पति की सेवा – हॉट कहानी

⏱️ 23 min read

पति की सेवा का नियम – यह कहानी है मेरी, प्राची की। मैं 25 साल की हूँ, और मेरी शादी को 2 साल हो चुके हैं। मेरे पति का नाम चिराग है, और वो मेरी ज़िंदगी का सबसे अहम इंसान हैं। चिराग मुझसे बहुत प्यार करते हैं – लेकिन उनका एक नियम है। वो डोमिनेंट हैं, और मैं उनकी सबमिसिव पत्नी हूँ। मेरा एक कर्तव्य है – अपने पति को खुश करना। मुझे उनके लिए खाना बनाना है। अगर वो कुछ माँगें, तो मुझे करना है। जब वो सेक्स माँगें, तो मुझे देना है। मैं उन्हें मना नहीं कर सकती। अगर मैं मना करूँ, तो वो मुझे सज़ा दे सकते हैं। अगर वो कहें कि उनका लंड चूसो, या गांड में लो, या मुँह में वीर्य लो, या उनकी गांड चाटो – तो मुझे करना है। आमतौर पर वो मुझसे प्यारी चीज़ें करवाते हैं – जैसे उनका सिर मालिश करना, उनके लिए डांस करना, उनके लिए गाना गाना। कभी-कभी वो ब्लोजॉब भी माँगते हैं। वो हफ्ते में एक बार गांड में लेने को कहते हैं – कुछ हफ्तों में दो बार। एक दिन जब वो खाना खा रहे थे, तो उन्होंने मुझसे डांस करने को कहा। मैं जानबूझकर नहीं की – मैं देखना चाहती थी कि वो मुझे कैसे सज़ा देंगे। वो सज़ा देने के मूड में थे। वो मेरे पास आए, पीछे से मेरे बाल पकड़े, और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया। उन्होंने मेरा सिर अपने लंड पर दबाया, और खाना खाते रहे। उन्होंने खाना खत्म होने तक अपना लंड मेरे मुँह से बाहर नहीं निकाला। मैं उनके लंड पर चोक रही थी। खाना खाने के बाद उन्होंने मेरे हाथ रस्सी से बाँधे, और मेरी गांड को लाल कर दिया। फिर उन्होंने मुझे डीप थ्रोट फक किया – मेरे मुँह को चूत की तरह इस्तेमाल किया। उसके बाद वो मेरी चूत चोद रहे थे, और मेरे गालों और स्तनों पर थप्पड़ मार रहे थे। मुझे यह बहुत पसंद आया। अगले दिन रविवार था – उन्होंने मुझसे कहा कि नाश्ता करते समय उनका लंड चूसो। मैंने एक अच्छी पत्नी की तरह चूसना शुरू किया। उन्होंने कहा कि जब तक वो कहें नहीं, मैं चूसना बंद नहीं कर सकती। वो किचन में हाथ धोने गए – मैं उनके साथ गई, और उनका लंड चूसती रही। फिर वो सोफे पर टीवी देखने बैठे, और मैं उनका लंड चूसती रही। मैं उनका सारा वीर्य अपने मुँह से अपने चेहरे और स्तनों पर ले रही थी। उन्हें यह पसंद आया। मेरे पति ने दो घंटे तक स्टॉप नहीं कहा – वो मेरे मुँह का इस्तेमाल करते रहे। वो मुझे डीप थ्रोट और फेस फक करते रहे। अगर आपको पति की सेवा, डोमिनेंट पति, सबमिसिव पत्नी, डीप थ्रोट, फेस फकिंग, और बीडीएसएम की हिंदी कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्तान सिर्फ आपके लिए है।

भाग 1: मेरी शादी और चिराग का नियम – विस्तृत

मेरा नाम प्राची है। मैं 25 साल की हूँ, और मैं एक बुटीक चलाती हूँ। मेरे पति चिराग 28 साल के हैं, और वो एक बिजनेसमैन हैं। हमारी शादी को 2 साल हो चुके हैं, लेकिन हमारा प्यार पहले दिन जैसा है – बल्कि हर दिन और बढ़ता जाता है।

