पहली बार बीवी की गांड चोदने की कहानी – क्या आपने कभी सोचा है कि शादी के एक साल बाद जब आप अपनी सेक्सी और हॉट पत्नी की पहली बार गांड मारते हैं, तो वह पल कितना यादगार और धमाकेदार होता है? यह गर्म हिंदी सेक्स स्टोरी भावेश और उसकी कश्मीर की कली जैसी खूबसूरत पत्नी वंदना की है। वंदना के बड़े-बड़े रसीले मम्मे, गोल-मटोल चूतड़, और चिकनी चमेली चूत को देखकर हर किसी का लंड खड़ा हो जाता था। लेकिन एक चीज थी जो भावेश को नहीं मिल पा रही थी—अपनी पत्नी की तंग और कसी हुई गांड। इस पहली बार बीवी की गांड चोदने की कहानी में आप पढ़ेंगे कि कैसे भावेश ने अपनी पत्नी को पूरी रात चूचियां चूसकर, चूत चाटकर और फिर उसकी गांड में अपना 9 इंच का लंड डालकर जमकर चोदा। अगर आप पहली बार गांड चुदाई और देसी पति पत्नी की चुदाई की ऐसी गर्म कहानी ढूंढ रहे हैं, तो यह पूरी दास्तान आपके लिए ही है।
भाग 1 – वंदना—कश्मीर की कली और भावेश की चुदासी बीवी
मेरी शादी को अभी एक साल ही हुआ था और मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी का भरपूर आनंद ले रहा था। मेरी बीवी का नाम वंदना है और मैं बिना किसी झिझक के कह सकता हूं कि वह बहुत ही सेक्सी और हॉट माल है। उसकी उम्र उस समय सिर्फ 26 साल थी और वह देखने में बिल्कुल कश्मीर की कली की तरह लगती थी—गोरी, नाजुक, और बेहद खूबसूरत। उसकी खूबसूरती का हर कोई दीवाना था और मैं तो उस पर पूरी तरह से फिदा था। मैं अपनी इस बीवी को चोद-चोदकर एक कली से पूरा फूल बना देना चाहता था, ताकि उसकी पूरी जवानी मेरे नाम हो जाए। वंदना के होंठ एकदम गुलाबी और मुलायम थे, और उसकी चाल में एक अलग ही नशा और मस्ती थी जो किसी को भी अपनी तरफ खींच लेती थी।
वंदना हर तरह के कपड़ों में बहुत ही ज्यादा सेक्सी और आकर्षक लगती थी। चाहे वह साड़ी-ब्लाउज पहने, सलवार-कमीज पहने, या फिर जींस और टॉप—हर लिबास में वह मस्त माल लगती थी और उसका फिगर ऐसा था कि देखने वालों की आंखें थक जाती थीं, पर नजरें नहीं हटती थीं। उसके चूचे बहुत ही बड़े-बड़े और गोल-गोल थे, जिनमें मानो रस ही रस भरा हुआ था। उसके ये उभरे हुए और भरे हुए मम्मे हमेशा उसके कपड़ों से बाहर झांकते हुए से लगते थे, मानो वे भी आजाद होना चाहते हों। उसके पुट्ठे भी बड़े-बड़े और बाहर की तरफ निकले हुए थे, जो उसकी चाल में एक अलग ही लय और आकर्षण पैदा करते थे। जब भी वंदना बाजार या कहीं बाहर जाती, तो सब लोग उसे पलट-पलट कर देखते थे। और मैं जानता था कि उसकी उस गदराई हुई जवानी और उसके उभरे हुए जिस्म को देखकर कितने ही मर्दों के लंड खड़े हो जाते होंगे।
मैं खुद को बहुत ही किस्मत वाला और खुशनसीब इंसान मानता हूं कि मुझे वंदना जैसी मस्त और चुदासी माल बीवी के रूप में मिली। मैं सोचता था कि अब तो मैं सारी जिंदगी उसकी मस्त मलाई जैसी चिकनी और रसीली चूत ही मारूंगा और उसी का आनंद लूंगा। वंदना वास्तव में वासना की पुजारिन थी। उसे रोज रात में मेरा मोटा लंड खाना और उसे अपनी चूत में लेकर चुदवाना बहुत पसंद था। वह रात को नियमित रूप से सबसे पहले मेरा पूरा लंड अपने मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसती थी और उसे पूरी तरह से गीला और गर्म कर देती थी। उसके बाद ही वह मुझसे अपनी रसीली और गर्म चूत जमकर चुदवाती थी। उसे लंड चूसना और फिर चुदवाना, यही उसकी रोज की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका था।
