कामुक पत्नी ने दिनदहाड़े नंगी होकर चुदवाने की पहल की – क्या आपने कभी सोचा है कि एक कामुक पत्नी अपने पति से दिनदहाड़े चुदवाने के लिए क्या-क्या कर सकती है? यह देसी हिंदी सेक्स स्टोरी एक ऐसे शादीशुदा जोड़े की है जो रात को ही नहीं, बल्कि दिन में भी नंगे होकर चुदाई का भरपूर आनंद लेते हैं। मेरी सेक्सी बीवी को मेरे सात इंच के मोटे लंड से चुदवाना इतना पसंद है कि वह किसी भी वक्त, कहीं भी अपनी गरम चूत मेरे हवाले करने को तैयार रहती है। यह कहानी उस दिन की है जब बेटी के कॉलेज जाने के बाद मेरी प्यारी पत्नी ने खुद चुदाई की पहल की और पूरी नंगी होकर मेरे सामने आ खड़ी हुई। इस कहानी में कामुक पत्नी ने दिनदहाड़े नंगी होकर चुदवाने की पहल की और अपने पति के सात इंच के मोटे लंड से चुदवाई। अगर आप पति पत्नी की घमासान चुदाई की ऐसी गर्म कहानी ढूंढ रहे हैं जिसमें कुतिया बनकर चुदवाने का मजा हो, तो यह पूरी दास्तान आपको बेहद पसंद आएगी।
भाग 1 – जब कामुक बीवी ने की चुदाई की पहल
मेरी प्यारी बीवी को मुझसे चुदवाना बहुत ही ज्यादा पसंद है और यह बात मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूं। शादी को कई साल हो चुके हैं, लेकिन हमारी चुदाई की भूख और रफ्तार में जरा भी कमी नहीं आई है। उल्टा, समय के साथ-साथ हम दोनों की कामाग्नि और भी प्रचंड होती जा रही है। मैं भी अपनी बीवी को इस तरह चोदता हूं कि वह पूरी तरह संतुष्ट हो जाए और उसकी चूत की आग शांत हो जाए। मेरा हमेशा से यही मानना है कि अगर बीवी बिस्तर पर खुश है, तो पूरा घर खुश रहता है।
बीवी को चोदते समय मैं हमेशा कुछ न कुछ नया प्रयोग करता रहता हूं। कभी पोजीशन बदलता हूं, कभी चोदने का तरीका बदलता हूं, कभी हल्की-फुल्की गालियों का तड़का लगाता हूं, तो कभी बहुत प्यार से धीरे-धीरे चोदता हूं। और मेरी बीवी पर उस प्रयोग का क्या असर होता है, यह वह मुझे बड़ी लिपट-लिपट कर और अपनी गरम सिसकारियों से बताती है। जब मैं उसे किसी नई पोजीशन में चोदता हूं, तो उसकी आंखों में जो चमक और संतुष्टि दिखती है, वह मुझे और भी जोश से भर देती है। उसकी चूत की गर्मी और गीलापन मुझे बता देता है कि उसे मेरा यह नया प्रयोग कितना पसंद आया।
हमारी शादीशुदा जिंदगी का एक अलिखित नियम सा बन गया है कि हम रात को नंगे होकर ही सोते हैं और बिना चुदाई किए तो सोते ही नहीं हैं। चाहे दिन भर कितनी भी थकान क्यों न हो, रात को बिस्तर पर जाते ही हमारे जिस्म एक दूसरे को ढूंढने लगते हैं। मेरी बीवी के गोरे और मुलायम बदन से लिपटकर सोने का अपना ही आनंद है। उसके बड़े-बड़े मम्मे मेरे सीने से चिपक जाते हैं और उसकी फूली हुई चूत मेरी जांघों पर अपनी जगह बना लेती है। फिर शुरू होता है हमारा रात भर का खेल, जिसमें कभी वह ऊपर होती है, तो कभी मैं।
