सुबह सवेरे बीवी की मदमस्त चुदाई – क्या आप जानते हैं कि सुबह सवेरे बीवी की चुदाई करने का मजा ही कुछ और होता है? यह गर्म हिंदी सेक्स स्टोरी एक ऐसे शादीशुदा जोड़े की है जिनकी शादी को 6 साल हो चुके हैं और वे हर रोज नंगे होकर सोते हैं, लेकिन जिस रात चुदाई नहीं हो पाती, उसकी भरपाई वे सुबह-सुबह जमकर करते हैं। मेरी बीवी पूजा को मेरा सुबह का खड़ा हुआ कड़क लंड बहुत पसंद है और वह अक्सर सुबह पांच बजे ही मेरे लंड को मसलकर मेरी नींद खोल देती है। इस सुबह सवेरे बीवी की मदमस्त चुदाई कहानी में आप पढ़ेंगे कि कैसे हमने सुबह सवेरे तीन अलग-अलग पोजीशन में चुदाई की और मेरी बीवी की चूत ने तीन बार पानी छोड़ दिया। अगर आप मॉर्निंग सेक्स और देसी पति पत्नी की चुदाई की ऐसी गर्म कहानी ढूंढ रहे हैं, तो यह पूरी दास्तान आपके लिए ही है।
भाग 1 – सुबह का सुनहरा माहौल और बीवी की शरारत
मेरी उम्र अभी 26 वर्ष है और मैं दिखने में काफी स्मार्ट और गोरा हूं। मेरी शादी को अब पूरे 6 साल हो चुके हैं और इन छह सालों में मैंने और मेरी बीवी पूजा ने जमकर चुदाई की है। हमारी शादीशुदा जिंदगी की यही खासियत है कि हम दोनों ने कभी भी एक दूसरे को बिस्तर पर निराश नहीं किया। चाहे दिन हो या रात, जब भी हमारा मन किया, हमने एक दूसरे को पूरी तरह से संतुष्ट किया। हमारे बीच एक अनकहा सा तालमेल है जो हमें हर बार चुदाई के दौरान एक दूसरे के करीब लाता है।
हर रोज की तरह हम दोनों मियां-बीवी रात को पूरी तरह से नंगे होकर ही सोए थे। यह हमारी आदत बन चुकी है कि हम बिना कपड़ों के एक दूसरे से लिपटकर सोते हैं। हमारे लिए कपड़े पहनकर सोना अब लगभग नामुमकिन सा हो गया है। एक तरफ तो हम हर रोज चुदाई करके ही सोते हैं, लेकिन उस रात कुछ ऐसा हो गया था कि हमारी चुदाई नहीं हो सकी थी। दिन भर की थकान और कुछ घरेलू कामों की वजह से हम दोनों ही इतना थक गए थे कि बिस्तर पर जाते ही गहरी नींद में चले गए। मुझे अच्छी तरह से मालूम था कि अगर मेरी बीवी रात में बिना चुदाई किए सो गई है, तो सुबह होते ही हमारी चुदाई जरूर होगी। उसकी चूत की भूख उसे सुबह होते ही जगा देगी और वह मुझे भी जगा देगी।
और ठीक वैसा ही हुआ जैसा मैंने सोचा था। सुबह के करीब सवा पांच बजे थे। बाहर अभी पूरी तरह से अंधेरा था और सिर्फ पक्षियों की हल्की-हल्की चहचहाहट सुनाई दे रही थी। मैं गहरी नींद में सोया हुआ था कि अचानक मुझे अपने लंड पर एक गर्म और मुलायम स्पर्श महसूस हुआ। मेरे लंड पर मेरी बीवी पूजा का हाथ था। वह मेरे लंड को बहुत ही हल्का-हल्का और प्यार से मसल रही थी। उसकी उंगलियां मेरे लंड के सुपारे पर गोल-गोल घूम रही थीं और फिर धीरे-धीरे पूरे लंड को मुठ्ठी में भरकर दबा रही थीं। उसकी इसी हरकत की वजह से मेरी नींद धीरे-धीरे खुलने लगी और मैंने अपनी आंखें खोलीं।
