़कों पर ले जाता, जहाँ सिर्फ हम दोनों होते और ठंडी हवाएँ मेरे बालों से खेलतीं। ऐसा एक साल तक चलता रहा। और फाइनली, वैलेंटाइन के दिन, जब पूरा शहर लाल गुलाबों और दिल के गुब्बारों से सजा हुआ था, मैंने नील को अपने दिल की बात बता दी और उसे प्रपोज कर दिया। मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था, हथेलियाँ पसीने से तर थीं, लेकिन मेरी आँखों में पूरा विश्वास था। नील भी मुझे बहुत पसंद करता था और वो भी मुझे उतना ही चाहता था जितना कि मैं उसे चाहती थी।
जब मैंने नील को प्रपोज किया, उसने तुरंत हाँ कर दी। उसकी नीली आँखों में खुशी के आँसू छलक आए और उसने मुझे कसकर गले लगा लिया। फिर क्या, हम दोनों शादी के ख्वाब देखने लगे। हमने अपने-अपने घरों में ये बात बताई। नील के माता-पिता इंटरकास्ट शादी के थोड़े से खिलाफ थे, पर नील की खुशी को ध्यान में रखकर उन्होंने हम दोनों की शादी को मंज़ूरी दे दी और हमारी सगाई कर डाली। पाँच साल डेट करने के बाद, आखिरकार सारा और नील 14 फरवरी 2011 को शादी के बंधन में बंध गए — कभी न जुदा होने के लिए, सात जन्मों के लिए।
भाग 2: गोवा बीच हाउस की तैयारी और क्लीन शेव चूत का जादू
“सुहागरात हर लड़की/लड़के के जीवन की यादगार रात होती है, सुहाग रात ऐसी रात होती है जब एक लड़का और एक लड़की तन और मन से एक दूसरे के हो जाते हैं, एक दूसरे के जिस्म से उमरभर के लिए जुड़ जाते हैं.. सारा और नील के जीवन में भी ये रात आने वाली थी, दोनों को इस सुहाग रात का सालों से इंतज़ार था…ये इंतज़ार अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, दूर सही ना जा रही थी….एक दूसरे के जिस्म को पाने के लिए सारा और नील दोनों बेताब थे।”
टॉपलेस तो नील ने मुझे बहुत बार किया था, ब्रा तो मेरी हर दो दिन बाद उतर जाती थी.. चूमना, स्मूच करना, चाटना, स्तन दबाना, निप्पल चूसना तो रोज़ का था पर सेक्स हम दोनों ने कभी नहीं किया। नील और मैं दोनों ने अपने आप को कंट्रोल कर लिया था, सेक्स होगा तो बस शादी के बाद ही… मैं भी बहुत सेक्सी थी तो कई बार ऐसा हुआ भी कि नील अपना कंट्रोल और होश दोनों खो बैठा और सेक्स का भूत उसमें सवार हो जाता था, और मेरी कमसिन चूत को रगड़ देता था, तभी नील को कंट्रोल किया जाता था। उसकी हालत ख़राब हो जाती थी.. लंड को काबू में करना आसान ना होता…….मैं नील के लंड को प्यार से शांत रखती थी। नील मुझसे चिपककर अपने आप को शांत रखता।
शादी, रिसेप्शन, पूजा पथ, और बाकी के अनुष्ठान जब तक ख़तम ना हो जाते तब तक तो सुहागरात मनाना नामुमकिन था। आख़िरकार वो रात आने वाली थी जिसका मुझे और नील को बेसबरी से इंतज़ार था। पूजा हो गई, सारे रिश्ते भी चले गए। हम दोनों ने गोवा जाने का प्लान बना लिया। नील को ड्राइविंग का बहुत क्रेज़ है चाहे वो बाइक हो या कार। 17 फरवरी को दोपहर को हम गोवा के लिए निकल जायेंगे ऐसा प्लान बन गया था।
वैसे तो मैं हमें हाथ, पैर और अंडरआर्म्स की वैक्सिंग कराती हूं पर मेरे चूत पर कभी-कभी हल्के बाल मैं रखना पसंद करती हूं। मेरे गोरे बदन पर ज्यादा बाल नहीं है फिर भी नील की ख्वाहिश को ध्यान में रखे हुए मैंने शादी से पहले पार्लर में ब्राइडल हेयर रिमूवल करवा लिया। हाथ, पैर, अंडरआर्म्स के वैक्सिंग के साथ, जी-स्ट्रिंग वैक्सिंग भी कर ली और बदन पर सारे बाल साफ करवा के लिए, जिस कारण मेरे पेट और पीठ पर बाल नमात्र के लिए भी नहीं थे।
अब ऊपर से नीचे तक मेरा बदन बिल्कुल ही चिकना और मुलायम हो गया था। मैं मेरी चूत पे बीच में बाल रखती थी, साइड्स में मेरी चूत पूरी क्लीन शेव रहती थी, सिर्फ बीच वाले हिस्से में और चूत के होठों पर बाल रहते थे।
अब जी- स्ट्रिंग वैक्सिंग के बाद मेरी चूत का तो साफ मुंडन हो गया था, मेरी क्लीन शेव चूत तो बहुत ही सॉफ्ट और स्मूथ हो गई। मैंने जब आइने में अपनी क्लीन शेव्ड चूत को देखा, चूत इतनी सेक्सी दिख रही थी कि बार बार चूत पर हाथ फिराकर उसे मसलने का मन कर रहा था और मेरी जान नील के साथ मेरी पहली चुदाई के ख्याल से ही मेरी चूत गिली हो रही थी…सुहागरात के समय नील तो सच में वाइल्ड होने वाला था..
