मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन– भाग 4: पहली बार फेस फकिंग और 69 पोज़िशन की चुदाई

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मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – क्या आपने कभी सोचा है कि एक शर्मीली दुल्हन को फेस फकिंग और 69 पोज़िशन सिखाना कैसा लगता है? यह हिंदी सेक्स कहानी उसी सफर की अगली कड़ी है जहाँ मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन में पति ने पहली बार अपनी पत्नी का मुँह चोदा और फिर दोनों ने मिलकर 69 पोज़िशन का आनंद लिया। शादी के चार महीने बाद का वो दौर, जब सिमरन अब पूरी तरह से अपने पति की हो चुकी थी और उसके साथ हर नई चीज़ सीखने को तैयार थी। अगर आपको फेस फकिंग, मुँह चोदना, 69 पोज़िशन, ओरल सेक्स, और शर्मीली दुल्हन को सिखाने जैसी कहानियाँ पसंद हैं, तो यह दास्ताँ सिर्फ आपके लिए है।

भाग 1: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – चार महीने का सफर और नई शुरुआत

शादी को चार महीने बीत चुके थे। ये चार महीने हमारी ज़िंदगी के सबसे यादगार महीने थे – चार महीने, जिनमें हर दिन एक नई सीख थी, और हर रात एक नया अनुभव। सिमरन अब पूरी तरह से मेरी हो चुकी थी — शरीर से, दिल से, और आत्मा से। वो अब पहले जैसी शर्मीली नहीं रही थी – वो दीवार जो शर्म और झिझक की थी, अब पूरी तरह टूट चुकी थी। वो अब मुझसे खुलकर बातें करती – अपनी इच्छाएँ बताती, अपनी फैंटेसी बताती, और सेक्स के मामले में भी काफी सहज हो चुकी थी। हम रोज़ चुदाई करते, एक-दूसरे को चाटते, चूसते, और प्यार करते। हमारी सेक्स लाइफ अब बहुत अच्छी हो गई थी, और हम दोनों एक-दूसरे के साथ पूरी तरह संतुष्ट थे – जैसे दो प्यासे लोग जो एक-दूसरे के होंठों से पानी पी रहे हों।

लेकिन मैं अभी भी कुछ नया करना चाहता था। मैंने बहुत सारी पोर्न देखी थी – कॉलेज के दिनों से, जब हम हॉस्टल में दोस्तों के साथ बैठकर देखते थे; और मेरे दिमाग में बहुत सारी फैंटेसी थीं – वो सारी फैंटेसी जो मैंने स्क्रीन पर देखी थीं, और जो मैं अपनी पत्नी के साथ जीना चाहता था। मैं सिमरन का मुँह चोदना चाहता था — गहराई से, बेरहमी से – जैसे मैंने पोर्न में देखा था। मैं उसके साथ 69 पोज़िशन करना चाहता था – जहाँ हम दोनों एक साथ एक-दूसरे को चाटें। मैं उसे और भी सबमिसिव बनाना चाहता था – उसे अपनी गुलाम बनाना चाहता था। लेकिन मैं जानता था कि ये सब धीरे-धीरे होगा – प्यार और भरोसे के साथ, न कि ज़बरदस्ती से। मैं सिमरन को डराना नहीं चाहता था – मैं चाहता था कि वो खुद मेरे साथ इन चीज़ों का आनंद ले।

सिमरन अब मेरे लंड को बहुत अच्छे से चूसती थी – वो जड़ से टोपे तक चाटती, बॉल्स को मुँह में लेती, और मेरा माल भी पी जाती थी – उसकी जीभ मेरे लंड की हर नस पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड के चारों ओर कसे हुए थे। लेकिन अभी तक मैंने उसका मुँह नहीं चोदा था — यानी मैंने अपना लंड उसके मुँह में डालकर उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदा नहीं था – मैंने उसके गले को उस तरह इस्तेमाल नहीं किया था। वो सिर्फ खुद मेरा लंड चूसती थी, और मैं उसका आनंद लेता था – वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेती, और धीरे-धीरे उसे अपने मुँह में लेती। लेकिन अब मैं उसे फेस फकिंग सिखाना चाहता था – जहाँ मैं उसके मुँह को चोदूँ, जैसे मैं उसकी चूत को चोदता हूँ।

एक दिन मैंने सिमरन से कहा, “सिमरन, आज मैं तुम्हें कुछ नया सिखाना चाहता हूँ।”

वो घबरा गई – उसकी आँखें फैल गईं। “क्या?” – उसकी आवाज़ में डर था, और एक हल्की सी उत्सुकता भी।

“फेस फकिंग,” मैंने कहा। “मैं अपना लंड तुम्हारे मुँह में डालकर चोदूँगा – जैसे मैं तुम्हारी चूत चोदता हूँ।”

