मेरी पत्नी और साली के साथ सेक्स – हिंदी थ्रीसम सेक्स कहानी

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पत्नी और साली के साथ सेक्स – क्या आपने कभी सोचा है कि जब एक भारतीय पति की पत्नी इतनी समझदार और खुले विचारों वाली हो कि वो खुद अपनी बहन को उसके साथ डेट पर भेजे, और फिर उसे पूरी रात चोदने की इजाज़त दे, तो वो रात कैसी होती है? यह हिंदी सेक्स कहानी अमित, अंजलि और अनु की है – एक ऐसा कपल और उनकी साली, जिनके बीच का रिश्ता दोस्ती, फ्लर्टिंग और फिर पूरी तरह से बेकाबू चुदाई तक पहुँच जाता है। पत्नी की इजाज़त से शुरू हुई ये रात – रेस्टोरेंट डेट, हॉट किसिंग, और फिर बेडरूम में साली की बेरहम चुदाई – आखिर में पत्नी और साली दोनों को एक साथ चोदने, दोनों का ब्लोजॉब, दोनों की गांड चुदाई और दोनों के चेहरे की चुदाई तक पहुँचती है। अगर आपको थ्रीसम, साली से सेक्स, डबल ब्लोजॉब, एनल सेक्स और अनोखी हिंदी सेक्स कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ सिर्फ आपके लिए है।

भाग 1: पत्नी और साली के साथ सेक्स – हमारा रिश्ता, फ्लर्टिंग और पत्नी की इजाज़त

मेरा नाम अमित है। अमित वर्मा। मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ – पश्चिम विहार का इलाका, जहाँ मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट्स और बाज़ारों की भीड़ है। मेरी पत्नी का नाम अंजलि है – अंजलि वर्मा। और मेरी साली का नाम अनु है – अनु शर्मा। हाँ, पत्नी ने शादी के बाद मेरा सरनेम ले लिया, लेकिन साली अभी भी अपने मायके वाले सरनेम से ही जानी जाती है।

हम तीनों का रिश्ता बहुत अलग है। अंजलि और अनु सिर्फ बहनें नहीं हैं – वो बेस्ट फ्रेंड हैं। दोनों एक-दूसरे से हर बात शेयर करती हैं, हर राज़ बताती हैं, और हर मुश्किल में एक-दूसरे का साथ देती हैं। उनका रिश्ता देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। और अनु – मेरी साली – मेरे साथ भी बहुत दोस्ताना रहती है। हम दोनों भी एक-दूसरे के साथ बहुत सहज हैं। हम हमेशा एक-दूसरे के साथ फ्लर्ट करते रहते हैं – हँसी-मज़ाक में, चुटकुलों में, कभी-कभी तो हल्की-फुल्की छेड़छाड़ में भी।

अनु जब भी हमारे घर आती है, तो माहौल ही बदल जाता है। वो बहुत चुलबुली है, बहुत बातूनी है, और बहुत मस्तमौला है। वो मुझसे पूछती है, “जीजू, आज मैं आपके लिए क्या बनाऊँ?” या “जीजू, आप तो दीदी को घुमाने ले जाते हो, मुझे कब ले जाओगे?” कभी-कभी तो वो शरारत से मेरी तरफ देखकर मुस्कुराती है, और मैं समझ जाता हूँ कि वो क्या चाहती है।

अंजलि बहुत चिल है। उसे इस सब से कोई दिक्कत नहीं है। वो जानती है कि मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ, और अनु सिर्फ उसकी बहन है – हमारी बहन की तरह। वो अक्सर कहती है, “अमित, अनु को तुम्हारे साथ रहना पसंद है। तुम भी उसे पसंद करते हो। इसमें कोई बुराई नहीं है।”

लेकिन एक दिन, अंजलि ने कुछ ऐसा कहा जिसने मुझे पूरी तरह चौंका दिया।

“अमित, क्या तुम्हें अनु पसंद है?” उसने पूछा। उसकी आवाज़ बहुत सामान्य थी, जैसे वो मौसम के बारे में पूछ रही हो।

मैं घबरा गया। “क्या? नहीं… मतलब… हाँ, वो मेरी साली है, मैं उसे पसंद करता हूँ… लेकिन उस तरह से नहीं…”

“अरे, मैं उस तरह से नहीं पूछ रही,” अंजलि हँसी। “मैं पूछ रही हूँ कि क्या तुम उसके साथ सेक्स करना चाहोगे?”