लेकिन दोस्तों, एक चीज थी जो मुझे बहुत खटकती थी और जिसकी मुझे बहुत तीव्र इच्छा थी। हमारी शादी को पूरा एक साल बीत चुका था, लेकिन मैंने अभी तक कभी भी अपनी वंदना की गांड नहीं मारी थी। मैं अपनी इस खूबसूरत और सेक्सी बीवी के साथ जमकर गरमा-गर्म गांड चुदाई करना चाहता था। मैं उसके पूरे खूबसूरत जिस्म के हर एक हिस्से को भोगना चाहता था और उसका पूरा मजा लेना चाहता था। पर हर बार जब भी मैं उसकी गांड मारने की कोशिश करता या उसके बारे में बात करता, तो वंदना साफ मना कर देती थी।
“जान!! गांड में लंड लेने से बहुत ज्यादा दर्द होता है। मुझसे यह सब नहीं होगा। इसलिए तुम मेरी यह रसीली और गर्म चूत ही चोद लो ना, प्लीज!!” वंदना हर बार यही कहकर मुझे टाल देती थी। मैं उससे बहुत प्यार करता था और उसे किसी भी तरह की तकलीफ में नहीं देख सकता था, इसलिए मजबूरन मुझे उसकी बात माननी पड़ती थी और सिर्फ उसकी चूत चोदकर ही अपना काम चलाना पड़ता था। इसी तरह से एक पूरा साल बीत चुका था और मेरी गांड मारने की इच्छा दिन-ब-दिन और भी ज्यादा प्रबल होती जा रही थी।
मेरे सारे दोस्त अपनी-अपनी बीवियों की मस्ती से और बड़े आराम से गांड मारते थे और मुझे उनके वीडियो भी दिखा दिया करते थे। उन वीडियो को देखकर मेरे अंदर की आग और भी ज्यादा भड़क जाती थी और मेरा मूड गांड मारने का बनने लगता था। मैंने मन ही मन ठान लिया था कि अब मैं किसी भी तरह से वंदना को राजी करके ही रहूंगा और उसकी गांड जरूर मारूंगा।
वंदना को चुदासी बनाना और गांड चोदने का वादा लेना
एक दिन मैंने पूरी प्लानिंग के साथ अपनी पत्नी वंदना को प्यार से चूमना और उसके पूरे शरीर को सहलाना शुरू कर दिया। मैं उसे पूरी तरह से कामुक और चुदासी बनाना चाहता था, ताकि वह मेरी हर बात मानने के लिए तैयार हो जाए। मैं उसके गालों को, उसकी गर्दन को, और उसके कंधों को चूमता रहा और अपने हाथों से उसकी पीठ और कमर को सहलाता रहा। मेरे इन प्यार भरे स्पर्शों से वह जल्दी ही गर्म हो गई और उसकी सांसें तेज होने लगीं।
“भावेश!! आओ ना… अब सेक्स करते हैं!! मुझे बहुत अच्छा लग रहा है,” वंदना ने अपनी भारी और कामुक आवाज में कहा।
फिर धीरे-धीरे हम दोनों ने एक दूसरे के सारे कपड़े उतार दिए और पूरी तरह से नंगे हो गए। वंदना रात में हमेशा एक हल्की सी नाइटी पहनती थी, लेकिन आज उसने बिना किसी झिझक के वह भी उतार कर एक तरफ फेंक दी। अब वह अपने पूरे नंगे जिस्म के साथ मेरे सामने खड़ी थी और उसका गोरा और भरा हुआ शरीर कमरे की हल्की रोशनी में चमक रहा था। उसने मुझे बिस्तर पर पीठ के बल लिटा दिया और सीधे मेरे लंड पर हाथ रख दिया। दोस्तों, मैं आपको बता दूं कि मेरा लंड पूरे 9 इंच लंबा था और काफी मोटा भी था। वंदना ने मेरे इस मोटे लंड को अपनी मुठ्ठी में जोर से पकड़ लिया और बड़ी ही तेजी से उसे हाथ से ऊपर-नीचे करके खेलने और मसलने लगी।
