गदरायी जवान बीवी की चुदाई – रोज की हॉट सेक्स की धमाकेदार कहानी

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गदरायी जवान बीवी की चुदाई – क्या आपने कभी रोज चुदाई करने के बाद भी अपनी बीवी के लिए उतनी ही बेताबी महसूस की है? इस हॉट हिंदी सेक्स स्टोरी में पढ़िए एक पति की जुबानी वो रात, जब गदरायी जवान बीवी की चुदाई ने उसे पागल कर दिया। ऑफिस से आकर उसने अपनी बीवी के मोटे चूचों और गद्देदार गांड को देखा तो उसका 8 इंच लंड बाहर आने को बेताब हो गया। गदरायी जवान बीवी की चुदाई करते हुए उसने चूत चाटी, गांड मारी, और पूरी रात मस्ती की। अगर आप जवान बीवी की चुदाईगांड मारने की कहानी, और हॉट सेक्स स्टोरी ढूंढ रहे हैं, तो यह धमाकेदार दास्तान आपके लिए ही है।

भाग 1: रोज की चुदाई के बाद भी वही बेताबी

ये सेक्स कहानी मेरी और मेरी गदरायी जवान बीवी की है। हम दोनों ही 29 साल के हैं और एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। शादी के 8 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी हमारा प्यार उतना ही ताज़ा है जितना पहले दिन था। हम दोनों को चुदाई बहुत पसन्द है। हम लगभग रोज चुदाई करते हैं और अब तक हज़ारों बार चुदाई कर चुके हैं। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इतनी अधिक चुदाई के बाद भी हम दोनों हमेशा इतनी बेताबी से चुदाई करते हैं मानो पहली बार कर रहे हों।

मजा तब आता है जब आग दोनों तरफ पूरी लगी हो। और हम दोनों मियाँ-बीवी हमेशा चुदाई के लिए तैयार रहते हैं। हमारे इसी जोश के कारण हमें हमेशा ही हॉट वाइफ फक का उतना मज़ा या उससे ज्यादा मज़ा आता है, जितना पहली बार आया था। सच कहूँ तो, पहली बार की तुलना में अब और भी ज्यादा मज़ा आता है – क्योंकि अब हम एक-दूसरे के शरीर को पूरी तरह से जानते हैं, हम जानते हैं कि कहाँ छूने से क्या होता है, कहाँ दबाने से कैसी प्रतिक्रिया आती है।

उसका कसा हुआ जिस्म मुझे बहुत पसंद है और मैं उसे कपड़ों में भी नंगी इमेजिन कर लेता हूँ। उसके शरीर का हर हिस्सा – उसके बड़े-बड़े चूचे, उसकी गद्देदार गांड, उसकी चिकनी चूत – सब कुछ मेरे दिमाग में बसा हुआ है। जब भी मैं उसे देखता हूँ, मेरा लंड खड़ा हो जाता है। यह कोई मजाक नहीं है – यह सच है। उसकी हर हरकत, उसकी हर मुस्कान, उसकी हर नज़र – सब कुछ मुझे उत्तेजित कर देता है।

एक दिन मैं ऑफिस में था। काम का दबाव था, मीटिंग्स थीं, लेकिन मेरा दिमाग कहीं और था। मेरा मन चुदाई के लिए हो गया था। मैं अपनी कुर्सी पर बैठा था और मेरे सामने कंप्यूटर की स्क्रीन थी, लेकिन मेरी आँखों के सामने सिर्फ मेरी बीवी का नंगा शरीर था। तो मैंने उसे सेक्सी फोटो भेजी – एक ऐसी फोटो जो हमने पहले कभी किसी नाइट में ली थी, जिसमें वह सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी, उसके चूचे ब्रा से बाहर निकलते दिख रहे थे। उसका भी वहां से वैसा ही रिप्लाई आया – उसने मुझे अपनी एक सेक्सी सेल्फी भेजी, जिसमें वह अपने चूचों को दबा रही थी।

