कॉलेज कपल का हनीमून – अंडमान में 5 दिन बीच पर, होटल में और हर जगह जोरदार चुदाई

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कॉलेज कपल का हनीमून – क्या आपने कभी सोचा है कि एक नई-नवेली दुल्हन जब अपने हनीमून पर बिना पैंटी के बीच पर घूमती है, तो उसका पति उसे कैसे छेड़ता है? यह हिंदी सेक्स कहानी कॉलेज कपल का हनीमून की है जहाँ विक्रांत ने अपनी बीवी तान्या को अंडमान में 5 दिन तक पैंटी नहीं पहनने दी। बीच पर घूमते-घूमते वो उसे चूमता, उसके कपड़ों के अंदर हाथ डालकर उसके बूब्स दबाता, उसकी चूत सहलाता और उंगली करता। सुनसान बीच पर, होटल के कमरे में, जकूज़ी में — हर जगह उसने तान्या की चूत और गांड दोनों चोदी। 69 पोज़िशन में दोनों एक-दूसरे को चूसते रहे और पूरे 5 दिन तक तान्या सिर्फ बिकिनी और सनड्रेस में घूमती रही — बिना पैंटी के, हमेशा चुदाई के लिए तैयार। अगर आपको हनीमून, बीच सेक्स, पब्लिक छेड़खानी, गांड चुदाई और रोमांटिक कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ आपके लिए ही है।

भाग 1: कॉलेज कपल का हनीमून – पोर्ट ब्लेयर पहुँचे, बिना पैंटी के घूमी तान्या और जकूज़ी में चुदाई

सुहागरात की वो जादुई रात बीत चुकी थी, और अब हम दोनों — विक्रांत और तान्या — एक नए सफर पर निकलने वाले थे। हमारा हनीमून। शादी से पहले ही हमने तय कर लिया था कि हम अपना हनीमून अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में बिताएँगे — नीला समंदर, सफेद रेत, हरे-भरे पेड़, और शांति।

सुबह की फ्लाइट थी। जब तान्या तैयार हो रही थी, तो मैंने उसके पास जाकर कहा — “एक बात बोलूँ?”

“हाँ?”

“पूरे हनीमून के दौरान… तुम पैंटी नहीं पहनोगी।”

तान्या की आँखें चौड़ी हो गईं। “क्या? पूरे 5 दिन? बिना पैंटी के?”

“हाँ। बस बिकिनी, सनड्रेस, या जो भी पहनना — लेकिन पैंटी नहीं। मैं चाहता हूँ कि तुम हमेशा मेरे लिए तैयार रहो। कभी भी, कहीं भी।”

तान्या शरमा गई, उसके गाल लाल हो गए। लेकिन फिर उसने धीरे से मुस्कुराकर कहा — “ठीक है… जैसा मेरे पति कहें।”

और इस तरह, तान्या ने पूरे हनीमून के लिए अपनी सारी पैंटियाँ घर पर ही छोड़ दीं। उसने सिर्फ बिकिनी, सनड्रेस, शॉर्ट्स और कुछ हल्के कपड़े पैक किए।

एयरपोर्ट पहुँचे, चेक-इन किया, और फ्लाइट में बैठ गए। तान्या ने व्हाइट सनड्रेस पहनी थी — घुटनों तक, हल्की और हवादार। और नीचे कुछ नहीं। जैसे ही फ्लाइट ने उड़ान भरी, मैंने अपना हाथ तान्या की जाँघ पर रख दिया। उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराई। मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ ऊपर सरकाया, उसकी सनड्रेस के अंदर। तान्या की साँसें तेज़ हो गईं। मेरी उंगलियाँ उसकी नंगी चूत तक पहुँच गईं — वो पहले से ही गीली थी।

“यहाँ नहीं… लोग देख लेंगे…” तान्या ने फुसफुसाकर कहा।

“कोई नहीं देख रहा,” मैंने कहा और अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी। तान्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं और अपने होंठों को दाँतों से दबा लिया। मैंने धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर की, और तान्या चुपचाप कराहती रही। कुछ देर बाद मैंने उंगली बाहर निकाली और अपनी उंगली पर लगा उसका रस चाट लिया। तान्या ने शरमाकर अपना चेहरा छिपा लिया।

करीब ढाई घंटे की फ्लाइट के बाद, हम पोर्ट ब्लेयर पहुँचे। हवा में समंदर की नमकीन खुशबू थी। हम सीधे अपने बीच रिज़ॉर्ट पहुँचे — लकड़ी का कॉटेज, समंदर का नज़ारा, और एक बड़ी सी जकूज़ी।

कमरे में घुसते ही तान्या ने अपनी सनड्रेस उतार फेंकी — नीचे कुछ नहीं था। वो पूरी तरह नंगी खड़ी थी, सिर्फ अपने गहने पहने हुए। “आज से पूरे 5 दिन… मैं तुम्हारी हूँ। जब चाहो, जहाँ चाहो, जैसे चाहो,” उसने कहा।

मैंने उसे तुरंत अपनी बाहों में लिया और जकूज़ी की तरफ ले गया। हम दोनों जकूज़ी में उतर गए — गर्म पानी के बुलबुलों के बीच। मैंने तान्या को अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों पर ज़ोरदार किस किया। मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे, उन्हें मसल रहे थे। तान्या ने मेरे लंड को पानी के अंदर ही पकड़ लिया और धीरे-धीरे सहलाने लगी।

“अभी से शुरू?” उसने शरारत से पूछा।

“हाँ, अभी से,” मैंने कहा और उसे जकूज़ी के किनारे बैठाकर उसकी टाँगें फैला दीं। मैंने पानी के अंदर ही उसकी चूत पर अपनी जीभ रख दी। तान्या कराह उठी — “आह… पति जी… पानी में…”

मैंने उसकी चूत को पानी के अंदर ही चाटा — मेरी जीभ उसके क्लिट पर घूम रही थी, और पानी की गर्मी अलग ही एहसास दे रही थी। तान्या ज़ोर-ज़ोर से कराह रही थी, उसकी आवाज़ पूरे बाथरूम में गूँज रही थी। मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दीं और तेज़ी से अंदर-बाहर करने लगा। कुछ ही मिनटों में तान्या झड़ गई — उसकी चूत से पानी के अंदर ही गर्म रस निकला।