मेरी साँसें थम गईं। मैं अंजलि को देखता रह गया – हैरान, उलझन में, और थोड़ा उत्तेजित भी। मेरा दिल ज़ोरों से धड़क रहा था।

“तुम… तुम सच कह रही हो?” मैंने पूछा।

“हाँ, बिल्कुल सच। मैं जानती हूँ कि तुम और अनु एक-दूसरे के साथ फ्लर्ट करते हो। और मैंने देखा है कि तुम्हारी नज़रें कभी-कभी उस पर जाती हैं। कोई बात नहीं। मैं समझती हूँ। अनु बहुत खूबसूरत है। और मैं चाहती हूँ कि तुम दोनों एक-दूसरे के साथ अच्छा समय बिताओ।”

मैं कुछ बोल नहीं पाया। मेरे दिमाग में कई सवाल घूम रहे थे। क्या अंजलि सच में ये चाहती है? क्या अनु को इस बारे में पता है? क्या ये सब सही है?

“घबराओ मत,” अंजलि ने मेरा हाथ पकड़कर कहा। “मैंने अनु से बात कर ली है। वो भी तुम्हें पसंद करती है। और वो भी तुम्हारे साथ समय बिताना चाहती है। तो अगर तुम भी चाहो, तो मैं तुम्हें दोनों को डेट पर भेज सकती हूँ।”

मेरा दिल ज़ोरों से धड़क रहा था। मैंने अंजलि की आँखों में देखा – वहाँ सिर्फ प्यार था, समझ थी, और एक ऐसी गहराई जो मैंने पहले कभी नहीं देखी थी।

“क्या तुम सच में ठीक हो इसके साथ?” मैंने पूछा।

“हाँ, बिल्कुल। मैं चाहती हूँ कि तुम दोनों खुश रहो। और मुझे पता है कि तुम मुझसे प्यार करते हो। ये सिर्फ एक रात है – बस मज़े के लिए।”

मैंने एक गहरी साँस ली। “ठीक है। अगर तुम कहती हो…”

“बस एक बात,” अंजलि ने कहा। “दोनों एन्जॉय करना। और अनु का ख्याल रखना। वो मेरी छोटी बहन है।”

भाग 2: पत्नी और साली के साथ सेक्स – रेस्टोरेंट डेट, हॉट किसिंग और अनु की सेक्सी ड्रेस

अगली शाम, मैंने खुद को तैयार किया – एक अच्छी सी शर्ट, जींस, और हल्का सा परफ्यूम। मैं थोड़ा नर्वस था, लेकिन बहुत उत्तेजित भी। आज मैं अपनी साली के साथ डेट पर जा रहा था – अपनी पत्नी की इजाज़त से।

जब मैं लिविंग रूम में आया, तो अनु वहाँ खड़ी थी – मेरा इंतज़ार करती हुई। और उसे देखते ही, मेरी साँसें रुक गईं।

अनु ने एक सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी – काली रंग की, छोटी सी, बिना बैक वाली। ड्रेस उसके शरीर पर एकदम टाइट थी – उसके स्तनों का उभार साफ दिख रहा था, उसकी कमर पतली लग रही थी, और उसकी गांड – उसकी गांड तो जैसे ड्रेस से बाहर निकलने को तैयार थी। उसने ऊँची हील्स पहनी हुई थीं, जिससे उसकी टाँगें और भी लंबी और सुडौल लग रही थीं। उसके बाल खुले थे – लंबे, घने, और हवा में लहराते हुए। उसका मेकअप भी परफेक्ट था – आँखों में काजल, होंठों पर लाल लिपस्टिक। और उसने एक पतली सी सोने की चेन पहनी हुई थी, जो उसकी गर्दन की खूबसूरती को और बढ़ा रही थी।

