कॉलेज कपल की पहली चुदाई – क्या आपने कभी सोचा है कि एक कॉलेज कपल जब पहली बार घर पर अकेला मौका पाकर चुदाई करता है तो कैसा लगता है? यह हिंदी सेक्स कहानी उसी कॉलेज कपल की पहली चुदाई की है जहाँ विक्रांत ने अपनी बेस्ट फ्रेंड और गर्लफ्रेंड तान्या की पूरी बॉडी को अपनी जीभ से चाटा, 69 पोज़िशन में उसकी चूत चाटी और तीन बार झड़वाया, और फिर अपने 7.5+ इंच के मोटे लंड से उसकी टाइट वर्जिन चूत की जोरदार चुदाई की। मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल — हर पोज़िशन में चोदकर उसने तान्या को पूरी रात रगड़ डाला और सुबह भी नहीं छोड़ा। अगर आपको कॉलेज रोमांस, दोस्ती से प्यार, और पहली चुदाई वाली हॉट कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ आपके लिए ही है।
भाग 1: कॉलेज कपल की पहली चुदाई – दोस्ती, प्यार और घर का मौका
मेरा नाम विक्रांत है और मैं पंजाब से हूँ। मेरा कद 5 फीट 11 इंच है, शरीर गठीला और मजबूत है, और मेरी त्वचा बिल्कुल गोरी है — जैसी पंजाबी लड़कों की होती है। मेरे लिंग का साइज 7.5+ इंच है, मोटा और नसों से भरा हुआ। जब भी वो खड़ा होता है, तो मेरी पैंट में समाना मुश्किल हो जाता है। और ये कहानी है मेरी और मेरी बेस्ट फ्रेंड तान्या की।
तान्या का फिगर 32 इंच स्तन, 28 इंच कमर, और 32 इंच कूल्हे हैं — बिल्कुल ऑवरग्लास शेप, जैसा लड़के सपने में देखते हैं। उसके स्तन न बहुत बड़े, न बहुत छोटे — बिल्कुल उसके शरीर के हिसाब से परफेक्ट। उसकी कमर इतनी पतली है कि एक हाथ में समा जाए, और उसके कूल्हे गोल-मटोल और उभरे हुए हैं कि पीछे से देखने पर दिल धड़कना बंद हो जाए। वो रंग से साँवली थी — लेकिन उसकी साँवली त्वचा पर जब पसीने की बूँदें चमकती थीं, तो वो सोने की तरह दमकती थी। उसकी आँखें बड़ी-बड़ी और काली थीं, और उसके बाल लंबे, घने और घुँघराले थे जो हवा में ऐसे उड़ते थे जैसे काली रेशम की लहरें हों।
ये बात तब की है, जब हम दोनों ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर में थे। हम दोनों ने ग्रेजुएशन एक साथ शुरू किया था। पहले दिन से ही मेरी नज़र तान्या पर थी — वो क्लास की सबसे तेज़ लड़की थी, हर सेमेस्टर में टॉप करती थी, और उसकी सादगी मुझे खींचती थी। वो ज़्यादा मेकअप नहीं करती थी, बस एक हल्की सी बिंदी, होंठों पर लिप बाम, और सिंपल सलवार-कमीज़ — लेकिन उसमें एक अलग ही कशिश थी।
मैं उसे दिल ही दिल में चाहता था। क्लास में बैठा-बैठा घंटों उसे देखता रहता — जिस तरह से वो अपनी किताब पढ़ती, जिस तरह से वो अपने बालों को कान के पीछे करती, जिस तरह से वो हँसती तो उसके गालों पर डिंपल पड़ जाते। पर कभी हिम्मत करके उसको बोल नहीं पाया ये बात। मैं सोचता था — पता नहीं वो मना कर देगी, पता नहीं वो हँस देगी, पता नहीं क्या होगा।
पर एक दिन क्लास में कुछ ऐसा हुआ जिसने सब कुछ बदल दिया। हमारी क्लास में मोहित नाम का एक लड़का था — बदतमीज़, गंदी सोच वाला। उस दिन तान्या क्लास में सबसे ज़्यादा मार्क्स लेकर आई थी, और मोहित जल गया। उसने ज़ोर से कहा — “काली चुड़ैल!” पूरी क्लास में सन्नाटा छा गया। तान्या का चेहरा उतर गया, उसकी आँखें भर आईं। मोहित ने फिर से कहा — “काली चुड़ैल! तू क्या समझती है अपने आप को?”
