गीली नाइटी में चुदाई – रीमा ने पति को पागल बनाकर ऐसे चोदा

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गीली नाइटी में चुदाई – क्या आपने कभी अपने पति को फिल्म की हीरोइन पर जीभ लपेटते देखा है? इस हॉट हिंदी सेक्स स्टोरी में पढ़िए रीमा की जुबानी वो रात, जब गीली नाइटी में चुदाई ने उसके पति का सबक सिखा दिया। पति ने फिल्म की हीरोइन की पारदर्शी साड़ी देखकर आह भरी तो रीमा ने सफेद गीली नाइटी पहनकर उसे पागल कर दिया। जब वह नाइटी में बाथरूम से बाहर आई तो उसके गोरे शरीर पर गीली नाइटी चिपक गई और उसके निप्पल साफ दिखने लगे। फिर गीली नाइटी में चुदाई करते हुए उसने पति के 7 इंच लंड को चूसा और अपनी चूत में लिया। अगर आप गीली नाइटी सेक्सपति से बदला, और जबरदस्त चुदाई की कहानी ढूंढ रहे हैं, तो यह गर्म दास्तान आपके लिए ही है।

भाग 1: फिल्म में हीरोइन देख पति ने मारी आह – रीमा को आया गुस्सा

मेरा नाम रीमा है, और मैं 24 साल की एक शादीशुदा लड़की हूँ। मैं चंडीगढ़ में अपने पति के साथ रहती हूँ। चंडीगढ़ का मौसम, वहाँ की सुंदरता, और वहाँ के लोग – सब कुछ शानदार है, लेकिन सबसे शानदार चीज़ मेरे पति का प्यार है। मैं देखने में एक दम गोरी चिट्ठी, मस्त फिगर वाली हूँ। मेरा फिगर ऐसा है जिसको देख सब पागल हो कर अपने लंड की मुँह मारते फिरते हैं – मैं ये नहीं कह रही कि मैं घमंडी हूँ, लेकिन सच्चाई यही है।

जब भी मैं बाजार जाती हूँ, लोग मुझे मुड़-मुड़ कर देखते हैं। महिलाएँ मेरे फिगर की तारीफ करती हैं, पुरुष अपनी नज़रें नहीं हटा पाते। लेकिन मेरा ध्यान सिर्फ एक जगह होता है – अपने पति पर। वही मेरी दुनिया है, वही मेरी जिंदगी है।

हमारी शादी को अभी कुछ ही समय हुआ है – मतलब कुछ ही साल हुए हैं। लेकिन उन कुछ सालों में हमने उतना प्यार किया है जितना कई जोड़े जीवन भर नहीं करते। मैं अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ, इसलिए उनके लिए बहुत कुछ नया सीखती रहती हूँ। हाल में ही मैंने उन्हें अपने हाथों का बना एक स्वेटर दिया जिसको देखकर वो बहुत खुश हुए। उन्होंने वो स्वेटर पहना और मुझे गले लगा लिया – उस पल मुझे लगा जैसे मैंने कुछ बहुत बड़ा कर दिखाया हो।

मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते हैं और एक पल के लिए भी अकेला नहीं रह सकते। जब वे ऑफिस में होते हैं, तो हर घंटे मुझे मैसेज करते हैं – “क्या कर रही हो?”, “मिस कर रहा हूँ”, “तुम्हारी चूत याद आ रही है”। और मैं भी उन्हें संतुष्ट करने की पूरी कोशिश करती हूँ, जिससे उनका ध्यान सिर्फ मेरे ऊपर ही रहता है। मैं चाहती हूँ कि वे कभी किसी और के बारे में न सोचें – सिर्फ मेरे बारे में।

मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते हैं और बहुत ख्याल भी रखते हैं। उनके लिए मैं एक हीरा हूँ, क्योंकि इतनी खूबसूरत बीवी और इतना प्यार करने वाली बीवी उन्हें आज तक नहीं मिल सकी। वे खुद कहते हैं – “रीमा, तुमसे अच्छी औरत इस दुनिया में नहीं है। मुझे तुम मिलकर ऐसा लगता है जैसे मैंने कोई जैकपॉट जीत लिया हो।” एक बात मैं और बता दूँ कि वे जब मुझे प्यार करते हैं तो खुद को इनसे छुटकारा पाना बहुत मुश्किल होता है – उनके प्यार की कोई सीमा नहीं है, कोई अंत नहीं है।