“अमित जीजू, आप तैयार हैं?” अनु ने मुस्कुराकर पूछा। उसकी आवाज़ में शरारत थी।

“हाँ… हाँ, मैं तैयार हूँ,” मैंने हकलाकर कहा।

अंजलि पीछे से आई और उसने मुस्कुराकर कहा, “दोनों एन्जॉय करना। और अनु, अपना ख्याल रखना।”

“जी दीदी,” अनु ने शरमाकर कहा।

हम दोनों रेस्टोरेंट गए – हौज़ खास का एक रोमांटिक सा इटैलियन रेस्टोरेंट। वहाँ की लाइटिंग धीमी थी, मोमबत्तियाँ जल रही थीं, और हवा में इटैलियन खाने की खुशबू फैली हुई थी। हमने पास्ता, पिज़्ज़ा और वाइन ऑर्डर किया। बातें कीं, हँसे, और एक-दूसरे को और अच्छे से जानने लगे।

अनु ने बताया कि वो कॉलेज में कैसे मुझसे पहली बार मिली थी – जब मैं अंजलि से मिलने उनके घर गया था। उसने कहा कि उसे पहले दिन से ही मैं पसंद था।

“सच में?” मैंने पूछा।

“हाँ,” अनु ने शरमाकर कहा। “लेकिन मैं जानती थी कि आप दीदी के लिए हो। इसलिए मैंने कभी कुछ नहीं कहा।”

“और अब?” मैंने पूछा।

“अब…” अनु ने मेरी आँखों में देखा। “अब दीदी ने खुद इजाज़त दे दी है। तो अब कोई रोक-टोक नहीं है।”

उसकी बात सुनकर मेरा दिल तेज़ी से धड़कने लगा। हमने खाना खत्म किया और रेस्टोरेंट से बाहर निकले। बाहर की हवा ठंडी थी, और रात का आसमान सितारों से भरा हुआ था।

हम पास के एक पार्क में घूमने लगे। अनु मेरे साथ-साथ चल रही थी – उसकी हील्स की आवाज़ सड़क पर गूँज रही थी। वो बहुत हॉट लग रही थी। मैं उससे नज़रें नहीं हटा पा रहा था।

“क्या हुआ, जीजू? ऐसे क्यों देख रहे हैं?” अनु ने पूछा।

“तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो,” मैंने कहा।

“धन्यवाद,” अनु मुस्कुराई।

मैंने अचानक उसे अपनी बाहों में खींच लिया और गले लगा लिया। उसका शरीर मेरे शरीर से सट गया – गर्म, नरम, और बहुत आकर्षक। मैंने उसके बूब्स को महसूस किया – मेरी छाती से दबे हुए, मुलायम और भारी। मेरे हाथ उसकी कमर से नीचे उसकी गांड तक गए – मैंने उसे कसकर पकड़ा और दबाया।

फिर मैंने उसके होंठों पर किस किया – पहले हल्के से, फिर गहराई से। उसने भी मेरा साथ दिया – अपना मुँह खोलकर, अपनी जीभ मेरे मुँह में डालकर। हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं, और हम एक-दूसरे में खोए हुए थे। मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था – उसकी जाँघों पर दबाव डाल रहा था।

“जीजू… यहाँ नहीं… लोग देख रहे हैं…” अनु ने हाँफते हुए कहा।

“चलो घर चलते हैं,” मैंने कहा। मेरी आवाज़ भारी थी, हवस से लबरेज़।

भाग 3: पत्नी और साली के साथ सेक्स – घर वापसी, बेडरूम में साली का ब्लोजॉब और चुदाई

जब हम घर लौटे, तो अंजलि दरवाज़े पर हमारा इंतज़ार कर रही थी। मैंने उसके लिए खाना लाया था – उसकी फेवरेट चाइनीज़ डिश, चिली पनीर और फ्राइड राइस। मैंने उसे दिया और कहा, “ये तुम्हारे लिए है। तुम खाना खाओ।”