मैंने अपनी बीवी पूजा से पूछा, “क्या टाइम हुआ है अभी?” उसने मेरे लंड को मसलते हुए ही बड़े ही प्यार और मीठे स्वर में जवाब दिया, “अभी तो सिर्फ सवा पांच ही बजे हैं… लेकिन मेरी चूत तो चार बजे से ही तुम्हारे इस लंड को याद कर रही थी।” उसकी यह बात सुनकर मेरी नींद पूरी तरह से गायब हो गई और मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गई।
अब तक मेरा लंड उसके हाथों की गर्मी और मसलने की वजह से पूरी तरह से खड़ा हो चुका था। मैंने पूजा को अपनी तरफ जोर से खींचा और उसके गर्म और मुलायम होंठों को अपने होंठों में दबा लिया। मैं उसके होंठों को बड़े ही जोश और चाव से चूसने लगा। मेरी बीवी भी पूरी तरह से मेरा साथ देने लगी और उसने भी मेरे होंठों को अपने होंठों में जकड़ लिया। हम दोनों करीब पांच मिनट तक एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे और अपनी जीभों को आपस में लड़ाते रहे। हमारी सांसें तेज हो गई थीं और हमारे जिस्म गर्म हो चुके थे।
फिर वह धीरे से मेरे ऊपर से उतरी और नीचे की तरफ सरक गई। उसने अपना चेहरा मेरे लंड के ठीक सामने किया और बिना किसी देरी के मेरे पूरे खड़े हुए लंड को अपने गर्म मुंह में ले लिया। वह मेरे लंड को बड़े ही जोश और प्यार से चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड के सुपारे पर गोल-गोल घूम रही थी और वह मेरे पूरे लंड को अपनी लार से गीला भी कर रही थी। उसका एक हाथ मेरे अंडों को सहला रहा था और दूसरा हाथ मेरे लंड की जड़ को पकड़े हुए था। उसकी इस अदा को देखकर मेरा लंड और भी ज्यादा सख्त हो गया।
फिर क्या था, कुछ ही पलों में मेरा लंड पूरे सात इंच का कड़क सरिया बन गया था। मेरी बीवी अब भी मेरे इस सख्त लंड को अपने मुंह के अंदर गहराई तक ले जाकर जोर-जोर से चूस रही थी। वह अपना सिर ऊपर-नीचे हिला रही थी और मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक ले जाने की कोशिश कर रही थी। मैंने गौर किया कि जब भी वह बहुत ज्यादा चुदासी होती है और उसकी चूत में ज्यादा खुजली और गर्मी होती है, तो वह मेरा लंड ऐसे ही पागलों की तरह और बहुत जोर-जोर से चूसती है। यह उसकी चुदासी होने की सबसे बड़ी निशानी है।
करीब दस मिनट तक मेरा लंड चूसने और उसे पूरी तरह से अपनी लार से गीला करने के बाद मेरी बीवी मेरे ऊपर आ गई। उसने मेरी कमर की दोनों तरफ अपने चिकने और मुलायम पैर रख दिए और मेरी कमर पर पूरी तरह से बैठ गई। अब वह मेरे ऊपर सवार थी और मेरा लंड उसकी चूत के ठीक नीचे था। उसने अपने दाहिने हाथ से मेरा सख्त और गीला लंड अपनी मुठ्ठी में पकड़ा और उसे अपनी चूत के मुंह पर सही से सैट किया। फिर उसने धीरे-धीरे अपनी गांड को नीचे किया और मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेकर पूरी तरह से बैठ गई। उसने अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर पीछे की तरफ कर लिया था, जिससे उसकी चूत मेरे लंड पर और भी ज्यादा दबाव बना रही थी।
भाग 2 – ऊपर बैठकर मस्ती और पहला पानी