एक दिन की बात है। मैं और मेरे पति शाम को घर पर बोर हो रहे थे – बारिश हो रही थी, बाहर जाने का मन नहीं कर रहा था, और टीवी पर कुछ अच्छा नहीं आ रहा था। इसलिए हमने फिल्म देखने का प्लान बनाया और शाम की 7 बजे की टिकट बुक करके घर से 6 बजे निकल लिए। हमने रास्ते में अपनी पसंद का खाना खाया – पनीर टिक्का, गोलगप्पे, और मैंने तो बहुत सारी चॉकलेट भी ले ली।

हम टाइम से सिनेमा हॉल पहुँच गए और फिल्म देखने को मिली। फिल्म शुरू हुई – कोई रोमांटिक मूवी थी, जिसमें एक हीरो और एक हीरोइन थे। हम मूवी देख रहे थे, तभी एक सीन आया – हीरोइन सफेद रंग की पारदर्शी साड़ी में थी और वो बारिश में पूरी तरह से भीगी हुई थी। उसका सारा शरीर साफ-साफ दिख रहा था – उसकी साड़ी उसके शरीर से चिपकी हुई थी, उसके स्तनों का आकार साफ दिख रहा था, उसके निप्पल उभर आए थे।

उसे देख कर मेरे पति का मुँह खुला का खुला रह गया। उनकी आँखें स्क्रीन पर टिक गईं, और उनके मुँह से एक मस्ती भरी भारी आह निकली – “आह्ह्ह…”

मैंने उनकी तरफ देखा। उनकी आँखें हीरोइन पर थीं, उनके होंठ थोड़े खुले हुए थे, उनकी साँसें तेज़ हो गई थीं। मेरे अंदर का गुस्सा उबलने लगा। क्या – मेरे पति मेरी तरफ ऐसे नहीं देखते जैसे उस हीरोइन को देख रहे थे? क्या मैं उससे कम सेक्सी हूँ?

वैसे मैं भी दिखने में कम सेक्सी नहीं हूँ। जब मेरे पति मेरे साथ होते हैं तो वो पूरे समय मुझे चाटते और चूमते ही रहते हैं। उन्हें मेरा पूरा जिस्म चाटने में बहुत मजा आता है – मेरे होंठ, मेरी गर्दन, मेरे स्तन, मेरी चूत, मेरी गांड, मेरे पैर – मेरे जिस्म का कोई ऐसा हिस्सा नहीं है जो मेरे पति ने अपनी जिंदगी में चाटा न हो। वो मुझे कहते हैं कि मेरे शरीर का हर इंच उनके लिए स्वादिष्ट है, और वो हर रोज़ मुझे चाटते हैं जैसे कोई भूखा आदमी खाना खाता है।

जब वो मुझे देखता है तो वो कहता है – “भला इतनी सुंदर और खूबसूरत कोई महिला कैसी हो सकती है?” मेरे पति को मुझे नंगा देखने में बहुत मजा आता है। अक्सर ऐसा होता है कि जिस दिन वो घर पर होते हैं, तो वो मुझे पूरा नंगा कर देते हैं। मुझे पूरा दिन नंगा हो कर घर का सारा काम करना पड़ता है – खाना बनाना, बर्तन साफ़ करना, कपड़े धोना – सब कुछ नंगे जिस्म में। और मेरे पति पूरा दिन मेरे नंगे जिस्म को देखते ही रहते हैं। उन्हें मेरे नंगे जिस्म से बहुत प्यार है – वो मुझे कहते हैं कि मेरे शरीर की हर रेखा, हर कर्व, हर छाया – सब कुछ एक कला की तरह है।

लेकिन उस दिन – मुझे तब बहुत गुस्सा आया जब मेरे पति ने फिल्म की हीरोइन को देखते हुए अपना मुँह खोला। मैं चुप बैठी रही, उनकी तरफ देखती रही, और उनके चेहरे के भाव पढ़ती रही। उनकी आँखों में वह चमक थी – वही चमक जो वो मुझे देखते हुए दिखाते हैं। उनके होंठ हीरोइन के होंठों की तरफ लिपट रहे थे। उनके हाथ बेचैन हो रहे थे।

