मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन– भाग 6: पहली बार थ्रोट फकिंग और चोकिंग

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मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – क्या आपने कभी सोचा है कि जब एक पति अपनी पत्नी के गले तक अपना लंड ले जाता है, उसे साँस लेने की भी इजाज़त नहीं देता, और उसकी गर्दन को दबाकर उसे पूरी तरह अपने कब्ज़े में ले लेता है, तो वो पल कैसा होता है? यह हिंदी सेक्स कहानी उसी पल की है जब मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन में पति ने पहली बार अपनी पत्नी का गला चोदा और उसे चोक किया। शादी के छह महीने बाद की वो रात, जब सिमरन ने अपने पति को अपनी हर साँस सौंप दी, और रोहन ने उसे वो एहसास दिलाया कि अब वो पूरी तरह से उसकी है — हर साँस, हर धड़कन, हर चीख। डर, आत्मसमर्पण, साँस की कमी का रोमांच, और प्यार से भरी यह दास्ताँ उस पल की है जब सिमरन ने अपने पति के हाथों में अपनी ज़िंदगी सौंप दी। अगर आपको थ्रोट फकिंग, चोकिंग, गला चोदना, सबमिसिव पत्नी, और पति-पत्नी के गहरे भरोसे की कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ सिर्फ आपके लिए है।

भाग 1: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – छह महीने का सफर और एक नई हद

शादी को छह महीने बीत चुके थे। ये छह महीने हमारी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत, सबसे गर्म, और सबसे यादगार महीने थे – छह महीने, जिनमें हर दिन एक नई सीख थी, और हर रात एक नया अनुभव। सिमरन अब पूरी तरह से मेरी हो चुकी थी — शरीर से, दिल से, और आत्मा से। उसने पिछले छह महीनों में बहुत कुछ सीखा था। मेकआउट से लेकर ओरल सेक्स तक, फेस फकिंग से लेकर 69 पोज़िशन तक, टिटी फकिंग से लेकर बेरहम चुदाई तक — सब कुछ। उसकी गोरी कांच जैसी त्वचा पर मेरे प्यार और हवस के निशान थे – कहीं हल्के लाल निशान, जो मेरे होंठों के थे; तो कहीं उंगलियों के दबाव के निशान, जो मेरे हाथों के थे; और उसकी गुलाबी चूत अब मेरे लंड की आदी हो चुकी थी – वो अब बिना मेरे लंड के एक दिन भी नहीं रह पाती थी। वो अब मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन से मेरी प्यासी, सबमिसिव पत्नी बन चुकी थी – जो मेरी हर इच्छा को अपना आदेश मानती थी।

पिछले महीने हमने एक ऐसी रात बिताई थी जिसे न तो मैं भूल सकता था और न ही सिमरन – वो रात जिसमें मैंने उसे पूरी रात बेरहमी से चोदा था। उस रात मैंने उसकी चूत को पूरी तरह बर्बाद कर दिया था – उसे लाल कर दिया, सूजा दिया, और थका दिया; और सिमरन ने पूरी रात मेरे हर धक्के को सहा था – हर दर्द को प्यार समझकर स्वीकार किया था। उस रात के बाद हमारा रिश्ता और भी गहरा हो गया था – जैसे किसी ने हमारे प्यार की आग में और घी डाल दिया हो; और सिमरन मुझसे और भी ज़्यादा प्यार करने लगी थी – उसका समर्पण अब और भी गहरा हो गया था।

लेकिन मैं अभी भी कुछ और करना चाहता था – मेरे अंदर एक और हवस थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई थी। मैंने बहुत सारी पोर्न देखी थी – कॉलेज के दिनों से, जब हम हॉस्टल में दोस्तों के साथ बैठकर देखते थे; और मेरे दिमाग में बहुत सारी फैंटेसी थीं – वो सारी फैंटेसी जो मैंने स्क्रीन पर देखी थीं, और जो मैं अपनी पत्नी के साथ जीना चाहता था। मैं सिमरन का गला चोदना चाहता था — थ्रोट फकिंग – जहाँ मैं अपना लंड उसके गले के अंदर तक डालूँ, और उसे साँस लेने की भी इजाज़त न दूँ। मैं उसकी गर्दन दबाना चाहता था — चोकिंग – जहाँ मैं उसकी गर्दन को अपने हाथों में ले लूँ, और उसकी हर साँस को अपने कब्ज़े में कर लूँ। मैं चाहता था कि वो पूरी तरह से मेरे कब्ज़े में हो – मेरी हर बात माने, और मुझे अपनी हर साँस सौंप दे। ये सब बहुत ही ज़्यादा इंटेंस था – ये वो चीज़ें थीं जो मैंने पोर्न में देखी थीं, और जो मुझे बहुत रोमांचक लगती थीं; और मैं जानता था कि सिमरन के लिए ये आसान नहीं होगा – उसे डर लगेगा, उसे दर्द होगा, और उसे साँस लेने में तकलीफ होगी। लेकिन मैं ये भी जानता था कि वो मुझसे बहुत प्यार करती है – और मेरे लिए कुछ भी कर सकती है।