मेरी बहुत दिनों से एक इच्छा थी कि मैं अपनी बीवी को दिन में पूरी नंगी करके चुदाई करूं। रात के अंधेरे में तो हम हमेशा ही नंगे होकर चुदाई करते थे, लेकिन दिन की रोशनी में उसके पूरे नंगे जिस्म को देखने और उसे चोदने का मजा कुछ और ही होता। लेकिन कुछ जम नहीं रहा था। हमारे घर में ही दुकान होने की वजह से सुबह से शाम तक कोई न कोई ग्राहक आता ही रहता था। कभी सामान लेने, कभी पैसे देने, तो कभी बस यूं ही बातचीत करने। ऐसे में दिन में चुदाई का मौका मिलना बहुत मुश्किल था। मैं कई बार सोचता कि किसी तरह एक दिन का मौका मिल जाए तो मजा आ जाए।
और फिर एक दिन वह मौका आ ही गया। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि उस दिन चुदाई की पहल मेरी बीवी ने की थी, जिसकी मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। मैं तो बस यही सोच रहा था कि कैसे मौका मिले और मैं अपनी बीवी को पटाऊं, लेकिन वह तो खुद ही पूरी तैयारी के साथ मेरे सामने आ गई।
भाग 2 – नंगी बीवी ने दबोचा मेरा लंड
हमारी बेटी सुबह नौ बजे कॉलेज चली जाती है और शाम छह बजे से पहले वापस नहीं आती। यानी पूरे आठ-नौ घंटे का समय हम दोनों के पास होता है। दिन भर घर में हम दोनों ही रहते हैं, बस कभी-कभार कोई पड़ोसन या रिश्तेदार आ जाता है। उस दिन दोपहर का खाना खाने के बाद मैं अपने बेडरूम में बिस्तर पर लेटा हुआ था। पेट भरा होने की वजह से आलस सी आ रही थी और नींद से मेरी आंखें बंद हो रही थीं। पंखे की हल्की-हल्की हवा और भी सुस्ती भर रही थी। मैं करवट लेकर सोने की तैयारी कर ही रहा था कि तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने मेरी सारी नींद गायब कर दी।
मेरी बीवी रसोई का सारा काम निपटा कर मेरे पास आ गई। मैंने उसकी आहट सुनी लेकिन आंखें खोलकर देखने की जहमत नहीं उठाई। मुझे लगा कि वह भी खाना खाकर आराम करने आ रही है। लेकिन तभी मुझे महसूस हुआ कि उसने मेरा दायां हाथ अपने हाथ में लिया और धीरे से खींचकर अपनी चूत के ऊपर रख दिया। जैसे ही मेरा हाथ उसकी चूत से छुआ, मेरी आंखें फट से खुल गईं। मैंने आंखें खोलकर देखा तो मेरा लंड एकदम से सख्त होने लगा।
सामने मेरी बीवी अपने सारे कपड़े उतार कर पूरी की पूरी नंगी खड़ी थी। उसने अपना दायां पैर उठाकर बिस्तर पर रखा हुआ था, जिससे उसकी मोटी और फूली हुई चूत साफ नजर आ रही थी। वह मेरी तरफ देखकर बड़े ही अश्लील और शैतानी भाव से मुस्कुरा रही थी। उसकी इस मुस्कान में एक निमंत्रण था, एक चुनौती थी, और एक गहरी कामुकता थी। उसके बड़े-बड़े मम्मे बिना किसी सहारे के लटक रहे थे और उनके निप्पल पहले से ही खड़े हुए थे। उसका पूरा बदन दिन की रोशनी में और भी गोरा और चमकदार लग रहा था। मैं उसे देखता ही रह गया।
