बेवफाई की सज़ा – क्या आपने कभी सोचा है कि जब एक पत्नी अपने पति से धोखा करती है, और फिर उसे अपनी गलती का एहसास होता है, तो वो कैसे अपने पति से माफी माँगती है? यह हिंदी सेक्स कहानी उसी औरत की है — साक्षी — जिसने अपने पति कार्तिक को धोखा दिया, और फिर उससे बेवफाई की सज़ा माँगी। यह कहानी उस औरत की है जिसने अपने पति से कहा कि वो उसे सज़ा दे, उसे मारे, उसे बेरहमी से चोदे, और उसे अपनी रंडी बनाए। और पति ने वैसा ही किया — उसने अपनी पत्नी का मुँह चोदा, उसकी गांड चोदी, उस पर पेशाब किया, और उसे पूरे सात दिन तक सज़ा दी। लेकिन सज़ा के बाद भी उसका प्यार कम नहीं हुआ। अगर आपको बेवफाई की सज़ा, बेरहम सेक्स, गला चोदना, गांड चुदाई, पेशाब पीना, और पति-पत्नी के रिश्ते की कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ सिर्फ आपके लिए है।
भाग 1: बेवफाई की सज़ा – मेरा अतीत और मेरी शादी
मेरा नाम साक्षी है। मेरी उम्र 28 साल है, और मेरी शादी कार्तिक से हुई है। कार्तिक बहुत ही अच्छे इंसान हैं — बहुत प्यार करने वाले, बहुत केयरिंग, और बहुत ही समझदार। वो मुझसे बहुत प्यार करते हैं, मेरा बहुत ध्यान रखते हैं, और मुझे कभी कोई तकलीफ नहीं होने देते। शादी के तीन साल हो गए हैं, और इन तीन सालों में उन्होंने मुझे कभी किसी चीज़ की कमी नहीं होने दी। वो मुझे सुबह चाय बनाकर देते हैं, मेरे लिए खाना लाते हैं, और मेरी हर छोटी-बड़ी ज़रूरत का ध्यान रखते हैं। मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि मुझे ऐसा पति मिला।
लेकिन मेरी ज़िंदगी हमेशा से ऐसी नहीं थी। शादी से पहले, कॉलेज के दिनों में, मेरा एक बॉयफ्रेंड था — अर्जुन। मैं उससे बहुत प्यार करती थी, और उसने मुझे बहुत कुछ सिखाया था। उसने मुझे सेक्स सिखाया, मेरी चूत चोदी, मेरी गांड चोदी, और मेरा मुँह चोदा। वो मुझे बहुत बेरहमी से चोदता था, और मैं उसके लिए सब कुछ सहती थी। मैं सोचती थी कि वो मुझसे प्यार करता है, और हम दोनों शादी करेंगे। लेकिन उसने मुझसे शादी नहीं की। उसने मुझे सिर्फ सेक्स के लिए इस्तेमाल किया, और फिर छोड़ दिया। मैं बहुत टूट गई थी, लेकिन फिर मैंने आगे बढ़ने का फैसला किया। मैंने अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना सीखा, और फिर मेरी शादी कार्तिक से हो गई।
कार्तिक मुझसे बहुत प्यार करते हैं, और मैं भी उनसे बहुत प्यार करती हूँ। हमारी सेक्स लाइफ भी बहुत अच्छी है। कार्तिक मुझसे बहुत प्यार से सेक्स करते हैं। वो मुझे धीरे-धीरे चूमते हैं, मेरी चूत चाटते हैं, और मुझे बहुत प्यार से चोदते हैं। मैं उन्हें ब्लोजॉब देती हूँ, और वो मेरी चूत चाटते हैं। कभी-कभी वो मेरी गांड भी चोदते हैं, लेकिन बहुत धीरे और प्यार से। वो मुझे कभी दर्द नहीं देते, और मुझे कभी रुलाते नहीं। वो मुझसे बहुत प्यार करते हैं, और मैं उनसे। मैं बहुत खुश हूँ, और मुझे अपनी ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं है।