जैसे ही मेरा पूरा सात इंच का लंड उसकी गर्म और गीली चूत में घुसा, मेरी बीवी के मुंह से एक गहरी और संतुष्टि भरी आह निकली, “आआआह्ह्ह… हां… यही तो चाहिए था मेरी चूत को।” यह मेरी बीवी का सबसे पसंदीदा स्टाइल है चुदाई करने का। उसे मेरे ऊपर सवार होकर चुदवाना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि इस पोजीशन में वह खुद कंट्रोल कर सकती है कि मेरा लंड उसकी चूत में कितनी गहराई तक जाए और किस रफ्तार से जाए। मेरा लंड उसकी लार और उसकी चूत के रस की वजह से काफी चिकना और गीला हो चुका था, इसलिए मेरा पूरा लंड बिना किसी रुकावट के झट से उसकी चूत के अंदर तक घुस गया था।
अब वह अपने पूरे शरीर को ऊपर-नीचे करके अपनी चूत को मजे से चुदवा रही थी। उसकी मोटी और गोल गांड मेरी जांघों पर जोर-जोर से पटक रही थी और हर बार जब वह नीचे आती, तो मेरा लंड उसकी चूत की गहराई में समा जाता। कुछ ही देर में वह अपने मुंह से अलग-अलग तरह की कामुक आवाजें निकालने लगी। “आ..ह… ओह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… इस्स…” उसकी ये आवाजें सुनकर मेरा जोश और भी बढ़ रहा था और मैं नीचे से अपनी गांड उठा-उठाकर उसकी हर धक्के का जवाब दे रहा था।
पूजा ने अब अपनी चुदाई करने की रफ्तार को और भी तेज कर दिया। वह अब मेरे सख्त लंड को अपनी गीली चूत में बहुत ही तेजी से अंदर-बाहर कर रही थी। उसके मुंह से लगातार तेज-तेज आहें निकल रही थीं और यह सुनकर मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। उसके चेहरे पर एक अलग ही तरह की मस्ती और संतुष्टि छाई हुई थी।
पूजा चुदाई के मजे में डूबी हुई जोर-जोर से बोलने लगी, “मेरी चूत तो रात से ही तुम्हारे लंड के लिए मचल रही है… आह… मुझे अंदर तक मजा दो न… अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दो।” मैंने भी उसकी बात का जवाब देते हुए कहा, “ले मेरी प्यारी चूत… ले मेरे इस लंड को… इसे अपनी चूत के अंदर तक ले ले… आज तुझे पूरा संतुष्ट करूंगा।”
फिर वह मेरे ऊपर आगे की तरफ झुक गई। उसने अपने एक हाथ से अपना एक बड़ा सा मम्मा पकड़ा और अपने कड़क निप्पल को सीधे मेरे मुंह में डाल दिया। उसने कहा, “लो मेरे राजा… अब मेरा दूध पियो… जी भर के पियो।” इसके बाद उसने मेरा दूसरा हाथ पकड़ा और उसे अपने दूसरे मम्मे पर रख दिया और मुझे उसे जोर से दबाने का इशारा किया।
अब मैं एक साथ दो काम कर रहा था। एक तरफ तो मैं उसके एक मम्मे का दूध मुंह लगाकर पी रहा था और दूसरी तरफ मैं अपने हाथ से उसके दूसरे मम्मे को बुरी तरह से मसल रहा था और उसके निप्पल को खींच रहा था। मेरी इन हरकतों से वह पूरी तरह से पागल हो रही थी।
पूजा जोर-जोर से कहने लगी, “आह राज… और जोर से पियो… मेरा सारा दूध पी जाओ… आ… ह… मेरे मम्मे को और जोर से मसलो… इस्स… मेरी चूत में कुछ-कुछ हो रहा है… मुझे लगता है मैं झड़ने वाली हूं।”