बीवी की चूत के ऊपर मेरा हाथ पहले से ही रखा हुआ था। मैंने बिना एक पल गंवाए उसकी पूरी चूत को अपनी मुठ्ठी में भर लिया और हल्के से दबा दिया। मेरी नंगी बीवी के मुंह से एक गरम और मादक सिसकारी निकली, “आ..ह..” यह आवाज सुनकर मेरे लंड में एक और झटका सा लगा। मेरी बीवी की चूत मोटी और फूली हुई है, ठीक बनपाव की तरह मुलायम और भरी हुई। इसलिए वह मेरी मुठ्ठी में बड़ी आसानी से और पूरी तरह आ जाती है। मैं उसकी चूत को धीरे-धीरे दबा रहा था और वह अपनी आंखें बंद करके इस एहसास का मजा ले रही थी।
फिर उसने अपनी आंखें खोलीं और बड़ी ही शरारत भरी नजरों से मुझे देखते हुए अपने दाएं हाथ से सीधे मेरे लंड पर हमला कर दिया। उसने मेरे लंड को अपनी मजबूत मुठ्ठी में भर लिया और जोर से दबाने लगी। उसकी पकड़ इतनी टाइट और गर्म थी कि मेरा लंड और भी सख्त हो गया। बीवी का गोरा बदन, उसके बड़े-बड़े मम्मे, और बनपाव जैसी फूली हुई चूत देखकर मेरा तो लंड पूरे सात इंच का लोहे का रॉड बन गया। वह मेरे लंड को देखकर और भी उत्तेजित हो गई।
भाग 3 – बीवी ने मेरा लंड चूसकर किया गीला
अब उसने अगला कदम बढ़ाया। मेरी पैंट और चड्डी को मेरी सेक्सी बीवी ने एक साथ पकड़ा और घुटनों तक खींच कर नीचे सरका दिया। मेरा सात इंच का तना हुआ लंड अब पूरी तरह आजाद होकर हवा में खड़ा था। उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और बड़े प्यार से, हल्के-हल्के से मसलने लगी। उसकी उंगलियां मेरे लंड की नसों पर फिर रही थीं और मेरा पूरा ध्यान सिर्फ उसके स्पर्श पर केंद्रित हो गया था। करीब पांच मिनट तक वह मेरे लंड को इसी तरह मसलती रही, कभी ऊपर से नीचे तक सहलाती, कभी सुपारे को घुमाती, तो कभी पूरे लंड को हल्के से निचोड़ती।
पांच मिनट तक लंड को अच्छी तरह मसलने और गर्म करने के बाद उसने अगला दांव चला। वह थोड़ा झुकी और उसने मेरे पूरे लंड को अपने गर्म मुंह में ले लिया। वह मेरा लंड चूसने लगी और उसकी यह अदा मुझे पागल किए जा रही थी। वह कभी मेरा पूरा लंड मुंह में अंदर तक ले जाती, गले तक उतारती, और फिर धीरे-धीरे बाहर निकालती। उसकी जीभ मेरे लंड की पूरी लंबाई पर फिसलती हुई महसूस होती। कभी वह मेरे अंडों पर अपनी जीभ फिराती, उन्हें चाटती और सहलाती। फिर वह मेरे दोनों अंडों को एक-एक करके अपने मुंह में लेकर बड़े ही जोश से चूसने लगती। उसका यह अंदाज देखकर मुझे लग रहा था कि वह सिर्फ मेरे लंड को नहीं, बल्कि मेरी पूरी मर्दानगी को अपने कब्जे में लेना चाहती है।
अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मेरे लंड की नसों में खून तेजी से दौड़ रहा था और मैं बस उसे चोद देना चाहता था। मैंने झट से उठकर अपने सारे कपड़े उतार दिए और पूरी तरह नंगा हो गया। अब हम दोनों पूरी तरह नंगे थे, दिन की रोशनी में एक दूसरे के सामने। मैंने अपने पैर बिस्तर से नीचे लटका दिए और बिस्तर के किनारे पर आराम से बैठ गया।