“धन्यवाद,” अंजलि ने मुस्कुराकर कहा। फिर उसने अनु की तरफ देखा और कहा, “जाओ, एन्जॉय करो। मैं यहाँ खाना खाती हूँ।”

अनु शरमा गई, लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे बेडरूम की तरफ ले गया।

बेडरूम में पहुँचते ही, मैंने अनु को बिस्तर पर लिटा दिया। उसकी ड्रेस अब उसके शरीर पर चिपकी हुई थी – उसकी गर्मी और पसीने से। मैंने उसकी ड्रेस उतारी – धीरे-धीरे, बहुत प्यार से। उसके नीचे उसने कोई ब्रा नहीं पहनी थी, और पैंटी भी बहुत छोटी सी थी – बस एक पतली सी रेखा।

अनु का शरीर मेरे सामने था – गोरा, सुडौल, और बहुत आकर्षक। उसके स्तन – 34 साइज़ के, गोल और भारी – उसकी छाती पर लटक रहे थे। उसके निप्पल गुलाबी और सख्त थे। उसकी चूत – शेव की हुई, गुलाबी – पहले से ही गीली थी, और उसकी गांड – मोटी, गोल, चिकनी – बिस्तर पर फैली हुई थी।

“अनु… तुम बहुत खूबसूरत हो…” मैंने कहा।

“और आप… आप बहुत मर्दाना हो,” उसने जवाब दिया।

मैंने उसके स्तनों को चूमा, चूसा, और दबाया। उसके निप्पल सख्त हो गए। मैंने उसके बूब्स के बीच अपना चेहरा छिपा दिया और उन्हें ज़ोर से मसला। फिर मैंने नीचे जाकर उसकी चूत को चाटा – धीरे-धीरे, गहराई से। अनु कराह रही थी, उसकी कमर ऊपर-नीचे हो रही थी। उसकी चूत से रस की धार बह निकली।

फिर मैंने अपना लंड निकाला – पूरी तरह खड़ा, सख्त और गर्म। 7 इंच लंबा, मोटा, नसों से भरा हुआ। मैंने अनु से कहा, “इसे चूसो।”

अनु ने बिना किसी हिचकिचाहट के मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। वो मुझे चूस रही थी – धीरे-धीरे, फिर तेज़ी से। उसकी जीभ मेरी टोपी पर गोल-गोल घूम रही थी, और उसके होंठ मेरे शाफ्ट को कसकर पकड़ रहे थे। मेरी लार उसकी ठुड्डी पर बह रही थी।

“हाँ… ऐसे ही चूसो…” मैं कराह रहा था। मैंने उसके सिर को पकड़ा और अपने लंड को उसके गले में और गहराई तक धकेल दिया। अनु का दम घुटने लगा, उसकी आँखों से आँसू निकल आए, लेकिन वो रुकी नहीं। वो मुझे चूसती रही – और भी ज़ोर से, और भी तेज़ी से।

करीब दस मिनट तक अनु ने मेरा लंड चूसा। फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और अपना लंड उसकी चूत में डाला। वो तंग थी – बहुत तंग। मैंने धीरे-धीरे अंदर जाया, और अनु कराह उठी।

“आराम करो,” मैंने कहा। “धीरे-धीरे साँस लो।”

अनु ने अपनी मांसपेशियों को ढीला छोड़ दिया, और मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। फिर मैंने उसे चोदना शुरू किया – पहले धीरे, फिर तेज़, फिर बहुत तेज़। अनु चीख रही थी, कराह रही थी, और मुझसे और ज़ोर से चोदने की भीख माँग रही थी।

पूरी रात, मैंने अनु को चोदा। कई पोज़िशन में, कई तरीकों से। डॉगी में, मिशनरी में, काउगर्ल में। हर बार, वो झड़ती, और मैं उसे और चोदता। उस रात, मैंने उसे रुला दिया – मज़े से, चाहत से, और बेकाबू हवस से।