यह सिलसिला पूरे दिन चला। हम एक-दूसरे को गंदी-गंदी बातें भेजते रहे, फोटो भेजते रहे, वॉइस नोट्स भेजते रहे। उसकी चूत और मेरा लंड पूरे दिन फड़कते रहे। मैं ऑफिस में बैठा-बैठा अपनी कमर में हो रही हरकतों को छुपा रहा था। जब भी कोई मेरे पास आता, मैं अपना फोन बंद कर देता था। लेकिन जैसे ही वो जाता, मैं फिर से मैसेज करने लगता था।

भाग 2: ऑफिस से आकर लोवर में दिखी गदरायी गांड

उस दिन मैं ऑफिस से जल्दी निकल गया। बॉस को मैंने बोला कि काम हो गया है – हालाँकि वो पूरा नहीं हुआ था, लेकिन मैं अपनी बीवी से मिलने के लिए बेकरार था। रास्ते में मैंने उसके लिए उसकी पसंद की चॉकलेट खरीदी और एक बोतल वाइन भी। मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था, मेरे लंड में सुगबुगाहट हो रही थी।

घर पहुँचा तो देखा कि मेरी माँ लिविंग रूम में टीवी देख रही थीं। मैंने उनसे बात की और फिर अपने कमरे की तरफ बढ़ गया। मेरी बीवी कमरे में थी। उसने टॉप और लोवर पहना था – एक स्काई ब्लू कलर का टॉप और नेवी ब्लू लोवर। वह खिड़की के पास खड़ी थी, बाहर देख रही थी। जैसे ही मैंने कमरे में कदम रखा, वह मुड़ी और मुस्कुराई।

मेरी नज़र उसके टॉप पर पड़ी जो कि उसके मोटे-मोटे चूचों की वजह से उभरा हुआ था। उसका टॉप उसके चूचों पर इतना कसा हुआ था कि उनका पूरा आकार साफ दिख रहा था। मेरे मुँह में पानी आ गया। उसने मुझे देख लिया था कि मैं उसको कामुक नजरों से देख रहा हूँ। वह जानती थी कि मेरे दिमाग में क्या चल रहा है। वह थोड़ा शरमाई, लेकिन उसकी आँखों में वही शैतानी चमक थी जो मुझे पागल कर देती है।

सप्ताह में एक दिन वो मुझसे अपनी गांड चुदवाती है – और आज वो दिन था। वो जानबूझ कर पलट गई और कमरे के दूसरी तरफ चलने लगी। उसने अपनी पीठ मेरी तरफ कर ली और थोड़ा झुककर अपने जूते उतारने का नाटक किया। उसकी यह हरकत जानबूझकर थी – क्योंकि वो जानती है कि मुझे उसकी गद्देदार गांड कितनी पसंद है।

मेरी नज़र उसकी गांड पर और उसकी दरार पर पड़ी जो लोवर में लाइन बनाकर बड़ा ही कामुक सीन दिखा रही थी। उसका लोवर उसकी गांड पर इतना कसा हुआ था कि उसके दोनों गाल साफ नज़र आ रहे थे, और बीच में वह दरार थी – जैसे कोई आड़ू फटने वाला हो। मेरा लंड बाहर आने को बेताब हो गया। मैंने अपनी पैंट में हो रही हरकतों को छुपाने की कोशिश की, लेकिन वह बहुत ज्यादा थी।

उसने भी मेरे 8 इंच लंबे लंड को हरकत करते देख लिया। उसकी नज़र मेरी पैंट पर टिक गई, जहाँ मेरा लंड एक उभार बना रहा था। उसने अपने होंठ काटे – वह उसकी सबसे सेक्सी आदत है। मेरा लंड मेरी बीवी की कमजोरी है। वह उसे देखते ही पिघल जाती है। वह झट से मेरे लौड़े से चिपक गई – उसने अपना हाथ मेरी पैंट पर रख दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी। लेकिन इससे अधिक वो कुछ नहीं कर पा रही थी क्योंकि मेरी माँ भी वहीं थीं, लिविंग रूम में। हम दोनों को बहुत सावधानी से काम लेना था।

हमने एक-दूसरे से कहा – “बाद में।” लेकिन हमारी आँखें कह रही थीं – “अभी, इसी वक़्त।”

भाग 3: गदरायी जवान बीवी की चुदाई – चूत चाटने का मजा

फिर खाना खाने के बाद जब हम दोनों बेड पर आए तो दोनों से ही रहा नहीं जा रहा था। माँ अपने कमरे में सोने चली गई थीं। घर में सन्नाटा था – सिर्फ हम दोनों की साँसों की आवाज़ें थीं।