मेरे मुंह से अपने आप ही “अहहह्ह्ह्ह… स्सीईईईइ… अअअअअ…” की आवाजें निकलने लगीं। मुझे बहुत ही जबरदस्त मजा आ रहा था। अब वंदना के शरीर में चुदासी हार्मोन बहुत तेजी से निकल रहे थे जो उसे और भी ज्यादा गर्म और बेकाबू बना रहे थे। वह काफी देर तक मेरे लंड को अपने हाथ से ऊपर-नीचे करके खेलती रही और उसे मसलती रही। फिर अचानक उसने अपना सिर झुकाया और मेरे पूरे लंड को अपने गर्म और गीले मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी।
मैं तो उसकी यह अदा देखकर हैरान ही रह गया। वंदना आज किसी देसी और अनुभवी रंडी की तरह बहुत ही तेजी और जोश के साथ मेरा लंड चूस रही थी। उसके बड़े-बड़े और रसीले मम्मे उसकी इस तेज रफ्तार के साथ जल्दी-जल्दी दाएं-बाएं हिल रहे थे और एक दूसरे से टकरा रहे थे। यह नजारा इतना कामुक और उत्तेजित करने वाला था कि मुझे भी पूरा जोश आ गया और मैं पूरी तरह से चुदासा हो गया। मुझे उसके मुंह की गर्मी और उसकी जीभ का स्पर्श भरपूर मजा दे रहा था।
वंदना आज सच में वासना की पुजारिन बन गई थी। वह बड़ी ही तेजी और बेतहाशा जोश के साथ अपनी वासना की आग को बुझा रही थी और मेरे लंड को चूस-चूस कर उसे पूरी तरह से गीला और गर्म कर रही थी। उसके खूबसूरत, मुलायम और रसीले होंठ मेरे सख्त लंड की पूरी लंबाई पर ऊपर-नीचे सरक रहे थे और उसे एक अलग ही एहसास दे रहे थे। मेरी बीवी आज खुद को बहुत ही ज्यादा सेक्सी और चुदासी फील कर रही थी। वह अपना मुंह पूरा खोलकर और दबाकर मेरे लंड की मुख चुदाई कर रही थी, मानो वह मेरे लंड को पूरा का पूरा निगल ही जाना चाहती हो। इससे मुझे बहुत ही ज्यादा मजा मिल रहा था और मैं उसके बालों को सहला रहा था।
वंदना आज किसी हब्सी औरत की तरह मेरे इस 9 इंच के मोटे लंड को पूरा का पूरा अपने मुंह में लेकर खा जाना चाहती थी। मैं यह देखकर हैरान था कि वह मेरे पूरे लंड को एक ही झटके में अपने गले तक ले जाती थी और काफी देर तक उसे अपने मुंह के अंदर ही रोके रखती थी। उस दिन तो वंदना ने मेरे लंड को इस कदर चूसा और अपनी लार से भिगोया कि मैं पूरी तरह से गर्म हो गया और मेरा लंड लोहे की रॉड की तरह सख्त हो गया। मैं अपने हाथों से उसकी नंगी और उछलती हुई चूचियों को सहला रहा था और उन्हें मसल रहा था। काफी देर तक मेरा लंड चूसने के बाद वह अपनी पीठ के बल लेट गई और अपने दोनों पैर पूरी तरह से खोल दिए।
“भावेश!! आओ ना जल्दी से… अब आकर मुझे चोदो जान!! मेरी चूत तुम्हारे लिए पूरी तरह से तैयार है,” वंदना ने अपनी कामुक और गिड़गिड़ाती हुई आवाज में कहा।
मैं तुरंत उसके ऊपर लेट गया और उसकी मस्त-मस्त और भरी हुई चूचियों से खेलने लगा। दोस्तों, मैं आपको पहले ही बता चुका हूं कि मेरी बीबी के दूध काफी बड़े-बड़े, गोल-गोल और बेहद सेक्सी थे। उसके मम्मे देखने में इतने खूबसूरत और आकर्षक थे कि उन्हें देखकर किसी के भी मुंह में पानी आ जाए। इतनी हरी-भरी और उफनती हुई छातियों को देखकर मेरे भी मुंह में पानी भर आया और मैंने तुरंत वंदना की इन रसीली छातियों को अपने दोनों हाथों में ले लिया और उन्हें जोर-जोर से और तेजी से दबाने और मसलने लगा।
मेरी इस हरकत से वंदना के मुंह से तुरंत कामुक सिसकारियां निकलने लगीं—”हूंउउउ… हूंउउउ… ऊं-ऊं… सी सी सी सी… हा हा हा… ओ हो हो…” उसकी ये आवाजें सुनकर मेरा जोश और भी बढ़ गया। उसकी चूचियां इतनी भरी हुई और मुलायम थीं कि मेरा तो उन्हें देखकर और छूकर ही दिमाग खराब हो गया था। मैं अपनी बीबी की इन रसीली चूचियों को बड़े ही प्यार और जोश से सहलाने लगा और उन्हें हर तरह से महसूस करने लगा। उसकी चूचियों के चारों ओर जो काले-काले और बड़े-बड़े सेक्सी घेरे थे, वे बहुत ही ज्यादा हॉट और आकर्षक लग रहे थे और मुझे पागल किए जा रहे थे।