अब कामुक पत्नी ने दिनदहाड़े नंगी होकर चुदवाने की पहल की – यही वह क्षण था जब वह मेरे दोनों पैरों के बीच में खड़ी थी। उसकी चूत ठीक मेरे लंड के सामने थी और उसके बड़े-बड़े मम्मे मेरी आंखों के ठीक सामने झूल रहे थे। मैंने अपने दोनों हाथ बढ़ाकर बीवी के दोनों मोटे-मोटे चूतड़ों पर रख दिए और उन्हें कसकर पकड़ लिया। उसकी गांद की मांसलता और गोलाई मेरे हाथों में समा गई। मैं अपनी प्यारी बीवी से पूरी तरह लिपट गया और उसे अपनी तरफ खींच लिया। हमारे नंगे जिस्म एक दूसरे से चिपक गए और बिजली सी दौड़ गई।
भाग 4 – निप्पल चूसने और चूत सहलाने का सुखद दौर
मेरी बीवी ने अपने एक हाथ से अपने एक बड़े से मम्मे को उठाया और उसके खड़े हुए निप्पल को सीधे मेरे मुंह में घुसा दिया। मैंने बिना एक पल गंवाए उस निप्पल को अपने होंठों के बीच जकड़ लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। मेरे दोनों हाथ अब भी उसके चूतड़ों पर थे और मैं उन्हें बारी-बारी से दबा रहा था और सहला रहा था। मैं उसके एक मम्मे का दूध चूस रहा था और दूसरे हाथ से उसके चूतड़ों को मसल रहा था। उसे मेरा निप्पल चूसकर इस तरह दूध पीना बहुत पसंद है। कभी-कभी तो ऐसे ही बैठे-बैठे, बिना किसी चुदाई के भी, मेरी बीवी मुझे अपना दूध पिलाती रहती है। वह कहती है कि ऐसा करने से उसे एक अलग ही तरह का सुकून और अपनापन महसूस होता है।
मैं बीवी के दोनों निप्पलों को बारी-बारी से करीब दस मिनट तक चूसता रहा। पहले एक को, फिर दूसरे को। उसके निप्पल मेरे मुंह में और भी सख्त और बड़े हो गए थे। इसके बाद मैंने अपना बायां हाथ उसकी गांड से हटाया और धीरे से उसकी फूली हुई चूत पर ले गया। मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू किया। मेरी उंगलियां उसकी चूत के बाहरी होंठों पर फिर रही थीं और मैं महसूस कर सकता था कि वह पूरी तरह गीली हो चुकी है। उसकी चूत सहलाते हुए मैंने धीरे से अपनी एक उंगली उसकी गरम चूत के अंदर डाल दी। अंदर तो मानो आग का भट्ठा सा जल रहा था। उसकी चूत की दीवारें मेरी उंगली को कस कर पकड़ रही थीं और पूरा रास्ता उसके चूत के रस से भीगा हुआ था। वह पूरी तरह गीली और तैयार थी।
बीवी अब तक लगातार मेरे लंड को मसल रही थी और अब वह उसे हल्के-हल्के से अपनी तरफ खींचने लगी, मानो वह कह रही हो कि अब इसे मेरी चूत के अंदर डाल दो। मैं उसका इशारा भली-भांति समझ गया। अब वक्त आ गया था चूत में लंड डालकर जोरदार चुदाई करने का।
भाग 5 – चूत में लंड डालकर पहली बार चुदाई
मैंने अपनी बीवी को बिस्तर पर इस तरह लिटा दिया कि उसकी गांड बिल्कुल बिस्तर के किनारे पर रहे और उसकी चूत मेरे ठीक सामने हो। मेरी प्यारी और कामुक बीवी ने खुद ही अपने दोनों हाथों से अपने पैरों के अंगूठे पकड़ लिए और उन्हें अपनी तरफ जोर से खींच लिया। इससे उसके दोनों पैर पूरी तरह फैल गए और मेरी प्यारी बीवी की मोटी, फूली हुई और पूरी तरह गीली चूत मेरे सामने पूरी तरह खुल कर आ गई। उसकी चूत के होंठ खुले हुए थे और अंदर का गुलाबी मांस साफ दिखाई दे रहा था।