हम एक दूसरे को जोर-जोर से चूमने लगे। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए – पहले धीरे से, फिर जोर से, फिर दीवानों की तरह। हमारी जीभें आपस में टकरा गईं, लड़ीं, और फिर एक-दूसरे से लिपट गईं। मैं उसकी जीभ चाटने लगा, उसके मुँह से रस पीने लगा। उसके मुँह का स्वाद मीठा था – जैसे उसने अभी-अभी कुछ फल खाया हो।

फिर मैं उसके चेहरे को और होंठों को चूसने लगा। उसके ऊपरी होंठ को, निचले होंठ को, उसके गालों को – सब कुछ। हम दोनों को एक दूसरे की आंखों में नशा भर रहा था। उसकी आँखें आधी बंद थीं, उसकी साँसें तेज़ हो गई थीं, उसके हाथ मेरे बालों में थे।

मैं उसकी गर्दन को चूमने लगा। उसकी गर्दन बहुत संवेदनशील है – जैसे ही मैंने अपने होंठ वहाँ रखे, वो सिसकारने लगी। “आह्ह्ह… ह्ह्ह…” उसके जिस्म की बेताबी उसकी आंखों से… और हावभाव से दिख रही थी। उसका पूरा शरीर मेरे हाथों में तड़प रहा था।

उसने मेरी टांग अपनी टांगों के बीच में फंसाई और अपनी चूत को मेरी टांग से मसलने लगी। मैं उसकी चूत की गर्माहट को अपनी जांघ पर महसूस कर सकता था – वह पहले से ही गीली थी। उसका लोवर उसकी चूत के रस से भीग रहा था।

मैंने भी अपना एक हाथ पीछे से उसके लोवर के अन्दर डाल दिया और गद्देदार गांड को दबाने लगा। उसकी गांड का गोलापन, उसकी चिकनाई, उसकी गर्माहट – सब कुछ मेरे हाथ में था। दूसरे हाथ से उसके बड़े-बड़े चूचों को टॉप के ऊपर से दबाने लगा। उसके चूचे इतने बड़े थे कि मेरे एक हाथ में नहीं आ रहे थे।

वो पागल होने लगी और मेरे होंठ काटने लगी। उसने मेरे निचले होंठ को अपने दांतों के बीच दबाया और धीरे-धीरे खींचा – दर्द भी था और मज़ा भी। वो मेरे बालों में अपने हाथ फिरा रही थी और तड़प रही थी। उसकी उंगलियाँ मेरे सिर की त्वचा पर चल रही थीं, जैसे वह मेरे हर बाल को महसूस करना चाहती हो।

मैं उसके बड़े-बड़े चूचों को धीरे-धीरे दबा रहा था और सहला रहा था। उसके चूचियों का तो मैं दीवाना हूँ। वे मेरे हाथों में ऐसे आते हैं जैसे दो रसीले खरबूजे हों – मुलायम, गर्म, और भारी। मैं उन्हें अपनी हथेलियों में समेटना चाहता था, दबाना चाहता था, उनका रस निचोड़ना चाहता था।

फिर उसने धीरे से अपना टॉप ऊपर करके मुझे अपना पेट दिखाया। उसका पेट चिकना था, गोरा था, और उसकी नाभि छोटी सी गोल थी। उसका पेट चाटना मेरी कमजोरी है। मैं उसके पेट को मसलते हुए चाटने लगा। मेरी जीभ उसकी नाभि के चारों ओर घूम रही थी, उसके पेट की चिकनी त्वचा पर रेखाएँ बना रही थी।

वो और ज्यादा मचलने लगी। उसके हाथ मेरे सिर पर थे, और वह मेरा सिर अपने पेट पर और दबा रही थी। मैंने अपनी जीभ से उसकी नाभि में गहराई तक जाने की कोशिश की, और वह हँसने और कराहने के बीच की आवाज़ निकालने लगी।