तभी मैंने सोच लिया था कि इनकी आह तो अब दर्द से निकलवाऊंगी, वरना मेरा नाम भी रीमा नहीं। अगर वो मेरे अलावा किसी और के बारे में सोच सकते हैं, तो मैं उन्हें सबक सिखाऊंगी – ऐसा सबक जो वो कभी नहीं भूलेंगे।

भाग 2: गीली नाइटी में चुदाई की तैयारी – बाथरूम में बनाया जलवा

हम घर वापस आ गए। रात काफी हो चुकी थी – सिनेमा हॉल से निकलते ही अंधेरा हो गया था, और बारिश की बूंदें अभी भी गिर रही थीं। हम दोनों ने डिनर कर लिया – मैंने घर आकर जल्दी-जल्दी खाना बनाया, और हमने साथ बैठकर खाया। खाते समय मेरे पति मुझे देख रहे थे – उनकी आँखों में अभी भी वही फिल्मी नशा था। लेकिन अब उनके सामने उस हीरोइन की जगह मैं थी।

डिनर के बाद हम सोने के लिए बेडरूम में चले गए। हम दोनों ने अपने कपड़े चेंज किए और सोने की तैयारी करने लग गए। मेरे पति ने अपना पजामा पहन लिया, जबकि मैंने कपड़े चेंज करने के बहाने बाथरूम में जाने का सोचा।

मैं जान-बूझकर एक सफेद रंग की नाइटी लेकर बाथरूम में गई। यह नाइटी बहुत पतली थी, लगभग पारदर्शी – जब सूखी होती थी तो भी उसमें से शरीर के उभार साफ दिखते थे। मैंने अंदर गहरे गुलाबी रंग की ब्रा पहनी – जो कि नाइटी में से साफ-साफ दिख रही थी। गहरा गुलाबी रंग सफेद नाइटी के नीचे चमक रहा था, जैसे बर्फ पर गुलाब खिला हो।

फिर मैंने अपनी पैंटी भी पहनी – मैचिंग गुलाबी रंग की, लेस वाली – जो मैंने खास मौकों के लिए खरीदी थी। बाथरूम के शीशे में मैंने खुद को देखा – मैं सेक्सी लग रही थी, लेकिन अभी तो असली खेल बाकी था।

मैं मुख्य बाथरूम में गई और मैंने अपनी पूरी नाइटी को गीला कर लिया। मैंने शॉवर चलाया और ठंडे पानी को अपनी नाइटी पर बहने दिया। पानी की बूंदें मेरे शरीर पर टपक रही थीं, और मेरी पूरी नाइटी मेरे शुद्ध जिस्म से चिपक गई थी। अब कोई ब्रा दिख नहीं रही थी – मैंने पहले ही उसे उतार दिया था। मेरे स्तनों का पूरा आकार नाइटी के नीचे उभर आया था, मेरे निप्पल साफ नज़र आ रहे थे – वे पहले से ही सख्त हो रहे थे, उत्तेजना से नहीं, बल्कि ठंडे पानी से।

नाइटी मेरे स्तनों पर इतनी कसकर चिपक गई थी कि मेरे निप्पल की बनावट भी साफ दिख रही थी। नीचे मेरी चूत का उभार भी पानी में भीगकर साफ हो गया था – नाइटी मेरे शरीर की हर रेखा, हर कर्व को रेखांकित कर रही थी।

उसमें से पानी की बूंदें नीचे गिर रही थीं – टप-टप-टप – बाथरूम की टाइल्स पर गिर रही थीं। मैंने खुद को शीशे में देखा – मैं एकदम वैसी लग रही थी जैसी वो फिल्मी हीरोइन थी, बल्कि मैं उससे ज्यादा सेक्सी लग रही थी। मेरा गोरा शरीर, गीली नाइटी, पानी की बूंदें, और मेरे बाल – सब कुछ एकदम सही था।