उसकी यह बात सुनकर मैं समझ गया कि वह अपने पहले ऑर्गेज्म के करीब है। और फिर अचानक उसकी मोटी गांड मेरे ऊपर और भी तेजी से ऊपर-नीचे होने लगी। उसने अपने दोनों हाथों की उंगलियां मेरे बालों में फंसा दीं और मेरे बालों को कसकर पकड़ लिया। उसने एक आखिरी और जबरदस्त झटका दिया और मेरे पूरे लंड को अपनी चूत में जड़ तक ले लिया। कुछ ही ऐसे जोरदार झटकों के बाद उसके मुंह से एक तेज और जंगली चीख निकली और वह पूरी तरह से निढाल होकर मेरे ऊपर गिर पड़ी। पूजा का काम तमाम हो चुका था। उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था और मेरा पूरा लंड उसके गर्म पानी से भीग गया था। उसकी चूत का गर्म पानी मेरे लंड से बहता हुआ मेरे अंडों पर आ गया था और उन्हें भी पूरी तरह से भिगो दिया था।
मेरी बीवी करीब दस मिनट तक इसी तरह निढाल होकर और अपनी सांसें संभालते हुए मेरे ऊपर ही पड़ी रही। उसके पूरे शरीर से पसीना बह रहा था और वह पूरी तरह से शिथिल हो चुकी थी। लेकिन मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से सख्त था और मैंने अभी तक अपना पानी नहीं छोड़ा था। फिर वह धीरे-धीरे उठी और उसने मेरे बालों को पकड़ कर मेरे होंठों को अपने होंठों में जकड़ लिया और बेतहाशा जोश से चूसने लगी। वह अपनी संतुष्टि और खुशी को मुझसे शेयर कर रही थी।
भाग 3 – 10:10 पोजीशन में आरामदायक चुदाई और दूसरा पानी
करीब पांच मिनट तक मेरे होंठों को चूसने के बाद वह मेरे बाईं तरफ लेट गई। फिर वह मेरी तरफ देखकर बड़े ही प्यार और संतुष्टि से मुस्कुराने लगी। वह बहुत खुश लग रही थी और उसके चेहरे से उसकी खुशी और तृप्ति साफ झलक रही थी। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी।
मेरी बीवी पूजा मेरी बाईं तरफ सोई हुई थी। अब उसने बिना कुछ कहे खुद को घुमा लिया। उसने अपना सिर मुझसे दूर कर लिया और अपनी गीली और फूली हुई चूत को मेरे सख्त लंड के ठीक सामने कर दिया। हमारी यह पोजीशन बिल्कुल वैसी हो गई थी जैसे घड़ी में 10:10 के टाइम पर कांटे की स्थिति होती है। उसने अपना दायां पैर उठाकर मेरी कमर पर आराम से रख दिया और अपना बायां पैर मेरे दोनों पैरों के बीच में दे दिया।
अब मैंने भी करवट लेकर अपनी बीवी की तरफ अपना मुंह कर लिया और अपना दायां पैर पूजा की कमर के बगल में रख दिया। इस पोजीशन में मेरी बीवी की गीली और गर्म चूत मेरे सख्त लंड के बिल्कुल सामने आ गई थी। मैंने अपना लंड अपने हाथ में पकड़ा और उसे पूजा की चूत के मुंह पर रखकर हल्का सा धक्का मारा। पूजा की चूत पहले से ही पूरी तरह से गीली और चिकनी थी, इसलिए मेरा लंड बिना किसी रुकावट के आसानी से उसकी चूत में घुसता चला गया। दो ही पल बाद मेरा पूरा सात इंच का लंड मेरी बीवी की चूत के अंदर था।
यह 10:10 पोजीशन बहुत ही आरामदायक और मजेदार है। इस पोजीशन में दोनों एक दूसरे के करीब होते हैं, चेहरे भी एक दूसरे के सामने होते हैं, और चुदाई के साथ-साथ एक दूसरे को चूमा और सहलाया भी जा सकता है। मैं अपने सख्त लंड को उसकी चूत में लगातार अंदर-बाहर करते हुए अपनी प्यारी बीवी की चूत को आराम से और मजे से चोदने लगा। मेरी प्यारी बीवी भी अपनी गांड को मेरे लंड पर जोर-जोर से दबाने लगी और मेरे हर धक्के का जवाब देने लगी। इस पोजीशन में चुदाई करने का अपना ही मजा था। हम दोनों बहुत रिलैक्स थे और एक दूसरे के करीब भी थे। मेरी बीवी की चूत अब और भी ज्यादा गीली हो गई थी और उसकी चूत से “पच-पच, खच-पच, खचर-पचर” की तेज और गीली आवाजें आ रही थीं। यह आवाजें सुनकर मेरा जोश और भी बढ़ रहा था।