फिर मैं लोवर के ऊपर से चूत को चाटने लगा। उसके लोवर के पतले कपड़े के ऊपर से ही मैं उसकी चूत के होंठों को महसूस कर सकता था। मुझे लोवर के बाहर से ही अन्दर की उफान चढ़ती नदी का अंदेशा हो रहा था। उसकी चूत इतनी गीली थी कि उसके लोवर पर गीले धब्बे बन गए थे। मैंने उस धब्बे को चाटा – उसका स्वाद मीठा और नमकीन दोनों था। मैं और अधिक चाहने लगा।

मैंने उसको पूरी नंगी कर दिया। पहले उसका टॉप – मैंने उसे उसके सिर के ऊपर से खींच कर निकाल दिया। फिर उसका लोवर – मैंने उसे उसके कूल्हों से नीचे खिसका दिया। उसकी पैंटी पहले से ही गीली थी – मैंने उसे भी उतार दिया। अब मेरे सामने उसका वो चिकना और हरा-भरा जिस्म था जिसका मैं हमेशा दीवाना और भूखा रहता हूँ। उसकी दूधिया सफेद त्वचा, उसके 38 के स्तन, उसकी पतली कमर, उसके गोल कूल्हे, और उनके बीच में उसकी चिकनी, बाल रहित गुलाबी चूत – सब कुछ एकदम सही था।

भाग 4: घोड़ी बनाकर और उल्टा लिटाकर जमकर चोदा

मैं उसके चूचों को कसके दबाने लगा और एक को दबाते हुए दूसरी चूची को चाटने लगा। मैंने उसका निप्पल मुँह में लेकर दूध पीने लगा – धीरे-धीरे चूसा, फिर थोड़ा जोर से, फिर अपनी जीभ से उसे गोल-गोल घुमाया। दूध दबा-दबा कर पीने में उस वक्त बड़ा मजा आता है, जब चूची चुसवाने वाली खुद से दूध पिला रही हो। मेरी बीवी एक हाथ से अपना दूध पकड़ कर मेरे मुँह में निप्पल ठूँसे जा रही थी और दूसरे हाथ से मेरे सर को अपने दूध पर दबाती हुई सहला रही थी।

सच में जब मेरी बीवी पूरी शिद्दत से चूची पिलाती है, उस वक्त उसके चूचियों की चुसाई का स्वाद बढ़ जाता है। मेरी बीवी के दूध बड़े ही रसीले हैं – उनका स्वाद, उनकी खुशबू, उनकी गर्माहट – सब कुछ मुझे पागल कर देता है। उस दिन मन में चुदास पहले से ही चढ़ी थी तो मुझे उसके दूध छोड़ने का मन ही नहीं कर रहा था।

पर वो कहते हैं ना – जब पूरी थाली ही राजसी पकवान से भरी हुई हो, तो एक ही सब्जी खाने का क्या फायदा। फिर ये थाली तो मेरी अपनी है। मैं अपनी नंगी बीवी का पूरा जिस्म ऐसे चाटने लगा जैसे कुल्फी चाटते हैं – ऊपर से नीचे, बाएँ से दाएँ, हर इंच, हर उभार, हर दरार।

मैंने उसे उल्टा लिटा दिया – उसने अपना चेहरा तकिए में दबा लिया, और अपनी गांड ऊपर उठा ली। मैं नंगा होकर पीछे से उसके ऊपर चढ़ गया। अब मैं पीछे से उसके पूरे जिस्म को चाटने लगा – उसके कंधों को, उसकी पीठ को, उसकी कमर को। और अपना लंड उसके गद्देदार गांड के बीच में फंसा कर चूतड़ मसलने लगा। मेरा लंड उसके दोनों गालों के बीच में दबा हुआ था, और मैं अपनी कमर को आगे-पीछे हिला रहा था।

वो भी हिलने लगी और तड़पने लगी। उसके मुँह से “उह्ह्ह… उह्ह्ह…” की आवाजें निकल रही थीं। धीरे-धीरे मैं गांड के छेद की तरफ बढ़ा और उसकी टांगों पर बैठ कर पीछे से उसकी गांड को दबाने लगा। आह… क्या मज़ा आ रहा था, बता नहीं सकता। उसकी गांड के गाल मेरे हाथों में ऐसे आ रहे थे जैसे गीली मिट्टी के दो गोले हों।