भाग 4: पत्नी और साली के साथ सेक्स – पत्नी का आना, दोनों का डबल ब्लोजॉब और चेहरे की चुदाई

रात के करीब तीन बजे, मेरा लंड अभी भी सख्त था। अनु थक चुकी थी, लेकिन मैं अभी भी उसे चोद रहा था। तभी दरवाज़ा खुला और अंजलि अंदर आई।

उसने बिस्तर पर हमें देखा – मैं अनु को चोद रहा था, और अनु चीख रही थी। अंजलि ने कहा, “अमित, मेरी बहन को मार मत देना।”

मैंने मुड़कर अंजलि को देखा। मेरा लंड अभी भी सख्त था – शांत होने के बजाय, और भी ज़्यादा सख्त हो गया। मैंने अंजलि को पकड़ा और बिस्तर पर लिटा दिया – अनु के बगल में। फिर मैंने अपना लंड अंजलि के मुँह में डाल दिया और उसके मुँह को चोदना शुरू कर दिया।

“हाँ… ये लो… मेरा लंड…” मैं गुर्रा रहा था।

अंजलि मेरा लंड चूस रही थी – उसकी बहन अनु उसके बगल में लेटी थी, थकी हुई और संतुष्ट। ये नज़ारा मुझे और भी ज़्यादा उत्तेजित कर रहा था – दो बहनें, मेरे बिस्तर पर, मेरे लिए।

“अनु, तुम भी आओ,” मैंने हुक्म दिया। “दोनों मिलकर मेरा लंड चूसो।”

अनु ने थकान के बावजूद खुद को उठाया और अंजलि के पास आ गई। अब दोनों बहनें मेरे सामने घुटनों पर थीं – मेरा लंड उनके बीच में। दोनों मिलकर मेरा लंड चूस रही थीं – एक टोपी चूसती, तो दूसरी शाफ्ट। एक अंडकोष चूसती, तो दूसरी मेरे लंड को गले तक ले जाती। मैं उन दोनों को देख रहा था – मेरी पत्नी और मेरी साली, दोनों एक साथ, मेरे लंड को चूसती हुई।

“हाँ… दोनों… ऐसे ही…” मैं कराह रहा था। मेरा लंड अब पहले से भी ज़्यादा सख्त था – लोहे की रॉड की तरह।

फिर मैंने दोनों का चेहरा चोदा – बारी-बारी से। पहले अंजलि का मुँह, फिर अनु का। पहले अनु का गला, फिर अंजलि का। दोनों की आँखों से आँसू बह रहे थे, दोनों की लार उनके चेहरों पर बह रही थी। और मैं दोनों को चोद रहा था – बेरहमी से, बिना किसी रहम के।

कुछ देर चेहरे की चुदाई के बाद, मैंने अनु की चुदाई फिर से शुरू कर दी। वो फिर से चीखने लगी – मज़े से, दर्द से, और चाहत से।

“प्लीज़… जीजू… प्लीज़…” अनु गिड़गिड़ा रही थी।

लेकिन मैंने उस पर रहम किया और अपनी पत्नी अंजलि की चुदाई करके अपनी हवस मिटाई। वरना साली की तो हालत खराब हो जाती।

सुबह, जब मेरी आँखें खुलीं, तो अंजलि और अनु दोनों मेरे बगल में सो रही थीं। मैंने अनु को उठाया और उसे बाथरूम में ले गया। वहाँ मैंने उसके साथ फिर से सेक्स किया – धीरे-धीरे, प्यार से। फिर मैंने उसे नहलाया – अपने हाथों से उसके शरीर को साफ किया, उसके बालों को धोया।

बाहर आकर, अंजलि ने अनु का मसाज किया – उसकी पीठ, उसके कंधे, उसकी गांड। “रात में तुम थक गई होगी,” अंजलि ने प्यार से कहा।

“हाँ दीदी, बहुत थक गई हूँ,” अनु ने शरमाकर कहा।

मैंने अंजलि से कहा, “मैं इसकी गांड भी मारना चाहता हूँ।”