दोस्तों, मैं आपको सच बताऊं तो मैं अपनी बीवी को हर रोज चोदता हूं। रात में तो बिना चुदाई के सोते ही नहीं हैं, और दिन में भी अगर मौका मिल जाए तो एक-दो राउंड लगा ही लेते हैं। लेकिन फिर भी, हर बार जब मैं उसे इस तरह अपने सामने नंगा और चूत खोले देखता हूं, तो मेरा दिल नहीं भरता। उसकी चूत, उसके मोटे-मोटे चूतड़, और उसके बड़े-बड़े मम्मे देखकर मेरा लंड बिना किसी देरी के मस्ती करने के लिए तैयार हो जाता है और अपना पूरा सात इंच का सख्त रूप धारण कर लेता है।
मेरा लंड तो पहले से ही चूत में घुसने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा था। मैंने अपने सात इंच के सख्त लंड को अपने दाहिने हाथ में पकड़ा और बीवी की चूत के गीले छेद पर जाकर रख दिया। मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत के होंठों को छूते ही वह सिहर उठी। मैंने अपने कूल्हों पर जोर डाला और लंड को दबाते हुए एक ही झटके में अपना पूरा सात इंच का लंड उसकी चूत में जड़ तक पेल दिया।
उसकी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि मेरा पूरा लंड बिना किसी रुकावट के, एकदम आसानी से, “सटाक” से उसकी चूत में पूरी तरह समा गया। जैसे ही मेरा लंड पूरा अंदर गया, मेरी बीवी के मुंह से एक जोरदार और संतुष्टि भरी आह निकली, “आआआह्ह्ह्ह… हां, यही तो चाहिए था मुझे।” यह सुनकर मेरा जोश और भी बढ़ गया। फिर मैं अपने लंड को उसकी चूत में अंदर-बाहर करते हुए उसे जोर-जोर से चोदने लगा। मेरी बीवी भी पूरे जोश के साथ मेरा साथ दे रही थी और अपनी मोटी गांड को ऊपर-नीचे उठा-उठाकर चुदवाने लगी।
मैं अपना सात इंच का लंड उसकी चूत में आहिस्ता-आहिस्ता, एक सुरीली लय में अंदर-बाहर कर रहा था और अपनी प्यारी बीवी की चूत को बड़े मजे से चोद रहा था। मेरी बीवी अब अपने मुंह से अलग-अलग तरह की कामुक आवाजें निकाल रही थी। कभी वह जोर से आह भरती, कभी धीमे से सिसकारी लेती, तो कभी मेरे नाम को लेकर कराहती।
भाग 6 – अलग-अलग पोजीशन में घमासान चुदाई
वह चुदाई के मजे में डूबी हुई जोर-जोर से बोल रही थी, “आह… चोदो… और चोदो… अपना मोटा लंड मेरी चूत से पूरा बाहर निकालो और फिर से जोर से अंदर घुसा दो… आह… मेरे चूचियों को भी पकड़ो और जोर-जोर से मसल दो ना… प्लीज।” उसकी ये बातें सुनकर मैं और भी जंगली हो गया। मैं उसकी हर फरमाइश पूरी कर रहा था। मैं अपना लंड पूरा बाहर निकालता, उसे एक पल के लिए तड़पाता, और फिर पूरी ताकत से अंदर घुसा देता। यह करते हुए मैं अपने दोनों हाथों से उसके बड़े-बड़े मम्मों को बुरी तरह मसल रहा था और उसके निप्पलों को खींच रहा था।