और फिर मेरा हाथ अपने आप उठ गया। मैंने खड़े होकर मोहित को एक ज़ोरदार थप्पड़ मार दिया — इतनी ज़ोर से कि मोहित की चीख निकल गई और वो अपनी सीट से गिर गया। पूरी क्लास के लड़के और लड़कियाँ हैरान रह गए, क्योंकि तान्या का रंग साँवला था और मेरा रंग बिल्कुल गोरा। सब मुझसे कहने लगे — “अरे विक्रांत, तो तुम तो इसके राजकुमार हो! इसकी लॉटरी लग गई।”
तान्या इन सब बातों के बाद रोने लगी। उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे और वो अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रही थी। मैंने उसके पास जाकर उसके आँसू पोंछे — अपनी उंगलियों से, बहुत धीरे से, बहुत प्यार से। “रो मत, तान्या। ये लोग बेवकूफ हैं। तू तो सबसे खूबसूरत है,” मैंने फुसफुसाकर कहा। उसने अपनी नम आँखों से मेरी तरफ देखा और हल्की सी मुस्कुराई। बस वही पल था जब तान्या मेरे दिल के और भी करीब आ गई।
फिर ऐसे ही धीरे-धीरे वक्त बीतने लगा। वक्त के साथ-साथ हम दोनों का रिश्ता खास होता गया। हम साथ में क्लास जाते, साथ में कैंटीन में खाना खाते, साथ में लाइब्रेरी में पढ़ते। हम लोग एक-दूसरे के और पास आते गए — शारीरिक रूप से नहीं, लेकिन दिल से।
फिर एक दिन मैंने हिम्मत जुटाई और उसे अपने दिल की बात कह दी। हम कॉलेज के बाद पार्क में बैठे थे, शाम का वक्त था, आसमान लाल-नारंगी था। “तान्या, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। तुम्हारे बिना मेरा कोई दिन पूरा नहीं होता,” मैंने कहा। तान्या ने मेरी तरफ देखा, उसकी आँखों में शरम और खुशी थी। उसने मुझसे एक हफ्ते का टाइम लिया और फिर हाँ कह दिया। उस दिन मैं दुनिया का सबसे खुश इंसान था।
फिर धीरे-धीरे हमारी फोन पर हर रात बातें होने लगीं। रात के 11 बजे से लेकर 2-3 बजे तक — हम बस बातें करते रहते। अब तक हम “लव यू” से बढ़कर “तुम्हें किस करूँगा”, “तुम्हें गले लगाऊँगा”, और फिर धीरे-धीरे फोन पर सेक्स तक करने लगे थे। मैं उससे कहता — “तान्या, मैं तुम्हारी चूत चाटूँगा,” और वो शरमाकर फुसफुसाती — “और बताओ… और क्या करोगे?” फिर मैं उसे विस्तार से बताता कि मैं उसके साथ क्या-क्या करूँगा, और वो धीमी-धीमी साँसें लेती और कभी-कभी हल्की सी कराहती। मैं हर दिन उससे पूछता था — “कैसा लगा?” तो हर दिन बोलती — “बहुत अच्छा।” अब ऐसा फोन पर सेक्स तो हमारे लिए नॉर्मल था। लेकिन हमें असली, फिजिकल सेक्स का मौका नहीं मिल रहा था।