चिराग दिखने में बहुत हैंडसम हैं – लंबे, मजबूत, और बेहद आकर्षक। उनकी आँखें गहरी हैं, उनकी आवाज़ भारी है, और उनका व्यक्तित्व बहुत दमदार है। जब वो कमरे में आते हैं, तो पूरा माहौल बदल जाता है। वो डोमिनेंट हैं – उन्हें कंट्रोल करना पसंद है। और मैं उनकी सबमिसिव पत्नी हूँ – मुझे उनके कंट्रोल में रहना पसंद है।

शादी के 2 साल बाद, चिराग ने मेरे लिए एक नियम बनाया। उन्होंने कहा, “प्राची, तुम मेरी पत्नी हो, और तुम्हारा पहला कर्तव्य है – मुझे खुश करना। तुम्हें मेरे लिए खाना बनाना है। अगर मैं कुछ माँगूँ, तो तुम्हें करना है। जब मैं सेक्स माँगूँ, तो तुम्हें देना है। तुम मुझे मना नहीं कर सकती। अगर तुम मना करोगी, तो मैं तुम्हें सज़ा दूँगा।”

मैंने उनकी बात मान ली – क्योंकि मैं उनसे बहुत प्यार करती हूँ। और मुझे उनके नियम में कोई बुराई नहीं लगी। मुझे उनकी सेवा करना पसंद है – उन्हें खुश करना पसंद है। जब वो खुश होते हैं, तो मुझे ऐसा लगता है जैसे मैंने दुनिया जीत ली है।

चिराग के नियम बहुत सख्त नहीं हैं – वो आमतौर पर मुझसे प्यारी चीज़ें करवाते हैं। जैसे – उनका सिर मालिश करना। जब वो थके होते हैं, तो वो मुझसे कहते हैं, “प्राची, मेरा सिर मालिश करो।” और मैं उनके सिर की मालिश करती हूँ – बहुत प्यार से, बहुत धीरे-धीरे। मेरी उंगलियाँ उनके बालों में फिरती हैं, और वो आँखें बंद करके आराम करते हैं।

कभी-कभी वो मुझसे कहते हैं, “प्राची, मेरे लिए डांस करो।” और मैं उनके लिए डांस करती हूँ – बहुत सेंसुअस तरीके से। मैं अपनी कमर हिलाती हूँ, अपने कूल्हे घुमाती हूँ, और उन्हें देखती हूँ। वो मुझे देखते हैं, और उनकी आँखों में हवस होती है।

कभी-कभी वो मुझसे कहते हैं, “प्राची, मेरे लिए गाना गाओ।” और मैं उनके लिए गाना गाती हूँ – बहुत प्यार से, बहुत धीरे-धीरे। मेरी आवाज़ उनके कानों में जाती है, और वो मुस्कुराते हैं।

और कभी-कभी वो मुझसे कहते हैं, “प्राची, मेरा लंड चूसो।” और मैं उनका लंड चूसती हूँ – बहुत प्यार से, बहुत धीरे-धीरे। मैं उनके लंड को अपने मुँह में लेती हूँ, और चूसना शुरू कर देती हूँ। वो मेरे बाल पकड़ते हैं, और मेरे मुँह को अपने लंड पर दबाते हैं।

चिराग हफ्ते में एक बार मुझसे गांड में लेने को कहते हैं – कुछ हफ्तों में दो बार। वो मेरी गांड को बहुत प्यार से चोदते हैं – धीरे-धीरे, बहुत धीरे-धीरे। लेकिन कभी-कभी वो रफ भी हो जाते हैं – और मुझे वो भी पसंद है।

भाग 2: वो दिन – जब मैंने जानबूझकर मना किया

वो शनिवार की शाम थी। चिराग डाइनिंग टेबल पर बैठे थे, और खाना खा रहे थे। मैंने उनके लिए उनकी पसंद का खाना बनाया था – राजमा, चावल, और रोटी। वो खाते हुए टीवी देख रहे थे, और मैं उनके पास खड़ी थी – उनकी सेवा के लिए तैयार।