17 फरवरी की दोपहर आ गई और मैं और नील अपनी एसयूवी लेकर गोवा जाने के लिए निकल पड़े। नील ने व्हाइट कलर की शर्ट और ब्लू कलर की जींस का शॉर्ट पहना था। मैंने भी उसकी ड्रेस कोड कॉपी कर ली, व्हाइट कलर की ट्रांसपेरेंट शर्ट और ब्लू कलर की एकदम शॉर्ट जींस की पहनी जो लो वेस्ट थी। जींस की चड्ढी एकदम छोटी थी, मेरे झांगों के बहुत ऊपर।
मेरी झांघे और मेरी टांगे अच्छी शेप में था इसलिए शॉर्ट्स में मेरी झांघे और मेरी टांगे बहुत ही सेक्सी दिख रही थी। जींस की चड्ढी के अंदर मैंने ब्लैक जी-स्ट्रिंग पहन रखी थी और अपने ब्रेस्ट को ब्लैक कलर की ब्रा में ढक लिया था। ब्रा का मटेरियल थोड़ा पतला था और मेरे निपल्स ब्रा में से एकदम उभर कर दिख रहे थे ऐसा लग रहा था मानो ब्रा को फाड़ कर बाहर निकल आएंगे।
मैंने जान बुझकर ब्रा ऐसे पहन ली जिसमें मेरी क्लीवेज लाइन दिखाई दे। ब्रा में मेरे स्तन थोड़े से ढीले पर बड़े बड़े और गोल गोल दिख रहे थे, टाइट ना खोकर थोड़े ढीले। सफेद रंग की पारदर्शी शर्ट जो बिल्कुल मेरे नाभि के ऊपर तक ही थी और काले रंग की ब्रा…मेरे बदन पर कपड़े कम ही थे, शर्ट इतनी पारदर्शी थी कि ऐसे लग रहा था कि स्तनों को चोद कर बदन का ऊपर इसका बिल्कुल खुला हो, बिना किसी कपड़े के।
सामने से देखने पर पहली क्लीवेज और निपल्स फिर से पेट और नाभि को देखकर, नाभि पर आ कर के रुक जाए। मैं जब कार में आकर बैठ गई तो कुछ ऐसा ही हो गया, और कुछ इसी तरह से नील ने मुझे ऊपर से नीचे देखा और मन ही मन मुस्कुराकर कार स्टार्ट कर दी और हम निकल पड़े।
कार में रोमांटिक गाने चल रहे, सब कुछ बहुत ही रोमांटिक था, मैं कार में बैठी नील को उसका रही थी…कभी उसके शर्ट के बटन खोलकर तो कभी उसकी चाटी पर से हाथ फिराकर, नील पे तो कोई असर ही नहीं हो रहा था और वो पूरी एकाग्रता के साथ कार चला रहा था। मैंने भी अपनी कोशिश जरूरी राखी, उसको अपनाने की।
मैंने उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिए, फिर उसके चौड़ी छाती पे से हाथ फिराया, फिर उसके पेट को छुआ, अपने नाखुनो से ने हल्की गुदगुदी की और फिर शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसके लंड को छू लिया। अपनी उंगलियों को मैं उसके होंठों तक ले गई और उंगलियों को उसके होंठों पर से फिराया, “उच्च्ह्ह” जंगली बिल्ले ने मेरी उंगली काट ली और ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा, शरारती नील…
मैं तो थक गई पर नील पूरी एकाग्रता के साथ कार चलने में व्यस्त थी। मैंने तो हार मान ली.
मैंने सीट को पीछे की और सरका लिया, अपनी पारदर्शी शर्ट उतारकर, बालो को खुला छोड़ पैरो को स्ट्रेच करके मैं सीट पर आराम से लेट गई। गोरे गोरे बदन के उपरी हिस्स में सिर्फ एक ब्रा जो स्तनों को ढके हुए थे और जींस की शॉर्ट चड्ढी पर बदन के निचले हिस्से जो चूत और गांड को छुपाए हुए थे।
बदन का बाकी का हिसा एकदम खुला हुआ बिना कपड़ों के। जाने के वजह से चढ़ी और थोड़ी नीचे उतर आई, ब्रा नीचे सरख गई बस निपल्स से थोड़ी ही ऊपर की तरफ थी। मेरी क्लीवेज अब पूरी तरह से दिखाई दे रही थी।
मुझे पता नहीं चला कब थोड़ी देर के लिए मेरी आंख लग गई, आंख खुली तो कार को मैंने पार्किंग के बीच में पाया, कार रुकी हुई थी और तीन तरफ झाड़ियां।
नील कार से उतरा और एकदम वाइल्ड होकर मेरे ऊपर चढ़ गया। मेरी ब्रा को खींच कर नीचे सरखा दिया और मेरे खुले स्तनों को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। मेरे निपल्स को मसलते हुए उसने मेरे मुँह को अपने मुँह में ले लिया और मेरा चुम्बन लेने लगा। बूब्ज़ को मेरे वो ज़ोर ज़ोर से दबाये जा रहा था जैसे मेरे बूब्ज़ पर लाल लाल निशान आ गये।
