मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – क्या आपने कभी सोचा है कि एक शर्मीली और मासूम पत्नी को एनल सेक्स सिखाना कैसा लगता है? यह हिंदी सेक्स कहानी उसी सफर की अगली कड़ी है जहाँ मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 में पति ने पहली बार अपनी पत्नी की गांड चाटी और फिर बड़े प्यार से उसकी एनल वर्जिनिटी ली। शादी के सात महीने बाद का वो दौर, जब सिमरन ने अपने पति के लिए अपना सबसे कीमती हिस्सा खोला और दोनों ने मिलकर रोमांटिक एनल सेक्स का आनंद लिया। शर्म, डर, दर्द, प्यार, और गहरे भरोसे से भरी यह दास्ताँ उस पल की है जब सिमरन ने अपनी गांड अपने पति को सौंप दी। अगर आपको एनल सेक्स, गांड चाटना, एनल वर्जिनिटी, रोमांटिक सेक्स, और सबमिसिव पत्नी की कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ सिर्फ आपके लिए है।
भाग 1: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – सात महीने का सफर और एक नई इच्छा
शादी को सात महीने बीत चुके थे। ये सात महीने हमारी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत, सबसे गर्म, और सबसे यादगार महीने थे। सिमरन अब पूरी तरह से मेरी हो चुकी थी — शरीर से, दिल से, और आत्मा से। उसने पिछले सात महीनों में बहुत कुछ सीखा था। मेकआउट से लेकर ओरल सेक्स तक, फेस फकिंग से लेकर 69 पोज़िशन तक, टिटी फकिंग से लेकर बेरहम चुदाई तक, थ्रोट फकिंग से लेकर चोकिंग तक — सब कुछ। उसकी गोरी कांच जैसी त्वचा पर मेरे प्यार और हवस के निशान थे, और उसकी गुलाबी चूत अब मेरे लंड की आदी हो चुकी थी। वो अब मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन से मेरी प्यासी, सबमिसिव पत्नी बन चुकी थी।
पिछले छह महीनों में हमने एक-दूसरे को बहुत करीब से जाना था। पहले महीने में सिर्फ बातें, चुम्बन, और हल्के स्पर्श। दूसरे महीने में पहली बार पूरी चुदाई और कुंवारापन टूटना। तीसरे महीने में रोमांटिक सेक्स, टिटी फकिंग, और नई पोज़िशन। चौथे महीने में फेस फकिंग और 69। पाँचवें महीने में पूरी रात बेरहम चुदाई और चूत को नष्ट करना। छठे महीने में थ्रोट फकिंग और चोकिंग। और अब सातवाँ महीना — जिसमें मैं सिमरन की गांड चोदना चाहता था।
मैंने बहुत सारी पोर्न देखी थी, और एनल सेक्स मेरी सबसे बड़ी फैंटेसी थी। मैं चाहता था कि सिमरन की गांड भी मेरी हो, उसकी चूत की तरह। लेकिन मैं जानता था कि एनल सेक्स बहुत ही मुश्किल और दर्दनाक होता है, खासकर किसी ऐसी लड़की के लिए जिसने कभी सोचा भी न हो कि उसकी गांड में भी लंड जा सकता है। सिमरन अभी तक एनल सेक्स के बारे में कुछ नहीं जानती थी। मैंने उसे कभी बताया नहीं था, और न ही कभी उसकी गांड को छुआ था — सिवाय चुदाई के दौरान उसकी गांड को पकड़ने के।
एक दिन शाम को, जब हम दोनों कमरे में थे और सिमरन मेरे कंधे पर सिर रखकर बैठी थी, मैंने धीरे से कहा, “सिमरन, मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।”
वो बोली, “क्या, रोहन?”
“मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ,” मैंने कहा। “और मैं चाहता हूँ कि तुम्हारा हर हिस्सा मेरा हो। तुम्हारी चूत की तरह, तुम्हारी गांड भी।”
सिमरन का चेहरा लाल हो गया। वो बोली, “गांड? वहाँ? वो तो बहुत गंदी जगह है…”
“नहीं, सिमरन,” मैंने कहा। “वो बिल्कुल गंदी नहीं है। वो भी तुम्हारे शरीर का हिस्सा है, और मुझे तुम्हारा हर हिस्सा प्यारा है। अगर तुम अच्छे से साफ करो, तो वो बिल्कुल साफ होती है। और मैं चाहता हूँ कि तुम्हारी गांड भी मेरी हो।”
वो हिचकिचाई, लेकिन फिर बोली, “ठीक है… लेकिन मुझे बहुत शर्म आएगी…”
“शर्म छोड़ो, सिमरन,” मैंने उसका हाथ पकड़कर कहा। “तुम मेरी पत्नी हो, और मैं तुम्हारा पति। हमारे लिए ये सब सामान्य है। बस मुझ पर भरोसा करो।”
वो मान गई। और उस रात हमने पहली बार एनल सेक्स की तरफ कदम बढ़ाया।
भाग 2: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – पहली बार गांड को छूना और चूमना
उस रात हमने पहले बहुत सारा फोरप्ले किया। मैंने सिमरन को चूमा, उसके स्तन दबाए, उसकी चूत चाटी, और उसे चरमसुख तक पहुँचाया। फिर सिमरन ने मेरा लंड चूसा — जड़ से टोपे तक, बहुत प्यार से। मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा था — लंबा, मोटा, और बहुत गर्म। उसकी लार मेरे लंड पर फैल गई थी, और मेरा लंड चमक रहा था।
अब बारी थी गांड की। मैंने सिमरन से कहा, “सिमरन, अब मैं तुम्हारी गांड को चूमना चाहता हूँ।”
वो शरमा गई। “अभी?”
“हाँ, अभी,” मैंने कहा। “तुम बस आराम से लेट जाओ।”
मैंने सिमरन को बिस्तर पर औंधा लिटाया, और उसकी गांड को देखा। उसकी गांड बहुत ही खूबसूरत थी — गोरी, चिकनी, मुलायम, और बिल्कुल सही आकार की। दोनों चूतड़ उभरे हुए थे, और उनके बीच में उसका गांड का छेद था — छोटा, हल्का गुलाबी, और बहुत ही टाइट। उसकी गोरी कांच जैसी त्वचा पर हल्की सी लाली थी — शर्म और उत्तेजना दोनों की।
“तुम्हारी गांड कितनी सुंदर है, सिमरन,” मैंने कहा। “मैं इसे बहुत प्यार करता हूँ।”
“शर्म आ रही है…” उसने कहा।
“शर्माने की ज़रूरत नहीं,” मैंने कहा और उसकी गांड के दोनों चूतड़ों को अलग किया। उसका गांड का छेद अब साफ दिख रहा था — छोटा, टाइट, और बहुत ही आकर्षक। मैंने उसे चूमा — पहले उसके चूतड़ों को, फिर उसके गांड के छेद के आसपास। सिमरन का शरीर काँप उठा, और उसकी साँसें तेज़ हो गईं।
“रोहन… वहाँ मत…” वो बोली।
“चुप रहो, सिमरन,” मैंने कहा। “मुझे करने दो।”
मैंने उसकी गांड के छेद को अपनी जीभ से चाटा। सिमरन चीख पड़ी — “ओह! रोहन… ये क्या…” उसका शरीर उछल गया। मैंने उसके दोनों चूतड़ों को पकड़कर उसे स्थिर किया, और फिर से चाटने लगा — इस बार और गहराई से। मेरी जीभ उसके गांड के छेद के अंदर गई, और वो और चीखने लगी। “रोहन… बहुत अजीब लग रहा है…”
“अच्छा लग रहा है?” मैंने पूछा।
“पता नहीं…” उसने कहा। “लेकिन तुम्हारी जीभ… वहाँ… बहुत अलग एहसास है…”