पर एक दिन बारिश का दिन था। कॉलेज में छात्र बहुत कम आए थे — बस गिने-चुने लोग। तो हम दोनों ने मौका देखा और कैंटीन के पीछे वाले हॉल में चले गए। वहाँ कोई नहीं था। हल्की बारिश की आवाज़ बाहर से आ रही थी, और हॉल के अंदर सन्नाटा था। वहाँ जाकर हमने किसिंग की — बहुत पैशनेट, बहुत देर तक। उसके होंठ मुलायम और गर्म थे, और उसकी साँसों में पुदीने की खुशबू थी। मैंने उसे दीवार से लगाकर किस किया, और उसने अपनी बाहें मेरी गर्दन में डाल दीं। फिर वहीं पर हमने ऊपर-ऊपर से सब किया — मैंने उसके कपड़ों के ऊपर से ही उसके स्तनों को दबाया और उसकी गांड को सहलाया। तान्या की साँसें तेज़ हो गई थीं और उसके गाल लाल हो गए थे। अब कॉलेज में जब भी चांस मिलता, हम किसिंग करते रहते — कभी लाइब्रेरी के पीछे, कभी खाली क्लासरूम में, कभी छत पर।
हमारी अंतिम परीक्षा भी शुरू होने को थी, और मेरा अर्थशास्त्र काफी कमज़ोर था। और ये बात तान्या बहुत अच्छे से जानती थी। वो मुझे पढ़ने में मदद भी करती थी — अपने नोट्स देती, मुझे समझाती, मेरी प्रैक्टिस करवाती। तो एक दिन मेरे मम्मी-पापा को एक शादी अटेंड करने दूसरे शहर जाना था। मैंने तान्या को ये बता दिया कि मम्मी-पापा शादी पर जा रहे हैं और वो तीन दिन बाद आएँगे।
मैंने तान्या से कहा — “मम्मी-पापा शादी पर गए हैं। अब एक तो अर्थशास्त्र के पेपर की टेंशन, दूसरा खाना कौन देगा?”
तो उसने मुझसे कहा — “मैं आ जाऊँ?”
फिर मैंने कहा — “आ जाओ।”
तो वो अपने घर में बहाना बना कर आ गई कि दोस्त के घर आज ग्रुप स्टडी करनी है। जब वो घर आई, तो उसने पहले मेरे लिए खाना बनाया। उसने अपनी सलवार के साथ एक सिंपल सी कमीज़ पहनी हुई थी — हल्के पीले रंग की, जो उसकी साँवली त्वचा पर बहुत खूबसूरत लग रही थी। हमने साथ में खाना खाया — राजमा चावल, जो उसने खुद बनाए थे। फिर हमने पढ़ाई की, रात 11 बजे तक। मैंने अपनी किताब खोली और तान्या ने मुझे समझाया — डिमांड-सप्लाई कर्व, मार्केट इक्विलिब्रियम, सब कुछ। लेकिन मेरा ध्यान तो बार-बार उसके चेहरे पर जा रहा था, उसकी उंगलियों पर जो किताब के पन्ने पलट रही थीं, उसकी गर्दन पर जहाँ उसके घुँघराले बाल गिर रहे थे।
रात 11 बजे हमने किताबें बंद कीं और सोने की तैयारी करने लगे। मेरा बेडरूम साफ-सुथरा था, हल्की रोशनी थी, और एसी चल रही थी। तान्या मेरे साथ बिस्तर पर लेट गई — अपनी सलवार-कमीज़ में ही। हम एक-दूसरे की तरफ मुँह करके लेटे थे, और वो प्यार भरी बातें कर रही थी — “पता है, आज से ठीक एक साल पहले तुमने मोहित को थप्पड़ मारा था। उस दिन से मैं तुम्हारी हो गई थी।”
फिर मैंने उससे कहा — “किस करो?”