लेकिन फिर एक दिन सब कुछ बदल गया। मेरी एक दोस्त की बर्थडे पार्टी थी, और वहाँ मेरी मुलाकात अर्जुन से हो गई। वो मुझे देखकर मुस्कुराया, और मुझसे बात करने लगा। उसने मुझसे पूछा कि मैं कैसी हूँ, मेरी शादी कैसी चल रही है, और मैं खुश हूँ या नहीं। मैंने उसे बताया कि मैं बहुत खुश हूँ, और मेरी शादी बहुत अच्छी चल रही है। लेकिन वो मुझे बार-बार देख रहा था, और मुझसे बात करने की कोशिश कर रहा था। मैं समझ गई थी कि वो मुझसे कुछ चाहता है, लेकिन मैंने उसे नज़रअंदाज़ करने की कोशिश की।
लेकिन वो नहीं माना। उसने मुझे अपने अपार्टमेंट में चलने के लिए कहा, और मैं न जाने क्यों मान गई। शायद मेरे अंदर की पुरानी यादें जाग गई थीं, शायद मैं उसे भूल नहीं पाई थी। मैं उसके अपार्टमेंट में गई, और उसने मुझे बुरी तरह से चोदा। उसने मेरी गांड चोदी, मेरा मुँह चोदा, और मुझे रुलाया। उसने मुझ पर अपनी पूरी हवस उतारी, और मुझे अपनी रंडी बना लिया। वो मुझसे प्यार नहीं करता था — वो सिर्फ मुझे सेक्स के लिए इस्तेमाल कर रहा था। और मैं उसके जाल में फिर से फँस गई थी।
भाग 2: बेवफाई की सज़ा – अपराधबोध और पति से इकरार
उस रात के बाद मैं बहुत टूट गई थी। मैं घर लौटी, और कार्तिक को देखा, जो मेरा इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं इतनी देर से कहाँ थी, और मैंने उनसे झूठ बोल दिया। मैंने कहा कि मैं पार्टी में रुक गई थी। लेकिन मेरे अंदर अपराधबोध बढ़ रहा था, और मैं जानती थी कि मैंने बहुत बड़ी गलती की है। मैंने अपने पति को धोखा दिया है, और ये बात मुझे अंदर से खा रही थी। मैं रात भर सो नहीं पाई, और सुबह तक बस यही सोचती रही कि मैंने कितना बड़ा पाप किया है।
कई दिनों तक मैं चुप रही, लेकिन आखिरकार मैंने हिम्मत जुटाई और कार्तिक को सब सच बता दिया। मैंने उन्हें बताया कि मैं अर्जुन से मिली थी, और उसके साथ गई थी। मैंने उन्हें बताया कि मैंने उन्हें धोखा दिया है, और मुझे अपनी गलती का एहसास है। मैं रो रही थी, और मेरी आँखों से आँसू बह रहे थे। मैंने कार्तिक से कहा, “मैं सॉरी हूँ। मैंने तुम्हें धोखा दिया है। मैंने बहुत बुरा किया है। मुझे माफ कर दो।”
कार्तिक चुप थे। उनके चेहरे पर दर्द था, गुस्सा था, और धोखा खाने का एहसास था। वो कुछ देर तक कुछ नहीं बोले, और फिर उन्होंने मुझे धक्का दिया। मैं ज़मीन पर गिर गई, और उनसे माफी माँगने लगी। मैंने कहा, “मैं सॉरी हूँ, कार्तिक। मैंने बहुत बुरा किया है। तुम मुझे सज़ा दो, मुझे मारो, मुझे थप्पड़ मारो। मैं जो भी सज़ा दोगे, वो स्वीकार करूँगी। मैं तुम्हारी हूँ, और तुम मेरे साथ जो चाहो, कर सकते हो।”