सिमरन का चेहरा लाल हो गया – उसके गाल गुलाबी हो गए। वो बोली, “लेकिन… वो तो बहुत गहरा जाएगा… मुझे डर लगेगा… मेरा दम घुट सकता है…” – उसकी आवाज़ काँप रही थी, और उसने अपनी गर्दन को हल्के से छुआ।

“डरने की ज़रूरत नहीं है,” मैंने उसका हाथ पकड़कर कहा – उसकी हथेली ठंडी थी, और उसकी उंगलियाँ काँप रही थीं। “मैं तुम्हारे साथ हूँ। हम धीरे-धीरे करेंगे। जब भी तुम्हें लगे कि साँस नहीं आ रही, तो तुम मुझे इशारा कर देना – मेरी जाँघ पर हाथ रख देना। मैं रुक जाऊँगा – तुरंत।”

वो हिचकिचाई – उसकी आँखों में आँसू थे; लेकिन फिर मान गई – उसे मुझ पर भरोसा था। “ठीक है… लेकिन धीरे से करना…”

“बिल्कुल धीरे से,” मैंने कहा – मैंने उसके माथे को चूमा, और उसे अपनी बाहों में भर लिया।

भाग 2: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – फेस फकिंग की तैयारी

उस रात हमने पहले बहुत सारा फोरप्ले किया – क्योंकि मैं चाहता था कि सिमरन पूरी तरह तैयार हो, और उसका शरीर पूरी तरह उत्तेजित हो। मैंने सिमरन को चूमा – उसके होंठों को, उसकी गर्दन को, उसके कंधों को; उसके स्तन दबाए – उन्हें धीरे-धीरे सहलाया, और उनके निप्पल चूसे; उसकी चूत चाटी – उसके बाहरी होंठों को, उसके भीतरी होंठों को, और उसकी क्लिट को; और उसे चरमसुख तक पहुँचाया – उसका शरीर काँप उठा, और उसकी चूत से रस की धार निकली। फिर सिमरन ने मेरा लंड चूसा — जड़ से टोपे तक, बहुत प्यार से – उसकी जीभ मेरे लंड की नसों पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड के चारों ओर कसे हुए थे। मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा था — लंबा, मोटा, और बहुत गर्म – नसों से भरा हुआ, और उसकी टोपी चमक रही थी।

अब बारी थी फेस फकिंग की। मैंने सिमरन को बिस्तर पर लिटाया – उसकी पीठ बिस्तर पर थी, और उसका सिर बिस्तर के किनारे पर लटका दिया – उसकी गर्दन हल्की सी पीछे की तरफ झुकी हुई थी, और उसका मुँह मेरे लंड के बिल्कुल सामने था। ये पोज़िशन फेस फकिंग के लिए सबसे अच्छी होती है — क्योंकि इससे लंड सीधे गले में जाता है – कोई रुकावट नहीं, कोई मोड़ नहीं, बस सीधा रास्ता। मैं उसके सिर के ऊपर खड़ा हो गया – मेरे पैर उसके दोनों तरफ थे, और मेरा लंड उसके होंठों के ठीक ऊपर।

“तैयार हो?” मैंने पूछा – मेरी आवाज़ में प्यार था, और एक हल्का सा अधिकार भी।

सिमरन ने आँखें बंद कर लीं और धीरे से सिर हिलाया — हाँ में। मैंने अपना लंड उसके होंठों पर रगड़ा – उसके होंठ नर्म थे, और उन पर प्री-कम की चमक थी; और उसने अपना मुँह खोल दिया – धीरे-धीरे, हिचकिचाते हुए। मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उसके मुँह में डाला — पहले सिर्फ टोपा, फिर थोड़ा और, फिर और। सिमरन के मुँह का नर्मपन और गर्माहट ने मुझे पागल कर दिया – उसका मुँह गर्म था, और उसकी जीभ मेरे लंड के नीचे थी। मैंने उसके सिर को दोनों हाथों से पकड़ा – मेरी उंगलियाँ उसके बालों में थीं, और मेरी हथेलियाँ उसके कानों पर; और धीरे-धीरे अपने लंड को उसके मुँह में आगे-पीछे करने लगा।

“आराम से… साँस नाक से लो…” मैंने कहा – मेरी आवाज़ धीमी थी, और मेरी साँसें तेज़।

सिमरन ने मेरी बात मानी। उसने नाक से साँस लेना शुरू किया – उसकी नाक से हवा आ रही थी, और उसका मुँह मेरे लंड से भरा हुआ था; और मैंने अपने लंड को उसके मुँह में और गहराई तक धकेला। अब मेरा लंड उसके गले तक पहुँच रहा था – उसके गले की दीवारें मेरे लंड को कस रही थीं। सिमरन के गले ने मेरे लंड को कस लिया, और मुझे बहुत अच्छा लगा – जैसे कोई गर्म, गीली सुरंग में हूँ।