तान्या ने अपना सिर झुका लिया, उसकी पलकें नीचे झुक गईं, और उसके गालों पर एक हल्की लाली दौड़ गई। उसकी इस शर्मीली अदा से मुझे उसकी सहमति का पता चल गया। फिर सबसे पहले उसने मेरे माथे पर एक हल्का, नरम सा किस किया — बस होंठों का एक कोमल स्पर्श। फिर उसने मेरी आँखों पर किस किया, फिर मेरी नाक पर। और फिर हम दोनों ने डीप लिप किस किया — हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं, हमारी साँसें मिल गई थीं, और दुनिया जैसे थम गई थी।
भाग 2: कॉलेज कपल की पहली चुदाई – कपड़े उतरे, 69 पोज़िशन और चूत चाटी
उसके बाद धीरे-धीरे मैंने उसके माथे से लेकर नाभि तक चुंबन की बारिश कर दी। मैंने उसका माथा चूमा, उसकी पलकें चूमीं, उसकी नाक चूमी, उसके होंठ चूमे, उसकी गर्दन चूमी — और गर्दन पर तो मैं थोड़ा रुक गया। मैंने अपनी जीभ से उसकी गर्दन को चाटा, हल्के से काटा, और उसकी त्वचा का नमकीन स्वाद लिया। तान्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं और एक हल्की सी कराह उसके होंठों से निकली — “हम्म्म…” वो मेरे बालों में अपनी उंगलियाँ फेर रही थी।
फिर मैंने उसकी कमीज़ के बटन खोले — एक-एक करके, बहुत धीरे-धीरे। हर बटन के साथ उसकी साँसें तेज़ हो रही थीं। उसकी कमीज़ उतर गई, और उसने ब्लैक कलर की सिंपल सी ब्रा पहनी हुई थी। मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके स्तनों को चूमा और फिर ब्रा के हुक खोल दिए। उसके 32 इंच के स्तन बाहर आ गए — गोल, उभरे हुए, और उसकी साँवली त्वचा पर उसके गहरे भूरे रंग के निप्पल बहुत ही सेक्सी लग रहे थे। मैंने तुरंत एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा। तान्या ने अपनी कमर उठा दी और ज़ोर से कराह उठी — “आह… विक्रांत…”
फिर मैंने उसकी सलवार उतारी। उसने ब्लैक पैंटी पहनी हुई थी — सिंपल, लेकिन बहुत सेक्सी। मैंने पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमा और महसूस किया कि पैंटी पहले से ही गीली हो चुकी थी। तान्या ने भी अब मेरी शर्ट और पैंट उतार दी। मैं सिर्फ अपने अंडरवियर में था, और मेरा 7.5+ इंच का लंड अंडरवियर को ताने हुए था। तान्या ने उसे देखा और उसकी आँखें चौड़ी हो गईं — “इतना बड़ा…” उसने फुसफुसाकर कहा।
फिर मैंने उसकी पूरी बॉडी को अपनी जीभ से चाटा। मैंने उसकी गर्दन से शुरू किया, फिर उसके स्तनों को चाटा — दोनों को, बारी-बारी से, गोल-गोल घुमाकर। फिर मैंने उसके पेट को चाटा — उसकी नाभि के अंदर अपनी जीभ डाली, जिससे वो छटपटा उठी। फिर मैंने उसकी जाँघों को चाटा — अंदर की तरफ, जहाँ की त्वचा सबसे नरम और संवेदनशील थी। और फिर मैंने उसकी पैंटी उतार दी।
अब तान्या पूरी तरह नंगी थी — उसकी साँवली त्वचा बिस्तर की सफेद चादर पर और भी खूबसूरत लग रही थी। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे — बिल्कुल नए, बिल्कुल नर्म। उसकी चूत के होंठ गुलाबी और गीले थे, और उसकी खुशबू — एक अनोखी, नशीली खुशबू — पूरे कमरे में फैल गई थी।
मैंने अपना अंडरवियर उतार फेंका और हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए। मैं ऊपर था, तान्या नीचे। मेरा लंड उसके चेहरे के ठीक ऊपर था, और मेरा मुँह उसकी चूत पर। तान्या ने मेरा लंड अपने हाथों में पकड़ा — पहली बार किसी लड़की ने मेरा लंड पकड़ा था। उसकी उंगलियाँ मेरे लंड की मोटाई नाप रही थीं, और फिर उसने धीरे से मेरे लंड का टोपा अपने मुँह में ले लिया।