मैंने बड़ी देर तक अपनी जीभ से उसकी चूचियों के चारों ओर के उन घेरों को चाटा और उन पर अपनी जीभ फिराई। फिर मैंने वंदना की बाईं चूची को पूरी तरह से अपने मुंह में भर लिया और उसे एक भूखे बच्चे की तरह जोर-जोर से चूसने लगा। ओह्ह गॉड!! मुझे कितना जबरदस्त मजा आ रहा था, यह मैं बता नहीं सकता। मैंने उसकी पूरी चूची को अपने मुंह के अंदर तक ठूस लिया और उसे तेज-तेज और जोर-जोर से चूसने लगा। वंदना भी मेरी इस हरकत से पूरी तरह से मस्त हो गई थी और बड़े ही मजे और आनंद से मुझे अपनी चूची चुसवा रही थी। मैं अपना मुंह पूरी ताकत से चलाकर उसकी चूची से दूध पीने की कोशिश कर रहा था, जैसे सच में मैं उसका दूध पी रहा हूं।
वंदना इतनी ज्यादा चुदासी और गर्म हो चुकी थी कि उसने खुद ही अपने सीधे हाथ से अपनी चूत को जल्दी-जल्दी सहलाना और रगड़ना शुरू कर दिया। वह अब पूरी तरह से चुदने के लिए पागल हो रही थी और अपनी चूत में मेरा लंड डलवाना चाहती थी। वह भी मेरी ही तरह जवान और चुदासी थी और आज वह कसकर और जमकर चुदना चाहती थी। मैं लगातार अपनी बीबी के बूब्स को कस-कसकर दबा रहा था और उन्हें जोर-जोर से चूस रहा था। और वह बार-बार अपनी चूत में अपनी उंगली डालकर उसे गीला और तैयार कर रही थी। हम दोनों ने इस फोरप्ले का भरपूर मजा लिया और एक दूसरे को पूरी तरह से गर्म कर दिया।
मैंने करीब आधे घंटे तक लगातार उसकी चूचियों को चूसा और उसके निप्पलों पर अपने दांतों से हल्के-हल्के काट भी लिया। फिर मैंने अपनी बीवी के दोनों पैरों को पूरी तरह से खोलकर फैला दिया। उसकी चूत बिल्कुल साफ-सुथरी और चिकनी थी। उसकी इस चिकनी चमेली चूत को इतना खुला और तैयार देखकर मेरी तबीयत पूरी तरह से हरी हो गई और मैं उसे चाटने के लिए बेताब हो गया।
भाग 3 – चूत चाटना, चूचियां चूसना और चुदाई की तैयारी
मैं तुरंत उसकी चूत पर झुक गया और मजे से उसका रस पीने लगा। मैं जोर-जोर से और बड़ी ही भूख से उसकी पूरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। मेरी गर्म और गीली जीभ के स्पर्श से वंदना की चूत फूलकर कुप्पा हो गई और उसके होंठ बाहर की तरफ निकल आए। कुछ देर बाद उसे भी अपनी चूत मुझे पिलाने और चटवाने में बहुत जबरदस्त मजा आने लगा। मैं उसकी चूत चाटते-चाटते उसके चूत के छेद में अपनी उंगली भी डालने लगा और उसे अंदर-बाहर करने लगा। मेरी इस हरकत से वंदना पूरी तरह से तड़पने लगी और उसकी सांसें और भी तेज हो गईं। मैं उसकी चूत का सारा रस और उसका पूरा यौवन अपनी जीभ से पीने लगा।
वंदना के सीने की तेज धड़कन मैं साफ सुन सकता था। वह मेरा पूरा सहयोग कर रही थी और बिना किसी नखरे या शिकायत के, बड़े ही मजे और आनंद से मुझे अपनी चूत पिला रही थी और चटवा रही थी। कहीं से भी किसी भी तरह का कोई विरोध या झिझक नहीं थी। सच ही कहते हैं कि एक पुरुष के प्यार भरे स्पर्श से ही एक स्त्री मोम की भांति पिघल जाती है और अपना सब कुछ उस पुरुष पर न्योछावर करने को तैयार हो जाती है।