अचानक उन्होंने मुझे देखा, और कहा, “प्राची, मेरे लिए डांस करो।” मैंने उन्हें देखा – उनकी आँखों में एक अलग चमक थी। वो सज़ा देने के मूड में थे – मैं यह समझ गई थी। और मैंने सोचा – क्यों न आज मैं जानबूझकर मना करूँ? मैं देखना चाहती थी कि वो मुझे कैसे सज़ा देंगे।

मैंने कहा, “चिराग, मैं अभी नहीं डांस करूँगी। मैं थक गई हूँ।” चिराग ने मुझे देखा – उनकी आँखों में हैरानी थी, और फिर गुस्सा। उन्होंने अपना खाना रखा, और उठकर मेरे पास आए। उन्होंने मेरे पीछे से मेरे बाल पकड़े, और मेरा सिर पीछे किया।

उन्होंने कहा, “प्राची, तुमने मुझे मना किया? तुम्हें पता है कि इसकी सज़ा क्या है?” मैंने कुछ नहीं कहा – मैं बस उन्हें देखती रही। उन्होंने अपनी पैंट का ज़िप खोला, और अपना लंड बाहर निकाला – वो पहले से ही खड़ा था, गुस्से से और हवस से। उन्होंने मेरा मुँह खोला, और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया – एक ही झटके में, पूरा लंड।

मैं चोक हो गई – उनका लंड मेरे गले तक चला गया। मेरी आँखों से पानी निकल आया, और मैं हाँफने लगी। लेकिन चिराग नहीं रुके – उन्होंने मेरे बाल पकड़े, और मेरे सिर को अपने लंड पर दबाया। और फिर वो खाना खाने लगे – जैसे कुछ हुआ ही न हो।

मैं उनके लंड पर चोक रही थी – मेरा गला फट रहा था, और मेरी लार बह रही थी। लेकिन चिराग खाना खाते रहे – बिना मेरे लंड से बाहर निकाले। उन्होंने एक हाथ से मेरा सिर पकड़ा हुआ था, और दूसरे हाथ से खाना खा रहे थे। मैं उनके लंड को चूसती रही – क्योंकि मैं जानती थी कि अगर मैं रुकी, तो वो और सज़ा देंगे।

उन्होंने पूरा खाना खाया – 15 मिनट, 20 मिनट। और पूरे समय, उनका लंड मेरे मुँह में रहा। मैं उनके लंड को चूसती रही, और वो खाते रहे। जब उन्होंने खाना खत्म किया, तो उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला – और मैं ज़ोर से हाँफने लगी।

चिराग ने मुझे देखा, और मुस्कुराए – लेकिन यह मुस्कान डरावनी थी। उन्होंने कहा, “प्राची, अभी तो यह शुरुआत है। अब असली सज़ा शुरू होगी।”

भाग 3: सज़ा – रस्सी, थप्पड़, और डीप थ्रोट

चिराग ने मुझे बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर लिटाया। उन्होंने मेरे हाथ पीछे करके रस्सी से बाँध दिए – कसकर, इतना कसकर कि मैं हिल भी नहीं सकती थी। फिर उन्होंने मेरी स्कर्ट उतारी, और मेरी पैंटी को नीचे खींचा। मेरी गांड नंगी हो गई – छोटी, गोल, और बेहद आकर्षक।

उन्होंने अपना हाथ उठाया, और मेरी गांड पर ज़ोर से थप्पड़ मारा – “थप!” मैं चीख पड़ी – “आह्ह्ह!” उन्होंने फिर मारा – “थप!” और फिर – “थप! थप! थप!” उन्होंने मेरी गांड पर एक के बाद एक थप्पड़ मारे – 10, 20, 30। मेरी गांड लाल हो गई, और मैं दर्द से तड़पने लगी। मेरी आँखों से आँसू बह रहे थे, और मैं चिल्ला रही थी – “चिराग.. प्लीज.. रुक जाओ..”