थोड़ी देर इस तरह से बीवी की चूत चोदने और उसके मम्मे मसलने के बाद उसने अपने दोनों पैर बिस्तर से नीचे लटका दिए। अब मैंने अपना पोजीशन बदला। मेरा बायां पैर बीवी के दोनों पैरों के बीच में था और मैंने अपना दायां पैर उठाकर बिस्तर पर बीवी की कमर के बगल में मजबूती से रख लिया। इस नई पोजीशन में मुझे और भी गहराई तक घुसने का मौका मिल रहा था। मैं इस नई पोजीशन में बीवी की चूत को जोर-जोर से चोदने लगा। इसी के साथ-साथ मैं अपने दोनों हाथों से उसके बड़े-बड़े मम्मों को पूरी ताकत से मसल रहा था और उन्हें हिला रहा था। मेरी प्यारी बीवी का पूरा शरीर मेरे हर धक्के के साथ झटके खा रहा था और वह मानो हवा में तैर रही थी।
थोड़ी देर इस नई पोजीशन में बीवी की चूत की जबरदस्त चुदाई करने के बाद मैंने अपने पैर बदल दिए, ताकि मेरी मांसपेशियों पर ज्यादा जोर न पड़े। अब मेरा दायां पैर बीवी के दोनों पैरों के बीच में था और मैंने अपना बायां पैर उठाकर बीवी की दाईं ओर उसकी कमर के बगल में बिस्तर पर जमा लिया। अब मैं फिर से उसी जोश और उसी रफ्तार से अपनी बीवी की चूत चोदने लगा। मेरे हर धक्के के साथ वह जोर से कराह उठती।
मेरी प्यारी बीवी की गीली और गरम चूत से “पच-फच, पचाक-खचाक, छप-छप” की तेज और लगातार आवाजें आ रही थीं और ये आवाजें हम दोनों को बहुत साफ और बहुत मधुर सुनाई दे रही थीं। यह आवाज ही हमारे लिए सबसे बड़ा उत्तेजक थी। पूरे कमरे में चुदाई की इन्हीं आवाजों और हमारी कराहों का राज था।
लगभग एक घंटे तक हमारी यह घमासान चुदाई बिना रुके चलती रही। इस दौरान न तो मैं थका और न ही मेरी बीवी। हम दोनों बस एक दूसरे में खोए हुए थे। इस दौरान मेरी बीवी की चूत ने दो बार पानी छोड़ दिया था। हर बार जब वह चरम सुख पर पहुंचती, तो उसकी चूत की मांसपेशियां मेरे लंड पर जोर-जोर से सिकुड़तीं और गर्म पानी की फुहार मेरे लंड और अंडों को पूरी तरह भिगो देती।
भाग 7 – कुतिया बनकर चुदवाने का जंगली अंदाज
फिर अचानक बीवी ने अपनी गर्दन घुमाकर मेरी तरफ देखा और बड़ी ही शैतानी और वासना भरी नजरों से कहा, “अब मैं कुतिया बन जाती हूं। तुम अपना मोटा लंड पीछे से मेरी चूत में डालकर मुझे जानवरों की तरह चोदो। मुझे कुतिया बनकर चुदवाना है आज।”
अपनी कामुक बीवी की यह बात सुनकर मेरा लंड और भी सख्त हो गया और मेरे अंदर एक जंगली जानवर जाग गया। यह वही क्षण था जब कामुक पत्नी ने दिनदहाड़े नंगी होकर चुदवाने की पहल की – और अब वह खुद कुतिया बनकर चुदवाना चाहती थी।
मैं तुरंत उसके ऊपर से उठ गया और वह बिस्तर पर पलट गई। मेरी कामुक बीवी अब कुतिया बन गई थी। वह अपने दोनों हाथों और घुटनों के बल बिस्तर पर खड़ी थी। उसकी कमर नीचे की तरफ झुकी हुई थी और उसकी बड़ी-बड़ी गांड ऊपर की तरफ उठी हुई थी। उसकी गांड के बीचोंबीच उसकी गीली और खुली हुई चूत मुझे बुला रही थी। यह नजारा इतना कामुक और उत्तेजक था कि मैं खुद को रोक नहीं पाया। मैं बीवी के पीछे आया और उसके दोनों फैले हुए पैरों के बीच अपने घुटनों के बल खड़ा हो गया।