मैंने एक गहरी साँस ली – अब समय आ गया था अपने पति को सबक सिखाने का।

भाग 3: बाथरूम से बाहर आई तो पति के होश उड़े

जब मैं बाथरूम से बाहर आई, तो मैंने धीरे-धीरे कदम रखे – एक-एक करके, जैसे कोई अप्सरा बादलों से उतर रही हो। मैंने अपने बालों को थोड़ा सा साइड में किया, अपने कूल्हों को थोड़ा झुकाया, और अपनी आँखों में वह नज़र डाली जो मेरे पति को पागल कर देती है।

मेरे पति मुझे अपनी दोनों आँखें फाड़ कर देखने लग गए। उनका मुँह खुला का खुला रह गया – जैसे किसी अनजानी चीज़ को देख रहे हों, जैसे कोई अलौकिक सुंदरता उनके सामने आ गई हो। उनकी आँखें मेरे सिर से लेकर मेरे पैरों तक घूम रही थीं, मेरे हर इंच को पी रही थीं।

उनके मुँह से निकला – “ओह्ह माय गुड! तुम बहुत सेक्सी लग रही हो मेरी प्यारी दिल। मेरी जान, तुम तो उस फिल्म वाली हीरोइन से भी ज्यादा सेक्सी लग रही हो। अगर मैं सच कहूँ तो इस दुनिया में तुम से ज्यादा सेक्सी कोई और महिला नहीं हो सकती। ये तो मेरी किस्मत है कि मुझे एक सेक्सी परी मिल गई है।”

उनकी बात सुन कर मैं मुस्कुराई – अंदर ही अंदर बहुत खुश हुई, लेकिन बाहर से मैंने वही शरारती अंदाज़ दिखाया। मैं वापस से बाथरूम जाने लगी – जैसे मुझे कुछ और लेना हो। मैंने मुड़कर बाथरूम की तरफ कदम बढ़ाया, और अपने कूल्हों को और भी सेक्सी तरीके से हिलाया।

तभी मेरे पति मेरे पीछे भागते हुए आए और मुझे पीछे से पकड़ने लग गए – उनके हाथ मेरी कमर पर थे, फिर मेरी गांड पर, फिर मेरे स्तनों पर। लेकिन तब तक मैं मुख्य बाथरूम में घुस चुकी थी और मैंने दरवाजे के अंदर से ताला लगा लिया था – क्लैक की आवाज़ ने उन्हें रोक दिया।

मेरे पति बाहर खड़े दरवाजे पर जोर-जोर से हाथ मारते हुए बोले – “मेरी जान रीमा! प्लीज, तुम बाहर आओ! मैं तुम्हें अच्छे से देखना है और बहुत प्यार करना है! प्लीज बाहर आयो, वरना मैं पागल हो जाऊंगा!”

उनकी आवाज़ में बेचैनी थी, उनके हाथ दरवाजे पर धमाका कर रहे थे – “रीमा! प्लीज! मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता! अभी बाहर आओ!”

मैं थोड़ी देर तक अंदर ही रही – उन्हें और तड़पाया। फिर मैंने मुख्य दरवाज़ा खोला और बाहर आ गई।

अब तो मेरे पति की दोनों आँखे बाहर आ गई थीं। क्योंकि अब मैं सिर्फ गीली नाइटी में थी – मैंने अपनी ब्रा और पैंटी उतार दी थी। मैंने पारदर्शी सफेद रंग की पूरी पानी से भीगी हुई नाइटी पहन ली थी – और उसके नीचे कुछ भी नहीं था। मेरा पूरा शरीर नाइटी के नीचे एकदम साफ दिख रहा था।

अब मेरे दोनों स्तनों के निप्पल साफ-साफ दिख रहे थे। मेरे हल्के भूरे रंग के निप्पल खड़े हुए थे – ठंडे पानी से और उत्तेजना से। इसलिए वो अलग ही चमक रहे थे – जैसे दो छोटे मोती हों। और तो और, मेरी नाइटी गीली होने के कारण मेरे आगे-पीछे से पूरी तरह से चिपकी हुई थी। मेरी चूत का उभार, मेरे कूल्हों का कर्व, मेरी गांड का गोलापन – सब कुछ साफ दिख रहा था। मेरी नाइटी मेरे शरीर की दूसरी त्वचा बन गई थी – पतली, पारदर्शी, और बेहद सेक्सी।