एक दिन मैंने सिमरन से कहा, “सिमरन, मैं तुम्हें कुछ और सिखाना चाहता हूँ – कुछ ऐसा जो हमने अभी तक नहीं किया।”

वो घबरा गई – उसकी आँखें फैल गईं। “क्या?” – उसकी आवाज़ में डर था, और एक हल्की सी उत्सुकता भी।

“थ्रोट फकिंग,” मैंने कहा – मेरी आवाज़ में कोई शरारत नहीं थी, बस प्यार था। “मैं अपना लंड तुम्हारे गले के अंदर तक डालूँगा – तुम्हारे गले को चोदूँगा। और तुम्हारी गर्दन भी दबाऊँगा – चोकिंग।”

सिमरन का चेहरा लाल हो गया – उसके गाल गुलाबी हो गए। वो बोली, “गले में? वो तो बहुत मुश्किल होगा… मुझे साँस नहीं आएगी… मेरा दम घुट सकता है…” – उसकी आवाज़ काँप रही थी, और उसने अपनी गर्दन को हल्के से छुआ।

“मैं तुम्हारा ध्यान रखूँगा,” मैंने उसका हाथ पकड़कर कहा – उसकी हथेली ठंडी थी, और उसकी उंगलियाँ काँप रही थीं। “जब भी तुम्हें लगे कि बहुत हो रहा है, तो तुम मुझे इशारा कर देना – मेरी जाँघ पर हाथ रख देना। मैं रुक जाऊँगा – तुरंत। लेकिन मैं चाहता हूँ कि तुम मुझ पर भरोसा करो – जैसे तुमने पहले किया था।”

वो हिचकिचाई – उसकी आँखों में आँसू थे; लेकिन फिर मान गई – उसे मुझ पर भरोसा था। “ठीक है… लेकिन धीरे से करना…”

“बिल्कुल धीरे से,” मैंने कहा – मैंने उसके माथे को चूमा, और उसे अपनी बाहों में भर लिया। “पहले धीरे-धीरे सीखेंगे, फिर तुम्हें अच्छा लगने लगेगा – जैसे चुदाई में हुआ था।”

सिमरन मुस्कुराई – उसकी मुस्कान में प्यार था, और एक गहरा भरोसा। “मुझे पता है कि तुम मुझे कभी चोट नहीं पहुँचाओगे।”

“कभी नहीं,” मैंने कहा और उसे गले लगा लिया।

भाग 2: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – थ्रोट फकिंग की तैयारी और पहला कदम

उस रात हमने पहले बहुत सारा फोरप्ले किया – मैं चाहता था कि सिमरन पूरी तरह तैयार हो, और उसका शरीर पूरी तरह उत्तेजित हो। मैंने सिमरन को चूमा – उसके होंठों को, उसकी गर्दन को, उसके कंधों को; उसके स्तन दबाए – उन्हें धीरे-धीरे सहलाया, और उनके निप्पल चूसे; उसकी चूत चाटी – उसके बाहरी होंठों को, उसके भीतरी होंठों को, और उसकी क्लिट को; और उसे चरमसुख तक पहुँचाया – उसका शरीर काँप उठा, और उसकी चूत से रस की धार निकली। फिर सिमरन ने मेरा लंड चूसा — जड़ से टोपे तक, बहुत प्यार से – उसकी जीभ मेरे लंड की नसों पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड के चारों ओर कसे हुए थे। मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा था — लंबा, मोटा, और बहुत गर्म – नसों से भरा हुआ, और उसकी टोपी चमक रही थी।