लेकिन चिराग नहीं रुके – उन्होंने मेरी गांड को लाल कर दिया, और फिर मुझे करवट लेने को कहा। उन्होंने मेरा सिर बिस्तर से बाहर लटकाया, और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया – और फिर डीप थ्रोट फकिंग शुरू कर दी। वो मेरे गले को चोद रहे थे – तेज़, गहरे, और बेरहम। मेरी आँखों से पानी निकल रहा था, और मेरी लार बह रही थी – लेकिन मैं रुकना नहीं चाहती थी। मैं उनके लंड को चूसती रही, और उन्हें चोदने दिया।

वो मेरे मुँह को चूत की तरह इस्तेमाल कर रहे थे – आगे-पीछे, आगे-पीछे। उनका लंड मेरे गले तक जा रहा था, और मैं चोक हो रही थी। लेकिन वो नहीं रुके – वो मेरे मुँह को चोदते रहे, जब तक कि मैं बेहोश होने वाली नहीं थी। फिर उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला, और मेरे चेहरे पर झड़ दिया – उनका गर्म, चिपचिपा वीर्य मेरे चेहरे पर गिरा – मेरे माथे पर, मेरी आँखों पर, मेरी नाक पर, मेरे होंठों पर। और मैंने उसे वहीं रहने दिया – मैंने अपने चेहरे को उनके लंड पर रगड़ा, और उनके वीर्य को अपनी त्वचा में समाने दिया।

फिर चिराग ने मेरे हाथ खोले, और मुझे बिस्तर पर पीठ के बल लिटाया। उन्होंने मेरी टाँगें फैलाईं, और अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया – और फिर चुदाई शुरू कर दी। वो मेरी चूत को बहुत रफ चोद रहे थे – तेज़, गहरे, और बेरहम। और साथ-साथ, वो मेरे गालों पर थप्पड़ मार रहे थे – “थप! थप!” – और मेरे स्तनों पर भी – “थप! थप!” मैं दर्द और आनंद के बीच झूल रही थी – मुझे यह बहुत पसंद आ रहा था।

उन्होंने मुझे बहुत देर तक चोदा – और फिर मेरी चूत में झड़ दिया। उनका गर्म वीर्य मेरी चूत में गया, और मैंने उसे महसूस किया। उन्होंने मुझे गले लगाया, और कहा, “प्राची, तुमने मुझे मना किया – और यह तुम्हारी सज़ा थी। अगली बार, जब मैं कहूँ, तो तुरंत करना।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जी, चिराग। मैं अब कभी मना नहीं करूँगी।”

भाग 4: रविवार की सुबह – नाश्ते के साथ ब्लोजॉब

अगले दिन रविवार था। मैं सुबह उठी, और नाश्ता बनाने लगी – अंडे, टोस्ट, और चाय। चिराग उठे, और बाथरूम गए। जब वो बाहर आए, तो वो डाइनिंग टेबल पर बैठ गए, और नाश्ता करने लगे।

मैं उनके पास खड़ी थी – उनकी सेवा के लिए तैयार। अचानक उन्होंने मुझे देखा, और कहा, “प्राची, मेरा लंड चूसो।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जी, चिराग।” मैं उनके सामने घुटनों के बल बैठ गई, और उनकी पैंट का ज़िप खोला। उनका लंड बाहर निकला – आधा खड़ा, आधा नरम। मैंने उसे अपने मुँह में लिया, और चूसना शुरू किया – धीरे-धीरे, प्यार से।

चिराग ने कहा, “प्राची, जब तक मैं कहूँ नहीं, तुम चूसना बंद नहीं करोगी।” मैंने सिर हिलाया – और चूसती रही। चिराग नाश्ता करते रहे – अंडे खाते रहे, टोस्ट खाते रहे, चाय पीते रहे। और मैं उनका लंड चूसती रही – बिना रुके।