ठीक इसी तरह मुझे अपनी रसीली चूत पिलाने और चटवाने से वंदना बहुत ज्यादा गर्म और चुदासी हो चुकी थी। वह अब मुझसे जल्द से जल्द चुदवाना चाहती थी और अपनी चूत में मेरा मोटा लंड डलवाना चाहती थी। उसने जो सेक्स वाली गोली पहले ही खा ली थी, वह अब अपना पूरा असर दिखा रही थी। मेरी बीवी आज पूरी तरह से खुलकर और बिना किसी रोक-टोक के चुदवाना चाहती थी। उसकी आंखों के भाव और उसके हर हाव-भाव में काम और चुदास की जो मूक सहमति थी, उसे मैं बहुत ही अच्छे से पढ़ और समझ सकता था।
धीरे-धीरे वंदना ने खुद ही अपनी चूत और उसके दाने को अपनी उंगलियों से सहलाना और रगड़ना शुरू कर दिया। हम दोनों इस समय किसी नवविवाहित जोड़े की तरह एक दूसरे के साथ प्यार और चुदाई के खेल में डूबे हुए थे। मैं उसकी चूत में अपनी उंगली करने लगा और उसे तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। मेरी इस हरकत से वंदना उछल पड़ी और उसकी पूरी चूत में एक जबरदस्त सनसनी दौड़ गई। मैं अपने हाथ से जोर-जोर से उसकी चूत में उंगली करने लगा। वह मुझे रोकने की कोशिश करने लगी, लेकिन मैं नहीं रुका और उसे और भी तेजी से फिंगर करने लगा।
“अई… अई… अई… इसस्स्स्स्स्स्… उहह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह्हह्ह… भावेश तुम मुझे कितना तड़पाओगे जान!! प्लीज, अब जल्दी से मेरे ऊपर आओ और मुझे चोदो!!” मेरी पूरी तरह से चुदासी और तड़पती हुई बीवी जोर-जोर से चिल्लाई।
“जानेमन!! आज तो मुझे तुमसे कुछ और ही चाहिए,” मैंने एक रहस्यमयी और शैतानी मुस्कान के साथ कहा।
“क्या चाहिए? बोलो ना… मैं अभी कुछ भी सोच नहीं पा रही हूं।” वह बेचैनी से बोली।
“नहीं, पहले तुम मुझसे वादा करो कि मैं जो भी मांगूंगा, तुम मुझे जरूर दोगी।” मैंने अपनी बीबी से कहा।
“दूंगी… मैं वादा करती हूं… अब तो बोलो,” वंदना ने बिना किसी देरी के कह दिया।
“जान, आज मैं तुम्हारी गांड चोदना चाहता हूं!! बस यही मेरी इच्छा है,” मैंने आखिरकार अपने दिल की बात कह ही दी।
एक पल की चुप्पी के बाद, वंदना ने मेरी आंखों में देखा और बोली, “ठीक है… आओ चोद लो मेरी गांड, पतिदेव! आज मैं तुम्हें मना नहीं करूंगी।”
उसकी यह बात सुनकर मैं खुशी से पागल हो गया। क्योंकि आज, हमारी शादी के पूरे एक साल बाद, मैं अपनी इस खूबसूरत, सेक्सी और चुदासी बीवी की गांड चोदने जा रहा था। पहली बार बीवी की गांड चोदने की कहानी का सबसे रोमांचक पल आ गया था। मेरी वर्षों पुरानी इच्छा आज पूरी होने वाली थी।
भाग 4 – वंदना की पहली गांड चुदाई और दो राउंड की घमासान
मैंने तुरंत वंदना से कहा कि वह बाथरूम जाकर अपनी गांड को अच्छी तरह से साफ करके आए। वह फौरन उठी और बाथरूम चली गई। करीब आधे घंटे बाद वह अपनी गांड को अच्छी तरह से साफ करके और उसे तैयार करके वापस आई। उसने खुद ही कुतिया बनने की पोजीशन ले ली—वह बिस्तर पर अपने घुटनों और हाथों के बल खड़ी हो गई और अपनी गांड को मेरी तरफ पूरी तरह से उठा दिया। उसने खुद ही अपनी गांड के छेद पर ढेर सारा तेल लगा लिया और अपनी उंगली से जल्दी-जल्दी अपनी गांड में उंगली करने लगी, ताकि वह थोड़ी ढीली हो जाए। यह सब देखकर मुझे बहुत ही अच्छा और उत्तेजित करने वाला लग रहा था। मेरी बीवी खुद ही मेरे लिए अपनी गांड तैयार कर रही थी।