अब बारी थी थ्रोट फकिंग की – वो पल जिसका मैं महीनों से इंतज़ार कर रहा था। मैंने सिमरन को बिस्तर पर लिटाया – उसकी पीठ बिस्तर पर थी, और उसका सिर बिस्तर के किनारे पर लटका दिया – उसकी गर्दन हल्की सी पीछे की तरफ झुकी हुई थी, और उसका मुँह मेरे लंड के बिल्कुल सामने था। ये पोज़िशन थ्रोट फकिंग के लिए सबसे अच्छी होती है — क्योंकि इससे लंड सीधे गले में जाता है – कोई रुकावट नहीं, कोई मोड़ नहीं, बस सीधा रास्ता; और गले की दीवारें लंड को कसकर पकड़ लेती हैं। मैं उसके सिर के ऊपर खड़ा हो गया – मेरे पैर उसके दोनों तरफ थे, और मेरा लंड उसके होंठों के ठीक ऊपर।

“तैयार हो?” मैंने पूछा – मेरी आवाज़ में प्यार था, और एक हल्का सा अधिकार भी।

सिमरन ने आँखें बंद कर लीं और धीरे से सिर हिलाया — हाँ में। मैंने अपना लंड उसके होंठों पर रगड़ा – उसके होंठ नर्म थे, और उन पर प्री-कम की चमक थी; और उसने अपना मुँह खोल दिया – धीरे-धीरे, हिचकिचाते हुए। मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उसके मुँह में डाला — पहले सिर्फ टोपा, फिर थोड़ा और, फिर और। सिमरन के मुँह का नर्मपन और गर्माहट ने मुझे पागल कर दिया – उसका मुँह गर्म था, और उसकी जीभ मेरे लंड के नीचे थी। मैंने उसके सिर को दोनों हाथों से पकड़ा – मेरी उंगलियाँ उसके बालों में थीं, और मेरी हथेलियाँ उसके कानों पर; और धीरे-धीरे अपने लंड को उसके मुँह में आगे-पीछे करने लगा।

“आराम से… साँस नाक से लो…” मैंने कहा – मेरी आवाज़ धीमी थी, और मेरी साँसें तेज़।

सिमरन ने मेरी बात मानी। उसने नाक से साँस लेना शुरू किया – उसकी नाक से हवा आ रही थी, और उसका मुँह मेरे लंड से भरा हुआ था; और मैंने अपने लंड को उसके मुँह में और गहराई तक धकेला। अब मेरा लंड उसके गले तक पहुँच रहा था – उसके गले की दीवारें मेरे लंड को कस रही थीं। सिमरन के गले ने मेरे लंड को कस लिया, और मुझे बहुत अच्छा लगा – जैसे कोई गर्म, गीली सुरंग में हूँ। उसका गला बहुत टाइट था – इतना टाइट कि मुझे लगा कि वो मेरे लंड को निगल जाएगी; बहुत गर्म था – उसके गले की गर्माहट मेरे लंड को घेर रही थी; और बहुत ही गीला था — उसकी लार से – जो मेरे लंड पर बह रही थी।

“उफ़्फ़… सिमरन… तुम्हारा गला… कितना अच्छा है…” मैं कराह उठा – मेरी आवाज़ काँप रही थी।

मैंने अपनी रफ्तार थोड़ी बढ़ाई। अब मैं उसके मुँह और गले को चोद रहा था — धीरे-धीरे, लेकिन लगातार – जैसे कोई नदी बहती है। मेरा लंड उसके होंठों से होता हुआ उसके गले तक जा रहा था, और हर बार जब मेरा लंड उसके गले में जाता, तो उसका गला कस जाता था। सिमरन की आँखों से पानी निकल रहा था – आँसू उसके गालों पर बह रहे थे; और उसकी लार मेरे लंड पर बह रही थी – गर्म, गाढ़ी लार, जो मेरे बॉल्स तक टपक रही थी। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं – उसने मेरी जाँघ को नहीं दबाया। वो पूरी तरह मेरे साथ थी – वो मेरी थी, और मैं उसका।

भाग 3: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – गहरी थ्रोट फकिंग और साँस का खेल

कुछ देर बाद मैंने सिमरन से कहा, “सिमरन, अब मैं और गहराई तक जाऊँगा। जब भी तुम्हें साँस लेने की ज़रूरत हो, तो मेरी जाँघ को दबा देना। मैं रुक जाऊँगा – तुरंत।”

“ठीक है…” उसने कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसकी आँखें बंद थीं।