जब उन्होंने नाश्ता खत्म किया, तो वो उठे – और किचन की तरफ चलने लगे। मैं उनके साथ चलने लगी – मेरा मुँह उनके लंड पर था, और मैं चूसती रही। वो किचन में गए, और हाथ धोने लगे – और मैं वहीं घुटनों के बल बैठी रही, उनका लंड चूसती रही। उन्होंने हाथ धोए, और फिर वापस लिविंग रूम में आए – और मैं उनके साथ चलती रही, मेरा मुँह उनके लंड पर था।

वो सोफे पर बैठ गए, और टीवी चालू किया। और मैं उनके सामने घुटनों के बल बैठ गई, और उनका लंड चूसती रही। वो टीवी देखते रहे – न्यूज़, फिर एक मूवी। और मैं उनका लंड चूसती रही – 30 मिनट, 1 घंटा, 1.5 घंटे।

मेरा जबड़ा दर्द कर रहा था, और मेरी आँखों से पानी निकल रहा था – लेकिन मैं रुकना नहीं चाहती थी। चिराग ने कहा था कि जब तक वो कहें नहीं, मैं रुक नहीं सकती। और मैं एक अच्छी पत्नी हूँ – मैं अपने पति की बात मानती हूँ।

बीच-बीच में चिराग मेरे बाल पकड़ते, और मेरे मुँह को अपने लंड पर दबाते – डीप थ्रोट। उनका लंड मेरे गले तक जाता, और मैं चोक हो जाती। लेकिन मैं चूसती रही – बिना रुके।

फिर चिराग ने मेरा सिर पकड़ा, और मेरे मुँह को तेज़ी से चोदना शुरू किया – फेस फकिंग। वो मेरे मुँह को चूत की तरह इस्तेमाल कर रहे थे – तेज़, गहरे, और बेरहम। मेरी लार बह रही थी, और मेरी आँखों से आँसू निकल रहे थे – लेकिन मैं रुकना नहीं चाहती थी। मैं उनके लंड को चूसती रही, और उन्हें चोदने दिया।

और फिर, चिराग ने मेरे मुँह में झड़ दिया – उनका गर्म, चिपचिपा वीर्य मेरे मुँह में गया। मैंने उसे निगल लिया – वो मीठा और नमकीन था, और मुझे बहुत पसंद आया। लेकिन चिराग ने कहा, “प्राची, मैंने स्टॉप नहीं कहा। चूसती रहो।” और मैंने चूसना जारी रखा – उनका लंड अभी भी मेरे मुँह में था।

चिराग ने फिर से मेरे मुँह को चोदना शुरू किया – और फिर से झड़े। और फिर से। और फिर से। उन्होंने मेरे मुँह में 3-4 बार झड़ा – और हर बार, मैंने उनका वीर्य निगल लिया, या अपने चेहरे पर लिया। मेरा चेहरा और मेरे स्तन उनके वीर्य से भर गए थे – और मुझे यह बहुत पसंद था।

चिराग ने 2 घंटे तक मेरे मुँह का इस्तेमाल किया – डीप थ्रोट, फेस फकिंग, और झड़ना। और मैं उनका लंड चूसती रही – बिना रुके, बिना नागा। जब उन्होंने आखिरकार कहा, “स्टॉप, प्राची” – तो मैं रुकी, और उनके लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला।

मैं उनके सामने घुटनों के बल बैठी थी – मेरा चेहरा उनके वीर्य से भरा हुआ, मेरे स्तन उनके वीर्य से भरे हुए, और मेरा मुँह खुला हुआ। चिराग ने मुझे देखा, और मुस्कुराए – “प्राची, तुम दुनिया की सबसे अच्छी पत्नी हो।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “और तुम दुनिया के सबसे अच्छे पति हो, चिराग।”

भाग 5: दोपहर की सज़ा – जब उन्होंने मुझे फिर से चोदा

दोपहर में, चिराग ने मुझसे कहा, “प्राची, मुझे तुम्हारी चूत चाहिए।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जी, चिराग।” मैं बिस्तर पर लेट गई, और उन्होंने मेरे कपड़े उतारे – मेरी टॉप, मेरी स्कर्ट, मेरी ब्रा, और मेरी पैंटी। मैं पूरी नंगी हो गई – और उन्होंने मुझे देखा, उनकी आँखों में हवस थी।