फिर मैंने अपने सात इंच के सख्त और गीले लंड को अपने हाथ में पकड़ा और बीवी की चूत के रस से भीगे हुए छेद पर जाकर सैट कर दिया। मैंने अपने कूल्हों को हल्का सा आगे बढ़ाया और एक हल्का सा धक्का मारा। मेरा आधा लंड “सट” की आवाज के साथ बीवी की चूत में घुस गया। उसकी चूत की गर्मी और गीलापन मेरे लंड को घेर रहा था। मैंने अपने दोनों हाथ बीवी की मोटी और मुलायम गांड पर रख दिए और उसके चूतड़ों को मजबूती से पकड़ कर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। फिर मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर एक और जोरदार धक्का मारा। इस बार मेरा पूरा का पूरा सात इंच का लंड उसकी चूत में जड़ तक घुस गया। मेरे अंडे उसकी चूत के बाहरी होंठों से जा टकराए। मेरी बीवी इस जोरदार धक्के से चीख उठी, “आआआह्ह्ह… मार डाला… चोद डाला मुझे तो।”
मैं अपनी बीवी के दोनों मोटे-मोटे चूतड़ों को कसकर पकड़े हुए था और अपना पूरा लंड उसकी चूत में अंदर-बाहर करके उसे बहुत तेजी और बेरहमी से चोदने लगा। मेरे हर धक्के के साथ उसकी पूरी गांद हिल जाती थी और वह जोर-जोर से कराहती थी। कुतिया बनकर चुदवाने का उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी उसे इस तरह चोदने में बहुत आनंद आ रहा था।
फिर मैंने अपना पोजीशन थोड़ा और बदला। मैंने अपना दायां पैर उठाकर बीवी की कमर के बगल में बिस्तर पर मजबूती से रख लिया, जबकि मेरा बायां घुटना बिस्तर पर ही टिका रहा। यह पोजीशन और भी गहरी चुदाई के लिए एकदम सही थी। इस नई पोजीशन में मैं बीवी की चूत को और भी जोर-जोर से और गहराई तक चोदने लगा। मेरे हर धक्के के साथ मेरे अंडे उसकी चूत पर जोर से टकराते और एक अलग ही आवाज पैदा करते।
भाग 8 – लिपटकर चुदाई और साथ में चरमसुख
लगभग डेढ़ घंटे तक हमारी यह जबरदस्त और बेरहम चुदाई बिना किसी रुकावट के चलती रही। अब हम दोनों ही इस लंबी चुदाई के बाद काफी थक चुके थे। हमारे शरीर पसीने से लथपथ थे और सांसें फूल रही थीं। इस दौरान मेरी बीवी की चूत ने तीसरी बार पानी छोड़ दिया था।
मेरी गर्म और संतुष्ट बीवी ने हांफते हुए कहा, “बस करो… अब मैं बहुत थक गई हूं… थोड़ा आराम कर लेते हैं… प्लीज।” मैं भी वास्तव में काफी थक गया था, इसलिए मैंने तुरंत अपनी प्यारी बीवी का कहना मान लिया। मैं उसके ऊपर से उठ गया और अपनी पीठ के बल बिस्तर पर सीधा लेट गया। मेरा सात इंच का लंड अब भी पूरी तरह सख्त और खड़ा हुआ था और उस पर मेरी बीवी की चूत के रस की परत चढ़ी हुई थी।