मैंने अपने लंड को उसके मुँह में पूरी तरह घुसा दिया — जड़ तक। मेरा लंड उसके गले के अंदर था, और उसकी नाक मेरे पेट से सटी हुई थी – उसकी नाक मेरे पेट के बालों को छू रही थी। सिमरन का गला मेरे लंड को कस रहा था – इतना कस कि मुझे लगा कि वो मेरे लंड को निगल जाएगी; और मुझे बहुत ही ज़्यादा अच्छा लग रहा था – ये एहसास, ये गर्माहट, ये कसाव। मैंने अपने कूल्हों को हिलाना शुरू किया — धीरे-धीरे पहले, फिर थोड़ा तेज़। मेरा लंड उसके मुँह और गले में आगे-पीछे हो रहा था, और सिमरन की लार फर्श पर टपक रही थी – टप… टप… टप…

“उफ़्फ़… सिमरन… तुम कितनी अच्छी हो…” मैं कराह रहा था – मेरी साँसें तेज़ थीं, और मेरा शरीर गर्म। “तुम्हारा गला… कितना टाइट है… कितना गर्म… कितना गीला…”

सिमरन कुछ नहीं बोल पा रही थी — उसका मुँह भरा हुआ था – वो बस “ग्लक… ग्लक…” की आवाज़ें निकाल रही थी। वो सिर्फ अपनी नाक से साँस ले रही थी – छोटी-छोटी साँसें, जो उसकी नाक से आ रही थीं; और उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे – आँसू जो उसके गालों पर बहकर बिस्तर पर गिर रहे थे। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं – उसने मेरी जाँघ को नहीं दबाया। वो मेरी बात मान रही थी, और मुझे अपना गला चोदने दे रही थी – वो मुझे अपना गला सौंप रही थी। उसकी गोरी कांच जैसी त्वचा अब पसीने से चमक रही थी – उसके माथे पर पसीने की बूँदें थीं, और उसकी गर्दन पर भी; और उसके चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी — जैसे उसने पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया हो।

मैंने अपनी रफ्तार और बढ़ाई। अब मैं उसके गले को ज़ोरों से चोद रहा था – “धड़ाम! धड़ाम! धड़ाम!” मेरे लंड के टोपे उसके गले के अंदर जा रहे थे, और उसकी लार मेरे बॉल्स तक बह रही थी। मेरी साँसें तेज़ हो गईं, मेरा शरीर गर्म हो गया, और मुझे लगा कि मैं अब झड़ने वाला हूँ – मेरा शरीर तन गया था, और मेरे लंड में झनझनाहट हो रही थी।

“सिमरन… मैं झड़ने वाला हूँ…” मैंने कहा – मेरी आवाज़ काँप रही थी। “तुम्हारे गले में झड़ूँ?”

सिमरन ने अपना सिर हिलाया — हाँ में – उसकी आँखों में आँसू थे, लेकिन वो मुस्कुरा रही थी – जैसे वो मुझे बता रही हो कि वो मेरी है, और मैं उसके साथ जो चाहूँ कर सकता हूँ। मैंने अपने लंड को उसके गले में और गहराई तक धकेला – जड़ तक, और झड़ गया। मेरा माल सीधे उसके गले के अंदर गया — उसे निगलने की भी ज़रूरत नहीं पड़ी, माल सीधे उसके पेट में चला गया – गर्म, गाढ़ा, और बहुत ज़्यादा। सिमरन का शरीर काँप उठा, और उसकी आँखों से और आँसू बह निकले – आँसू जो अब खुशी के थे, और तृप्ति के। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं – उसने मुझे अपना गला दिया था, और मैंने उसे ले लिया था।

जब मैंने अपना लंड बाहर निकाला, तो सिमरन ने गहरी साँस ली — जैसे वो डूबने के बाद पानी से बाहर आई हो – उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसका शरीर काँप रहा था। वो हाँफ रही थी, और उसकी लार उसके चेहरे पर फैल गई थी – उसकी ठुड्डी पर, उसके गालों पर, और उसकी गर्दन पर। लेकिन उसकी आँखों में एक नई चमक थी — गर्व की, तृप्ति की, और प्यार की – जैसे उसने कोई बड़ा काम कर लिया हो।

“ये… ये बहुत इंटेंस था…” सिमरन ने कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसकी आँखें बंद हो रही थीं।

“तुमने बहुत अच्छा किया,” मैंने उसके माथे पर चुम्बन लिया – उसका माथा मेरे पसीने से भीगा हुआ था। “मुझे तुम पर गर्व है – तुम मेरी बहादुर पत्नी हो।”

भाग 4: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – पहली बार चोकिंग का अनुभव