उन्होंने मेरे स्तनों को चूसा – पहले बाएँ को, फिर दाएँ को। उन्होंने मेरे निप्पल को अपने दाँतों से काटा – हल्के से, और मैं “आह” करके कराह उठी। फिर उन्होंने मेरी चूत को चाटा – बहुत प्यार से, बहुत धीरे-धीरे। उनकी जीभ मेरी चूत के अन्दर गई, और मैं पागल हो गई – “चिराग.. और.. और चाटो..”

फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डाला – और चुदाई शुरू कर दी। वो मेरी चूत को बहुत रफ चोद रहे थे – तेज़, गहरे, और बेरहम। और साथ-साथ, वो मेरे गालों पर थप्पड़ मार रहे थे – “थप! थप!” – और मेरे स्तनों पर भी – “थप! थप!” मैं दर्द और आनंद के बीच झूल रही थी – मुझे यह बहुत पसंद आ रहा था।

उन्होंने मुझे कई पोजीशन में चोदा – मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, और फिर मेरे पैरों को अपने कंधों पर उठाकर। हर पोजीशन में, वो मुझे थप्पड़ मारते रहे – मेरे गालों पर, मेरे स्तनों पर, और मेरी गांड पर। मेरा पूरा शरीर लाल हो गया था – लेकिन मुझे यह बहुत पसंद था।

उन्होंने मुझे बहुत देर तक चोदा – और फिर मेरी चूत में झड़ दिया। उनका गर्म वीर्य मेरी चूत में गया, और मैंने उसे महसूस किया। उन्होंने मुझे गले लगाया, और कहा, “प्राची, तुम मेरी हो – सिर्फ मेरी।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जी, चिराग। मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ।”

भाग 6: शाम की सज़ा – जब उन्होंने मेरी गांड चोदी

शाम को, चिराग ने मुझसे कहा, “प्राची, आज मैं तुम्हारी गांड चोदूँगा।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जी, चिराग।” मैं बिस्तर पर पेट के बल लेट गई, और उन्होंने मेरी गांड को चूमा – बहुत प्यार से, बहुत धीरे-धीरे। उन्होंने मेरी गांड में अपनी जीभ डाली, और मेरी गांड को चाटा। मुझे थोड़ा अजीब लगा, लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं।

फिर उन्होंने लुब्रिकेंट लगाया – बहुत सारा लुब्रिकेंट, ताकि मेरी गांड फट न जाए। और फिर उन्होंने अपना लंड मेरी गांड में डालना शुरू किया – धीरे-धीरे, बहुत धीरे-धीरे। मुझे दर्द हुआ – बहुत दर्द। मेरी गांड छोटी थी, और उनका लंड बड़ा था। मैंने “आह्ह्ह” करके चीख मारी, और मेरी आँखों से आँसू निकल आए। लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं – मैं उनका दर्द सहती रही।

उन्होंने धीरे-धीरे अपना लंड मेरी गांड में डाला – और फिर धीरे-धीरे चोदने लगे। पहले तो वो धीमे थे – लेकिन फिर उन्होंने रफ्तार बढ़ाई – और मेरी गांड को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगे। वो मेरे बाल पकड़ते थे, और मेरी गांड पर थप्पड़ मारते थे – “थप! थप!” मैं दर्द से तड़प रही थी, और मेरी आँखों से आँसू बह रहे थे – लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं।

उन्होंने मेरी गांड को बहुत देर तक चोदा – और फिर मेरी गांड में झड़ दिया। उनका गर्म वीर्य मेरी गांड में गया, और मैंने उसे महसूस किया। उन्होंने मुझे गले लगाया, और कहा, “I LOVE YOU प्राची।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “I LOVE YOU TOO चिराग।”

भाग 7: रात की सज़ा – जब उन्होंने मुझे बेहोश कर दिया

रात को, चिराग ने मुझसे कहा, “प्राची, आज मैं तुम्हारा मुँह चोदूँगा – बहुत देर तक।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जितना चाहो, चिराग। मैं तुम्हारी हूँ।”