वंदना जल्दी-जल्दी अपनी गांड में अपनी उंगली कर रही थी और मैं अपने 9 इंच के तने हुए लंड पर तेल लगा रहा था और उसे सहला रहा था। वंदना का सिर बिस्तर पर टिका हुआ था और उसने अपनी गांड पीछे से पूरी तरह से उठा रखी थी। यह नजारा देखकर मुझ पर बहुत जोर की वासना सवार हो गई और मैं खुद को रोक नहीं पाया। मैंने अपने सीधे हाथ की दो उंगलियों पर ढेर सारा तेल लगाया और उन्हें वंदना की गांड के छेद पर रखकर एक साथ अंदर डाल दिया।
“…ही ही ही… अ अ अ अ… अहह्ह्ह्हह… उहह्ह्ह्हह… उ उ उ…” वह दर्द और आश्चर्य से चीख पड़ी और उसका पूरा शरीर कांप गया।
फिर मैंने पीछे से जल्दी-जल्दी और तेजी से उसकी गांड में अपनी दोनों उंगलियां अंदर-बाहर करनी शुरू कर दीं। उफ्फ्फ!! मेरी खूबसूरत और सेक्सी बीबी की गांड का छेद बहुत ही ज्यादा कसा हुआ और टाइट था। मुझे उसकी गांड में बहुत ही जबरदस्त कसावट और गर्मी मिल रही थी, जिससे मुझे भरपूर मजा आ रहा था। वंदना अभी भी कुतिया बनी हुई थी और आज अपनी जिंदगी में पहली बार वह अपनी गांड चुदवाने जा रही थी। धीरे-धीरे मैंने अपनी दोनों उंगलियां उसकी गांड के अंदर तक पूरी तरह से डाल दीं और उन्हें घुमाने लगा।
अपने दूसरे हाथ की उंगलियां मैंने वंदना की पहले से ही गीली और तैयार चूत में डाल दीं और उन्हें भी अंदर-बाहर करने लगा। इस दोहरे हमले से उसे बहुत ही जबरदस्त आनंद मिल रहा था और वह जोर-जोर से कराह रही थी। उसे इस अजीब लेकिन सुखद एहसास में भरपूर मजा मिल रहा था। मैं इस समय एक साथ उसकी रसीली चूत और उसकी कसी हुई गांड, दोनों में ही अपनी उंगलियां कर रहा था और उसे पागल किए जा रहा था। जब भी उसकी गांड में चिकनाहट कम हो जाती थी, मैं उसकी गांड के छेद पर अपना थूक लगा देता था और उसे और भी चिकना कर देता था।
फिर मैं खड़ा हो गया और मैंने अपनी बीबी की कमर को पकड़कर अपना 9 इंच का तेल लगा हुआ सख्त लंड उसकी गांड के छेद पर रख दिया। मैंने एक गहरी सांस ली और अपने कूल्हों पर जोर डालकर एक हल्का सा धक्का मारा। मेरे लंड पर और उसकी गांड में पहले से ही काफी तेल लगा हुआ था, इसलिए मेरे लंड का सुपारा आराम से और बिना ज्यादा दर्द के उसकी गांड के अंदर घुस गया। धीरे-धीरे मैंने अपना पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया और अपनी बीबी के साथ डीप ऐनल सेक्स करने लगा।
वंदना अभी भी दर्द और मजे की मिली-जुली अवस्था में थी और जोर-जोर से चीख रही थी—”अई… अई… अई… अहह्ह्ह्हह… सी सी सी सी… हा हा हा… मेरी गांड फट गई!! ओह्ह… धीरे करो… प्लीज धीरे करो।”
लेकिन मुझे उसकी ये चीखें और उसकी गांड का कसाव बहुत अच्छा लग रहा था और मैं उसे धीरे-धीरे चोदता रहा। हम दोनों बिस्तर पर रासलीला कर रहे थे और मैं खड़े होकर अपनी बीबी की गांड को पीछे से चोद रहा था। दोस्तों, मैं हमेशा सोचता था कि वंदना की इतनी टाइट गांड में मेरा 9 इंच का मोटा लंड कभी भी अंदर नहीं जा पाएगा। लेकिन मैं पूरी तरह से गलत साबित हुआ। आज तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गांड के अंदर बड़ी ही आसानी से और आराम से घुस गया था और अब मैं उसे जमकर चोद रहा था। मैं झुककर किसी कुत्ते की तरह अपनी बीबी की गांड पर अपना लंड जड़ तक घुसा रहा था और जोर-जोर से धक्के मार रहा था।