नील ने फिर मुझसे कहा “सारा तेरी पूरी मस्ती तो बिस्तर पर मैं रात में उतारूंगा “
ऐसा कहकर फिर से ड्राइविंग करने लगा। मैने झट से अपनी ब्रा ऊपर खींच ली और चुप चाप लेती रही बिना कुछ कहे… मन ही मन बहुत ही खुश हो रही थी मैं।
थोड़ी ही देर में हम गोवा में पहुंचने वाले थे जहां पर बीच हाउस था…अंजुना बीच पर। रात के 8 बजे हम अंजुना पहनेंगे और वही पे एक रेस्टोरेंट से मैं दोनों ने डिनर पैक कर लिया और कार में बैठे-बैठे डिनर हो गया।
भाग 3: शॉवर में तेल मालिश और पहली बार चूत का एहसास
रात के 8 बजे हम अंजुना पहुँचे। वहीं एक रेस्टोरेंट से हम दोनों ने डिनर पैक कर लिया और कार में बैठे-बैठे डिनर कर लिया। रात के करीब 9 बजे हम बीच हाउस में पहुँच गए। बीच हाउस बहुत ही पुराने स्टाइल का था और आधुनिक सुविधाओं से भरपूर था। टाइल्स की छत थी, और बेडरूम में बिस्तर के ऊपर की छत के कुछ हिस्से में काँच की टाइल्स लगी थीं — बिल्कुल पारदर्शी, जिनसे चाँद की रोशनी सीधे बिस्तर पर आती थी। हमारी सुहागरात के लिए घर को बहुत अच्छी तरह से सजाया गया था। दीवारों पर और प्रवेश द्वार पर फूलों की मालाएँ लगी हुई थीं, और घर में परफ्यूम की बहुत ही अच्छी खुशबू फैली हुई थी। चारों तरफ आम, कटहल और बड़े-बड़े नारियल के पेड़ लगे हुए थे। घर के पीछे से एक रास्ता नारियल और आम के पेड़ों के बीच से होकर सीधे बीच पर जाता था। मेरा तो अंग-अंग रोमांटिक हो रहा था।
8 घंटे के सफर के बाद हम दोनों बहुत थक चुके थे। मुझे गर्म पानी से नहाना ज़रूरी था। मैं बेडरूम में गई अपनी चड्ढी उतारी और शॉवर लेने चली गई, मेरे गोरे बदन पर अब सिर्फ ब्रा ब्रा और जी। स्ट्रिंग थी, जो मेरी गांड के क्रैक में फंसी हुई थी। मैंने शॉवर को जैसे ही किया नील अंदर आ गया, वो ऊपर से पूरा नंगा था, नीचे उसने बस चड्डी पहन रखी थी। उसकी नीली नीली आंखें उसकी चौड़ी चाटी, नंगी छाती मुझे घायल कर रही।
हम दोनो शॉवर के नीचे खड़े, पानी में भीगे हुए एक दूसरे के जिस्म से खेलने लगे। धीरे-धीरे नील ने मेरी ब्रा और जी-स्ट्रिंग उतार दी, अब मैं पूरी नंगी नील के सामने थी। एक तरफ गर्म पानी का शॉवर और दूसरी तरफ नील का गरम जिस्म दोनो मेरे जिस्म में आग लगा रहे। हम दोनों का जिस्म पूरी तरह से भीग चूका था। मेरे बाल गीले हो गए थे और गिली लत चेहरे पर आ गई थी। उसने मुझे टॉयलेट सीट पर बिठाकर मेरे गांड में पानी भरकर साफ किया। नील ने फिर शॉवर बंद कर दिया। टब पर रखी चंदन तेल की बोतल को उठा लिया। तेल की बूंदों का हाथों में लेकर उसने तेल को मेरे जिस्म पर लगाना शुरू कर दिया।
तेल को सबसे पहले उसने मेरे चाटी पर बूब्ज़ पर लगाया। तेल से मेरे स्तन की अच्छी तरह से मालिश करके उसने हल्के से मेरी गर्दन पर तेल लगाया। अपने हाथों को पीछे ले जाकर पीठ की मालिश की, फिर उसके दोनों हाथ मेरे बम्स पर पहुंचें। बम्स की उसने बड़ी अच्छी तरह से मालिश की, मालिश करते करते उसकी उंगली गांड की दरार के अंदर चली गई और मेरी गांड की छेद को उंगलियों ने छू लिया।
नील फिर धीरे से अपने हाथों को मेरे पेट पर ले आया। पेट को तेल लगा कर वो फिर मेरे झांघों पर पहुंच गया। झांगों और मेरी टांगों की वो काफी देर तक मालिश करता रहा, फिर झट से उसका हाथ मेरी चूत पर पहुंच गया, वो मेरी चूत पर ऊपर से तेल लगा रहा था और साथ ही साथ उसे मसल रहा था।