अंजलि ने मुस्कुराकर कहा, “आज तो इसे छोड़ दो। कल देखेंगे।”

भाग 5: पत्नी और साली के साथ सेक्स – अगला दिन, बट-प्लग, गांड की बेरहम चुदाई और बूब्स फकिंग

अगले दिन, जब मैं बाथरूम में नहा रहा था, अंजलि ने अनु को बाथरूम में भेज दिया। अनु अंदर आई – उसने बट-प्लग पहन रखा था। उसकी गांड में एक छोटा सा, गुलाबी रंग का बट-प्लग लगा हुआ था, जो उसके चूतड़ों के बीच चमक रहा था।

“ये क्या है?” मैंने पूछा।

“दीदी ने कहा कि आप मेरी गांड मारना चाहते हैं,” अनु ने शरमाकर कहा। “इसलिए मैंने ये पहन लिया।”

मैंने अनु को अपनी तरफ खींचा और उसके गले पर किस किया। फिर मैंने उसका बट-प्लग निकाला – धीरे-धीरे, बहुत प्यार से। उसकी गांड का छेद अब खुला हुआ था – गीला, गुलाबी, और तैयार।

मैंने अनु को झुकाया और अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया। वो चीख पड़ी – दर्द से, मज़े से, और चाहत से। मैंने उसकी गांड को ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू किया – बेरहमी से, बिना किसी रहम के।

बाथरूम में गांड चुदाई के बाद, मैंने अनु को बेडरूम में ले जाया और वहाँ उसकी गांड को और भी ज़ोर से चोदा। आज मैंने उसे बिल्कुल नहीं छोड़ा। मैंने उसकी गांड को तब तक चोदा जब तक कि मेरा लंड शांत नहीं हो गया।

अनु रो रही थी – मज़े से, दर्द से, और संतुष्टि से। और मैं… मैं भी बहुत संतुष्ट था।

फिर मैंने अनु के बूब्स के साथ खेला – उन्हें चूसा, दबाया, और उनके बीच अपना लंड डालकर बूब्स फकिंग की। उसका बूब्स मेरे लंड के लिए एक नरम, गर्म और मुलायम जगह बना रहे थे। अनु कराह रही थी – अभी भी थकी हुई, लेकिन अभी भी मेरे लिए तैयार।

“जीजू… आप तो कमाल हैं…” अनु ने फुसफुसाकर कहा। “आप तो मुझे पूरी तरह से तोड़ रहे हैं…”

“तुम्हें यही तो चाहिए था ना?” मैंने मुस्कुराकर कहा। “अपने जीजू के साथ यही तो चाहती थी तुम।”

“हाँ… यही चाहती थी…” अनु ने हाँफते हुए जवाब दिया।

मैंने उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से चोदा, और उसके चेहरे पर झड़ गया। मेरा वीर्य उसके गालों, होंठों और ठुड्डी पर बिखर गया – गर्म, गाढ़ा, भरपूर। अनु ने अपनी जीभ बाहर निकाली और मेरे वीर्य को चाट लिया – बूँद-बूँद, जैसे कोई अमृत हो।

भाग 6: पत्नी और साली के साथ सेक्स – दोनों की गांड चुदाई, चेहरे की चुदाई और अंतिम राउंड

शाम को, जब अंजलि घर लौटी – वो दिन में अपनी सहेली के घर गई थी – तो उसने देखा कि अनु बिस्तर पर लेटी हुई है, पूरी तरह थकी हुई, और मैं सोफे पर बैठा हूँ, अभी भी उत्तेजित।

“क्या हुआ? अभी तक शांत नहीं हुए?” अंजलि ने मुस्कुराकर पूछा।

“नहीं,” मैंने कहा। “आज तो बहुत मज़ा आ रहा है।”

“चलो, तो मैं भी आ जाती हूँ,” अंजलि ने कहा और अपने कपड़े उतारने लगी। कुछ ही पलों में, वो पूरी तरह नंगी थी – मेरे सामने, मेरी पत्नी, मेरी रानी।