कार्तिक की आँखों में गुस्सा था, और उनकी साँसें तेज़ चल रही थीं। वो मुझे देख रहे थे, और मैं उनके सामने रो रही थी। मैं जानती थी कि मैंने बहुत बड़ी गलती की है, और मैं उनकी हर सज़ा सहने को तैयार थी। मैं चाहती थी कि वो मुझे सज़ा दें, मुझे मारें, और मुझे मेरी गलती का एहसास कराएँ। मैं चाहती थी कि वो मुझ पर अपना गुस्सा उतारें, और मुझे अपनी रंडी बनाएँ। क्योंकि मैं जानती थी कि सिर्फ इसी तरह मैं उनका दिल जीत सकती हूँ, और सिर्फ इसी तरह मैं अपनी गलती की भरपाई कर सकती हूँ।
कार्तिक ने मुझे धीरे से देखा, और फिर कहा, “तुम चाहती हो सज़ा? ठीक है, मैं तुम्हें सज़ा दूँगा।” उनकी आवाज़ में गुस्सा था, और मैं समझ गई कि अब मेरी असली सज़ा शुरू होगी। मैंने अपनी आँखें बंद कर लीं, और उनके हर काम को सहने की तैयारी कर ली। मैं जानती थी कि ये सज़ा बहुत कठोर होगी, लेकिन मैं उसे सहूँगी। क्योंकि मैं कार्तिक से बहुत प्यार करती हूँ, और मैं उन्हें खोना नहीं चाहती। मैं उनकी हर सज़ा सहूँगी, और उन्हें दिखाऊँगी कि मैं उनकी हूँ — सिर्फ उनकी।
भाग 3: बेवफाई की सज़ा – पहली रात – मुँह चोदना और गला चोदना
कार्तिक ने मुझे बालों से पकड़ा, और मुझे बेडरूम में ले गए। उन्होंने मुझे ज़मीन पर धकेल दिया, और अपनी पैंट खोलकर अपना लंड निकाला। उनका लंड पहले से ही खड़ा था — गुस्से से, और हवस से। उन्होंने मुझसे कहा, “अपना मुँह खोलो।”
मैंने अपना मुँह खोला, और उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया। वो बहुत ज़ोर से मेरे मुँह को चोदने लगे — बिना रहम, बिना रुकावट। उनका लंड मेरे गले तक जा रहा था, और मुझे साँस लेने में दिक्कत हो रही थी। मेरी आँखों से पानी निकल रहा था, और मेरी लार फर्श पर टपक रही थी। लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं। मैं उनकी सज़ा सह रही थी, और मुझे पता था कि ये मेरी गलती की सज़ा है।
कार्तिक मुझे गालियाँ दे रहे थे, और मुझे रंडी कह रहे थे। वो मुझ पर थूक रहे थे, और मुझे थप्पड़ मार रहे थे। उन्होंने कहा, “तू मेरी रंडी है, साक्षी। मेरी निजी रंडी। और आज मैं तुझे तेरी गलती की सज़ा दूँगा।” मैं कुछ नहीं बोल पा रही थी — मेरा मुँह भरा हुआ था। मैं सिर्फ उनकी बातें सुन रही थी, और उनके हर धक्के को सह रही थी। उनके हर शब्द ने मुझे अंदर से तोड़ दिया, लेकिन मैं जानती थी कि मुझे ये सब सहना है।
उन्होंने मेरा मुँह करीब एक घंटे तक चोदा। वो बीच-बीच में रुकते, मुझे थप्पड़ मारते, और फिर से मेरा मुँह चोदने लगते। उन्होंने मुझसे कहा, “तुझे यही चाहिए था ना? तू मेरे साथ ऐसा ही चाहती थी ना? ले, तू ये सब ले।” मैं उनके हर शब्द को सुन रही थी, और अपनी गलती पर पछता रही थी। लेकिन मैं जानती थी कि मुझे ये सज़ा सहनी है, क्योंकि मैंने गलती की है। मैंने अपने पति को धोखा दिया है, और अब मुझे उसकी सज़ा भुगतनी है।