भाग 4: गीली नाइटी में चुदाई – नाइटी फाड़ी और पूरी रात चोदा

मेरे पति मानो पागल ही हो गए थे मुझे देख कर। उनकी आँखों में वही जुनून था, वही दीवानगी थी, लेकिन इस बार यह और भी तीव्र था। उन्होंने मुझे दीवार पर लगा लिया – मेरी पीठ दीवार से लग गई, और मेरे सामने उनकी गर्म छाती थी। उन्होंने अपनी बाहों में मुझे बुरी तरह से जकड़ लिया – इतनी जोर से कि मेरी साँसें अटक गईं।

फिर उन्होंने मेरे गुलाबी होंठों को बुरी तरह से चूसना लगा – जैसे कोई भूखा आदमी पानी पी रहा हो। उनके होंठ मेरे होंठों पर थे, उनकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई, और उनके दाँत मेरे निचले होंठ को हल्के से काट रहे थे। मुझे आज पहली बार महसूस हुआ कि मेरे पति आज मुझे खा ही जाएंगे – उनका प्यार इस बार दर्द में बदल रहा था।

फिर उन्होंने मुझे उठाया कर बिस्तर पर पटक दिया। मेरी पीठ गद्दे पर गिरी, मेरे बाल तकिए पर बिखर गए, और मेरी गीली नाइटी मेरे शरीर पर और भी कस गई। मेरे पति आज इस तरह पागल हो चुके हैं कि उन्होंने आज मेरी नाइटी उतारी भी नहीं – उन्होंने मेरी पूरी नाइटी अपने हाथों से फाड़ दी।

रिप-रिप-रिप – नाइटी के कपड़े फटने की आवाज़ें कमरे में गूँज रही थीं। पहले कंधे से, फिर छाती से, फिर कमर से – उन्होंने नाइटी के हर हिस्से को फाड़ डाला, जब तक कि मैं पूरी तरह नंगी नहीं हो गई। मेरा गोरा शरीर, मेरे 34 के स्तन, मेरी चिकनी चूत, मेरे गोल कूल्हे – सब कुछ उनके सामने था।

फिर मुझे ऐसे घूर-घूर कर देखने लगे जैसे कोई अपने शिकार को देखता है – भूखा, बेचैन, और बेकाबू। उनकी आँखें मेरे स्तनों पर टिकी थीं, फिर मेरी चूत पर, फिर मेरी आँखों पर – और फिर से मेरे स्तनों पर।

मेरे पति मेरे ऊपर थे और मैं उनके नीचे थी – हमारे बीच कोई दूरी नहीं थी, बस नंगे शरीर एक-दूसरे से चिपके हुए थे। तभी मैंने उन्हें एक जोर से धक्का मारा – मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी – और उन्हें अपने ऊपर कर लिया। अब हाल ये था कि मैं उनके ऊपर थी और वो मेरे नीचे थे – मैं उनकी छाती पर बैठी थी, और उनका चेहरा मेरी तरफ था।

भाग 5: 7 इंच लंड से जबरदस्त चुदाई और एक साथ झड़ना

मैंने उनके ऊपर आते ही उनको चूसना शुरू कर दिया। मैंने अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए – पहले धीरे से, फिर जोर से, फिर पागलों की तरह। मैंने उनके होठों को मुँह में भर कर किस करने लग गई – उनके ऊपरी होंठ को चूसा, निचले होंठ को, दोनों को एक साथ। मुझे उनके होठों को चूसना बहुत अच्छा लगता है – उनके होंठ मुलायम हैं, गर्म हैं, और उनका स्वाद मीठा है।

मैं उनको किस करती रही और अपने एक हाथ से उसके लंड को पकड़ कर ऊपर-नीचे करने लग गई। मैंने उनके पजामे के अंदर हाथ डाला और सीधे लंड को पकड़ लिया। उनका 7 इंच लंबा लंड मेरे हाथ में आते ही उछाल कर लंबा और कड़क हो गया – जैसे कोई साँप अपनी मुट्ठी में आ जाए। उसकी नसें उभर आई थीं, और उसका सुपारा लाल हो गया था।