अंजलि का शरीर अनु से थोड़ा अलग था – थोड़ा भारी, थोड़ा ज़्यादा सुडौल, लेकिन उतना ही आकर्षक। उसके स्तन बड़े थे – 36 साइज़ के, दूध से भरे हुए। उसकी गांड भी बड़ी और मोटी थी। और उसकी चूत – शेव की हुई, गुलाबी – पहले से ही गीली थी।

“आओ, दोनों मेरे सामने घुटनों पर बैठो,” मैंने हुक्म दिया।

अंजलि और अनु – दोनों बहनें – मेरे सामने घुटनों पर बैठ गईं। दोनों की आँखें ऊपर मेरी तरफ उठी हुई थीं, उम्मीद और समर्पण से भरी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला – अभी भी सख्त, अभी भी गर्म, अभी भी भूखा।

“चूसो,” मैंने कहा।

दोनों बहनें मिलकर मेरा लंड चूसने लगीं – एक टोपी पर, एक शाफ्ट पर। एक अंडकोष पर, एक गले में। दोनों की लार मेरे लंड पर बह रही थी, दोनों के चेहरे चमक रहे थे।

कुछ देर बाद, मैंने अनु को झुकाया और उसकी गांड में अपना लंड डाला। वो चीखी, लेकिन मैंने उसे चोदना जारी रखा। कुछ मिनटों के बाद, मैंने अंजलि को झुकाया और उसकी गांड में अपना लंड डाला। अंजलि चीखी, लेकिन वो भी मुझे चोदने देती रही।

अब मैं बारी-बारी से दोनों की गांड चोद रहा था – अनु, फिर अंजलि, फिर अनु, फिर अंजलि। दोनों चीख रही थीं, दोनों कराह रही थीं, दोनों मुझसे और ज़ोर से चोदने की भीख माँग रही थीं।

फिर मैंने दोनों का चेहरा चोदा – बारी-बारी से। पहले अनु का मुँह, फिर अंजलि का। पहले अंजलि का गला, फिर अनु का। दोनों की आँखों से आँसू बह रहे थे, दोनों की लार उनके चेहरों पर बह रही थी।

“हाँ… दोनों… मेरी रंडियाँ…” मैं गुर्रा रहा था। “दोनों मेरी हो… दोनों मेरे लंड की प्यासी…”

“हाँ… हम आपकी हैं…” दोनों ने एक साथ कहा।

और फिर, एक ज़ोरदार गुर्राहट के साथ, मैं झड़ गया – दोनों के चेहरों पर, दोनों के मुँहों में, दोनों के शरीर पर। मेरा वीर्य हर जगह बिखर गया – गर्म, गाढ़ा, भरपूर। दोनों ने मेरा वीर्य चाट लिया – बूँद-बूँद, जैसे कोई अमृत हो।

भाग 7: पत्नी और साली के साथ सेक्स – हमारा नया रिश्ता और प्यार

उस दिन के बाद, हमारा रिश्ता और भी गहरा हो गया। अंजलि, अनु और मैं – हम तीनों अब एक अलग ही दुनिया में रहते हैं। एक ऐसी दुनिया जहाँ कोई शर्म नहीं है, कोई झिझक नहीं है, और कोई सीमा नहीं है। बस प्यार है – और एक-दूसरे को खुश करने की चाहत।

अंजलि अब भी मुझसे बहुत प्यार करती है – उतना ही, जितना पहले करती थी। और अनु… अनु अब सिर्फ मेरी साली नहीं है। वो भी मेरी है – मेरे लिए, मेरी पत्नी की इजाज़त से।

कुछ लोग शायद सोचें कि ये सब गलत है। कि ये अनैतिक है। लेकिन हमारे लिए, ये सिर्फ प्यार है – एक अलग तरह का प्यार, जो हम तीनों के बीच है। और हम तीनों इससे बहुत खुश हैं।

पत्नी और साली के साथ सेक्स – ये सिर्फ एक कहानी नहीं है। ये हमारी ज़िंदगी है। और मैं हर दिन इसके लिए भगवान का शुक्रिया अदा करता हूँ।

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