चूत की मालिश करते हुए नील ने अपनी उंगलियों से मेरे होंठों को फेल कर दिया, अपनी एक उंगली मेरी चूत के अंदर डाल दी और तुरंट ही निकल दी, उसके इस अचानक से हमले से मेरे तन बदन में लगी आग की चिंगारी को और भी भड़का दिया। नील के हाथों ने पहली बार मेरी चूत का एहसास पाया था, पहली बार उसकी उंगली मेरी चूत के अंदर पहुंची थी, मुझे मानो एक शान के लिए इलेक्ट्रिक का झटका लगा ऐसा महसूस हो रहा था।
नील ने कहा कि मेरे नंगे बदन की अच्छी तरह से मालिश की फिर अपनी चड्डी को उतार कर उसने अपने नंगे जिस्म को मेरे नंगे जिस्म से रगड़ना शुरू कर दिया। उफ़्फ़्फ़ उसके बदन की गर्मी के एहसास से मेल जल रही थी। ऊपर उसकी चाटी से मेरे स्तन रगड़ खा रहे थे और नीचे उसका लंड मेरी चूत से रगड़ खा रहा था।
साथ ही साथ उसके हाथ मेरी गांड को सहला रहे थे और उसके होठों का जाम पी रहे थे…आआआहह मेरे बदन में कुछ हो रहा था, पानी में भी मेरे बदन में जैसे आग लग गई थी, मेरा जिस्म नील के बदन की तपिश तो महसूस कर रहा था…तेल की मालिश से मेरा बदन चिपचिपा हो गया था, मेरे जिस्म से अपने जिस्म को रगड़ने के बाद नील का बदन भी तेल से चिपचिपा हो गया था।उफ्फ नील का नगन चिपचिपा बदन मुझपर कयामत ढा रहा था।
काफ़ी समय तक नील मेरे बदन से अपने बदन को रगड़ता रहा फिर उसने मुझे गोदी में उठा लिया और टब में उतार दिया। वो खुद भी फ़िर टब में आ गया। मैं टब में नीचे थी और नील मेरे ऊपर लेट गया था। उसकी चाटी से उसने मेरे स्तनों को दबाये रखा, उसका पेट मेरे पेट से चिपक गया था और मेरी कुंवारी बुर पर उसका लंड था। नील मेरे हाथों का लगातर चुम्बन ले रहा था और मैं अपने हाथों को उसकी पीठ पर ले जाकर अपने ऊपर दबा रही थी। हॉट टब बाथ ने हम दोनों को कुछ ज्यादा ही गरम कर दिया था।
भाग 4: सारा की सेक्सी सुहागरात – वर्जिन चूत की चुदाई और सील टूटने का दर्द
हम दोनों फ़िर टब में से निकले, नील ने मेरे बदन को अच्छी तरह से पोछ दिया, और टॉवल में लपेट कर वो मुझे सुहाग रात की सेज पार ले आया। हमारी सेज को रजनीगंधा, मोगरा और गुलाब के फूलों से सजाया था। रजनीगंधा और मोगरे की खुशबू से पूरा कमरा महक रहा था, फूलों की खुशबू मुझे पागल कर रही थी। मुझे बिस्तर पर बिठाकर नील ने एक तौलिये से खुद को लपेट लिया और दूसरे कमरे में चला गया। मैं बिस्तर पर बैठी थी। तौलिया मेरे नंगे जिस्म को ढके हुए थे। मैं नील का इंतज़ार कर रही थी फूलों की सेज़ पर बैठ कर।
साहिल से टकराती हुई समुन्दर की लहरें और पेड़ के पत्तों की आवाज़ें मुझे बेचैन कर रहे थे। चाँदनी रात में चाँद की रोशनी कमरे को रोशन किये हुए थी। चाँद की रोशनी मेरे बदन पर पड़ रही थी। सब कुछ बहुत ही रोमांटिक था, सुहागरात तो मेरी जिंदगी की यादगार रात होने वाली थी। 10 मिनट में नील वापस हमारे कमरे में आ गया, उसके हाथों में गुलाब और मोगरे के फूलों की थाली थी। उसने थाली को बिस्तार पर रख दिया।
पूरा कमरा फूलों की खुशबू से महक रहा था। नील ने अपना तौलिया निकाल कर फेंक दिया, वो अब निर्वस्त्र मेरे सामने खड़ा था। गोरा बदन, 46 इंच चौड़ी चाटी (उसकी छाती पर एक भी बाल न था, एकदम नंगी छाती), 18 इंच बाइसेप्स, 6 पैक एब्स और मोटा सा उसका शिकारी लंड जो मेरी वर्जिन चूत का शिकार करने वाला था। सेक्स तो नील बिना कंडोम लगाए ही करने वाला था।
उसका नंगा जिस्म को मैं देखती रह गयी , उफफफ्फ़ क्या दिख रहा था वो। नील मेरे पास आकार बिस्तार पर बैठ गया। धीरे-धीरे मेरे बदन पर लिपटे हुए तौलिये को उसने हटा दिया। मेरे बदन पर अब एक भी कपड़ा नहीं था, हम दोनों पूरी तरह से नग्न अवस्था में थे। मैं बिस्तर पर हाथ और जोड़ों को समेट कर बैठी थी अपना सारा नीचे झुकाए, अपने आप को पूरा नंगा देख मैं खुद बहुत शर्मा गई थी। मेरे झुके हुए सर को उठा कर नील ने मेरे आंखों में देखा, मेरी आंखों में नील को लज्जा और शरम की झलक दिखाई दे रही थी।