थ्रोट फकिंग के बाद हम दोनों थोड़ा आराम करना चाहते थे — हमने पानी पिया, और एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए; लेकिन मैं अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ था – मेरे अंदर एक और चीज़ करने की हवस थी। मेरे अंदर एक और फैंटेसी थी — चोकिंग। मैं सिमरन की गर्दन दबाना चाहता था, उसे साँस के लिए तड़पते देखना चाहता था, और उसे ये एहसास दिलाना चाहता था कि उसकी हर साँस मेरे हाथ में है – कि वो मेरी है, पूरी तरह मेरी, और उसकी ज़िंदगी भी मेरी है।

“सिमरन, अब मैं तुम्हारी गर्दन दबाऊँगा,” मैंने कहा – मेरी आवाज़ में प्यार था, और एक हल्का सा अधिकार भी।

सिमरन घबरा गई – उसकी आँखें फैल गईं। “गर्दन? वो तो खतरनाक हो सकता है… कहीं मेरा दम न घुट जाए…”

“नहीं, बिल्कुल नहीं,” मैंने कहा – मैंने उसका हाथ पकड़ा, और उसकी आँखों में देखा। “मैं बहुत ध्यान से करूँगा। बस हल्का सा दबाऊँगा, ताकि तुम्हें एक अलग एहसास हो – एक रोमांच, एक सनसनी। जब भी तुम्हें लगे कि बहुत हो रहा है, तो मेरे हाथ पर थप्पड़ मार देना। मैं तुरंत छोड़ दूँगा – तुरंत।”

वो हिचकिचाई – उसकी आँखों में डर था; लेकिन फिर मान गई – उसे मुझ पर भरोसा था। “ठीक है… लेकिन बहुत ध्यान से…”

“बिल्कुल,” मैंने कहा – मैंने उसके माथे को चूमा, और उसे अपनी बाहों में भर लिया।

मैंने सिमरन को बिस्तर पर लिटाया – उसकी पीठ बिस्तर पर, और उसका चेहरा मेरी तरफ; उसके ऊपर झुका – मेरी बाहें उसके दोनों तरफ थीं; और अपना एक हाथ उसकी गर्दन पर रखा। उसकी गर्दन बहुत ही नर्म थी – उसकी त्वचा रेशम की तरह मुलायम थी; बहुत ही गोरी थी – कांच जैसी चमकती हुई; और बहुत ही खूबसूरत थी – जैसे कोई संगमरमर की मूर्ति। मैंने उसकी गर्दन को हल्के से दबाया — बस थोड़ा सा – मेरी उंगलियाँ उसकी गर्दन पर थीं, और मैं उसे हल्के से दबा रहा था। सिमरन की साँसें तेज़ हो गईं – उसकी छाती तेज़ी से उठ-गिर रही थी; और उसकी आँखें चौड़ी हो गईं – उनमें डर था, और एक अजीब सी उत्सुकता भी। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं – उसने मेरे हाथ पर थप्पड़ नहीं मारा।

“कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा – मेरी आवाज़ धीमी थी।

“अजीब…” उसने कहा – उसकी आवाज़ काँप रही थी। “लेकिन अच्छा भी… जैसे मैं तुम्हारे काबू में हूँ…”

मैंने उसकी गर्दन को थोड़ा और दबाया – मेरी उंगलियों का दबाव बढ़ा। अब सिमरन की साँसें रुकने लगीं – उसकी आँखें फैल गईं, और उसके होंठ खुल गए – जैसे वो साँस लेने की कोशिश कर रही हो, लेकिन हवा नहीं आ रही हो। उसके चेहरे पर एक अजीब सी तड़प आ गई – जैसे वो किसी और दुनिया में हो। उसकी आँखें बंद हो गईं, और उसके होंठ खुले रह गए – जैसे वो किसी गहरे समुद्र में डूब रही हो। मैंने उसकी गर्दन को कुछ सेकंड तक दबाए रखा – बस तीन-चार सेकंड, और फिर छोड़ दिया। सिमरन ने गहरी साँस ली – उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसका शरीर काँप उठा – जैसे उसे नई ज़िंदगी मिली हो।

“उफ़्फ़… ये… ये बहुत अलग है…” वो बोली – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसकी आँखों में आँसू थे।

“अच्छा लगा?” मैंने पूछा – मैंने उसके आँसू पोंछे, और उसके माथे को चूमा।

“हाँ…” उसने कहा – उसकी आवाज़ में एक नई सी शांति थी। “जब तुमने छोड़ा, तो साँस लेने में जो राहत मिली… वो बहुत अच्छी थी… जैसे मैं फिर से ज़िंदा हो गई हूँ।”