वो भी मादक आवाज़ें निकालने लगी। फिर मैंने उसकी गांड को हाथों से खोला बाहर की तरफ और अपना मुँह उसकी गांड की दरार में घुसा दिया। मुँह घुसा कर मैं गांड की खाई को जोर-जोर से मसलने लगा। मेरी नाक उसकी गांड के छेद पर थी, मेरी ठुड्डी उसके चूत पर। फिर मेरी नज़र उसके गांड के छोटे से छेद पर पड़ी – वह छोटा सा गुलाबी फूल जैसा छेद – और मेरा लंड एकदम से तेज-तेज फड़कने लगा।

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उस छेद को चाटना चालू कर दिया। मेरी बीवी की सिसकारियां बढ़ती चली गईं और मेरे चाटने की रफ्तार भी बढ़ती चली गई। मैं अपनी जीभ को उसके गांड के छेद में डाल रहा था, बाहर निकाल रहा था, फिर से अंदर डाल रहा था। ऐसा मन हो रहा था, जैसे आज खा ही जाऊं उसे!

फिर मैंने उसको सीधा लेटाया और उसकी टांगें खोलकर उनके बीच में अपना सर लगा दिया। अब मैं अपनी बीवी की चूत को चाटने लगा। उसकी चूत पहले से ही गीली थी – उसके रस की धार बन चुकी थी। वो अपनी गांड को हिलाने लगी और मैं जोर-जोर से चूत चूसता रहा। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत की दीवारों पर घुमाई, उसकी क्लिट को अपने होठों के बीच दबाया, और जोर-जोर से चूसा।

ऐसा लग रहा था, जैसे नदी का बांध टूट गया हो। इतना रस निकल रहा था उसमें से… और मैं उसे पीता चला गया। जल्द ही मैं अपने चेहरे पर उसकी चूत के रस का फेस पैक लगाने लगा – उसने मेरा पूरा चेहरा गीला कर दिया था। मैंने अपनी जीभ अन्दर डालकर उसका रस पीने लगा। ऐसा काफी देर तक तक चला। वह बार-बार झड़ रही थी – उसके शरीर में ऐंठन हो रही थी, उसके पैर काँप रहे थे, उसके हाथ चादर को नोच रहे थे।

फिर मैं लेट गया और वो मेरी गर्दन पर चाटने लगी। वो मेरी छाती को चाशनी की तरह चाट रही थी – उसकी जीभ मेरे निप्पल्स पर घूम रही थी, मेरे बालों को सहला रही थी। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। वो भी मेरे निप्पल वैसे ही चूसने लगी जैसे मैं उसके चूस रहा था – धीरे-धीरे, फिर तेज़, फिर अपने दाँतों से हल्के से काटते हुए।

इसके बाद वो मेरे पेट को चाटने लगी, मुझे गुदगुदी होने लगी और मज़ा भी आ रहा था। कुछ देर बाद उसने भी मुझको उल्टा लिटाया और मेरे पूरे जिस्म को अच्छे से चाटा। अब वो मेरी गांड दबाने लगी और मेरी गांड के छेद को चाटने लगी। मुझे अपनी गांड चटवाने में बहुत मज़ा आ रहा था – उसकी जीभ की गर्माहट, उसका दबाव, उसकी कोमलता – सब कुछ अद्भुत था।

फिर उसने मुझे सीधा लिया और लंड चूसने लगी। वो मेरा लंड पूरा अन्दर तक ले रही थी – उसने मेरा पूरा 8 इंच लंड अपने गले में उतार लिया। वह लालीपॉप की तरह चूस रही थी, साथ ही लंड हिला रही थी और गोटियां मसल रही थी। उसके हाथ मेरे अंडकोषों को दबा रहे थे, उसकी जीभ मेरे लंड के सुपारे पर घूम रही थी। मेरा मन तो किया कि लंड का सारा माल उसके मुँह में ही निकाल दूँ… पर अभी तो पिक्चर बाकी थी।

मैंने उसका सर पकड़ कर झटके मारने चालू किए – उसके मुँह में अपना लंड डालते हुए, बाहर निकालते हुए, फिर से अंदर डालते हुए। मुझे अपनी बीवी का मुँह चोदते समय ऐसा लग रहा था जैसे मैं उसकी चूत चोद रहा हूँ और ऐसा करने से मेरे लंड की खुजली मिट रही थी। काफी देर तक मेरा लंड चूसने के बाद फिर वो मेरे लंड पर बैठ गई।