उसने फिर मेरे जोड़ों को सीधा कर बड़ी ही प्यार से मुझे बिस्तर पर ले लिया और मेरे नंगे जिस्म को निहारने लगा। गुलाब के पखुडि़यों जैसे मेरे होंठ, हिरानी जैसी आंखें, काले काले लंबे केसु, गोरा गोरा दूध सा सफेद मेरा बदन, उसपे गोल गोल बड़े बड़े रसीले आम जैसे मेरे स्थान, बड़े बड़े एरोलस, तन कर खड़े हुए मेरे नुकीले निपल्स, मेरा सपत पेट उसपार थोड़ी सी गहरी नाभि, झांगों के बीच छुपी हुए मेरी क्लीन शेव और थोड़ी सी फुली हुई चूत, ये नजारा नील के सामने था।
मेरे चेहरे से होकर, फिर मेरे स्तन और निपल्स फिर मेरी नाभि इन्हें देखते हुए नील की नज़र मेरी वर्जिन चूत पर आकर ठहर गई, वो बहुत देर तक मेरी चूत को निहारता रहा। वी शेप में 2 इंच की मेरी गोरी गोरी क्लीन शेव कमसिन चूत, उसमें दिन और बड़ा काला तिल, जो बहुत ही कातिलाना दिख रहा था। चूत के दोनो होंठ एक बंद गुलाब के फूल के पंखुडियों की तरह एक दूसरे से चिपके हुए थे। दोनों पखुड़ियों के बीच चुत की लंबी सी एक गहरी दरार थी और चुत के अंदर ऊपर की और थोड़ा सा उबर आया वो छोटा सा दाना जिसे क्लिटोरिस कहते हैं…ऐसी दिख रही थी मेरी वर्जिन बुर। नील ने अपना फ़ोन निकला और मेरी वर्जिन चुत की फोटो ली। मैंने भी हाथो से अपना चुत फैलाकर उसे फोटो खींचने दिया।
मेरी कमसिन चूत..नील पे ज़ुल्म ढा रही थी, उसको ललचा रही थी…
बड़े ही प्यार से उसने अपने हाथो से मेरी चूत को छुआ और मेरे चूत के दाने को मसल दिया, उसकी इस हरकत से ऐसा लगा मानो मेरी चूत पूरी गिली हो गई हो, मेरा रोम रोम अंदर से तड़प उठा, आज मेरी वर्जिन चूत अपनी वर्जिनिटी खोने के लिए तैयार थी। छत से अन्दर आने वाली चाँद की रोशनी में मेरा बदन और भी ज्यादा कामुक और पागल लग रहा था। आज सुहागरात की रात नील इस सारा को कली से फूल बना देने वाला था…सारा आज अपना एक अंग नील को समर्पित करने वाली थी।
मेरे नंगे जिस्म को जी भर के निहारने के बाद नील मेरे साइड में कंधे के बल लेट गया और मेरे बदन पर फूलों की बौछार करने लगा।
मेरे बदन पर उसने सारे फूल बरसा दिया…मेरे बदन पर गिरे फूलों को फिर धीरे-धीरे उसने हटा दिया, मेरे बदन पर फिर वो हल्के हल्के ने छूने लगा, मेरे बदन के पास आकर उसने अपनी गरम गरम सांसें छोड़ दी।
उसने मेरे बालो पर से हाथ फिराया, फिर अपनी टांगों से मेरे टांगों को छूने लगा। अपने जोड़ों की उंगलियों को मेरी टांगों के ऊपर और फिर नीचे ले जाकर नील मुझे गुदगुदी करने लगा। गजब का एहसास हो रहा था और मेरा मन कर रहा था कि मैं आज अपने अंदर में भर लूं कभी जुदा न होने के लिए।
मेरे गालों पर बालो को हटकर अब वो मेरे ऊपर लेट गया, नील के जिस्म की गर्मी मेरे जिस्म को पिघलाकर उसके आगोश में ले जा रही थी। नील के छाती के नीचे मेरे स्तन दब गए, उसकी जाँघे मेरे झांघों से चिपक गईं, अपने टांगों से नील ने मेरी टांगों को दबाए रखा। उसका लंड उसके बॉल्स मेरे चूत को स्पर्श कर रहे थे। सारा अब पूरी तरह से नील के पकड़ में थी।
सारा के जिस्म का आज नील जी भर के रसपान करने वाला था।
पीछे गाना चल रहा था –
“होंथों से कभी हौंथ मिला कर देखो,
मुझको अपनी नज़र कभी बुला कर देखो…
मैंने सुना है लत ए लब छूने से नशा चरता है,
आओ किसी शब मुझे ये जाम पिलाकर देखो….
कितनी मुज़ारिब हर रात गुजरती है तुम क्या जानो,
कभी जिस्म में लगी आग होठों से जला कर देखो…
प्यास भी बुझ जाएगी अरमान भी सभी होंगे पूरे
बस एक रात मुझे अपने पास सुला कर देखो…….