“तो फिर हम इसे और करेंगे,” मैंने कहा – मैंने उसकी गर्दन को फिर से सहलाया। “लेकिन धीरे-धीरे – और हमेशा तुम्हारी मर्ज़ी से।”

भाग 5: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – चोकिंग और चुदाई का संगम

अब मैंने चोकिंग और चुदाई को साथ में करने की सोची — ये वो चीज़ थी जो मैंने पोर्न में देखी थी, और जो मुझे बहुत रोमांचक लगती थी। मैंने सिमरन को मिशनरी पोज़िशन में लिटाया – उसकी पीठ बिस्तर पर, और उसके पैर मेरे कंधों पर; और उसकी चूत में अपना लंड डाला – एक ही झटके में, पूरी लंबाई। उसकी चूत अब पूरी तरह गीली और गर्म थी — ओरल सेक्स और थ्रोट फकिंग के बाद और भी ज़्यादा। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी गर्दन पर रखा – मेरी उंगलियाँ उसकी गर्दन पर थीं, और मेरी हथेली उसके गले पर; और दूसरे हाथ से उसके दूध को दबाया – उन्हें धीरे-धीरे सहलाया। जब मैंने उसे ज़ोर से चोदा, तो मैंने उसकी गर्दन को भी हल्के से दबाया – मेरी उंगलियों का दबाव बढ़ा। सिमरन की साँसें रुक गईं – उसकी आँखें फैल गईं, और उसके होंठ खुल गए; और उसकी चूत ने मेरे लंड को बहुत ज़ोर से कस लिया – इतना ज़ोर से कि मुझे लगा कि मेरा लंड उसकी चूत में ही कट जाएगा।

“उफ़्फ़… सिमरन… तुम्हारी चूत… कितनी टाइट हो गई है…” मैं कराह उठा – मेरी आवाज़ भारी थी।

सिमरन कुछ नहीं बोल पाई — उसकी गर्दन दबी हुई थी – उसकी साँसें रुकी हुई थीं। वो सिर्फ अपनी आँखों से मुझे देख रही थी – उसकी आँखों में प्यार था, भरोसा था, और एक गहरी हवस थी – जैसे वो मुझे बता रही हो कि वो मेरी है, और मैं उसके साथ जो चाहूँ कर सकता हूँ। मैंने उसकी गर्दन को कुछ सेकंड तक दबाए रखा – बस तीन-चार सेकंड, और फिर छोड़ दिया। सिमरन ने गहरी साँस ली – उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसका शरीर काँप उठा; और उसकी चूत ने मेरे लंड को और भी ज़ोर से कस लिया – जैसे वो मुझे अंदर ही रख लेना चाहती हो।

“रोहन… ये… ये बहुत अच्छा है…” वो हाँफते हुए बोली – उसकी आवाज़ टूट रही थी। “जब तुम मेरी गर्दन दबाते हो… तो मेरी चूत और भी टाइट हो जाती है… जैसे मैं पूरी तरह तुम्हारी हो जाती हूँ…”

“मुझे पता है,” मैंने कहा – मैंने उसके होंठों को चूमा, और उसके आँसू पोंछे। “इसीलिए मैं ये कर रहा हूँ – क्योंकि मुझे तुम्हें पूरी तरह अपना बनाना है।”

मैंने उसकी गर्दन को फिर से दबाया – और इस बार ज़्यादा देर तक – बस पाँच-छह सेकंड। सिमरन की साँसें रुक गईं – उसकी आँखें फैल गईं, और उसका शरीर मेरे नीचे तड़पने लगा। उसकी चूत ने मेरे लंड को इतनी ज़ोर से कसा कि मुझे लगा कि मेरा लंड उसकी चूत में ही कट जाएगा – जैसे कोई मुट्ठी मेरे लंड को निचोड़ रही हो। मैंने उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदा – “धड़ाम! धड़ाम! धड़ाम!” – और उसकी गर्दन को दबाए रखा। कुछ सेकंड बाद मैंने छोड़ दिया – और सिमरन ने गहरी साँस ली – उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसका शरीर काँप रहा था।

“रोहन… मैं आ रही हूँ…” वो चीखी – उसकी आवाज़ टूट रही थी, और उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे। और फिर उसका शरीर काँप उठा – उसकी चूत ने मेरे लंड को बहुत ज़ोर से कसा, और उसके रस की एक तेज़ धार निकली – मेरी जाँघों पर, और बिस्तर पर। मैंने भी उसी समय झड़ गया — उसकी चूत के अंदर ही – मेरा गर्म माल उसकी चूत में भर गया, और बाहर बहने लगा।