जब वो मेरे मुँह में झड़ गए, तो उन्होंने मुझसे कहा, “सारा माल निगल लो।” मैंने उनका सारा माल निगल लिया, और अपनी जीभ से अपने होंठों को चाट लिया। कार्तिक ने मुझे देखा, और उनकी आँखों में गुस्सा अब भी था। वो बोले, “अब अपनी गांड साफ करो।” मैं समझ गई कि अब वो मेरी गांड चोदेंगे। मैं उठी, और बाथरूम में जाकर अपनी गांड साफ की। फिर मैं वापस आई, और उनके सामने खड़ी हो गई। कार्तिक ने मुझे औंधा लिटाया, और मेरी गांड चोदने लगे। उनका लंड मेरी गांड में घुस रहा था, और मुझे बहुत दर्द हो रहा था। लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं। मैं उनकी सज़ा सह रही थी, और मुझे पता था कि ये मेरी गलती की सज़ा है।
भाग 4: बेवफाई की सज़ा – गांड चुदाई और बेरहमी
कार्तिक ने मेरी गांड को बहुत बेरहमी से चोदा। वो मेरे पीछे थे, और मुझे डॉगी स्टाइल में चोद रहे थे। उनका लंड मेरी गांड में आगे-पीछे हो रहा था, और मेरी गांड फट रही थी। मैं दर्द से चीख रही थी, और मेरी आँखों से आँसू बह रहे थे। लेकिन कार्तिक रुक नहीं रहे थे। वो मुझ पर अपना गुस्सा उतार रहे थे, और मुझे अपनी रंडी बना रहे थे। उनकी रफ्तार बहुत तेज़ थी, और उनके धक्के बहुत गहरे थे। मेरी गांड में आग लग रही थी, लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं।
उन्होंने मेरी गर्दन को पीछे से पकड़ा, और मुझे चोक किया। मेरी साँसें रुक गईं, और मुझे लगा कि मेरा दम घुट जाएगा। लेकिन उन्होंने मुझे छोड़ दिया, और फिर से मेरी गांड चोदने लगे। उन्होंने मेरी गांड पर ज़ोर-ज़ोर से थप्पड़ मारे, और मुझे गालियाँ दीं। वो मुझसे कह रहे थे, “तू मेरी रंडी है, साक्षी। मैं तुझे चोदूँगा, और तुझे बर्बाद कर दूँगा। तुझे पता भी नहीं होगा कि तू कितनी बड़ी गलती की है।”
मैं रो रही थी, और दर्द से तड़प रही थी। लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं। मैं जानती थी कि ये मेरी सज़ा है, और मुझे इसे सहना है। मैं कार्तिक से बहुत प्यार करती हूँ, और मैं उन्हें खोना नहीं चाहती। इसलिए मैं उनकी हर बेरहमी सह रही थी, और उन्हें दिखा रही थी कि मैं उनकी हूँ — सिर्फ उनकी। मैंने अपने दाँत भींच लिए, और उनके हर धक्के को सहा। मेरी गांड से खून निकल रहा था, लेकिन मैंने उन्हें रोका नहीं। मैं बस उनकी सज़ा सह रही थी।
कार्तिक ने मेरी गांड को बहुत देर तक चोदा, और फिर उन्होंने मुझ पर पेशाब कर दिया। उनका गर्म पेशाब मेरे शरीर पर गिरा, और मैं उसे सहती रही। वो मुझ पर पेशाब कर रहे थे, और मैं उनकी गुलाम बन चुकी थी। उन्होंने मुझे फर्श पर छोड़ दिया, और खुद बेडरूम में जाकर सो गए। मैं अकेली फर्श पर पड़ी थी, और मेरा शरीर दर्द से कराह रहा था। लेकिन मैं जानती थी कि मुझे ये सज़ा सहनी है, और मैं उसे सहूँगी।