मैं उसकी गांड को चाटता रहा, और धीरे-धीरे सिमरन को ये एहसास पसंद आने लगा। उसकी साँसें तेज़ हो गईं, और उसके मुँह से हल्की-हल्की आहें निकलने लगीं। मैंने उसकी गांड के छेद को और ज़ोर से चाटा, और फिर अपनी जीभ को उसके अंदर गहराई तक धकेला। सिमरन का शरीर फिर से काँप उठा, और उसने अपने हाथों से चादर को कसकर पकड़ लिया।
“रोहन… मुझे… मुझे अच्छा लग रहा है…” वो बुदबुदाई।
“बताया था ना,” मैंने कहा। “गांड चाटने का अपना ही मज़ा है।”
भाग 3: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – गांड में उंगली डालना और धीरे-धीरे तैयारी
गांड चाटने के बाद मैंने सिमरन से कहा, “सिमरन, अब मैं अपनी उंगली तुम्हारी गांड में डालूँगा।”
वो घबरा गई। “उंगली? वहाँ? दर्द होगा…”
“थोड़ा दर्द होगा,” मैंने कहा। “लेकिन अगर हम धीरे-धीरे करें, तो मज़ा भी आएगा। और मैं तुम्हारी गांड को चोदने से पहले तैयार करना चाहता हूँ।”
“चोदने से पहले?” सिमरन हैरान रह गई। “तुम मेरी गांड में अपना लंड डालोगे?”
“हाँ, सिमरन,” मैंने कहा। “मैं तुम्हारी गांड चोदना चाहता हूँ। लेकिन पहले मुझे तुम्हें तैयार करना होगा।”
सिमरन कुछ देर चुप रही। फिर बोली, “ठीक है… अगर तुम्हें ये करना है, तो करो। मैं तुम्हारे लिए सब सह लूँगी।”
मैंने उसे प्यार से चूमा। “तुम बहुत अच्छी हो, सिमरन।”
मैंने तेल की बोतल निकाली, और अपनी उंगली पर तेल लगाया। फिर मैंने उसकी गांड के छेद पर तेल लगाया, और धीरे-धीरे अपनी उंगली उसके अंदर डाली। सिमरन ने तेज़ साँस ली, और उसका शरीर अकड़ गया। “रोहन… दर्द हो रहा है…”
“धीरे-धीरे साँस लो,” मैंने कहा। “मैं बहुत धीरे से करूँगा।”
मैंने अपनी उंगली उसकी गांड में और अंदर धकेली। उसका गांड का छेद बहुत टाइट था — मेरी उंगली भी मुश्किल से अंदर जा रही थी। सिमरन कराह रही थी, और उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं। मैंने अपनी उंगली को धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया, और सिमरन की गांड ढीली होने लगी।
कुछ देर बाद सिमरन बोली, “अब… अब ठीक है… दर्द कम हो गया है…”
“अच्छा,” मैंने कहा। “अब मैं दूसरी उंगली डालूँगा।”
मैंने दो उंगलियाँ उसकी गांड में डालीं, और धीरे-धीरे अंदर-बाहर कीं। सिमरन अब पहले से ज़्यादा सहज थी, और उसकी गांड मेरी उंगलियों को स्वीकार करने लगी थी। मैंने उसकी गांड को और ढीला करने के लिए उसे और तेल लगाया, और फिर अपनी उंगलियों से उसके अंदर गहराई तक गया।
भाग 4: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – गांड को और तैयार करना और सिमरन का डर
अगले कुछ दिनों तक मैंने सिमरन की गांड को तैयार किया। हर रात मैं उसकी गांड चाटता, उसमें उंगली डालता, और उसे ढीला करता। सिमरन अब पहले से ज़्यादा सहज थी, लेकिन फिर भी उसे डर लग रहा था। वो बोली, “रोहन, तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है… क्या वो मेरी गांड में जाएगा?”