फिर मैंने उसे घुमाया और जकूज़ी के किनारे झुका दिया। मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाला और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। पानी की छपाक-छपाक की आवाज़ और तान्या की कराहें — सब मिलकर एक बेहद कामुक माहौल बना रहे थे। करीब 15 मिनट तक मैंने उसे जकूज़ी में चोदा, और फिर उसकी पीठ पर अपना माल निकाल दिया।

रात को हम बिस्तर पर लेटे, तो मैंने तान्या से कहा — “याद रखना, पूरे 5 दिन तुम्हारी पैंटी नहीं पहननी। मैं चाहता हूँ कि तुम हर वक्त तैयार रहो।”

“हाँ, मेरे मालिक,” तान्या ने मुस्कुराकर कहा और मेरी छाती पर अपना सिर रख दिया।

भाग 2: कॉलेज कपल का हनीमून – हवलॉक आइलैंड, बीच पर छेड़खानी और सुनसान बीच पर चुदाई

दूसरे दिन सुबह हम हवलॉक आइलैंड के लिए निकल पड़े। तान्या ने आज ब्लैक बिकिनी पहनी थी — और बिकिनी के नीचे कुछ नहीं। ऊपर से उसने एक हल्की सी व्हाइट कवर-अप डाली थी जो पारदर्शी थी और उसकी बिकिनी साफ दिख रही थी। उसके 32 इंच के स्तन बिकिनी टॉप में कसे हुए थे, और उसकी गोल-मटोल गांड बिकिनी बॉटम में बहुत ही सेक्सी लग रही थी। जब हम फेरी पर चढ़े, तो कुछ लोग तान्या को देख रहे थे। मुझे जलन होने के बजाय गर्व हो रहा था — ये खूबसूरत औरत, जिसे हर कोई देख रहा था, मेरी बीवी थी। और सबसे बड़ी बात — सिर्फ मुझे पता था कि उसने नीचे कुछ नहीं पहना है।

फेरी पर हम डेक पर खड़े थे। समंदर की ठंडी हवा चल रही थी, और चारों तरफ सिर्फ नीला पानी था। मैंने तान्या को पीछे से पकड़ लिया और अपनी बाहें उसकी कमर पर लपेट दीं। मेरा लंड उसकी गांड पर दब रहा था, और वो ये महसूस करके मुस्कुरा रही थी। मैंने अपना एक हाथ उसके कवर-अप के अंदर डाला और उसकी बिकिनी टॉप के ऊपर से उसके स्तन को दबाने लगा। तान्या ने अपनी साँस रोक ली और इधर-उधर देखा कि कोई देख तो नहीं रहा।

“यहाँ… लोग हैं…” उसने फुसफुसाकर कहा।

“कोई नहीं देख रहा। सब समंदर देख रहे हैं,” मैंने उसके कान में फुसफुसाया और उसकी बिकिनी टॉप को थोड़ा सरकाकर सीधे उसके निप्पल को छू लिया। तान्या का शरीर काँप उठा, और उसके निप्पल मेरी उंगलियों के नीचे तुरंत सख्त हो गए। मैंने धीरे-धीरे उसके निप्पल को मसला, और तान्या ने अपने होंठ काट लिए ताकि कराह न निकले।

मैंने अपना दूसरा हाथ नीचे ले जाकर उसकी बिकिनी बॉटम के ऊपर से उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया। फिर मैंने उसकी बिकिनी बॉटम को साइड से हल्का सा हटाया और सीधे उसकी नंगी चूत पर उंगली रख दी। वो पहले से ही गीली थी — बहुत गीली। मेरी उंगली आसानी से उसकी चूत की दरार में फिसल गई।

“इतना गीला… पूरे दिन ऐसे ही तड़पाऊँगा तुम्हें,” मैंने फुसफुसाया और अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी। तान्या ने अपने दाँत अपने निचले होंठ पर गड़ा लिए और एक दबी हुई कराह निकली। मैंने धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर की — बहुत धीरे-धीरे, ताकि उसकी उत्तेजना बढ़ती रहे लेकिन वो झड़ न पाए। करीब पाँच मिनट तक मैंने उसे ऐसे ही छेड़ा, और फिर अपनी उंगली बाहर निकाल ली। तान्या ने राहत और निराशा की मिली-जुली साँस ली। मैंने अपनी उंगली पर लगा उसका रस अपनी जीभ से चाट लिया, और तान्या ने शरमाकर अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया।

“तुम मुझे पागल कर रहे हो,” उसने फुसफुसाकर कहा।

“यही तो मैं चाहता हूँ। पूरे दिन तड़पाऊँगा, और शाम को… पूरा बदला लूँगा।”

हवलॉक पहुँचकर हमने अपना सामान रिसॉर्ट में रखा और सीधे राधानगर बीच की तरफ निकल पड़े — एशिया का सबसे खूबसूरत बीच। सफेद रेत, नीला-हरा पानी, और किनारे पर बड़े-बड़े पत्थर। तान्या ने अपना कवर-अप उतार दिया और सिर्फ ब्लैक बिकिनी में रह गई। हम बीच पर टहलने लगे, हाथ में हाथ डाले। बीच पर चलते-चलते, मैं बार-बार तान्या को रोकता, उसे किस करता, उसकी गर्दन चूमता, उसकी बिकिनी टॉप के अंदर हाथ डालकर उसके बूब्स दबाता। कभी उसकी बिकिनी बॉटम के अंदर हाथ डालकर उसकी चूत सहलाता। तान्या हर बार शरमाती, इधर-उधर देखती, लेकिन फिर खुद को मेरे हवाले कर देती। उसकी चूत पूरे दिन गीली रही — और मैं ये जानता था।

शाम होने लगी। सूरज धीरे-धीरे समंदर में डूब रहा था, और पूरा आसमान नारंगी और गुलाबी हो गया था। बीच पर अब कोई नहीं था। हमने मौका देखा और बीच के एकदम दूर वाले कोने में पहुँचे, जहाँ बड़े-बड़े पत्थरों के पीछे एक छोटी सी खाली जगह थी — बिल्कुल प्राइवेट। चारों तरफ कोई नहीं था। सिर्फ समंदर की लहरों की आवाज़ और डूबते सूरज की रोशनी।

“यहाँ कोई नहीं है,” मैंने तान्या के कान में फुसफुसाया।

तान्या ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराई। “मुझे पता है तुम क्या सोच रहे हो। पूरे दिन की तड़प… अब बदला लोगे?”