वंदना लगातार कामुक किलकारियां और चीखें निकाल रही थी। उसके बड़े-बड़े और भरे हुए मम्मे नीचे की तरफ लटक रहे थे और मेरे हर जोरदार धक्के के साथ जोर-जोर से झूल रहे थे। इस पूरे सेक्स के नशे और मस्ती में मैंने अपना एक हाथ उठाया और उसके गोल-मटोल और सफेद चूतड़ों पर कई जोरदार चांटे “चट-चट” की आवाज के साथ मार दिए। वंदना के सफेद और गोरे पुट्ठों पर मेरी उंगलियों के गुलाबी रंग के निशान छप गए। यह नजारा बहुत ही कामुक और सुंदर लग रहा था। फिर मैंने उसकी कमर पकड़ ली और उसके साथ और भी तेजी से गांड चुदाई करने लगा।
वह अब भी “आऊ… आऊ… हमममम… अहह्ह्ह्हह… सी सी सी सी… हा हा हा…” की कामुक और दर्द भरी आवाजें निकाल रही थी। लेकिन अब मेरा लंड उसकी गांड में बहुत ही आसानी से और तेजी से फिसल रहा था और अंदर-बाहर हो रहा था। मैंने अपना बायां हाथ उसकी टांगों के बीच से ले जाकर उसकी चूत के दाने पर रख दिया और उसे जल्दी-जल्दी और जोर-जोर से सहलाने और घिसने लगा। अब उसकी चूत और गांड दोनों ही मेरे कब्जे में थीं और मैं एक साथ दोनों जगहों से उसे चोद रहा था।
वंदना को आज अपनी जिंदगी का परम सुख और सबसे बड़ा आनंद मिल रहा था। मैं बिस्तर पर घुटनों के बल खड़े होकर अपनी बीबी की गांड को बहुत ही तेजी और जोश के साथ चोद रहा था। करीब आधे घंटे की इस गरमा-गर्म और धमाकेदार गांड चुदाई के बाद, मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर एक आखिरी और सबसे जोरदार धक्का मारा और अपना सारा गर्म और गाढ़ा माल उसकी गांड के अंदर ही छोड़ दिया। मेरा लंड अब ढीला पड़कर उसकी गांड से बाहर निकल आया। हम दोनों के पूरे शरीर पर पसीने की बूंदें छूट गई थीं और हम जोर-जोर से हांफ रहे थे।
वंदना पूरी तरह से निढाल होकर मेरे ऊपर लेट गई और “…उंह उंह उंह… हूं… हूं… हूं… हमममम… अहह्ह्ह्हह… अई… अई… अई…” बोलकर गहरी और लंबी-लंबी सांसें ले रही थी। साफ था कि आज मैंने कसकर और पूरी ताकत से उसकी गांड चोद ली थी और उसे पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया था। वह अब भी अपने हाथ से अपनी गांड के छेद को सहला रही थी और उसे महसूस कर रही थी। वंदना के माथे और उसकी पीठ पर काफी पसीना आ गया था और उसकी गांड का छेद थोड़ा सूज गया था।
“क्यों जान, मजा आया गांड चुदाई में??” मैंने हांफते हुए और मुस्कुराते हुए उससे पूछा।
“भावेश!! आज तो तुमने सच में मेरी जान ही निकाल दी… लेकिन मजा भी बहुत आया,” वंदना ने अपनी आंखें बंद करके और मुस्कुराते हुए जवाब दिया।
धीरे-धीरे उसकी सांसें तेज से सामान्य होने लगीं और वह थोड़ा शांत हुई। मैं उसकी रसीली और भरी हुई चूचियों को प्यार से सहलाने लगा और उन्हें मसलने लगा। कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही लेटे-लेटे सुस्ताते रहे और अपनी-अपनी सांसें संभालते रहे। मुझे लगा कि अब वह सो जाएगी, लेकिन तभी अचानक वंदना ने अपनी आंखें खोलीं और मेरी तरफ देखकर बोली।
“भावेश!! एक बार और मेरी गांड चोदो… प्लीज… आज तो मन भर के चोदो ना।”
“गंदी लड़की… तुझे तो अभी भी चैन नहीं आया,” मैंने हंसते हुए और उसे प्यार से डांटते हुए कहा।