भाग 6: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – थ्रोट फकिंग और चोकिंग का नया स्तर

अगले कुछ दिनों में हमने थ्रोट फकिंग और चोकिंग को और भी बेहतर तरीके से करना सीखा – हर बार एक नई ऊँचाई। सिमरन अब पहले से ज़्यादा सहज थी – उसे डर कम लगता था, और वो मुझ पर और भरोसा करती थी; और उसे ये सब पसंद भी आने लगा था — वो अब खुद मुझसे कहती, “रोहन, आज फिर से मेरा गला चोदो।” और मैं उसकी बात मान लेता – क्योंकि मुझे भी ये पसंद था, और मुझे ये पसंद था कि वो मुझसे माँग करती है।

एक रात हमने कुछ नया करने की सोची – एक ऐसा कॉम्बिनेशन जो हमने पहले नहीं किया था। मैंने सिमरन को बिस्तर पर लिटाया – उसका सिर बिस्तर के किनारे पर लटकाया, और उसके मुँह में अपना लंड डाला। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी गर्दन पर रखा, और दूसरे हाथ से उसके स्तन को दबाया। जब मैंने उसके गले को चोदा, तो मैंने उसकी गर्दन को भी हल्के से दबाया। अब सिमरन की साँसें पूरी तरह से मेरे हाथ में थीं — मैं जब चाहता, उसे साँस लेने देता, और जब चाहता, उसकी साँसें रोक देता। ये एक अजीब सी ताकत थी – ये एहसास कि उसकी ज़िंदगी मेरे हाथ में है, और वो मुझ पर पूरी तरह भरोसा करती है।

“सिमरन… तुम्हारा गला… और तुम्हारी गर्दन… दोनों मेरे कब्ज़े में हैं…” मैंने कहा – मेरी आवाज़ में एक नई सी गुर्राहट थी। “अब तुम पूरी तरह से मेरी हो – हर साँस, हर धड़कन।”

सिमरन कुछ नहीं बोल पाई — उसका मुँह भरा हुआ था – और उसकी गर्दन दबी हुई थी। वो सिर्फ अपनी आँखों से मुझे देख रही थी – और उसकी आँखों में आँसू थे — लेकिन वो आँसू दर्द के नहीं थे, बल्कि आत्मसमर्पण के थे – जैसे वो मुझे बता रही हो कि वो मेरी है, और मैं उसका मालिक हूँ। वो पूरी तरह से मेरी हो चुकी थी, और मैं उसका मालिक था – उसकी ज़िंदगी का, उसकी साँसों का, और उसके शरीर का।

मैंने उसके गले को और ज़ोर से चोदा – “धड़ाम! धड़ाम! धड़ाम!” – और उसकी गर्दन को और कसकर दबाया – मेरी उंगलियाँ उसकी गर्दन पर कस गईं। सिमरन की लार फर्श पर टपक रही थी – टप… टप… टप…; और उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे – आँसू जो उसके गालों पर बहकर उलटे लटके सिर से फर्श पर गिर रहे थे। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं – उसने मेरे हाथ पर थप्पड़ नहीं मारा। वो पूरी तरह से मेरे साथ थी, और मुझे अपना सब कुछ सौंप चुकी थी — अपनी साँसें, अपनी ज़िंदगी, और अपनी आत्मा।

कुछ देर बाद मैंने उसकी गर्दन छोड़ी – सिमरन ने गहरी साँस ली, और उसका शरीर काँप उठा; और उसके गले से अपना लंड बाहर निकाला। सिमरन ने गहरी साँस ली – उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसका शरीर काँप रहा था; और फिर मेरे लंड को चूसने लगी — जड़ से टोपे तक – उसकी जीभ मेरे लंड की हर नस पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड के चारों ओर कसे हुए थे। मैंने उसके सिर को पकड़ा – मेरी उंगलियाँ उसके बालों में थीं, और मेरी हथेलियाँ उसके कानों पर; और उसके मुँह में झड़ गया। सिमरन ने मेरा पूरा माल निगल लिया – “ग्लुग… ग्लुग…” – और मेरे लंड को चाट-चाटकर साफ कर दिया – उसकी जीभ मेरे लंड की हर नस पर फिर रही थी।

“रोहन… मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ…” उसने कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसकी आँखों में आँसू थे।

“और मैं तुमसे,” मैंने कहा – मैंने उसके माथे को चूमा, और उसे अपनी बाहों में भर लिया। “तुम मेरी सबसे अच्छी पत्नी हो, सिमरन – और मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूँगा।”