“होंथों से कभी होंथों मिला कर देखो,
मुझको अपनी नज़र कभी बुला कर देखो…
सबसे पहले मेरी गर्दन को चूमकर नील ने मेरे होठों पर अपने होठों को रख दिये और हल्के हल्के से मेरे होठों पर चुम्बन देने लगा। मैंने भी उसके होठों को चूम लिया। मेरे होठों के निचले होंठों को अपने मुंह में लेकर वो उसे चुनने लगा, फिर मेरे जबान को चूसने लगा। चुम्बन लेते समय उसके दोनों हाथ मेरे स्तनों को सहला रहे थे, और मेरे साथ मेरे निपल्स को मसल रहे थे।
फ़िर ज़ोर ज़ोर से मेरे स्तनों को वो दबाने लगा। मेरे स्तन इतने बड़े थे कि उसके हाथों में समा नहीं रहे थे, एकदम बड़े बड़े। उसने मेरे निपल्स को इतना ज़ोर से मसला कि मेरे मुँह से आआआहह आआआहह की आवाज़ निकलने लगी।
मेरे दहिने बूब के निपल को मुँह में लेकर नील ने उसे चूसना शुरू कर दिया, उफफफफ्फ़ कितना मजा आ रहा था। निपल्स को चूसते हुए चूसते हुए, मेरे स्तनों को पूरी तरह से चूसते हुए, मुझे लेने की कोशिश कर रही थी। उसका मुँह मेरे स्तन पर और एक हाथ मेरी चूत पर था।
एक तरफ वो स्तन चूस रहा था और दूसरी तरफ अपने एक हाथ से मेरी चूत को मसल रहा था, मेरी चूत उसकी उंगलियों के स्पर्श से गरम हो कर गिली हो गई थी ऐसा लग रहा था मानो मैं उसकी उंगलियों को और अंदर तक अपनी चूत में समा लेना चाह रही थी उसका लंड भी मेरे चूत से बहुत बार रगड़ खा चुका था।
मेरे बदन में बेचैनी खराब रही थी. चूसने के बाद नील फिर मेरे ब्रेस्ट को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा, नील वाइल्ड हो रहा था, सारा के बदन पर भारी हो गया था नील ने मुझे ऐसे दबा लिया था कि मेरा हिलाना नामुमकिन था।
मुझे बड़ा मजा आ रहा था, थोड़ा दर्द भी हो रहा था, इतना वाइल्ड मैंने नील को कभी देखा ना था..मैं भी उत्तेजित होकर जंगली शेरनी की तरह नील को अपने ऊपर दबा रही थी।
उसके पीठ पर मेरे नखुनो के खरोचे आ गए थे, पर नील को दर्द का एहसास ना हुआ और वो मेरे स्तनों को दबा रहा था मसलता था, दबा दबा कर उसने मेरे स्तन लाल लाल कर दिए।
नील तो आज पूरी रात मेरी चुदाई करने वाला था और मैं भी पूरी रात चोदने के लिए बेताब थी।
मुझपर नील की पकड़ थोड़ी ढीली हो गई और फिर वो अपनी ज़बान से मेरे बदन को चटाने लगा। जब उसने अपनी जीभ से मेरे नाभि और पेट को स्पर्श किया तो बेचैन होकर मैं घायल नागिन की तरह छटपटाने लगी… वो अपनी जीभ को मेरी नाभि के ऊपर फिरता रहा और मुझे बेचैन करता रहा। नाभि से खेलने के बाद नील का अगला टारगेट मेरी चूत थी। वो अपनी जिंदगी को मेरी चूत पर लेकर गया
मेरी चूत को उसके लिए स्पर्श का एहसास हो रहा था। उसने अपनी जीभ चूत में डाल दी, पहले उसने अपनी चूत के अंदर फिराया, फिर मेरी चूत को हल्का काटकर उसने अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगा…। आआआअहह आआअहह आआअहह मेरी सिस्कारियां लेने लगी। मुझे सहन न हो रहा था, मैं नील को हटाने की कोशिश करने लगी थी पर मेरी चूत के अंदर घुस कर नील चाटना और चूसना जारी रखा। ।
मेरे अंग अंग को नील ऐसे प्यार कर रहा था ऐसे चूस रहा था जैसे आज रात वो मुझको खा जाने वाला हो। सब से ज्यादा वो तो मेरी चूत को चूसा और चाटा। नील की आँखों में एक जुनून था, उसके प्यार की कोई सीमा ना थी, आज की रात नील मुझे हर तरह से छेड़ रहा था और मेरे अंग अंग का मजा ले रहा था।
मैं अब पूरी तरह से गरम हो गई थी। मेरी सांसें बड़ी तेज चल रही थीं। मैंने नील के लंड को अपने हाथों में पकड़ा और उसके मोटे लंड का एहसास मेरे पूरे बदन में हलचल मचाने लगा, मैं अपने हाथों से उसकी गेंदों को सहला रही थी। उसका लंड पूरा तरह से खड़ा हो गया था, रक्त का प्रवाह लंड में बढ़ गया था, लंड और ज्यादा मोटा और मजबूत हो गया था, एकदम खड़ा हो गया। उसने अपना लंड मेरे मुँह के पास लाया तो मैंने उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। मौका देखकर नील अपने लंड को मेरी चूत पर ले गया।
पहले मेरी टांगों को उसने फैला दिया और फिर मेरी झांघों को। धीरे से और बड़े प्यार से उसने मेरे चूत के होठों को अपनी उंगलियों से फेलाया। नील फ़िर से अब मेरे ऊपर था।