“उफ़्फ़… सिमरन… तुम्हारा मुँह… बहुत अच्छा है…” मैं कराह उठा – मेरी आवाज़ काँप रही थी।

मैंने अपनी रफ्तार थोड़ी बढ़ाई। अब मैं उसके मुँह को चोद रहा था — धीरे-धीरे, लेकिन लगातार – जैसे कोई नदी बहती है। मेरा लंड उसके होंठों से होता हुआ उसके गले तक जा रहा था, और हर बार जब मेरा लंड उसके गले में जाता, तो उसका गला कस जाता था। सिमरन की आँखों से पानी निकल रहा था – आँसू उसके गालों पर बह रहे थे, और उसकी लार मेरे लंड पर बह रही थी – गर्म, गाढ़ी लार, जो मेरे बॉल्स तक टपक रही थी। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं – उसने मेरी जाँघ को नहीं दबाया। वो पूरी तरह मेरे साथ थी – वो मेरी थी, और मैं उसका।

भाग 3: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – गहरी फेस फकिंग और साँस का खेल

कुछ देर बाद मैंने सिमरन से कहा, “सिमरन, अब मैं और गहराई तक जाऊँगा। जब भी तुम्हें साँस लेने की ज़रूरत हो, तो मेरी जाँघ को दबा देना। मैं रुक जाऊँगा – तुरंत।”

“ठीक है…” उसने कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसकी आँखें बंद थीं।

मैंने अपने लंड को उसके मुँह में पूरी तरह घुसा दिया — जड़ तक। मेरा लंड उसके गले के अंदर था, और उसकी नाक मेरे पेट से सटी हुई थी – उसकी नाक मेरे पेट के बालों को छू रही थी। सिमरन का गला मेरे लंड को कस रहा था – इतना कस कि मुझे लगा कि वो मेरे लंड को निगल जाएगी; और मुझे बहुत ही ज़्यादा अच्छा लग रहा था – ये एहसास, ये गर्माहट, ये कसाव। मैंने अपने कूल्हों को हिलाना शुरू किया — धीरे-धीरे पहले, फिर थोड़ा तेज़। मेरा लंड उसके मुँह और गले में आगे-पीछे हो रहा था, और सिमरन की लार फर्श पर टपक रही थी – टप… टप… टप…

“उफ़्फ़… सिमरन… तुम कितनी अच्छी हो…” मैं कराह रहा था – मेरी साँसें तेज़ थीं, और मेरा शरीर गर्म। “तुम्हारा गला… कितना टाइट है… कितना गर्म…”

सिमरन कुछ नहीं बोल पा रही थी — उसका मुँह भरा हुआ था – वो बस “ग्लक… ग्लक…” की आवाज़ें निकाल रही थी। वो सिर्फ अपनी नाक से साँस ले रही थी – छोटी-छोटी साँसें, जो उसकी नाक से आ रही थीं; और उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे – आँसू जो उसके गालों पर बहकर बिस्तर पर गिर रहे थे। लेकिन उसने मुझे रोका नहीं – उसने मेरी जाँघ को नहीं दबाया। वो मेरी बात मान रही थी, और मुझे अपना मुँह चोदने दे रही थी – वो मुझे अपना गला सौंप रही थी।

मैंने अपनी रफ्तार और बढ़ाई। अब मैं उसके मुँह को ज़ोरों से चोद रहा था – “धड़ाम! धड़ाम! धड़ाम!” मेरे लंड के टोपे उसके गले के अंदर जा रहे थे, और उसकी लार मेरे बॉल्स तक बह रही थी। मेरी साँसें तेज़ हो गईं, मेरा शरीर गर्म हो गया, और मुझे लगा कि मैं अब झड़ने वाला हूँ – मेरा शरीर तन गया था, और मेरे लंड में झनझनाहट हो रही थी।

“सिमरन… मैं झड़ने वाला हूँ…” मैंने कहा – मेरी आवाज़ काँप रही थी। “तुम्हारे मुँह में झड़ूँ? या तुम्हारे चेहरे पर?”