अब मैं उनके लंड को हाथ से ऊपर-नीचे करती रही – धीरे-धीरे, फिर तेज़, फिर धीरे – और उनको चूसती रही। मेरे पति “आअहह… आअहह…” जैसी धीमी आवाज निकलने लग गए। उनकी आँखें बंद थीं, उनके होंठ थोड़े खुले थे, और उनके चेहरे पर सुख की वह लाली थी जो मुझे बहुत पसंद है।

अब मैं नीचे हुई – मैं उनके पैरों के बीच बैठ गई, और अपने पति के प्यारे लंड को हाथों में पकड़ कर अपनी जीभ से उसके ऊपर-ऊपर चाटने लग गई। मैंने उसके सुपारे को अपने होठों के बीच दबाया, उसे चूसा, उसे गोल-गोल घुमाया। फिर मैंने अपनी जीभ को उसके शाफ़्ट पर ऊपर-नीचे फिराया – उसकी पूरी लंबाई चाट डाली। मुझे ऐसा करने में बहुत मजा आता है और उन्हें ऐसे करने में भी।

अब मैं उनकी गेंदों को मुँह में भर कर चूसने लग गई – पहले एक को, फिर दूसरी को, फिर दोनों को एक साथ। मैंने उनके अंडकोषों को अपने मुँह में लिया और धीरे-धीरे चूसा – बहुत सावधानी से, क्योंकि वे बहुत संवेदनशील होते हैं। वो मस्ती में “आआहह… आआहह…” करने लग गए और मेरे स्तनों को हाथ में पकड़ कर जोर-जोर से मसलने लग गए – इतना जोर से कि मुझे भी दर्द हो रहा था, लेकिन साथ ही बहुत मज़ा भी आ रहा था।

अब मैंने उनका लंड पूरा मुँह में भर लिया – उनके 7 इंच का पूरा लंड मेरे गले तक चला गया। मैंने गहरी साँस ली, अपने गले की मांसपेशियों को ढीला किया, और उनके लंड को अपने मुँह में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया – जोर-जोर से, तेज़-तेज़, बिना रुके।

ग्लग-ग्लग-ग्लग की आवाज़ें पूरे कमरे में गूँज रही थीं। मेरे पति भी मेरे निप्पल को उंगलियों में भर कर रगड़ने लग गए – उन्हें दबा रहे थे, मसल रहे थे, घुमा रहे थे।

मैं 10 मिनट ऐसे ही करती रही – उनका लंड चूसती रही, उनकी गेंदों को चूसती रही, उनके पूरे लंड को अपने मुँह में लेती रही। और फिर मेरे पति ने मुझे खींच कर अपने नीचे कर लिया – उनके हाथों ने मेरे कंधों को पकड़ा, और एक झटके में मैं उनके नीचे आ गई।

उन्होंने मुझे चूम लिया – एक लंबा, गहरा, प्यार भरा चुंबन – और मुझे बाहों में कस कर होठों में होठ डाल कर चूसने लग गए। मैं मदहोश हो गई – मेरी आँखें बंद हो गईं, मेरे हाथ उनकी पीठ पर थे, और मैं पूरी तरह से उनमें खो गई थी। उनका लंड मेरी चूत के ऊपर रगड़ खा रहा था – उनके लंड की गर्माहट, उसका दबाव, उसका फिसलन – सब कुछ मेरी चूत को पागल कर रहा था।

अब वो मेरे ऊपर आ कर मेरे स्तनों को मुँह में भर कर चूसने लग गए। जैसे ही उनके होंठ मेरे निप्पल पर पड़े, मेरे अंदर एक बिजली सी दौड़ पड़ी – करंट सा दौड़ गया, मेरी रीढ़ से लेकर मेरी चूत तक। वो मेरे स्तन ऐसे खा रहे थे जैसे कि मेरा दूध अभी भी पीना हो। वो लगातार चूसते रहे, मेरे निप्पल को मुँह में भर कर दाँत से चबाते रहे – हल्के से काटते रहे, फिर चूसते रहे, फिर काटते रहे।