मैंने खुद को साफ किया, और हॉल में जाकर सो गई। मेरा दिल टूट रहा था, लेकिन मैं जानती थी कि कार्तिक मुझसे प्यार करते हैं, और वो मुझे माफ कर देंगे। मैं बस उनकी सज़ा सह रही थी, और उनका भरोसा वापस जीतने की कोशिश कर रही थी। यही मेरा मकसद था, और मैं इसे पूरा करूँगी। मैं जानती थी कि ये मुश्किल है, लेकिन मैं हार नहीं मानूँगी। क्योंकि कार्तिक मेरी ज़िंदगी हैं, और मैं उनके बिना नहीं रह सकती।
भाग 5: बेवफाई की सज़ा – सात दिनों का सफर और सुबह की सज़ा
सुबह हुई। मैंने कार्तिक के लिए खाना बनाया, और उनके उठने का इंतज़ार करने लगी। जब वो उठे, तो मैंने उन्हें देखा — उनकी आँखों में अब भी गुस्सा था। वो बाथरूम में गए, और मैं भी उनके पीछे गई। मैंने उन्हें गले लगा लिया, और कहा, “मैं सॉरी हूँ, कार्तिक। मुझे माफ कर दो।”
कार्तिक ने मुझे धक्का दिया, और मुझे नीचे गिरा दिया। उन्होंने अपना लंड निकाला, और मेरे मुँह में डाल दिया। वो मेरे मुँह को चोदने लगे, और फिर मेरे मुँह में पेशाब कर दिया। मैंने उनका पेशाब पिया, और उनका माल भी निगल लिया। मैं उनकी सज़ा सह रही थी, और मुझे पता था कि ये मेरी गलती की सज़ा है। मैंने उनके हर काम को सहा, और उनसे माफी माँगती रही।
फिर कार्तिक ने खाना खाया, और ऑफिस चले गए। मैं अकेली घर पर थी, और मेरे शरीर में दर्द था। मेरी गांड सूज गई थी, मेरा गला बैठ गया था, और मेरा पूरा शरीर टूट रहा था। लेकिन मैं जानती थी कि मुझे ये सज़ा सहनी है, और मैं उसे सहूँगी। ये सिलसिला सात दिनों तक चला। हर दिन कार्तिक ऑफिस से आते, मेरा मुँह चोदते, मेरी गांड चोदते, और मुझे सज़ा देते। वो मुझे अपने साथ सोने नहीं देते थे — वो सिर्फ मुझे इस्तेमाल करते थे, और फिर मुझे अकेला छोड़ देते थे। मैं हर दिन उनकी सज़ा सहती थी, और हर दिन उनसे माफी माँगती थी।
हर दिन कार्तिक मुझे कुछ नया सिखाते थे। वो मुझे बताते थे कि मैं उनकी रंडी हूँ, और मुझे उनकी हर बात माननी चाहिए। वो मुझे गालियाँ देते थे, मुझे थप्पड़ मारते थे, और मुझ पर पेशाब करते थे। मैं उनके हर ज़ुल्म को सहती थी, क्योंकि मैं जानती थी कि ये मेरी सज़ा है। मैं जानती थी कि मैंने गलती की है, और अब मुझे उसकी भरपाई करनी है। मैं कार्तिक से बहुत प्यार करती हूँ, और मैं उन्हें खोना नहीं चाहती। इसलिए मैं उनकी हर बेरहमी सह रही थी, और उनका भरोसा वापस जीतने की कोशिश कर रही थी।
भाग 6: बेवफाई की सज़ा – सातवें दिन की माफी और प्यार
सातवें दिन कार्तिक ऑफिस से घर आए, और उन्होंने मुझे गले लगा लिया। उन्होंने कहा, “मैं तुम्हारी माफी स्वीकार करता हूँ, साक्षी। तुमने अच्छा व्यवहार किया है, और मैं तुम्हें माफ करता हूँ।” ये सुनकर मेरी आँखों से आँसू बह निकले। मैंने उन्हें कसकर गले लगा लिया, और कहा, “थैंक यू, कार्तिक। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। मैं वादा करती हूँ कि मैं फिर कभी ऐसी गलती नहीं करूँगी।”