“हाँ, जाएगा,” मैंने कहा। “लेकिन हम बहुत धीरे-धीरे करेंगे। और मैं तुम्हें कोई दर्द नहीं होने दूँगा।”
“लेकिन मुझे बहुत डर लग रहा है…” उसने कहा।
“डरना स्वाभाविक है,” मैंने कहा। “लेकिन मैं तुम्हारे साथ हूँ। तुम मुझ पर भरोसा करो।”
सिमरन ने मुझे गले लगा लिया। “मैं तुम पर भरोसा करती हूँ, रोहन। मैं जानती हूँ कि तुम मुझे कभी चोट नहीं पहुँचाओगे।”
“कभी नहीं,” मैंने कहा।
एक रात, जब सिमरन की गांड काफी ढीली हो गई थी, मैंने उससे कहा, “सिमरन, कल रात मैं तुम्हारी गांड चोदूँगा।”
वो घबरा गई। “कल?”
“हाँ,” मैंने कहा। “कल हमारी पहली एनल सेक्स की रात होगी।”
सिमरन ने गहरी साँस ली। “ठीक है… मैं तैयार हूँ।”
भाग 5: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – एनल सेक्स की तैयारी और पहली बार गांड में लंड
अगले दिन सिमरन ने पूरा दिन तैयारी में बिताया। उसने अपनी गांड को अच्छे से साफ किया, और शाम को उसने मुझसे कहा, “रोहन, मैं तैयार हूँ।”
रात के करीब 10 बजे हम अपने कमरे में गए। मैंने कमरे में हल्की रोशनी जलाई, और सिमरन को बिस्तर पर लिटाया। वो बहुत घबराई हुई थी, और उसकी साँसें तेज़ चल रही थीं। मैंने उसे चूमा, उसके स्तन दबाए, और उसकी चूत चाटी — ताकि वो थोड़ी रिलैक्स हो जाए। फिर मैंने उसकी गांड चाटी, और उसमें अपनी उंगलियाँ डालकर उसे और ढीला किया।
फिर मैंने तेल की बोतल निकाली, और अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया। मेरा लंड अब पूरी तरह चमक रहा था — लंबा, मोटा, और तेल से गीला। मैंने सिमरन की गांड के छेद पर भी बहुत सारा तेल लगाया, और फिर उसे चूमा।
“तैयार हो?” मैंने पूछा।
सिमरन ने आँखें बंद कर लीं, और धीरे से सिर हिलाया — हाँ में। मैंने उसे औंधा लिटाया, उसकी गांड ऊपर उठाई, और अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा। उसका गांड का छेद बहुत टाइट था — मेरे लंड के टोपे से भी छोटा। मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को उसकी गांड में धकेलना शुरू किया। पहले सिर्फ टोपा अंदर गया। सिमरन चीख पड़ी — “आह! रोहन… दर्द हो रहा है…”
“धीरे-धीरे साँस लो,” मैंने कहा। “मैं रुक जाता हूँ।”
मैं रुक गया, और सिमरन को कुछ सेकंड दिए। फिर उसने कहा, “ठीक है… आगे बढ़ो…”
मैंने अपने लंड को और अंदर धकेला। सिमरन की गांड मेरे लंड को कस रही थी — इतनी ज़ोर से कि मुझे लग रहा था कि मेरा लंड उसकी गांड में ही कट जाएगा। लेकिन मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा, और आखिरकार मेरा पूरा लंड उसकी गांड के अंदर चला गया।
“उफ़्फ़… सिमरन… तुम्हारी गांड… कितनी टाइट है…” मैं कराह उठा।
सिमरन रो रही थी, और उसकी गांड में बहुत दर्द हो रहा था। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं। वो बोली, “रोहन… मैं तुम्हारे लिए सब सह लूँगी…”