मेरी बीवी ने मेरा दायां हाथ पकड़ा और उसे अपने बाएं मम्मे पर रख दिया और मुझे उसे जोर से दबाने का इशारा किया। मैं उसके मम्मे को बुरी तरह से मसलते और दबाते हुए अपना सख्त लंड उसकी चूत में जड़ तक घुसा रहा था। कभी मैं अपना लंड पूरा बाहर निकाल लेता, उसे एक पल के लिए तड़पाता, और फिर एक ही जोरदार धक्के में अपना पूरा लंड उसकी चूत में वापस घुसा देता। उसकी चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी और मुझे बहुत आनंद आ रहा था।
इस मस्ती और चुदाई के दौरान कब सुबह के साढ़े छह बज गए, हमें पता ही नहीं चला। समय बहुत तेजी से बीत रहा था। मैंने जब भी उठने की कोशिश की, मेरी बीवी ने अपने पैर से मेरी गांड को कसकर पकड़ लिया और मुझे उठने नहीं दिया। वह अभी भी मुझे चुदवाना चाहती थी और मेरा लंड अपनी चूत में रखना चाहती थी।
फिर अचानक मेरी बीवी ने मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकाल दिया। वह बिस्तर पर पलटी और अपने घुटनों के बल खड़ी हो गई। उसने अपनी छाती और अपना चेहरा बिस्तर पर टिका दिया और अपनी मोटी गांड को ऊपर की तरफ पूरी तरह से उठा दिया। वह बिल्कुल कुतिया बन गई थी और अपनी गीली चूत मुझे दिखा रही थी।
भाग 4 – कुतिया पोजीशन में घमासान चुदाई और तीसरा पानी
मैं तुरंत उठा और उसके पीछे आ गया। फिर मैंने भी अपने घुटनों के बल उसके पीछे खड़े होकर अपने सख्त लंड को उसकी चूत में डाल दिया। अब हमारी चुदाई के धक्के अपना पूरा दम दिखाने लगे। मेरी बीवी की चूत उसके लगातार पानी छोड़ने की वजह से चमक रही थी और पूरी तरह से गीली थी। मैंने अपने दोनों हाथ उसके मोटे-मोटे चूतड़ों पर रख दिए और उन्हें कसकर पकड़ कर उसकी चूत को बहुत तेजी से और आराम से चोदने लगा। मेरे हर धक्के के साथ उसकी पूरी गांड हिल रही थी और वह जोर-जोर से कराह रही थी।
सुबह के सात बजने तक हमारी यह घमासान चुदाई बिना रुके चलती रही। इस पूरी चुदाई के दौरान मेरी प्यारी बीवी पूजा की चूत ने एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि पूरे तीन बार पानी की धार बहा दी थी। हर बार जब वह झड़ती, तो उसकी चूत मेरे लंड पर जोर-जोर से सिकुड़ती और मुझे बहुत आनंद देती। मैं सुबह सात बजे तक लगातार पूजा की चूत को चोदता रहा और उसे पूरी तरह से संतुष्ट करता रहा।
सुबह हमारी बेटी को कॉलेज जाना था और उसके लिए टिफिन बनाना था। इसलिए मेरी प्यारी बीवी ने मुझसे कहा कि अब मैं अपना लंड उसकी चूत से निकाल लूं और चुदाई बंद करूं। लेकिन समस्या यह थी कि मेरे लंड ने तो अभी तक अपने वीर्य की धारा छोड़ी ही नहीं थी। मैं अभी तक नहीं झड़ा था और मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से सख्त और तना हुआ था। मैंने अपनी बीवी से कहा, “बस दो मिनट और… मैं भी अभी झड़ने वाला हूं।” यह कहते