फिर कार्तिक ने मुझसे हार्डकोर सेक्स किया। वो मुझे बहुत ज़ोर से चोदने लगे, और मैं उनके नीचे कराह रही थी। उन्होंने मेरी चूत चोदी, मेरी गांड चोदी, और मेरा मुँह चोदा। मैं उनके लिए सब कुछ सह रही थी, और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। क्योंकि इस बार वो मुझे गुस्से से नहीं, बल्कि प्यार से चोद रहे थे। वो मुझसे प्यार कर रहे थे, और मैं उनसे। उनकी आँखों में अब गुस्सा नहीं था — सिर्फ प्यार था, और हवस थी। और मैं उनके लिए सब कुछ कर रही थी।
उस रात कार्तिक ने मुझे अपने साथ सोने दिया। मैं उनकी बाहों में सोई, और मुझे बहुत सुकून मिला। मैं जानती थी कि मैंने अपनी गलती की सज़ा भुगत ली है, और अब कार्तिक मुझसे फिर से प्यार करते हैं। मैं बहुत खुश थी, और मुझे अपनी ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं थी। मैं जानती थी कि कार्तिक मुझसे प्यार करते हैं, और मैं उनसे। और यही सबसे ज़रूरी है। मैंने उन्हें कसकर पकड़ लिया, और सोचा कि मैं दुनिया की सबसे भाग्यशाली औरत हूँ।
भाग 7: बेवफाई की सज़ा – बदलता रिश्ता और नई शुरुआत
सज़ा के बाद कार्तिक मुझसे बहुत अच्छे से रहने लगे। वो मुझसे प्यार करते थे, और मेरा बहुत ध्यान रखते थे। लेकिन कभी-कभी वो मुझे बेरहमी से भी चोदते थे, और मुझे रुलाते थे। मैं जानती थी कि वो मुझ पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं, और मैं उनकी हर बेरहमी सहती थी। मुझे कोई शिकायत नहीं थी, क्योंकि मैं जानती थी कि इसके बाद वो मुझसे प्यार करेंगे, और मुझे अपनी बाहों में सोने देंगे।
मैं चाहती थी कि कार्तिक मुझे रोज़ बेरहमी से चोदें, मेरा मुँह चोदें, मेरी गांड चोदें, और मुझे रुलाएँ। मुझे कोई दिक्कत नहीं थी, बस मैं चाहती थी कि सज़ा के बाद वो मुझे अपनी बाहों में लें, और मुझसे प्यार करें। मैं उनका प्यार चाहती थी, और उनकी बेरहमी भी। मैं उनकी हूँ, और वो मेरे हैं। यही मेरी ज़िंदगी है, और मुझे इस पर गर्व है।
लेकिन पंद्रह दिनों के बाद कार्तिक ने मुझे सज़ा देना बंद कर दिया। वो मुझसे फिर से प्यार से सेक्स करने लगे, और मुझे कभी-कभी ही बेरहमी से चोदते थे। मैं समझ गई कि उन्होंने मुझे माफ कर दिया है, और अब वो मुझसे सिर्फ प्यार करते हैं। मैं बहुत खुश थी, और मुझे अपनी ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं थी।
तीन महीने बाद कार्तिक ने मुझे प्रेग्नेंट कर दिया। उसके बाद उन्होंने मुझे कभी सज़ा नहीं दी। वो मुझसे बहुत प्यार करते थे, और मेरा बहुत ध्यान रखते थे। मैं बहुत खुश थी, और मुझे अपनी ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं थी। मैं जानती थी कि कार्तिक मुझसे प्यार करते हैं, और मैं उनसे। और यही सबसे ज़रूरी है।
समाप्त