“हाँ, पूरा बदला,” मैंने कहा और तुरंत उसकी बिकिनी टॉप की डोरी खोल दी। टॉप नीचे गिर गया। फिर उसकी बिकिनी बॉटम उतार दी। अब तान्या पूरी तरह नंगी थी — सुनसान बीच पर, खुले आसमान के नीचे, डूबते सूरज की रोशनी में। उसकी साँवली त्वचा सोने की तरह चमक रही थी, और उसकी चूत पूरे दिन की छेड़खानी से पूरी तरह गीली थी।

मैंने तान्या को एक बड़े से पत्थर पर झुका दिया। उसने अपने हाथ पत्थर पर रख दिए और अपनी गांड बाहर निकाल दी। मैंने अपने शॉर्ट्स उतारे और अपना 7.5+ इंच का लंड बाहर निकाला। मैंने पीछे से तान्या की चूत में अपना लंड डाला और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। पूरे दिन की तड़प एक साथ फूट पड़ी — मैं बहुत तेज़ी से, बहुत ज़ोर से चोद रहा था, और तान्या ज़ोर-ज़ोर से कराह रही थी, इस बार बिना किसी डर के।

“हाँ… हाँ… और ज़ोर से… पूरे दिन तड़पाया तुमने मुझे… अब चोदो मुझे… इस सुनसान बीच पर…” तान्या चीख रही थी।

समंदर की लहरों की आवाज़ और उसकी कराहें एक साथ मिल रही थीं। मैंने उसकी कमर कसकर पकड़ ली और और तेज़ी से चोदने लगा। करीब 15 मिनट तक मैंने उसे बीच पर डॉगी स्टाइल में चोदा। तान्या दो बार झड़ गई — उसकी चूत से पानी मेरे लंड पर बह रहा था।

फिर मैंने उसे घुमाया और अपने सामने घुटनों पर बैठा लिया। “अब तुम मेरा लंड चूसो। पूरे दिन की छेड़खानी का बदला — मेरा माल पीकर पूरा करो।” तान्या ने तुरंत मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी। बीच पर बैठी, नंगी, मेरा लंड चूसती हुई — ये नज़ारा किसी सपने से कम नहीं था। कुछ देर बाद, मैंने उसे फिर से घुमाया और उसकी चूत में लंड डालकर ज़ोर-ज़ोर से चोदा। और आखिर में, मैंने अपना सारा माल उसकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया — गर्म, गाढ़ा, और पूरे दिन की तड़प का नतीजा।

हमने जल्दी-जल्दी कपड़े पहने और वापस रिसॉर्ट की तरफ चल दिए। रास्ते भर तान्या मुस्कुरा रही थी, उसकी जाँघों पर मेरा माल बह रहा था — क्योंकि तान्या ने एक शॉर्ट स्कर्ट पहनी — और नीचे कुछ नहीं। “पूरे दिन तड़पाने का यही अंजाम होता है,” मैंने हँसते हुए कहा। तान्या ने शरमाकर मेरी बाँह पकड़ ली और अपना सिर मेरे कंधे पर रख दिया। डिनर के दौरान, मैंने टेबल के नीचे अपना हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा। तान्या ने अपनी साँस रोक ली और अपने होंठ काट लिए। वेटर आया, हमने ऑर्डर किया, और पूरे समय मेरी उंगलियाँ तान्या की चूत में थीं। जब वेटर चला गया, तो तान्या ने मेरी तरफ देखा और फुसफुसाई — “तुम मुझे पागल कर दोगे।”

“यही तो मैं चाहता हूँ,” मैंने मुस्कुराकर कहा।

तान्या बस शरमाकर मुस्कुराती रही — ये हमारा हनीमून था, और हर पल एक यादगार बन रहा था।

रात को कमरे में लौटकर, हमने फिर से चुदाई की — इस बार बिस्तर पर, मिशनरी पोज़िशन में, बहुत प्यार से।

भाग 3: कॉलेज कपल का हनीमून – स्कूबा डाइविंग, 69 पोज़िशन और गांड चुदाई

तीसरे दिन की सुबह हमने स्कूबा डाइविंग का प्लान बनाया था। यह हमारे हनीमून का सबसे एडवेंचर वाला दिन था, और हम दोनों बहुत एक्साइटेड थे। तान्या ने आज व्हाइट बिकिनी पहनी थी — बिल्कुल सफेद, जो उसकी साँवली त्वचा पर और भी खूबसूरत लग रही थी। और हमेशा की तरह, नीचे कुछ नहीं। मैंने भी अपने स्विमिंग ट्रंक्स पहने और ऊपर से एक ढीली सी टी-शर्ट।

डाइविंग सेंटर पर पहुँचकर, हमने सबसे पहले इंस्ट्रक्टर से ट्रेनिंग ली। उसने हमें बताया कि पानी के अंदर कैसे साँस लेनी है, कैसे मास्क का इस्तेमाल करना है, और कैसे इशारों से बात करनी है। तान्या शुरू-शुरू में थोड़ी घबराई हुई थी — उसे पानी से हमेशा से थोड़ा डर लगता था। मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा, “डरने की कोई बात नहीं है। मैं पूरे समय तुम्हारे साथ रहूँगा। पानी के अंदर भी, मैं तुम्हारा हाथ नहीं छोड़ूँगा।” तान्या ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराई — उसकी आँखों का डर अब भरोसे में बदल गया था।

डाइविंग सेंटर पर वेटसूट पहनने से पहले, मैं तान्या को एक कोने में ले गया — जहाँ कोई नहीं था। मैंने उसे दीवार से लगाकर ज़ोरदार किस किया। मेरे हाथ उसकी बिकिनी टॉप के अंदर गए और मैंने उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाया। तान्या कराह उठी — “अभी डाइविंग करनी है… रुको… लोग देख लेंगे…”

“डाइविंग के बाद, मैं तुम्हें नहीं छोड़ूँगा,” मैंने उसके कान में फुसफुसाया और अपनी उंगली उसकी बिकिनी बॉटम के साइड से अंदर डालकर उसकी गीली चूत को छू लिया। तान्या ने अपनी साँस रोक ली। मैंने कुछ सेकंड उसकी चूत को सहलाया और फिर हाथ हटा लिया। “बाकी डाइविंग के बाद,” मैंने शरारत भरी मुस्कान से कहा। तान्या ने मुझे हल्की सी चुटकी काटी, लेकिन उसकी आँखों में भी वही शरारत थी।