लेकिन इस बार मैंने उसे उल्टा पेट के बल लिटा दिया। मैंने वंदना की कमर के नीचे दो मोटे-मोटे तकिए लगा दिए, जिससे उसके पुट्ठे और उसकी गांड पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ गए। अब उसकी गांड मेरे सामने पूरी तरह से खुली और उभरी हुई थी। मैं उसके पास लेट गया और उसके सफेद और मुलायम पुट्ठों को बड़े ही प्यार से सहलाने लगा। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसके चूतड़ों को जोर-जोर से दबाना और मसलना शुरू कर दिया।
मेरी खूबसूरत बीवी के पुट्ठे एकदम गोल-मटोल और मस्त थे। मैं झुका और उसके दोनों चूतड़ों पर बड़े ही प्यार और जोश से किस करने लगा और उन्हें अपनी जीभ से चाटने लगा। कुछ देर तक उसके पुट्ठों का चुम्बन और चाटने का आनंद लेने के बाद, मैंने वंदना के दोनों गोल-मटोल पुट्ठों को अपने हाथों से खोलकर फैला दिया। सामने उसकी गांड का वह कसा हुआ और गुलाबी छेद था, जिसे मैंने कुछ देर पहले ही चोदा था। मैंने तुरंत अपनी जीभ बाहर निकाली और उसकी गांड के छेद को चाटने लगा। वंदना मेरी इस नई हरकत से “उ उ उ उ उ… अअअअअ… आआआआ… सी सी सी सी… ऊं-ऊं… ऊं…” की आवाजें निकाल रही थी और अपनी गांड चटवाने का पूरा मजा ले रही थी।
मैं जल्दी-जल्दी और बड़ी ही भूख से उसकी चिकनी और कसी हुई गांड को चाटने लगा और अपनी जीभ को उसके छेद के अंदर तक ले जाने की कोशिश करने लगा। वंदना को इस सब से एक अलग ही तरह का सुख और नशा मिल रहा था, जिसे वह पहले कभी नहीं जानती थी। दोस्तों, करीब 15 मिनट तक मैंने बिना रुके अपनी बीबी की गांड को चाटा और उसे अपनी जीभ से चोदा। वंदना पूरे समय पेट के बल लेटी हुई थी और बस कराह रही थी। फिर मैं उठकर बैठ गया और अपना एक बार फिर से खड़ा हुआ सख्त लंड उसकी गांड के छेद पर रखा और एक ही झटके में अंदर तक घुसा दिया। फिर मैंने उसकी गांड को उसी तरह से जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।
एक बार फिर से वंदना को आज एक अलग ही तरह के सेक्स और एक अलग ही तरह की चुदाई का भरपूर और अविस्मरणीय आनंद मिल रहा था। रोज तो मैं उसकी चूत मारता था, लेकिन आज पहली बार मैं उसकी गांड चोद रहा था और उसे एक नया अनुभव दे रहा था। इसी तरह से करीब 40 मिनट तक मैंने उसके साथ लगातार डीप ऐनल सेक्स किया और फिर आखिरकार मैं भी थक गया और अपना दूसरा माल भी उसकी गांड के अंदर ही छोड़ दिया और उसके ऊपर गिर गया।
भाग 5 – आजकल की जिंदगी और निष्कर्ष
दोस्तों, अब हमारी शादी को 6 साल बीत चुके हैं। मेरी खूबसूरत, चुदासी और सेक्सी बीबी वंदना को अब गांड मरवाना और मुझसे अपनी गांड चुदवाना बहुत ज्यादा पसंद है। वह अब अक्सर ही मुझसे अपनी गांड चुदवाने की मांग करती है और मैं भी बड़े ही मजे और जोश के साथ उसकी यह इच्छा पूरी करता हूं।
पहली बार बीवी की गांड चोदने की कहानी यहीं समाप्त होती है, लेकिन हमारी गांड चुदाई का सिलसिला आज भी जारी है। वंदना अब खुद ही मुझसे अपनी गांड चुदवाने की मांग करती है। उसकी रसीली चूचियां, चिकनी चमेली चूत और कसी हुई गांड—तीनों ही अब पूरी तरह से मेरे नाम हैं और मैं इन तीनों का भरपूर आनंद लेता हूं।
इस तरह मैंने अपनी शादी के एक साल बाद अपनी सेक्सी और हॉट बीवी वंदना की पहली बार गांड चोदी और उसे एक ऐसा अनुभव दिया जिसे वह कभी नहीं भूल पाई। आज 6 साल बाद भी हमारी गांड चुदाई का सिलसिला जारी है और वंदना अब खुद ही मुझसे अपनी गांड चुदवाने की मांग करती है।