मैं उनके सामने घुटनों के बल बैठ गई, और उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला। मैंने उसे अपने मुँह में लिया, और चूसना शुरू किया। उन्होंने मेरे बाल पकड़े, और मेरे मुँह को अपने लंड पर दबाया। वो मेरे गले तक जाने लगे, और मेरे गले को चोदने लगे – तेज़, गहरे, और बेरहम। मेरी आँखों से पानी निकल रहा था, और मेरी लार बह रही थी – लेकिन मैं रुकना नहीं चाहती थी।

वो मेरे गले को चोदते रहे – 10 मिनट, 20 मिनट, 30 मिनट। मेरा गला फट रहा था, और मेरी आँखों से आँसू बह रहे थे। लेकिन मैं उनके लंड को चूसती रही – और वो मेरे गले को चोदते रहे। फिर उन्होंने मेरे मुँह में झड़ दिया – उनका गर्म, चिपचिपा वीर्य मेरे गले में गया। मैंने उसे निगल लिया – और फिर उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह से बाहर निकाला, और मेरे चेहरे पर झड़ दिया। उनका वीर्य मेरे चेहरे पर गिरा – मेरे माथे पर, मेरी आँखों पर, मेरी नाक पर, मेरे होंठों पर। और मैंने उसे वहीं रहने दिया – मैंने अपने चेहरे को उनके लंड पर रगड़ा, और उनके वीर्य को अपनी त्वचा में समाने दिया।

फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटाया, और मेरे मुँह में फिर से अपना लंड डाला। वो मेरे गले को फिर से चोदने लगे – और इस बार, वो और तेज़ थे, और और गहरे। मेरा गला फट रहा था, और मैं बेहोश होने वाली थी। लेकिन मैंने रुकने नहीं दिया – मैंने उनके लंड को चूसती रही, और उन्हें चोदने दिया। और फिर, आखिरकार, मैं बेहोश हो गई।

जब मुझे होश आया, तो मैं बिस्तर पर लेटी हुई थी, और चिराग मेरे पास बैठे हुए थे। उन्होंने मेरे माथे को चूमा, और कहा, “प्राची, तुम ठीक हो?” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ, चिराग। मैं ठीक हूँ। तुमने मुझे बेहोश कर दिया – लेकिन मुझे अच्छा लगा।” उन्होंने मुझे गले लगाया।

भाग 8: सोमवार की सुबह – ऑफिस से पहले की सेवा

सोमवार की सुबह थी। चिराग को ऑफिस जाना था – एक अहम मीटिंग थी। मैं जल्दी उठकर नहाई, और उनके लिए खाना बनाया। वो उठे, और बाथरूम गए। जब वो नहाए और तैयार हुए, तो वो डाइनिंग टेबल पर बैठे – और मैंने उनके लिए नाश्ता परोसा। पराठे, दही, और चाय।

फिर मैं तैयार होने लगी। मैंने लाल साड़ी और एक सेक्सी ब्लाउज पहना, अपनी मंगलसूत्र पहनी, और सिंदूर लगाया। फिर मैं उनके सामने गई।

चिराग ने मुझे देखा। उनकी आँखों में वो चमक थी – जो मैं अब पहचान गई हूँ। उनका खाना खत्म हो चुका था। उन्होंने प्लेट किचन में रखी। मेरे पास आए, और मुझे गले लगाया। उन्होंने कहा, “तुम साड़ी में बहुत हॉट लग रही हो।” वो मुझे चूमने लगे, और मेरी बूब्स मसलने लगे। फिर मेरे बूब्स को खाने लगे। उन्होंने मेरे बूब्स को काट लिया।

चिराग ने अपनी पैंट खोली – उनका लंड पहले से ही खड़ा था। उन्होंने साड़ी के नीचे से मेरी पैंटी निकाली, और उन्होंने मुझे डाइनिंग टेबल पर ही झुकाया – मेरा पेट टेबल पर, और मेरी गांड उनकी तरफ। उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डाला – और तेज़ी से चोदने लगे।