और मैं मजे से जोर-जोर से “आआह्ह्ह… आआह्ह्ह…” करती रही। मेरे निप्पल एक दम लाल हो गए – इतने लाल कि लग रहा था जैसे दूध अभी निकल कर बाहर आ जाएगा। वे सूज गए थे, सख्त हो गए थे, और उन पर उनके दांतों के निशान थे।

फिर उन्हें चूमते हुए मुझसे कहा – “रीमा, अब नहीं रह जा रहा। तुम अपनी टांगें ऊपर उठा लो, मुझे अब चूत चोदनी है।”

मैंने उनकी ये बात सुनी और अपनी टांगें ऊपर उठा ली। मेरे पैर हवा में थे, मेरे घुटने मेरे सीने से लग गए थे, और मेरी चूत पूरी तरह से खुल गई थी – उनके सामने, बिना किसी झिझक के।

मेरी टांगे ऊपर उठे ही उन्होंने मेरी चूत पर अपना मुँह रखा और जीभ से चाटने लग गए। उनकी जीभ मेरी चूत के होंठों पर घूम रही थी – ऊपर से नीचे, बाएँ से दाएँ, गोल-गोल। मेरे मुँह से लम्बी-लम्बी सिसकारियाँ निकलने लग गई – “इस्स्स्स… इस्स्स्स… आह्ह्ह…”

उनकी जीभ की गर्माहट, उसका दबाव, उसकी लय – सब कुछ मुझे पागल कर रहा था। मेरी चूत और अधिक गीली हो रही थी – उनकी लार और मेरे रस के मिश्रण से।

जिसे सुन कर उनसे बर्दाश्त नहीं हुई और उसने अपना लंड मेरी चूत पर सेट किया। उनके लंड के सुपारे ने मेरी चूत के मुँह को छुआ – ठंडा लगा, फिर गर्म – और उन्होंने एक जोर से धक्का मारा। पूरा 7 इंच का लंड एक ही झटके में मेरी चूत में समा गया – मेरी चूत की तंग दीवारें उसके लंड के चारों ओर फैल गईं।

धक्का लगते ही मेरे मुँह से एक चीख निकल गई – “आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह!” तभी उन्होंने मेरे होठों को अपने होठों में डाल लिया और लगातार चोदते रहे – थप-थप-थप, थप-थप-थप – हर धक्के के साथ बिस्तर चरमरा रहा था, हर धक्के के साथ मेरा शरीर ऊपर-नीचे हो रहा था।

मुझे बहुत मजा आ रहा था इसलिए मैंने भी उन्हें नहीं रोका और उनका साथ देने लग गई – अपने कूल्हों को उठा-उठा कर, उनके हर धक्के का जवाब देते हुए। मैंने अपने पैरों को उनकी कमर में लपेट लिया, और उन्हें और अंदर खींच लिया – जितना हो सके उतना गहरा।

करीब 10 मिनट बाद – थप-थप-थप की तेज़ आवाज़ों के बीच – हम दोनों एक दम से शुद्ध गरम हो गए। मेरे पति की गति और तेज़ हो गई, उनके धक्के और जोरदार हो गए, और फिर – एक साथ – हम दोनों ने अपना पानी निकल दिया। मेरी चूत ने अपना रस बहाया, और उनके लंड ने अपना गर्म वीर्य मेरी चूत में छोड़ दिया – दोनों एक साथ, दोनों पूरी तरह से।

हमारे शरीर एक-दूसरे से चिपके हुए थे, पसीने से भीगे हुए, पूरी तरह से थके हुए, लेकिन पूरी तरह से संतुष्ट। हमने एक दूसरे को गले लगाकर सो गए – उनकी बाहों में, उनकी गर्माहट में, उनकी साँसों में।

उस रात मैंने सबक सिखा दिया था – अगर कोई हीरोइन मेरे पति का ध्यान खींच सकती है, तो मैं उन्हें भूला सकती हूँ कि दुनिया में कोई और औरत भी है। मेरे पति ने उस रात के बाद कभी किसी और औरत की तरफ नहीं देखा – और अगर देखा भी, तो मैं उन्हें फिर से गीली नाइटी पहनकर दिखा दूंगी कि उनकी बीवी कितनी सेक्सी है।

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