उसका लंड मेरे चूत के होठों को फैलाकर अंदर तक पहुंचने की कोशिश करने लग गया। नील अपने लंड को चूत के अन्दर रगड़ने लगा, लंड फिर चूत छेद के पास पहुँच गया। मेरा चुत छेद लंड को अपने अंदर लेने के लिए बेचैन था, लंड का बेसब्री से इंतजार हो रहा था। लंड को नील मेरी छेद में डालने की कोशिश करने लगा। मेरी वर्जिन चूत बहुत ज्यादा टाइट थी, लंड आसान से अंदर जाने वाला नहीं था।
नील ने पहली बार कोशिश की पर लंड अंदर छेद में जा ना सका। नील ने फिर मेरी चूत को अपनी उंगली से फेलाया और मेरी चूत के छेद के अंदर अपनी एक उंगली घुसा कर अंदर बाहर करने लगा जिसे मेरी चूत थोड़ी गिली हो गई फिर नील ने अपने लंड पर तेल लगाया और थोड़ा चिपचिपा कर दिया ताकि चूत के छेद में लंड आसानी से जा सके।
“जल्दी डालो नील, जल्दी अन्दर डालो, और अन्दर और अन्दर… आआन्न्ह्ह…आआह्ह्ह
लंड को फिर से नील चूत के छेद के पास लेकर गया। मेरी चूत पूरी गिली हो गई थी. नील ने ज़ोर से एक झटका दे दिया, और उसका मोटा लंड का मुँह मेरी चूत के अंदर समा गया, मेरे हाइमन को चीरकर नील के लंड ने मेरे चूत के छेद में प्रवेश कर दिया था। आआआह आआआह मेरी सिस्कारियां निकल रही थी और मुख्य जगह से अपने कमर को उठा कर उसके पूरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेने की कोशिश कर रही थी।
मुझे बहुत दर्द हो रहा था पर वर्जिनिटी खोने की ख़ुशी हो रही थी और मज़ा भी बहुत आ रहा था। धीरे-धीरे लंड को नील ने अंदर से छेद दिया और भी अंदर घुसा दिया। छेद के अंदर गिर्द की मास पेशियां अब स्ट्रेच हो गई थी, देखते ही देखते पूरा आठ इंच का लंड छेद के अंदर घुस गया। लंड जब पूरा अंदर चला गया तो मुझे ऐसा एहसास हुआ कि सालों की प्यास को लंड ने कुछ पलों में ही बुझा दिया। चुत के अंदर जाकर लंड को गर्मी का एहसास हो रहा था।
लंड अब पूरी तरह से मेरी चूत में समा गया था। मैंने जोरो से अपने जोड़ी को दबाया कर लंड को अपनी चूत में दबा लिया और उसकी गर्मी को महसूस करने लगी। मेरी चूत ज्वालामुखी की तरह गरम थी पर नील का लंड भी एक आग का गोला था जिसकी गर्मी से आज रात ज्वालामुखी आग उगलने वाली थी।
नील ने लंड को फिर धीरे से बाहर निकाला और फिर उसे अन्दर डाल दिया। फिर अंदर बाहर का सिलसिला चल रहा था…20-30 झटकों के बाद मैं चरम सुख पर पहुंच गई और नील के लंड ने भी अपना वीर्य मेरी चूत में छोड़ दिया और हम एक दूसरे में समा गए। नील ने मेरी ऐसी चुदाई की मेरी चूत ने भी अपना काम रस चोर दिया। चूत का काम रस लंड के रस के साथ मिल गया और सारा झड़ गया।
लंड का वीर्य निकलने से प्यासी चूत की प्यास बुझ गई। मेरा सील टूट गया और खून निकल आया था। मुरझाए लंड को बाहर निकाल कर नील मुझपर से उतर कर साइड में ले गया।
भाग 5: पूरी रात चुदाई का सिलसिला और सुबह का प्यार
मुझे लगा पंद्रह बीस झटके देकर नील थक कर लेट गया पर नहीं, एक जंगली बिल्ले की तरह नील फिर मुझपर चढ़ गया और मेरे स्तनों को जोर से दबाने लगा और चुनने लगा। निपल्स को मुहं लगे वो ऐसे पिये जा रहा। निपल्स को पीकर नील और भी ज्यादा मदहोश हो रहा था। ये देखकर मैं भी जंगली शेरनी के साथ नील को ज़ोर से धक्का दे दिया और उसे गिराकर झट से उसके ऊपर चढ़ गई।
उसके लंड को फिर मैंने हाथ में पकड़ लिया। मैं बड़ी तेजी से अपने हाथों को लंड पे चलने लगी, ऊपर नीचे ऊपर नीचे। लंड को मसलने और रगड़ने से लंड फिर से धीरे धीरे खड़ा हो गया। उसके खड़े लंड को हाथों में लेकर मैंने अपनी चूत में लिया और अपने छेद में डालने लगी।
मैं उसके लंड पर बैठी थी अपने छेद में ले रही थी। मैंने कुछ ही पलों में लंड को अपने छेद के अंदर ले लिया। फिर मैंने लंड को बाहर निकाला फिर अन्दर लिया. एक घोड़ी की तरह मैं उसके लंड पर बैठ कर अंदर ले जा रही थी फिर बाहर निकल रही थी, कितना मजा आ रहा था मुझे, क्या बताओ। अपना कमर उठा कर नील भी मेरा साथ दे रहा था।
हम दोनों अब थोड़ा थक गए थे इसलिए थोड़ी देर के लिए हम एक दूसरे से लिपटकर बिस्तार में पड़े रहे… फिर से 69 पोजीशन के लिए तैयार हो गए। उसका मुँह अब मेरी चूत पर था और उसका लंड मेरे मुँह पर।
मैं लंड को रगड़ रही थी और गोटियों के साथ खेल रही थी। पर नील 69 पोज़ में मेरी चूत खा गया। नील का लंड उछल रहा था, लंड को मैंने अपने मुँह से उसके मोटे लंड को मजा दिया, और नील ने मुंह से चूस चूस कर, चाट कर कर के, मेरी चूत को चोदा। उसकी होठों की तपिश से ऐसा लग रहा था कि मेरी चूत बार बार अपना रस छोड़ देगी। मैं बस जन्नत का एहसास का मजा ले रही थी चूत की मुँह चुदाई से।