हमने अपने वेटसूट पहने, ऑक्सीजन टैंक लगाए, और इंस्ट्रक्टर के साथ पानी में उतर गए। पानी में उतरते ही, एक बिल्कुल अलग दुनिया हमारे सामने खुल गई। रंग-बिरंगी मछलियाँ — नारंगी, नीली, पीली, धारीदार — हमारे चारों तरफ तैर रही थीं। कोरल रीफ्स — लाल, गुलाबी, बैंगनी — समंदर के फर्श पर बिछी हुई थीं। पानी इतना साफ था कि हम दूर तक देख सकते थे। सूरज की किरणें पानी के अंदर तक आ रही थीं और हर चीज़ को चमका रही थीं।

तान्या का डर पूरी तरह गायब हो गया था। वो आँखों में आश्चर्य भरकर चारों तरफ देख रही थी — मछलियों को, कोरल्स को, समंदर की इस खामोश दुनिया को। मैंने पानी के अंदर ही उसका हाथ पकड़ लिया और हम साथ-साथ तैरने लगे। हमारे इंस्ट्रक्टर ने हमें एक बड़ी सी समुद्री कछुआ दिखाया जो आराम से तैर रहा था। तान्या ने उत्साह से मेरा हाथ दबाया और अपनी आँखों से ही अपनी खुशी ज़ाहिर की। फिर मैंने पानी के अंदर ही तान्या को अपनी तरफ खींचा और उसके मास्क के ऊपर से एक किस किया। पानी के अंदर, ऑक्सीजन मास्क के साथ, वो किस बिल्कुल अलग था — अजीब, लेकिन बेहद रोमांटिक। तान्या ने भी जवाब में मेरा हाथ दबाया और अपनी आँखों से मुस्कुराई। इंस्ट्रक्टर ने हमें देख लिया और अपना अंगूठा ऊपर करके हँस दिया। तान्या शरमा गई, लेकिन पानी के अंदर उसकी शरमाहट दिख नहीं रही थी।

करीब 45 मिनट तक हम पानी के अंदर रहे। उस दौरान हमने स्टिंग रे, क्लाउन फिश, और ढेर सारी रंग-बिरंगी मछलियाँ देखीं। एक पल में तो छोटी-छोटी नीली मछलियों का एक झुंड हमारे ठीक बीच से गुज़रा, और तान्या ने खुशी से मेरा हाथ इतनी ज़ोर से दबाया कि मुझे हँसी आ गई। बाहर आने के बाद, तान्या बहुत खुश थी। उसने अपना मास्क उतारा, अपने बाल खोले, और ज़ोर से हँसते हुए बोली — “ये तो कमाल का था! मैंने कभी नहीं सोचा था कि पानी के अंदर इतनी खूबसूरत दुनिया होगी। और वो कछुआ! और वो छोटी नीली मछलियाँ! मुझे ऐसा लगा जैसे मैं किसी दूसरी दुनिया में पहुँच गई हूँ।”

“देखा, मैंने कहा था ना,” मैंने मुस्कुराकर कहा। “और अब डाइविंग के बाद… मेरी बारी।”

तान्या शरमा गई, लेकिन उसकी आँखों में वही चमक थी — हवस और प्यार की चमक।

डाइविंग के बाद हम वापस अपने कॉटेज में लौटे। हम दोनों बहुत थके हुए थे, लेकिन एक-दूसरे के लिए हमारी भूख कम नहीं हुई थी। कॉटेज में घुसते ही, तान्या ने अपनी बिकिनी टॉप उतार फेंकी और सिर्फ अपनी बिकिनी बॉटम में खड़ी हो गई। उसका शरीर समंदर के पानी और पसीने से चमक रहा था। “शॉवर?” उसने शरारत से पूछा।

हम साथ में शॉवर में गए। गर्म पानी की बौछारें हम दोनों पर पड़ रही थीं। शॉवर में मैंने तान्या को दीवार से लगाकर ज़ोरदार किस किया। मेरे हाथ उसके स्तनों पर थे, उन्हें मसल रहे थे। तान्या ने भी मेरे लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया और साबुन लगाकर धीरे-धीरे सहलाने लगी। उसकी साबुन लगी उंगलियाँ मेरे लंड पर फिसल रही थीं, और वो एहसास बहुत ही कामुक था। फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और घुटनों पर बैठकर चूसने लगी। शॉवर का पानी उसके बालों पर गिर रहा था, और वो मेरा लंड चूस रही थी — ये नज़ारा बहुत ही हॉट था। मैंने उसके बालों को पकड़ लिया और धीरे-धीरे उसका मुँह चोदने लगा।

“चल, अब 69 करते हैं,” मैंने कहा।

हम शॉवर से बाहर निकले और बिस्तर पर आ गए। हम 69 पोज़िशन में आ गए — मैं ऊपर, तान्या नीचे। तान्या ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड की नसों पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड को कसकर पकड़ रहे थे। मैंने भी उसकी चूत पर अपनी जीभ रख दी और उसे चाटना शुरू कर दिया। मेरी जीभ उसके क्लिट पर तेज़ी से घूम रही थी, और मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दीं। तान्या कराह रही थी, लेकिन उसने मेरा लंड चूसना नहीं छोड़ा।

करीब 15 मिनट तक हम एक-दूसरे को चूसते रहे। इस दौरान तान्या दो बार झड़ गई — उसकी चूत का पानी मेरे मुँह में आ गया, जिसे मैंने पूरा पी लिया। उसका स्वाद समंदर के पानी जैसा नमकीन और मीठा था। फिर हम अलग हुए और मैंने तान्या को अपनी तरफ खींच लिया।

“आज… तुम्हारी गांड,” मैंने फुसफुसाकर कहा।

तान्या ने अपनी आँखें चौड़ी कीं, फिर मुस्कुराई। “पहले सफाई करनी पड़ेगी।”

“ज़रूर।”