उन्होंने मुझे तेज़ी से चोदा – 5 मिनट, 10 मिनट। मैं टेबल पर झुकी हुई थी, और उनके हर धक्के से मेरे स्तन टेबल पर रगड़ रहे थे। उन्होंने मेरे बाल पकड़े, और मेरी गर्दन पीछे की – और मेरी गांड पर थप्पड़ मारे – “थप! थप!” मैं कराह रही थी – “चिराग.. और.. जल्दी करो..”

जैसे ही वो झड़ने वाले थे, उन्होंने मुझे नीचे किया, और अपने कुछ वीर्य से मेरी सिंदूर वाली माँग में भर दिया। उनका वीर्य और मेरी सिंदूर मेरी माँग से मेरे चेहरे पर टपक रहा था।

फिर उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह में दिया। फिर मेरा मुँह चोदने लगे। उन्होंने मेरे मुँह में झड़ दिया – जल्दी से मेरी साड़ी के पल्लू से अपना लंड पोंछा और साफ किया, और फिर अपनी पैंट बंद की। उन्होंने मेरे गाल को चूमा, और कहा, “प्राची, अब मैं ऑफिस जा रहा हूँ। शाम को फिर से तैयार रहना।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “जी, चिराग। मैं तैयार रहूँगी।”

चिराग ऑफिस चले गए, और मैं वहीं टेबल पर रही – मेरी चेहरे पर उनका वीर्य बह रहा था, और मेरे होंठों पर मुस्कान थी। मुझे यह सब बहुत पसंद है – अपने पति की सेवा करना, उन्हें खुश करना।

भाग 9: हमारा प्यार – सेवा और समर्पण

मैं चिराग से बहुत प्यार करती हूँ – इतना प्यार कि मैं उनके लिए कुछ भी कर सकती हूँ। मुझे उनकी सेवा करना पसंद है – उनके लिए खाना बनाना, उनका सिर मालिश करना, उनके लिए डांस करना, उनके लिए गाना गाना। और मुझे उनका लंड चूसना पसंद है – उनके लंड को अपने मुँह में लेना, उन्हें डीप थ्रोट करना, और उनका वीर्य पीना।

मुझे उनकी सज़ा भी पसंद है – जब वो मेरे हाथ बाँधते हैं, मेरी गांड पर थप्पड़ मारते हैं, मेरे गालों पर थप्पड़ मारते हैं, और मुझे रफ चोदते हैं। मुझे यह सब पसंद है – क्योंकि मैं जानती हूँ कि यह सब उनके प्यार से आता है।

आज मैं और चिराग खुश हैं। हमारी शादी को 2 साल हो चुके हैं, और हमारा प्यार पहले दिन जैसा है – बल्कि हर दिन और बढ़ता जाता है। चिराग मुझसे बहुत प्यार करते हैं, और मैं उनसे। हमारी सेक्स लाइफ भी बहुत अच्छी है – कभी रोमांटिक, कभी रफ, कभी एनल, कभी बीडीएसएम। और मुझे यह सब बहुत पसंद है।

मैं जानती हूँ कि मैं अपने पति की सेवक हूँ – और मुझे इस पर गर्व है। क्योंकि मैं जानती हूँ कि मेरे पति मेरे लिए हैं – सिर्फ मेरे लिए। और मैं उनकी हूँ – सिर्फ उनकी। यह हमारा प्यार है, यह हमारा समर्पण है, और यह हमारी ज़िंदगी है।

अगर आपको यह कहानी पसंद आई, तो आप हमें कमेंट में बताएं। और अगर आपके पास भी ऐसी कोई कहानी है, तो हमें ज़रूर सुनाएं। क्योंकि हर कहानी में एक सीख होती है, और हर सेवा में एक प्यार छिपा होता है।

📲 इस कहानी को अपने करीबी दोस्तों के साथ शेयर करें 😉

Leave a Comment