69 पोजीशन का मजा लेना के बाद मैं फिर से घुटने के बल खड़ी हो गई। नील मेरे पीछे अपने घुटनों के बल खड़ा हो गया, नील का एक हाथ मेरे स्तनों को दबा रहा था कि तो दूसरा हाथ मेरे चूत को मसल रहा था, चूत से खेल रहा था, साथ ही फिंगरिंग भी कर रहा था।
उसका लंड मेरे गांड से कभी रगड़ खा रहा था तो कभी गांड की दरार में घुसने की कोशिश कर रहा था। चूत के दरार के अंदर अपनी उंगली ले जाकर नील चूत के अंदर रगड़ने लगा। मेरी चूत गिली हो गई थी बहुत ही ज्यादा गिली और चिपचिपी।
नील ने फिर मुझे घुटने के बल झुकने को कहा। पीछे से आकार फिर उसने अपने मोटे लंड को मेरे चूत के छेद में एक ही शॉट में घुसेड़ दिया जिस से मेरी चीख निकल गई, फिर मेरी कमर को पकड़ कर लंड को छेद के अंदर बाहर अंदर बाहर करने लगा। नील इतना ज़ोर से मुझे चोद रहा था कि मेरे स्तन, ऊपर नीचे ऊपर नीचे उछल रहे थे… डॉगी स्टाइल में चुदाई हो रही थी और मुझे इतना संतुष्टि मिल रही थी कि मैं शब्दों में नहीं बता सकती ।
लंड को चूत में से निकल कर फिर से नील अपनी एक उंगली मेरी गांड की छेद में डालने की कोशिश करने लगा, उसकी उंगली मेरी गांड की छेद में थोड़ी सी ही घुस पाई, वो फिर अपने लंड को मेरे गांड पर रगड़ते गांड की दरार में ले गया। उसका लंड मेरी गांड की छेद को ढूंढ रहा था। लंड को वो छेद में घुसाने की कोशिश करने लगा, “नहीं नील” मत करो प्लीज़ मैं दर्द से चिल्ला उठी। उन्होंने मुझे थोड़ा प्यार किया और मुझे चूमा फिर एक धक्के से साथ मेरे गांड में घुसा दिया। मुझे बहुत ही दर्द होता देख नील ने मुझपे रहम किया और थोड़ी देर बाद ही लंड को गांड से निकाल लिया।
नील ने फिर से मुझे अपनी पीठ के बल बिस्तर पर लिटा दिया। मेरे टांगों को फेलकर वो उन्हें अपने कमर के पीछे ले गया। एक तरह से वो मुझपर चढ़ गया था, मैं उसके नीचे थी। उसके हाथों ने बिस्तार का समर्थन लिया। लंड को फिर से चोदने लगे , नील ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा। बड़े ही जोश में, ज़ोर ज़ोर से और तेजी से धक्के और झटके नील दे रहा था और लंड चूत के अंदर बाहर अंदर बाहर आ रहा था…
इतने जोर के झटकों के बाद अब एक बार मैं ऑर्गेज्म तक पहुंच गई, फिर से मेरी चूत में से काम रस निकलने लगा, लंड भी अपना रस चोद रहा था.. लंड भी संतुष्ट हो गया और चूत की भी प्यास भुज गई सुहाग रात के वक्त.. नील ने सही कहा मेरी चूत की अकड़ निकल दी और मेरी मस्ती उतर दी थी बिस्तर में… मैं पूरी तरह से झड़ गई थी और नील भी बहुत दूर तक चुका था… लंड ने चूत को फाड़ कर उसके अंदर घुस कर आज रात उस पर जीत हासिल की थी…
रात भर हम एक दूसरे के नंगे जिस्म से चिपके रहे……नील के जिस्म से एक नागिन की तरह मैं लिपटी रही….रात भर नील के जिस्म से मैं अपने जिस्म की आग को बुझाती रही…काम वासना में चूर हम दोनो रात भर एक दूजे के जिस्म से काम का आनंद लेते रहे।
“भूल जाने दे हर रात, तू खुद में आज मुझे सिमटने दे
आज की रात लब खामोश सही, सांसों को हर बात कहने दे…
प्यासे है ये होंथ मेरे ना जाने काई सालों से,
बस आज तेरे होठों से मेरी ये प्यास को बुझाने दे……
जो रवां है सिलसिला अपने दरमियान में, सांसों का क्या है,
जिस्म की इस आग को आज तेरे दीदार जिस्म से मिट जाने दे………..
रख मेरा यकीन के अब ये रहे ना होगी तुझसे जुदा
के फासले कम कर इंतज़ार के और आज मुझे हद से गुज़रने दे…
सुबह जब मेरी आँख खुली, तो समुद्र की लहरों की आवाज़ आ रही थी। खिड़की से सुबह की सुनहरी धूप कमरे में आ रही थी। नील मेरे बगल में गहरी नींद में सो रहा था, उसका चेहरा बिल्कुल शांत और मासूम लग रहा था। मैंने उसके माथे पर एक प्यार भरा किस किया और सोचा — यही तो है ज़िंदगी, यही तो है प्यार। एक-दूसरे के हो जाना, पूरी तरह, तन और मन से।
आज रात तो नील ने मेरी गांड छोड़ दी, पर अगले दिन उन्होंने मुझे अच्छे से तैयार किया और गांड में ढेर सारा तेल डाला। फिर मेरी गांड चोदकर अपनी सुहागरात को पूरा किया। चार दिनों तक उन्होंने मुझे कपड़े नहीं पहनने दिए। हम दोनों नंगे ही पूरे बीच हाउस में घूमते रहे, एक-दूसरे के जिस्म में खोए हुए। वो चार दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत दिन थे — सिर्फ प्यार, सिर्फ चुदाई, और सिर्फ हम दो।