हम बाथरूम में गए। मैंने जेट स्प्रे से गर्म पानी से तान्या की गांड की अंदरूनी सफाई की — जैसे हमने पहले किया था। तान्या ने उकड़ू बैठकर ज़ोर लगाया और पानी को अंदर जाने और बाहर निकलने दिया। करीब 10 मिनट की सफाई के बाद, उसकी गांड बिल्कुल साफ थी। हमने शॉवर में एक-दूसरे को धोया और फिर बिस्तर पर लौट आए।

बिस्तर पर आकर, मैंने नारियल तेल और लुब्रिकेंट निकाला। मैंने तान्या की गांड पर ढेर सारा तेल लगाया — दोनों चूतड़ों पर, उनके बीच की दरार पर, और गांड के छेद पर। तेल से उसकी साँवली त्वचा और भी चमकने लगी। फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी गांड को चाटा — गोल-गोल, अंदर तक। तान्या कराह उठी — “आह… पति जी… आप मेरी गांड चाट रहे हैं…”

“हाँ, और अब तुम्हारी गांड मेरा लंड लेगी।”

मैंने अपनी उंगलियों से उसकी गांड को ढीला किया — पहले एक उंगली, फिर दो उंगलियाँ। तान्या ने दर्द से कराह भरी, लेकिन फिर धीरे-धीरे सहज हो गई। फिर मैंने अपने 7.5+ इंच के लंड पर ढेर सारा तेल और लुब्रिकेंट लगाया और उसे तान्या की गांड के छेद पर लगाया।

“तैयार हो, मेरी बीवी।”

मैंने बहुत धीरे-धीरे अपना लंड उसकी गांड में डाला। टोपा अंदर गया, तान्या चीख उठी — “आआआह… धीरे… पति जी…”

“चाहो तो निकाल लूँ?” मैंने पूछा।

“नहीं… रुको… मुझे एडजस्ट करने दो…”

कुछ मिनटों के बाद, मेरा पूरा लंड तान्या की गांड में समा गया। और फिर मैंने उसकी गांड चोदी — पहले धीरे-धीरे, फिर तेज़, फिर बहुत तेज़। डॉगी स्टाइल में मैंने उसकी गांड को ज़ोर-ज़ोर से चोदा। तान्या चीख रही थी, कराह रही थी, और बार-बार झड़ रही थी।

“तुम्हारी गांड… हनीमून पर… बहुत मज़ा आ रहा है…” मैंने गुर्राकर कहा।

“हाँ… चोदो मेरी गांड… अपनी बीवी की गांड चोदो… मैं तुम्हारी हूँ… पूरी तरह से…” तान्या चीख उठी।

करीब 20 मिनट तक मैंने उसकी गांड चोदी। तान्या तीन बार और झड़ गई — हर बार उसकी गांड की मांसपेशियाँ मेरे लंड को कसकर जकड़ लेती थीं। आखिर में, मैंने भी अपना सारा माल उसकी गांड के अंदर छोड़ दिया। गर्म, गाढ़ा माल उसकी गांड में भर गया।

मैंने अपना लंड बाहर निकाला और तान्या बिस्तर पर गिर गई — हाँफती हुई, पसीने से भीगी हुई, और पूरी तरह से संतुष्ट। उसकी गांड से मेरा माल बाहर बह रहा था। मैं उसके पास लेट गया और उसे अपनी बाहों में भर लिया।

“तुमने आज तो कमाल कर दिया,” मैंने फुसफुसाया।

“हनीमून है… सब कमाल ही तो होना चाहिए,” तान्या ने थकी हुई आवाज़ में कहा और मुस्कुराई।

रात को सोने से पहले, हमने एक बार फिर 69 की पोज़िशन में एक-दूसरे को चूसा — इस बार बहुत धीरे-धीरे, बहुत प्यार से। तान्या ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और बहुत आराम से चूसने लगी, और मैंने उसकी चूत को बहुत धीरे-धीरे चाटा। कोई जल्दी नहीं थी, कोई जंगलीपन नहीं था — बस प्यार था। हम एक-दूसरे की बाहों में सो गए, अगले दिन के रोमांच का इंतज़ार करते हुए।

भाग 4: कॉलेज कपल का हनीमून – नील आइलैंड, नेचुरल ब्रिज पर चुदाई और समंदर किनारे रोमांस

चौथे दिन हम नील आइलैंड गए — एक छोटा सा, शांत द्वीप, जो हवलॉक से भी कम भीड़-भाड़ वाला था। यहाँ का माहौल बहुत शांत और रोमांटिक था। तान्या ने आज रेड बिकिनी पहनी थी — और हमेशा की तरह, नीचे कुछ नहीं। ऊपर से उसने एक हल्की सी व्हाइट कवर-अप डाली थी जो पारदर्शी थी और उसकी बिकिनी साफ दिख रही थी। हमने साइकिल किराए पर ली और पूरे द्वीप की सैर करने निकल पड़े। तान्या साइकिल चलाने में थोड़ी कमज़ोर थी, इसलिए वो मेरी साइकिल के पीछे बैठ गई — अपनी बाहें मेरी कमर पर लपेटकर। हवा में उसके बाल उड़ रहे थे, और वो हँस रही थी। रास्ते में, मैं बार-बार पीछे मुड़कर उसे किस करता। कभी-कभी मैं अपना एक हाथ पीछे ले जाकर उसकी जाँघों पर फेरता, और वो शरमाकर मेरी पीठ पर हल्की सी चुटकी काटती।

हम नील आइलैंड के नेचुरल ब्रिज पर पहुँचे — एक प्राकृतिक पुल, जो चट्टानों से बना हुआ था और समंदर के ऊपर था। यह जगह बहुत ही एकांत और खूबसूरत थी। आसपास कोई नहीं था — बस हम दो, समंदर की लहरों की आवाज़, और ठंडी हवा। तान्या ने अपनी कवर-अप उतार दी और सिर्फ अपनी रेड बिकिनी में खड़ी हो गई। उसकी साँवली त्वचा पर लाल रंग की बिकिनी बहुत ही सेक्सी लग रही थी।

साइकिल रोकते ही, मैंने तान्या को पकड़ लिया और ज़ोरदार किस किया। मेरे हाथ उसकी बिकिनी टॉप के अंदर थे, उसके बूब्स दबा रहे थे। मैंने उसके निप्पल्स को अपनी उंगलियों से मसला, और तान्या कराह उठी। उसने भी मेरी शर्ट के अंदर हाथ डाला और मेरी छाती पर हाथ फेरा। हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं, और हम एक-दूसरे में खोए हुए थे।