मैंने भी अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी। मैं उसकी योनि को बहुत प्यार से चाट रहा था — पहले बाहरी होंठों पर, फिर अंदर की तरफ। मैंने अपनी जीभ से उसके क्लिट को ढूँढ़ा और उस पर गोल-गोल घुमाने लगा। तान्या का शरीर काँप उठा और उसने मेरा लंड ज़ोर से चूस लिया। मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाली — बहुत टाइट थी, बिल्कुल वर्जिन। मैंने धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर करनी शुरू की, और अपनी जीभ से उसके क्लिट को चाटता रहा। तान्या मेरा लंड चूस रही थी और बीच-बीच में कराह रही थी।
हमने करीब 10 मिनट तक ऐसे किया। इसी दौरान तान्या कम से कम तीन बार झड़ गई। पहली बार उसका शरीर अकड़ गया और उसके मुँह से एक दबी हुई चीख निकली। दूसरी बार उसने मेरा लंड अपने मुँह से निकाल दिया और ज़ोर से कराह उठी। तीसरी बार तो वो पूरी तरह से काँप गई और उसने मेरा सिर अपनी जाँघों से दबा लिया। उसकी चूत से पानी निकल रहा था, जिसे मैंने अपनी जीभ से साफ किया।
भाग 3: कॉलेज कपल की पहली चुदाई – वर्जिन चूत में लंड, दर्द और आनंद
अब तान्या पूरी तरह से गीली और तैयार थी। उसकी चूत लाल और सूजी हुई थी, और उसकी आँखों में एक गहरी हवस और प्यार झलक रहा था। फिर मैं उसके ऊपर आ गया। मैंने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और अपने लिंग को उसकी योनि के द्वार पर लगाया। मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के छेद पर था। तान्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं और अपने होंठों को दाँतों से दबा लिया।
“तैयार हो?” मैंने फुसफुसाकर पूछा। उसने धीरे से सिर हिलाया।
मैंने अपना लंड अंदर सरकाने की कोशिश की। एक बार — नहीं गया। तान्या की चूत बहुत ज़्यादा टाइट थी, और मेरा लंड बहुत मोटा। दूसरी बार फिर कोशिश की — नहीं गया। तान्या कराह रही थी — “दर्द हो रहा है… धीरे करो…” तो अगली बार मैंने अपने लंड पर थोड़ा और थूक लगाया और उसकी योनि पर रखकर एक ज़ोरदार शॉट लगाया। इस बार मेरे लंड का टोपा अंदर चला गया।
तान्या झटपटाने लगी — “निकालो… निकालो… दर्द हो रहा है…” उसकी आँखों से आँसू निकल आए थे। मैंने तुरंत उसके होंठों पर एक लंबा, प्यार भरा किस किया और उसका ध्यान बँटा दिया। मेरी जीभ उसके मुँह में थी, और मेरे होंठ उसके होंठों पर। और फिर अगले ही पल मैंने एक और ज़ोरदार शॉट लगाया — और इस बार मेरा पूरा 7.5+ इंच का लंड उसकी चूत के अंदर चला गया।
“आआआह… विक्रांत…” तान्या चीख उठी। उसके नाखून मेरी पीठ में गड़ गए थे। मैं कुछ पल रुका रहा, उसे अपने लंड का एहसास करने दिया। उसकी चूत की दीवारें मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थीं — इतनी टाइट कि मुझे भी दर्द और आनंद का मिश्रण महसूस हो रहा था।
फिर मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। पहले बहुत धीरे — बस एक इंच अंदर, एक इंच बाहर। तान्या की साँसें तेज़ थीं, उसकी आँखें बंद थीं, और वो धीरे-धीरे सहने लगी थी। थोड़े ही समय में तान्या सामान्य हो गई और उसने अपनी कमर उठा-उठाकर मेरा साथ देना शुरू कर दिया। हर बार जब मैं अंदर जाता, वो अपनी कमर ऊपर उठाती, और जब मैं बाहर आता, वो नीचे जाती। हमने एक लय पकड़ ली थी।
“हाँ… ऐसे ही… और… और ज़ोर से…” तान्या कराह रही थी।
मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी। अब मैं उसे सच में चोद रहा था — ज़ोर-ज़ोर से, गहराई तक। मेरे लंड पर उसका खून लगा हुआ था — उसकी वर्जिनिटी का सबूत। कमरे में हमारी साँसों की आवाज़ें, बिस्तर की चरमराहट, और “थप-थप-थप” की आवाज़ें गूँज रही थीं। मैंने उसके स्तनों को पकड़ लिया और उन्हें मसलते हुए चोदता रहा।