उसने एक ही झटके में मेरा लम्बा, मोटा, पूरा लंड अपनी चूत के अन्दर ले लिया। एक मीठी सी आह के बाद – “आह्ह्ह…” – वो जोर-जोर से लंड पर उछलने लगी। मैं कस-कस कर उसके चूचे दबा रहा था – जैसे वह फट जाएंगे। दस-बारह झटकों के बाद ही वो चिल्लाने लगी – “आह! चोदो! और अन्दर तक चोदो मुझे! आज तो पूरा ले लो!”

कुछ मिनट बाद मैंने उसको जमीन पर खड़ा कर दिया – उसके हाथ दीवार पर टिके हुए थे, उसकी गांड मेरी तरफ थी। मैं पीछे से उसके दूध दबाते हुए – मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे – उसकी चूत में अपना पूरा लंड एक झटके में ही घुसा दिया। मैंने उसको ऐसे ही कुतिया बना कर बहुत देर तक हॉट वाइफ फक किया – दनादन धक्के, थप-थप-थप की आवाज़ें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।

फिर उसको कुतिया बनाए हुए ही चूत से लंड खींच कर गांड दबाते हुए बार-बार लंड पेलने और निकालने लगा। मैंने उसकी गांड के छेद पर अपने लंड का सुपारा रखा, थोड़ा सा दबाया, फिर निकाल लिया, फिर से दबाया – उसे तड़पा रहा था। कुछ देर बाद उसने आसन बदलने का कहा, तो मैं उसे उल्टा लिटाकर चोदने लगा।

उसकी गद्देदार गांड पर उछलते हुए मैं लंड अन्दर तक पेल रहा था। वो अपनी गांड हिला-हिला कर मज़े ले रही थी और चुदवा रही थी। कुछ देर बाद मैंने उसको सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया। उसके भरे हुए जिस्म पर मैं अपने जिस्म को रगड़ने लगा और लंड चूत में पेल कर घपाघप पिलाई करने लगा। मैंने उसकी बहुत देर तक चुदाई की – ऊपर से, नीचे से, बगल से, हर तरह से। उसके बाद मैंने अपना सारा माल उसकी चिकनी चूत के अन्दर निकाल दिया और मेरे साथ ही उसका रस भी झड़ गया। कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे – हाँफते हुए, पसीने से भीगे हुए, एक-दूसरे की बाहों में।

भाग 5: गांड मारना और एनर्जी ड्रिंक वाला जबरदस्त एंडिंग

फिर मैंने बीवी के दूध दबाए तो वो बोली – “आज मजा आ गया। तुमने तो पूरा निकाल दिया मेरा।”

मैंने कहा – “हां, आज एक बार और लेने का मन है।”

वो बोली – “हां, मेरा भी मन है। आज रुकना मत।”

मैंने कहा – “चल, अब पीछे की लेते हैं।”

वो हंस दी और बोली – “यार… सच में तुमने मेरे दिल की बात कह दी। मैं भी तो गांड चुदवाने के लिए तरस रही थी।”

मैंने कहा – “कुछ ताकत दिलाओ। लंड थक गया है।”

वो बोली – “अभी लो मेरे सैंयां, मैं आपको एनर्जी ड्रिंक पिलाती हूँ। असली वाली – होममेड।”

मैंने कहा – “हां लाओ, आज उस एनर्जी ड्रिंक को तुम्हारी चूत में भर कर पियूंगा।”

दस मिनट बाद मेरी बीवी एक गिलास में ताकत देने वाला द्रव्य बना लाई – नींबू, शहद, अदरक का रस, और गर्म पानी। वह मुस्कुरा रही थी, उसकी आँखों में वही शैतानी चमक थी। मैंने बीवी को जमीन पर सीधा लिटाया और उसकी चूत में ड्रिंक डाल कर चूत चूसने लगा। उसे भी अपनी चूत में ठंडी-ठंडी ड्रिंक डलवा कर और चुसवा कर मजा आ रहा था। उसने अपनी गांड उठा दी और चूत कुछ ऊपर को उठ गई – जिससे मैं और गहराई तक चूस सकूँ।