“यहाँ भी?” तान्या ने हाँफते हुए पूछा।

“हाँ, हर जगह,” मैंने कहा और उसकी बिकिनी टॉप की डोरी खोल दी। टॉप नीचे गिर गया, और उसके स्तन आज़ाद हो गए। मैंने तुरंत अपना मुँह उसके स्तनों पर लगा दिया और बारी-बारी से दोनों को चूसने लगा। तान्या ने अपना सिर पीछे झुका लिया और ज़ोर-ज़ोर से कराहने लगी — इस बार बिना किसी डर के, क्योंकि आसपास कोई नहीं था। समंदर की लहरों की आवाज़ में उसकी कराहें घुल रही थीं।

मैंने तान्या की बिकिनी बॉटम उतार दी — अब वो पूरी तरह नंगी थी, नेचुरल ब्रिज पर, खुले आसमान के नीचे। मैंने उसे एक चट्टान पर बैठा दिया, उसकी टाँगें फैलाईं, और उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। मेरी जीभ उसके क्लिट पर तेज़ी से घूम रही थी, और मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दीं। तान्या पागल हो रही थी — “आह… हाँ… और… और ज़ोर से… मुझे चाटो…”

कुछ ही मिनटों में तान्या झड़ गई — उसकी चूत से गर्म रस निकला, जिसे मैंने पूरा पी लिया। फिर मैंने उसे खड़ा किया और चट्टान पर झुका दिया। मैंने अपने शॉर्ट्स उतारे और अपना 7.5+ इंच का लंड बाहर निकाला। मैंने पीछे से तान्या की चूत में अपना लंड डाला और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। उसकी गांड मेरी जाँघों से टकरा रही थी, और हर धक्के के साथ तान्या ज़ोर-ज़ोर से चीख रही थी — “हाँ… हाँ… चोदो मुझे… इस सुनसान जगह पर… समंदर के सामने…”

करीब 20 मिनट तक मैंने उसे नेचुरल ब्रिज पर चोदा। तान्या दो बार और झड़ गई। आखिर में, मैंने भी अपना माल उसकी चूत में छोड़ दिया — गर्म, गाढ़ा, और बहुत सारा। तान्या ने अपनी चूत भींच ली ताकि मेरा माल बाहर न गिरे।

हमने वहीं चट्टान पर बैठकर कुछ देर आराम किया। समंदर की लहरें चट्टानों से टकरा रही थीं, और ठंडी हवा हमारे शरीरों को सुखा रही थी। फिर तान्या ने अपनी बिकिनी पहनी — बिना पैंटी के, हमेशा की तरह — और हम वापस साइकिल पर बैठकर रिसॉर्ट की तरफ चल दिए। रास्ते भर तान्या मुस्कुरा रही थी, उसकी जाँघों पर मेरा माल बह रहा था और साइकिल की सीट पर दाग बन रहे थे। वो बार-बार शरमाकर मुझसे कहती — “तुमने मुझे बिल्कुल बिगाड़ दिया है।”

शाम को, हम समंदर किनारे टहलने गए। चाँद पूरा था, और उसकी चाँदनी रोशनी समंदर की लहरों पर चाँदी की तरह चमक रही थी। हमने अपने जूते उतारे और नंगे पाँव गीली रेत पर चलने लगे। समंदर की ठंडी लहरें हमारे पैरों को छू रही थीं। तान्या ने एक शॉर्ट स्कर्ट पहनी थी — और नीचे कुछ नहीं। मैंने अपना हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर डाला और उसकी नंगी चूत को सहलाने लगा। तान्या ने भी मेरी पैंट के अंदर हाथ डाला और मेरा लंड पकड़ लिया।

हम वहीं बीच पर बैठ गए — सुनसान, शांत, सिर्फ हम दो। मैंने तान्या को अपनी गोद में बैठा लिया और उसे ज़ोर से किस किया। मेरी उंगलियाँ उसकी चूत में थीं, और उसकी उंगलियाँ मेरे लंड पर। हमने एक-दूसरे को हाथ से संतुष्ट किया — मैंने तान्या की चूत में उंगली की और तान्या ने मेरा लंड हिलाया। हम दोनों एक साथ झड़ गए — समंदर के सामने, चाँदनी रात में, बीच पर बैठे-बैठे। मेरा माल तान्या की उंगलियों पर था, और तान्या का रस मेरी उंगलियों पर। हमने एक-दूसरे की उंगलियाँ चाट लीं और हँस पड़े।

रात को रिसॉर्ट लौटकर, हमने फिर से प्यार किया — इस बार बहुत धीरे-धीरे, बहुत रोमांटिक तरीके से, स्पून पोज़िशन में। तान्या मेरी बाँहों में सिमटकर सो गई, और मैं उसे देखता रहा — अपनी बीवी को, अपनी ज़िंदगी को।

भाग 5: कॉलेज कपल का हनीमून – आखिरी दिन, सुबह की चुदाई और हमेशा के लिए यादें

पाँचवाँ दिन आ गया — हमारे हनीमून का आखिरी दिन। सुबह जब मेरी आँख खुली, तो खिड़की से समंदर की लहरों की आवाज़ आ रही थी और हल्की धूप कमरे में फैल रही थी। तान्या मेरी बाँहों में सिमटी हुई थी — बिल्कुल नंगी, बिल्कुल मासूम, बिल्कुल मेरी। उसकी साँवली त्वचा सुबह की रोशनी में सोने की तरह चमक रही थी। उसके बाल बिखरे हुए थे, उसके होंठ हल्के से खुले हुए थे, और उसके चेहरे पर एक गहरी शांति थी। मैं कुछ देर तक बस उसे देखता रहा — अपनी बीवी को, अपनी पत्नी को, अपनी ज़िंदगी को।

पिछले चार दिनों की यादें मेरे दिमाग में घूम रही थीं। पोर्ट ब्लेयर की जकूज़ी में हमारी पहली चुदाई, हवलॉक आइलैंड के सुनसान बीच पर वो जोशीली चुदाई, स्कूबा डाइविंग के बाद 69 पोज़िशन और गांड चुदाई, और नील आइलैंड के नेचुरल ब्रिज पर समंदर के सामने चुदाई। हर दिन, हर पल, हर चुदाई — सब कुछ इतना खूबसूरत था कि यकीन नहीं हो रहा था कि ये सब सच में हुआ है। और आज आखिरी दिन था। मैं चाहता था कि ये दिन सबसे खास हो, सबसे यादगार हो।