भाग 7: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – चोकिंग के साथ बेरहम चुदाई

अगले दिन सिमरन ने मुझसे कहा – एक शाम, जब हम छत पर बैठे थे, और हल्की हवा चल रही थी। “रोहन, आज मैं चाहती हूँ कि तुम मुझे चोकिंग के साथ बेरहमी से चोदो।”

मैं चौंक गया – मुझे उम्मीद नहीं थी कि वो खुद ये माँगेगी। “सच में?” – मैंने पूछा, और उसकी आँखों में देखा।

“हाँ,” उसने कहा – उसकी आवाज़ में एक नई सी दृढ़ता थी। “कल रात के बाद मुझे ये बहुत पसंद आया। जब तुम मेरी गर्दन दबाते हो, तो मुझे लगता है कि मैं पूरी तरह से तुम्हारी हूँ – जैसे मेरी कोई ज़िंदगी नहीं, बस तुम हो। और वो एहसास… बहुत अच्छा है।”

“ठीक है, रानी,” मैंने कहा – मैंने उसका हाथ पकड़ा, और उसे अपने होंठों से छुआ। “आज मैं तुम्हें वो सब दूँगा जो तुम चाहती हो – हर वो चीज़ जो तुमने माँगी है।”

उस रात मैंने सिमरन को मिशनरी पोज़िशन में लिटाया, और उसकी चूत में अपना लंड डाला – एक ही झटके में, पूरी लंबाई। फिर मैंने उसकी गर्दन को दबाया – मेरी उंगलियाँ उसकी गर्दन पर थीं, और मैं उसे धीरे-धीरे दबा रहा था; और उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू किया – “धड़ाम! धड़ाम! धड़ाम!” सिमरन की साँसें रुक गईं – उसकी आँखें फैल गईं, और उसके होंठ खुल गए; और उसकी चूत ने मेरे लंड को बहुत ज़ोर से कस लिया – इतना ज़ोर से कि मुझे लगा कि मेरा लंड उसकी चूत में ही कट जाएगा। मैंने उसकी गर्दन को कुछ सेकंड तक दबाए रखा, और फिर छोड़ दिया। सिमरन ने गहरी साँस ली – उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसका शरीर काँप रहा था; और मैंने उसे और ज़ोर से चोदा – मेरी रफ्तार तेज़ हो गई थी, और मेरे धक्के गहरे हो गए थे।

“रोहन… और ज़ोर से…” सिमरन चीख रही थी – उसकी आवाज़ टूट रही थी। “मुझे और चाहिए… मुझे बेरहमी से चोदो…”

मैंने उसकी गर्दन को फिर से दबाया – और इस बार ज़्यादा देर तक; और उसे और ज़ोर से चोदा। अब मैं उसे पूरी ताकत से चोद रहा था – मेरे धक्के गहरे थे, और मेरी रफ्तार तेज़; और उसकी गर्दन भी दबा रहा था – मेरी उंगलियाँ उसकी गर्दन पर कसी हुई थीं। सिमरन की चूत मेरे लंड को कस रही थी – इतनी ज़ोर से कि मुझे लगा कि मेरा लंड उसकी चूत में ही कट जाएगा; और उसका शरीर मेरे नीचे तड़प रहा था – उसके हाथ चादर को नोच रहे थे, और उसके पैर मेरे कंधों पर कस गए थे। कुछ देर बाद सिमरन चरमसुख पर पहुँची — उसका शरीर काँप उठा, और उसकी चूत ने मेरे लंड को बहुत ज़ोर से कसा। मैंने भी उसी समय झड़ गया — उसकी चूत के अंदर ही।

उस रात के बाद हमारा रिश्ता और भी गहरा हो गया – जैसे हमारे प्यार की जड़ें और गहरी हो गईं। सिमरन अब मुझ पर पहले से भी ज़्यादा भरोसा करती थी – उसने मुझे अपनी साँसें सौंप दी थीं, और मैंने उसे कभी निराश नहीं किया; और मैं भी उस पर – मैं जानता था कि वो मेरी है, पूरी तरह मेरी। हम दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह से समझ लिया था – हमारी हदें, हमारी इच्छाएँ, और हमारा प्यार; और हमारे बीच का प्यार और भी मज़बूत हो गया था – जैसे किसी ने हमारे रिश्ते को आग में तपा कर सोना बना दिया हो।

समाप्त — भाग 6

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