“तुम बहुत बहादुर हो, सिमरन,” मैंने कहा। “अब दर्द कम हो जाएगा।”
भाग 6: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – रोमांटिक एनल सेक्स और चरमसुख
कुछ मिनट तक मैं बिना हिले अंदर रहा, और सिमरन को दर्द से उबरने दिया। मैं उसे प्यार से चूमता रहा, उसकी पीठ को सहलाता रहा, और उससे प्यार भरी बातें करता रहा। फिर धीरे-धीरे मैंने चुदाई शुरू की — बहुत धीमे धक्के, बहुत प्यार से। सिमरन की गांड मेरे लंड को कस रही थी, और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसकी गांड चूत से भी ज़्यादा टाइट थी, और ज़्यादा गर्म थी।
“अब कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा।
“दर्द कम हो गया है…” सिमरन ने कहा। “लेकिन अब भी अजीब लग रहा है…”
“धीरे-धीरे अच्छा लगने लगेगा,” मैंने कहा।
मैंने उसकी गांड को धीरे-धीरे चोदा, और साथ ही उसकी चूत को भी सहलाया। सिमरन की चूत अब पूरी तरह गीली थी, और उसका शरीर मेरे नीचे झूल रहा था। कुछ देर बाद सिमरन बोली, “रोहन… अब… अब अच्छा लगने लगा है…”
“बताया था ना,” मैंने कहा। “एनल सेक्स का अपना ही मज़ा है।”
मैंने उसकी गांड को और ज़ोर से चोदा, और सिमरन कराहने लगी। उसकी गांड मेरे लंड को कस रही थी, और उसकी चूत से रस बह रहा था। मैंने उसके दूध दबाए, उसकी गर्दन चूसी, और उसे प्यार से चोदता रहा। कुछ देर बाद सिमरन चरमसुख पर पहुँची — उसका शरीर काँप उठा, और उसकी गांड ने मेरे लंड को बहुत ज़ोर से कसा। मैंने भी उसी समय झड़ गया — उसकी गांड के अंदर ही।
भाग 7: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – प्यार की सुबह और गहराता भरोसा
सुबह हुई। हल्की धूप खिड़की से कमरे में आ रही थी। मेरी आँख खुली तो सिमरन मुझे देख रही थी — उसकी आँखों में प्यार था, और थोड़ी सी थकान भी। वो बोली, “सुप्रभात…”
“सुप्रभात, मेरी बहादुर पत्नी,” मैंने मुस्कुराकर कहा।
मैंने उसकी गांड को देखा — वो अब भी थोड़ी लाल थी, लेकिन ठीक थी। मैंने गर्म पानी लाया, और उसकी गांड को धीरे-धीरे साफ किया। फिर उसे प्यार से चूमा।
“दर्द हो रहा है?” मैंने पूछा।
“थोड़ा…” उसने कहा। “लेकिन तुम्हारा प्यार उस दर्द को कम कर देता है।”
“तुम बहुत खास हो, सिमरन,” मैंने कहा। “तुमने मेरे लिए अपनी गांड भी खोल दी। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।”
“और मैं तुमसे,” उसने कहा। “तुम मेरे सब कुछ हो, रोहन।”
उस दिन हमने बहुत सारी बातें कीं। सिमरन ने मुझसे कहा कि उसे एनल सेक्स पसंद आया, और वो आगे भी मेरे साथ ये करना चाहती है। मैंने उससे कहा कि मैं हमेशा उसके साथ हूँ, और हमारा रिश्ता और भी गहरा होगा।
भाग 8: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – दूसरी बार एनल सेक्स और बढ़ता आत्मविश्वास
कुछ दिनों बाद सिमरन ने मुझसे कहा, “रोहन, मैं फिर से एनल सेक्स करना चाहती हूँ।”
मैं मुस्कुराया। “अच्छा? तुम्हें अच्छा लगा?”