मैंने धीरे से तान्या के माथे पर एक किस किया। वो हल्की सी मुस्कुराई, लेकिन उसकी आँखें अब भी बंद थीं। मैंने फिर से किस किया — इस बार उसकी पलकों पर। तान्या ने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं और मुझे देखकर मुस्कुराई।

“गुड मॉर्निंग, मेरी बीवी,” मैंने फुसफुसाकर कहा।

“गुड मॉर्निंग, मेरे पति,” तान्या ने जवाब दिया, उसकी आवाज़ अब भी नींद से भारी थी।

“पता है आज कौन सा दिन है?” मैंने पूछा।

तान्या की मुस्कान थोड़ी फीकी पड़ गई। उसकी आँखों में एक उदासी छा गई। “हाँ… आखिरी दिन।”

“तो इसे सबसे खास बनाते हैं,” मैंने कहा और उसे अपनी बाहों में भर लिया।

मैंने तान्या को अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों पर एक लंबा, गहरा, प्यार भरा किस किया। ये किस पिछले चार दिनों के किस से अलग था — इसमें जुनून था, प्यार था, और एक गहरी उदासी भी थी कि ये सब खत्म होने वाला है। हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं, हमारे होंठ एक-दूसरे को चूस रहे थे, और हम दोनों की साँसें तेज़ हो रही थीं।

मैंने तान्या को बिस्तर पर पीठ के बल लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया। मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू किया — वो जगह जो उसकी सबसे बड़ी कमजोरी थी। मेरी जीभ उसकी गर्दन पर धीरे-धीरे फिर रही थी, और तान्या कराह रही थी। “आह… विक्रांत… सुबह-सुबह…”

“हाँ, सुबह-सुबह। हमारी आखिरी सुबह।”

मैंने उसके कंधों पर किस किया, फिर उसकी बाँहों पर, फिर उसकी उंगलियों पर। मैं उसके शरीर के हर इंच को चूमना चाहता था, हर हिस्से को याद करना चाहता था। फिर मैंने उसके स्तनों को अपने हाथों में लिया और बारी-बारी से चूसने लगा। तान्या के निप्पल सख्त हो गए थे, और वो अपनी कमर उठा-उठाकर मेरा साथ दे रही थी।

“तुम्हारे बूब्स… मुझे बहुत पसंद हैं,” मैंने फुसफुसाकर कहा।

“और तुम्हारा मुँह इन पर… मुझे और भी पसंद है,” तान्या ने शरारत से जवाब दिया।

मैंने उसके पेट पर किस किया, उसकी नाभि के अंदर अपनी जीभ डाली, और तान्या छटपटा उठी। फिर मैंने उसकी जाँघों को चूमा — अंदर की तरफ, जहाँ की त्वचा सबसे नरम और संवेदनशील थी। और फिर, आखिर में, मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी।

तान्या ज़ोर से कराह उठी — “आह… सुबह-सुबह मेरी चूत चाट रहे हो…”

“हाँ, और बहुत अच्छे से चाटूँगा।”

मैंने उसकी चूत को पूरे प्यार से चाटा — उसके बाहरी होंठों को, अंदर की नमी को, उसके क्लिट को। मेरी जीभ उसके क्लिट पर गोल-गोल घूम रही थी, और तान्या की साँसें तेज़ हो रही थीं। मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाली और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। तान्या ने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरा चेहरा अपनी चूत पर दबा दिया।

“और… और… मैं झड़ने वाली हूँ…” तान्या चीख उठी।

कुछ ही सेकंड में, उसकी चूत से गर्म रस निकला, जिसे मैंने पूरा पी लिया। तान्या हाँफ रही थी, उसका शरीर शिथिल पड़ गया था।

“अब तुम्हारी बारी,” मैंने कहा और बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया। “मेरा लंड चूसो।”

तान्या मुस्कुराई और मेरे ऊपर झुक गई। उसने मेरा लंड अपने हाथों में पकड़ा और धीरे-धीरे अपने मुँह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे लंड की नसों पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड को कसकर पकड़ रहे थे। वो बहुत धीरे-धीरे चूस रही थी — जैसे मेरे लंड का हर इंच याद करना चाहती हो। मैंने उसके बालों को सहलाया और कराह उठा।

“तुम बहुत अच्छा चूसती हो, तान्या।”

तान्या ने जवाब में मेरा लंड और गहराई तक ले लिया — गले तक। मैंने उसके सिर को पकड़ लिया और धीरे-धीरे उसका मुँह चोदने लगा। तान्या ने मेरी गांड पकड़ ली और मुझे और अंदर खींचने लगी।

करीब 10 मिनट तक तान्या ने मेरा लंड चूसा। फिर मैंने उसे ऊपर खींच लिया और अपनी छाती पर लिटा लिया।

“अब मैं तुम्हारी चूत चोदूँगा — आखिरी बार, इस हनीमून पर,” मैंने कहा।

“हाँ… आखिरी बार… लेकिन सबसे अच्छी बार,” तान्या ने कहा।

हम मिशनरी पोज़िशन में आए। मैंने तान्या की टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और अपना लंड उसकी चूत के द्वार पर लगाया। तान्या ने अपनी आँखें बंद कर लीं और अपने होंठों को दाँतों से दबा लिया।

“आई लव यू, तान्या,” मैंने कहा और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।

“आई लव यू टू, विक्रांत,” तान्या ने कराहते हुए जवाब दिया।

मैंने बहुत धीरे-धीरे चोदना शुरू किया — बहुत प्यार से, बहुत गहराई से। हर धक्के के साथ, मैं तान्या की आँखों में देखता और उससे कहता — “तुम मेरी ज़िंदगी हो।” और तान्या जवाब देती — “और तुम मेरी।”

ये चुदाई पिछली चार चुदाइयों से बिल्कुल अलग थी। इसमें कोई जल्दी नहीं थी, कोई जंगलीपन नहीं था — बस प्यार था, गहरा और सच्चा प्यार। मैं उसे चोद रहा था, लेकिन साथ ही उसे अपने दिल में बसा भी रहा था। हर धक्के के साथ, मैं उसे अपना सब कुछ दे रहा था।