मैंने धीरे-धीरे करके पूरा गिलास उसकी चूत में खाली कर दिया। ठंडी ड्रिंक उसकी गर्म चूत में मिल रही थी – और मैं उसे चूस रहा था। च्लप-च्लप की आवाज़ें आ रही थीं। मैंने उसकी चूत चाट कर साफ़ कर दी – अपनी जीभ से उसके हर कोने को, हर तह को।

इतनी देर में मेरे लंड में भी सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। चूत चटवा कर मेरी बीवी फिर से चुदासी हो गई थी – उसकी साँसें फिर से तेज़ हो गई थीं, उसके निप्पल सख्त हो गए थे। उसने एक गिलास ड्रिंक और बनाया और मेरे लंड पर टपका कर लंड चूसना शुरू कर दिया। ठंडी ड्रिंक मेरे गर्म लंड पर टपक रही थी – एक अजीब सा एहसास था। कुछ ही देर में लंड लोहा हो गया था – पत्थर जैसा सख्त, लोहे जैसा मजबूत।

अब बारी उसकी गांड फाड़ने की थी। मैंने उसे बिस्तर के किनारे घोड़ी जैसा बनाया – उसके हाथ बिस्तर पर, उसके पैर ज़मीन पर, उसकी गांड मेरे सामने। उसकी गांड पर थूक लगा कर उसे चिकना किया, गांड में उंगली पेल कर उसे ढीला किया – धीरे-धीरे, सावधानी से, ताकि उसे दर्द न हो। और अपने लंड का मोटा सुपारा गांड के फूल जैसे छेद पर लगा दिया।

उसने लंड का सुपारा गांड में महसूस किया और अपनी टांगें खोल कर लंड को अन्दर जाने का रास्ता दे दिया। मैंने अपनी बीवी की कमर पकड़ कर लंड को दबा दिया। “पक्क” की आवाज के साथ मेरा सुपारा गांड के पहले छल्ले को फैलाता हुआ अन्दर घुस गया। मेरी बीवी की एक मादक आह निकली – “आह्ह्ह्ह्ह!” – और उसने लंड का सुपारा अपनी गांड में जज्ब कर लिया।

फिर मैंने एक बार और थूका – उसकी गांड के छेद पर – और बस पेल दिया। लंड अन्दर घुसता चला गया – सेंटीमीटर दर सेंटीमीटर – और मैंने अगले ही पल अपने हाथ उसके दोनों चूचियों पर जमा दिए। अब गांड मारना चालू हो गया था – धीरे-धीरे, फिर तेज़, फिर तेज़, फिर और तेज़। मेरी बीवी की मादक आवाजें मेरे जोश को बढ़ा रही थीं। मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूत के दाने को मसलना चालू कर दिया – उसकी क्लिट को दबाते हुए, गोल-गोल घुमाते हुए।

कुछ देर बाद मैंने आसन बदला। अब मेरी बीवी मेरे लौड़े को अपनी गांड में लेकर मेरे ऊपर आ गई थी – काउगर्ल पोजीशन में, लेकिन गांड में। करीब बीस मिनट की मस्त गांड चुदाई के बाद मैंने अपना रस अपनी बीवी की गांड में छोड़ दिया – एक गर्म, गाढ़ा, सफेद धार। और झड़ने के बाद उसकी चूत चूस कर उसे भी झड़ा दिया – उसकी चूत से रस की एक और धार निकली।

दोस्तो, अगर ऐसी बीवी हो तो बाहर मुँह मारने की जरूरत ही नहीं है। मेरी बीवी ही मेरी रंडी है, जिसे मैं बहुत प्यार करता हूँ। वह मेरी दोस्त है, मेरी प्रेमिका है, मेरी पत्नी है, और मेरी सबसे अच्छी सेक्स स्लेव है। हर दिन, हर रात, हर सुबह – हम एक-दूसरे को चोदते हैं, एक-दूसरे का रस पीते हैं, एक-दूसरे के शरीर पर मर मिटते हैं। और इससे बेहतर ज़िंदगी मैं और क्या माँग सकता हूँ?

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