“हाँ,” उसने कहा। “पहली बार दर्द हुआ था, लेकिन अब मैं जानती हूँ कि कैसे करना है। और मुझे वो अहसास पसंद है जब तुम्हारा लंड मेरी गांड में होता है।”
“ठीक है, रानी,” मैंने कहा। “आज फिर से करेंगे।”
उस रात हमने फिर से एनल सेक्स किया। इस बार सिमरन पहले से ज़्यादा सहज थी, और उसने खुद अपनी गांड को तैयार किया। उसने अपनी गांड को साफ किया, तेल लगाया, और मुझसे कहा, “रोहन, मैं तैयार हूँ।”
मैंने उसे औंधा लिटाया, और उसकी गांड में अपना लंड डाला। इस बार दर्द कम था, और सिमरन ने ज़्यादा आनंद लिया। वो कराह रही थी, और उसकी गांड मेरे लंड को कस रही थी। मैंने उसे प्यार से चोदा, और कुछ देर बाद दोनों चरमसुख पर पहुँचे।
“रोहन… एनल सेक्स बहुत अच्छा है…” सिमरन ने कहा।
“हाँ, बहुत अच्छा,” मैंने कहा। “और तुम बहुत अच्छी हो।”
उसके बाद हमने कई बार एनल सेक्स किया। हर बार सिमरन और बेहतर होती गई, और उसका आत्मविश्वास बढ़ता गया। वो अब शर्मीली नहीं थी — कम से कम मेरे सामने नहीं। वो मेरी पत्नी थी, मेरी प्रेमिका थी, और अब पूरी तरह से मेरी हो चुकी थी। और मैं उसका पति था, उसका प्रेमी था, और पूरी तरह से उसका हो चुका था।
भाग 9: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन भाग 7 – गहराता प्यार और आगे का सफर
ये सातवाँ महीना हमारी ज़िंदगी का सबसे खास महीना था। इस महीने में सिमरन ने मुझे अपनी गांड सौंप दी, और मैंने उसे प्यार से स्वीकार किया। हमारा रिश्ता अब और भी गहरा हो गया था, और हम दोनों एक-दूसरे के और भी करीब आ गए थे। सिमरन अब सिर्फ मेरी पत्नी नहीं थी — वो मेरी सब कुछ थी। और मैं उसका सब कुछ था।
एक शाम, हम छत पर बैठे थे। बाहर हल्की हवा चल रही थी, और आसमान में तारे टिमटिमा रहे थे। सिमरन मेरे कंधे पर सिर रखकर बैठी थी, और मैं उसके बालों को सहला रहा था। उसकी गोरी कांच जैसी त्वचा चाँदनी में और भी चमक रही थी।
“रोहन,” उसने धीरे से कहा।
“हाँ, बोलो,” मैंने उसकी तरफ देखा।
“मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ,” उसने कहा। “तुमने मुझे वो सब कुछ दिया जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था। तुमने मुझे प्यार दिया, भरोसा दिया, और मुझे अपनी बना लिया। मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि तुम मेरे पति हो।”
“और मैं भाग्यशाली हूँ कि तुम मेरी पत्नी हो,” मैंने कहा। “तुमने मुझे अपना सब कुछ सौंप दिया, और मैं तुम्हें कभी निराश नहीं करूँगा।”
वो मुस्कुराई और मुझसे लिपट गई। उस पल हमने सिर्फ एक-दूसरे को महसूस किया — दिल से। हमारा रिश्ता अब सिर्फ सेक्स का नहीं था, वो प्यार, भरोसे, और सम्मान का था। और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत थी। सिमरन अब मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन नहीं थी — वो मेरी प्यारी पत्नी थी, जो हर दिन मुझसे और प्यार करती थी, और मैं उससे। और आने वाले दिनों में हम और भी नई चीज़ें सीखेंगे, और भी करीब आएंगे।
समाप्त — भाग 7