करीब 20 मिनट तक मैंने उसे इसी तरह चोदा। तान्या दो बार झड़ गई — हर बार उसकी चूत मेरे लंड को कसकर जकड़ लेती, और हर बार वो ज़ोर से कराह उठती। आखिर में, मैंने भी अपना माल उसकी चूत में छोड़ दिया — गर्म, गाढ़ा, और बहुत सारा। मेरा सारा प्यार, मेरी सारी हवस, मेरा सब कुछ — उसकी चूत में समा गया।

हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए, हाँफते हुए, पसीने से भीगे हुए। मेरा माल तान्या की चूत से बाहर बह रहा था और चादर पर दाग बन रहे थे, लेकिन हमें कोई परवाह नहीं थी।

“ये कॉलेज कपल का हनीमून… मेरी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत सफर था,” तान्या ने फुसफुसाकर कहा। उसकी आवाज़ में आँसू थे।

“मेरा भी,” मैंने कहा। “और याद रखना — ये सिर्फ शुरुआत है। हम हर साल कहीं न कहीं जाएँगे। बस तुम और मैं।”

“प्रॉमिस?” तान्या ने अपनी नम आँखों से मेरी तरफ देखा।

“प्रॉमिस,” मैंने कहा और उसके माथे पर एक पक्का सा किस किया।

हम कुछ देर और बिस्तर पर लेटे रहे, एक-दूसरे से लिपटे हुए। फिर हम उठे और साथ में शॉवर लिया — आखिरी बार, इस हनीमून पर। शॉवर में हमने एक-दूसरे को धोया, एक-दूसरे की पीठ पर साबुन लगाया, और एक-दूसरे के बाल धोए। ये सब करते हुए, हम दोनों की आँखों में आँसू थे — लेकिन ये खुशी के आँसू थे।

शॉवर के बाद, हमने अपना सामान पैक किया। तान्या ने आखिरी बार अपनी सनड्रेस पहनी — बिना पैंटी के, हमेशा की तरह। “ये आदत तो अब लग गई है,” उसने मुस्कुराकर कहा। “अब तो घर पर भी पैंटी पहनने का मन नहीं करेगा।”

“तो मत पहनना,” मैंने हँसते हुए कहा।

हमने होटल से चेक-आउट किया और फेरी से पोर्ट ब्लेयर पहुँचे। रास्ते भर तान्या मेरा हाथ पकड़े रही, और मैं उसकी उंगलियों को सहलाता रहा। पोर्ट ब्लेयर से हमने फ्लाइट पकड़ी। फ्लाइट में बैठते ही तान्या ने अपना सिर मेरे कंधे पर रख दिया और अपनी आँखें बंद कर लीं।

“थक गई?” मैंने पूछा।

“नहीं… बस इन पलों को याद कर रही हूँ,” उसने कहा।

“कौन से पल? जकूज़ी वाले, बीच वाले, या नेचुरल ब्रिज वाले?”

“सब। सब कुछ। जकूज़ी में तुमने मुझे पानी के अंदर चोदा, बीच पर तुमने मुझे सबके सामने छेड़ा, हवलॉक के सुनसान बीच पर तुमने मुझे पत्थर पर झुकाकर चोदा, स्कूबा डाइविंग के बाद तुमने मेरी गांड चोदी, नील आइलैंड पर तुमने मुझे नेचुरल ब्रिज पर चोदा… और आज सुबह… वो आखिरी चुदाई। सब कुछ। मैं ये सब कभी नहीं भूलूँगी।”

“मैं भी नहीं,” मैंने कहा। “और याद रखना — ये तो सिर्फ शुरुआत है। अभी तो हमें पूरी ज़िंदगी साथ बितानी है। हर साल एक नया हनीमून, हर साल एक नई जगह।”

तान्या मुस्कुराई और उसने अपनी आँखें खोलकर मेरी तरफ देखा। “पता है, जब मैं कॉलेज में थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी ज़िंदगी इतनी खूबसूरत होगी। एक पति जो मुझसे इतना प्यार करता है, जो मुझे हर दिन चाहता है, जो मुझे दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों पर ले जाता है। मैं सच में बहुत लकी हूँ।”

“नहीं, लकी मैं हूँ,” मैंने कहा। “क्योंकि मुझे तुम जैसी बीवी मिली।”

फ्लाइट लैंड हुई। हम अपने शहर वापस आ गए। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही, गर्म हवा ने हमारा स्वागत किया — बिल्कुल अलग माहौल था अंडमान की ठंडी समंदरी हवा से। लेकिन हमारे दिलों में अंडमान की ठंडक, वहाँ की यादें, और वहाँ बिताए हर पल की गर्माहट हमेशा के लिए बस गई थी।

घर पहुँचकर, हमने अपना सामान रखा। तान्या ने थककर बिस्तर पर गिरते हुए कहा — “घर वापस आकर अच्छा लग रहा है। लेकिन अंडमान की बहुत याद आएगी।”

“अंडमान की नहीं, वहाँ की चुदाई की,” मैंने मज़ाक किया।

तान्या हँस दी। “वो तो है ही।”

रात को, जब हम अपने बिस्तर पर लेटे, तो तान्या ने मुझसे पूछा — “अगला हनीमून कहाँ जाएँगे?”

“अभी से प्लानिंग शुरू?” मैंने हँसते हुए पूछा।

“हाँ, क्योंकि मुझे तुम्हारे साथ पूरी दुनिया घूमनी है। और हर जगह… तुम्हें वहाँ मुझे चोदना है।”

“डील,” मैंने कहा और उसे अपनी बाहों में भर लिया।

हमने उस रात भी चुदाई की — अपने घर के बिस्तर पर, बहुत धीरे-धीरे, बहुत प्यार से। और चुदाई के बाद, जब तान्या मेरी छाती पर सिर रखकर सो गई, तो मैंने उसके बालों को सहलाते हुए सोचा — ये कॉलेज कपल का हनीमून खत्म हो गया, लेकिन हमारी ज़िंदगी का सफर अभी शुरू हुआ है। और इस सफर में, हर रात हमारी सुहागरात होगी, हर दिन हमारा हनीमून होगा।

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