हुए मैंने अपनी चुदाई की स्पीड को और भी ज्यादा बढ़ा दिया। मैं अपना पूरा लंड उसकी चूत में जड़ तक घुसा रहा था और फिर उसे पूरा बाहर निकाल रहा था। ऐसे ही पांच-छह जोरदार और तेज धक्के मारने के बाद मुझे लगा कि अब मेरी पिचकारी छूटने वाली है और मेरा वीर्य निकलने वाला है। मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर एक आखिरी और सबसे जोरदार धक्का मारा और अपना पूरा का पूरा लंड अपनी बीवी की चूत में अंदर तक घुसा दिया। और ठीक उसी पल, मैंने अपनी गर्म और गाढ़े वीर्य की पिचकारी अपनी प्यारी बीवी की चूत के अंदर छोड़ दी। मेरे वीर्य की गर्म धारें जैसे ही उसकी चूत में पड़ीं, उसके मुंह से एक हल्की और संतुष्टि भरी आह निकल गई।
भाग 5 – संतुष्टि और सुबह की रस्में
दो पल बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला। मेरे लंड के साथ ही मेरा थोड़ा सा सफेद और गाढ़ा वीर्य भी उसकी चूत से बहता हुआ बाहर आ गया। मेरा वीर्य उसकी चूत से नीचे बिस्तर की चादर पर टपकने लगा। मेरी बीवी तुरंत सीधी लेट गई और उसने अपनी चड्डी उठाकर अपनी चूत से बहते हुए मेरे वीर्य को पोंछ दिया।
फिर वह मेरी तरफ लुढ़की और मुझसे कसकर लिपट गई। उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर बड़े ही प्यार और जोश से चूसना शुरू कर दिया। करीब दो मिनट तक मेरे होंठों को चूसने और मुझे प्यार करने के बाद वह उठी और उसने जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए और बेटी का टिफिन बनाने के लिए बाहर रसोई में चली गई।
मेरी बीवी मुझसे अक्सर सुबह-सुबह ही चुदवा लेती है क्योंकि उसे मेरा जल्दी सुबह खड़ा हुआ कड़क लंड बहुत ज्यादा पसंद है। उसका हमेशा कहना है कि सुबह के वक्त मेरा लंड बहुत ही ज्यादा सख्त और कड़क होता है, जो उसकी चूत में अंदर तक जाकर उसकी बच्चेदानी को रगड़ता है और उसे बहुत ही जबरदस्त मजा देता है। और मुझे भी सुबह-सुबह उसकी गर्म और गीली चूत चोदने में बहुत आनंद आता है।
सुबह सवेरे बीवी की मदमस्त चुदाई – यह है हमारी सुबह की चुदाई की पूरी कहानी, जो हम अक्सर किया करते हैं। इस कहानी में बताई गई 10:10 वाली पोजीशन बहुत ही आसान और आरामदायक है। इस पोजीशन में चुदाई करते वक्त दोनों पति-पत्नी काफी रिलैक्स रहते हैं और एक दूसरे को पूरी तरह से महसूस कर पाते हैं। अगर आप भी अपनी सुबह की चुदाई को और ज्यादा रोमांचक और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इस पोजीशन को जरूर ट्राई करें।
हमारे बीच यही तो खूबसूरती है कि हम 6 साल की शादी के बाद भी एक-दूसरे को उतनी ही तीव्रता से चाहते हैं जितनी पहले दिन चाहते थे। हमारी चुदाई की यह आदत ही हमारी शादीशुदा जिंदगी को इतना मजबूत और खुशहाल बनाए रखती है। जब सुबह की शुरुआत ही इस तरह गर्म और संतुष्टि भरी हो, तो पूरा दिन अच्छा गुजरता है।
अगर आपको हमारी सुबह सवेरे बीवी की चुदाई की यह गर्म हिंदी सेक्स स्टोरी पसंद आई, तो हमारी वेबसाइट पर ऐसी ही और भी देसी चुदाई की कहानियां जरूर पढ़ें।