इस पोज़िशन में हमने करीब 15 मिनट तक चुदाई की। तान्या एक बार फिर झड़ गई — इस बार उसकी चीख पूरे कमरे में गूँज गई। और फिर मैं भी झड़ गया — उसके अंदर ही, उसकी चूत में। मेरा गर्म, गाढ़ा माल उसकी चूत में भर गया। मैं उसके ऊपर गिर गया और हम दोनों हाँफते रहे।
भाग 4: कॉलेज कपल की पहली चुदाई – डॉगी स्टाइल, काउगर्ल और रात भर की चुदाई
थोड़े समय बाद हम दोनों फिर से 69 की पोज़िशन में आ गए। इस बार तान्या ने पहल की — उसने खुद मेरा लंड अपने मुँह में लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया — सख्त, मोटा, और तैयार। मैंने भी उसकी चूत को चाटा — अब वो और भी गीली थी, और भी खुली हुई थी।
फिर मैंने उससे कहा — “डॉगी स्टाइल में आ जाओ।”
तान्या अपने घुटनों और हाथों पर आ गई — कुतिया पोज़ में। उसकी गोल-मटोल गांड हवा में उठी हुई थी, और उसकी चूत पीछे से पूरी तरह दिख रही थी। मैंने उसके कूल्हों को पकड़ा और पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। इस बार कोई दिक्कत नहीं हुई — उसकी चूत मेरे लंड के हिसाब से ढल चुकी थी।
अब मैं उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। मेरी जाँघें उसकी गांड से टकरा रही थीं, और हर धक्के के साथ उसके स्तन आगे-पीछे झूल रहे थे। तान्या बिस्तर की चादर को पकड़कर कराह रही थी — “हाँ… हाँ… और ज़ोर से… चोदो मुझे…”
मैंने उसके बाल पकड़ लिए और उसका सिर पीछे खींच लिया। अब मैं और भी ज़ोर से चोद रहा था। इस पोज़िशन में हमने करीब 20 मिनट तक चुदाई की। तान्या दो बार और झड़ी। आखिर में मैंने भी अपना माल उसकी चूत में छोड़ दिया — इस बार और भी ज़्यादा, और भी गाढ़ा।
फिर हम दोनों शांत हुए, एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। मेरा लंड अब नरम हो चुका था, और तान्या की चूत से मेरा माल बाहर बह रहा था। हमने कुछ देर आराम किया।
आधे घंटे बाद, मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। मैंने तान्या से फिर से चुदाई के लिए कहा। पहले तो वो मना करने लगी — “अभी थोड़ी देर पहले ही तो किया… थक गई हूँ…” लेकिन फिर मान गई — क्योंकि उसकी आँखों में भी वही चमक थी, वही भूख थी।
इस बार मैं बिस्तर पर बैठ गया और तान्या को अपनी गोद में बैठा लिया — काउगर्ल पोज़िशन में। तान्या ने अपनी चूत मेरे लंड पर सरकाई और धीरे-धीरे बैठ गई। मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया। फिर वो मेरे लंड पर ऊपर-नीचे होने लगी — पहले धीरे-धीरे, फिर तेज़, फिर बहुत तेज़।
यह पोज़िशन बहुत अच्छी लग रही थी, क्योंकि जब मैं उसके कूल्हों को अपने लंड पर ऊपर-नीचे करता, तो “फच-फच” की आवाज़ आती — उसकी चूत से मेरे पिछले माल और उसके रस के मिलने की गीली आवाज़। वो आवाज़ हमें और भी मदहोश कर रही थी। तान्या के स्तन मेरी आँखों के सामने उछल रहे थे, और मैं बारी-बारी से दोनों को चूस रहा था। उसने अपनी बाहें मेरी गर्दन में डाल दीं और मेरे होंठों पर किस करने लगी। हम एक-दूसरे में पूरी तरह खोए हुए थे।
इस पोज़िशन में हमने करीब 15 मिनट तक चुदाई की, और फिर मैंने अपना तीसरा माल उसकी चूत में छोड़ दिया। तान्या मेरी गोद में ढह गई और हम दोनों हाँफते रहे।
रात के करीब 3 बजे तक हमने ऐसे ही चुदाई की — कभी मिशनरी में, कभी डॉगी में, कभी काउगर्ल में। हमने कम से कम 4 बार चुदाई की। और हर बार, तान्या और भी खुलती गई, और भी मज़ा लेती गई। आखिर में हम थककर एक-दूसरे से लिपटकर सो गए।