मेरी बीवी ने मुझे इस तरह सीधे लेटा देखा तो वह समझ गई कि मेरी चुदाई की भूख अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। उसने मुझसे कहा, “तुम बस ऐसे ही लेटे रहो, अब मैं करती हूं कुछ।” यह कहकर मेरी बीवी मेरी कमर के दोनों बगल में अपने दोनों पैर रखकर मेरे ऊपर खड़ी हो गई। उसकी फूली हुई और अभी भी गीली चूत ठीक मेरे खड़े हुए लंड के ऊपर थी। फिर वह धीरे-धीरे नीचे झुकी और मेरे लंड पर बैठने को हो गई। उसने अपनी मुठ्ठी में मेरा सख्त लंड पकड़ा और उसे अपनी चूत के छेद पर सही से सैट किया। फिर उसने अपना पूरा वजन नीचे की तरफ डाला और मेरे लंड पर पूरी तरह बैठ गई। मेरा पूरा सात इंच का लंड एक बार फिर से उसकी गरम और गीली चूत में जड़ तक डूब गया। यह एहसास बहुत ही सुखद और संतुष्टि भरा था।
उसने मेरे लंड को अपनी चूत में पूरी तरह डलवा लिया और फिर अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर पीछे की तरफ कर लिया। वह धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकी और मेरे सीने पर पूरी तरह लेट गई। उसके बड़े-बड़े मम्मे मेरी छाती पर फैल गए और हमारे पसीने से लथपथ जिस्म एक दूसरे से चिपक गए। अब हम दोनों एक दूसरे से पूरी तरह लिपटे हुए थे और मेरा लंड उसकी चूत में बंद था।
मैंने अपने दोनों हाथ उठाए और बीवी की मुलायम और मोटी गांड पर फिराने लगा। मैं उसके चूतड़ों को प्यार से सहला रहा था और हल्के-हल्के दबा रहा था। फिर मैंने अपने दोनों हाथ उसकी गांड से हटाकर उसकी पीठ पर रख दिए और अपनी बीवी को अपनी मजबूत बांहों में कसकर जकड़ लिया। उसकी गर्म सांसें मेरी गर्दन पर पड़ रही थीं और मेरा लंड अब भी उसकी चूत में वैसे ही खड़ा हुआ था, बिना किसी हरकत के। हम दोनों बस एक दूसरे की गर्मी और नजदीकी का आनंद ले रहे थे।
कुछ देर तक यूं ही लंड और चूत का यह शांत और गहरा प्यार चलता रहा। कोई हरकत नहीं, कोई आवाज नहीं, बस एक गहरी शांति और संतुष्टि। चुदाई का यह जोरदार खेल अब अपनी सुखद समाप्ति की तरफ बढ़ चुका था। मैंने अपनी थकी हुई लेकिन पूरी तरह संतुष्ट बीवी के माथे और होंठों को प्यार से चूमा और उसे अपनी बांहों में कसकर भींच लिया। उसने भी मेरे गले में अपनी बांहें डाल दीं और हम दोनों यूं ही लिपटे हुए, लंड चूत में डाले हुए, थकान और संतुष्टि के आगोश में गहरी नींद सो गए।
इस तरह मेरी कामुक पत्नी ने उस दिन खुद नंगी होकर चुदाई की पहल की और हमने दिनदहाड़े घमासान चुदाई का भरपूर आनंद लिया। मेरी सेक्सी बीवी को मेरा सात इंच का मोटा लंड इतना पसंद है कि वह कभी भी मेरे लंड को अपनी गरम चूत में लेने के लिए तैयार रहती है। चाहे रात हो या दिन, हमारी पति पत्नी की चुदाई का सिलसिला यूं ही चलता रहता है और हम एक दूसरे को पूरी तरह संतुष्ट करते हैं।
कामुक पत्नी ने दिनदहाड़े नंगी होकर चुदवाने की पहल की – यह कहानी यहीं समाप्त होती है, लेकिन हमारी जिंदगी की यह मस्ती और प्यार कभी खत्म नहीं होगा। अगर आपको मेरी यह गर्म हिंदी सेक्स स्टोरी पसंद आई, तो हमारी वेबसाइट पर ऐसी ही और भी धमाकेदार देसी चुदाई की कहानियाँ ज़रूर पढ़ें।