भाग 5: कॉलेज कपल की पहली चुदाई – मॉर्निंग सेक्स और तीन दिन का प्यार
जब सुबह हमारी नींद खुली, तो 7 बज चुके थे। खिड़की से हल्की धूप कमरे में आ रही थी, और पंछी चहचहा रहे थे। तान्या मेरी बाँहों में सिमटी हुई थी — उसकी साँवली त्वचा सुबह की रोशनी में सोने की तरह चमक रही थी। उसके बाल बिखरे हुए थे, उसके होंठ सूजे हुए थे, और उसके स्तनों पर मेरे काटने के हल्के-हल्के निशान थे। मैंने उसे देखा और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
तान्या की आँख खुली तो उसने मेरी तरफ देखा और शरमाकर मुस्कुराई। “गुड मॉर्निंग,” उसने फुसफुसाकर कहा।
“गुड मॉर्निंग, मेरी जान,” मैंने कहा और उसके होंठों पर एक हल्का सा किस किया।
तभी हमारा दोबारा से मूड बन गया। इस बार मैंने फिर से उसकी पूरी बॉडी पर किस किया — उसका माथा, उसकी आँखें, उसकी नाक, उसके होंठ, उसकी गर्दन, उसके स्तन, उसका पेट, उसकी नाभि, उसकी जाँघें — हर इंच। सुबह का प्यार कुछ और ही होता है — ऊर्जा से भरा, जोश से भरा। मैंने उसकी चूत को चाटा — अब वो मेरे स्वाद की आदी हो चुकी थी, और मैं उसके स्वाद का। फिर मैंने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रखीं और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।
सुबह की इस चुदाई में हमने कोई जल्दी नहीं की। मैंने बहुत धीरे-धीरे, बहुत प्यार से चोदा — हर धक्के के साथ उसकी आँखों में देखता, उसके होंठों पर किस करता, और उससे प्यार करता। तान्या भी पूरी तरह से मेरे साथ थी — उसने अपनी कमर उठा-उठाकर मेरा साथ दिया और बीच-बीच में मेरे कान में फुसफुसाती — “आई लव यू, विक्रांत… आई लव यू सो मच…” ये चुदाई हमने करीब 15 मिनट तक की, और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए।
फिर हमने डॉगी स्टाइल में भी चुदाई की — सुबह की एनर्जी के साथ। मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाला और ज़ोर-ज़ोर से चोदा। तान्या की गांड मेरी जाँघों से टकरा रही थी, और उसकी चीखें पूरे घर में गूँज रही थीं। मॉर्निंग सेक्स में एनर्जी बहुत होती है, और हमने वो भी किया — पूरी एनर्जी के साथ, पूरे जोश के साथ।
उसके बाद हम दोनों ने साथ में नहाया। बाथरूम में भी हमने एक-दूसरे को चूमा, एक-दूसरे के शरीर पर साबुन लगाया, और एक-दूसरे को धोया। तान्या ने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर धोया, और मैंने उसकी चूत को साफ किया। फिर हमने नाश्ता बनाया — तान्या ने आमलेट और टोस्ट बनाए, और हमने साथ में खाया।
फिर हम दोनों को जैसा वक्त मिलता, तो हम समय और जगह देखकर चुदाई करते। वो तीन दिन किसी जन्नत से कम नहीं थे। हमने दिन में पढ़ाई की, और रात में एक-दूसरे को प्यार किया। कभी सोफे पर, कभी किचन में, कभी बिस्तर पर, कभी फर्श पर — हर जगह हमने चुदाई की।
आखिरी दिन, जब तान्या को जाना था, तो उसकी आँखों में आँसू थे। “मैं नहीं जाना चाहती,” उसने कहा। “मैं भी नहीं चाहता कि तुम जाओ,” मैंने कहा। लेकिन उसे जाना पड़ा। दरवाज़े पर खड़े होकर, उसने मुझे एक आखिरी बार चूमा और कहा — “यह कॉलेज कपल की पहली चुदाई की यादें मैं कभी नहीं भूलूँगी।”
“मैं भी नहीं,” मैंने कहा। “और यह तो सिर्फ शुरुआत है, तान्या।”
वो मुस्कुराई, अपने आँसू पोंछे, और चली गई। और मैं दरवाज़े पर खड़ा उसे जाते हुए देखता रहा — अपनी बेस्ट फ्रेंड, अपनी गर्लफ्रेंड, और अब अपनी पूरी दुनिया को।