सिमरन ने अपना सिर हिलाया — लेकिन वो नहीं बता पाई कि क्या चाहती है – उसका मुँह भरा हुआ था। मैंने अपने लंड को उसके मुँह से बाहर निकाला – एक ‘पॉप’ की आवाज़ के साथ – और उसके चेहरे पर झड़ गया। मेरा माल उसके चेहरे पर गिरा — उसके माथे पर, गालों पर, होंठों पर, और ठुड्डी पर – गर्म, गाढ़ा, और बहुत ज़्यादा। फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में वापस डाला, और बाकी का माल उसके मुँह में डाल दिया – उसकी जीभ पर, उसके गले में। सिमरन ने सब निगल लिया — बूँद-बूँद – “ग्लुग… ग्लुग…” – और फिर उसने अपनी जीभ से अपने होंठों को चाट लिया।

“ये… ये बहुत अच्छा था…” सिमरन ने हाँफते हुए कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसकी आँखों में आँसू थे – लेकिन वो मुस्कुरा रही थी।

“तुमने बहुत अच्छा किया,” मैंने उसके माथे पर चुम्बन लिया – उसका माथा मेरे माल से भीगा हुआ था। “मुझे तुम पर गर्व है – तुम मेरी बहादुर पत्नी हो।”

भाग 4: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – 69 पोज़िशन की तैयारी

फेस फकिंग के बाद हम दोनों थक गए थे – मेरा शरीर ढीला पड़ गया था, और सिमरन की आँखें भारी हो रही थीं। हमने थोड़ा आराम किया – बिस्तर पर लेटे, एक-दूसरे से लिपटे हुए; पानी पिया – ठंडा पानी, जो हमारे गले से नीचे उतरा; और फिर से तैयार हुए – क्योंकि रात अभी लंबी थी। अब बारी थी 69 पोज़िशन की। सिमरन ने खुद मुझसे कहा था कि वो 69 करना चाहती है – उसने पोर्न में देखा था, और वो जानना चाहती थी कि ये कैसा लगता है; और अब वो दिन आ गया था।

“सिमरन, 69 का मतलब है कि हम दोनों एक साथ एक-दूसरे को चाटेंगे,” मैंने समझाया – मैंने उसके बालों को सहलाया। “मैं तुम्हारी चूत चाटूँगा, और तुम मेरा लंड चूसोगी। एक साथ – एक ही समय में।”

“समझ गई,” उसने कहा – उसकी आँखों में एक नई सी चमक थी। “ये तो बहुत अच्छा होगा – हम दोनों एक साथ एक-दूसरे को खुश करेंगे।”

मैं बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया, और सिमरन मेरे ऊपर उल्टी लेट गई – उसकी चूत मेरे मुँह के बिल्कुल सामने थी, और मेरा लंड उसके मुँह के सामने। उसकी गोरी गांड मेरे चेहरे के ऊपर थी – उसकी गांड गोरी थी, और उस पर हल्के निशान थे; और उसकी गुलाबी चूत मेरे होंठों से कुछ इंच दूर – मुझे उसकी चूत की खुशबू आ रही थी — मीठी, हल्की, और बहुत ही आकर्षक – जैसे कोई फूल खिला हो।

“तैयार हो?” मैंने पूछा – मेरी आवाज़ उसकी चूत के पास से आ रही थी, और मेरी साँसें उसकी चूत को छू रही थीं।

“हाँ…” उसने कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसके होंठ मेरे लंड के पास थे।

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी, और सिमरन ने अपना मुँह मेरे लंड पर। दोनों ने एक साथ शुरू किया। मैंने उसकी चूत के बाहरी होंठों को चाटा – उनकी नर्मी मेरी जीभ पर थी; और सिमरन ने मेरे लंड के टोपे को चूसा – उसके होंठ मेरे टोपे पर कसे हुए थे। दोनों की आहें एक साथ निकलीं — “उम्म…” – और फिर हम दोनों अपने-अपने काम में लग गए।

भाग 5: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – 69 पोज़िशन का जादू

ये अनुभव बहुत ही शानदार था – मैंने ऐसा कुछ कभी महसूस नहीं किया था। दोनों एक-दूसरे को आनंद दे रहे थे, और दोनों आनंद ले रहे थे – एक साथ, एक ही समय में। मैं उसकी चूत को गहराई से चाट रहा था — उसके भीतरी होंठों को – जो नर्म और गीले थे; उसकी क्लिट को – जो सख्त हो चुकी थी; और उसके रस को – जो मीठा था, और बह रहा था। सिमरन मेरे लंड को ज़ोर से चूस रही थी — जड़ से टोपे तक, गहराई से – उसकी जीभ मेरे लंड की नसों पर फिर रही थी, और उसके होंठ मेरे लंड के चारों ओर कसे हुए थे। दोनों की साँसें तेज़ हो गईं, और कमरे में चूसने और चाटने की गीली आवाज़ें गूँजने लगीं – “स्लर्प… चप… स्लर्प… चप…”

“उफ़्फ़… रोहन… तुम्हारी जीभ… कितनी अच्छी है…” सिमरन कराह उठी – उसकी आवाज़ दबी हुई थी, क्योंकि उसका मुँह मेरे लंड से भरा हुआ था।

“और तुम्हारा मुँह…” मैंने कहा – मेरी आवाज़ भी दबी हुई थी, क्योंकि मेरा मुँह उसकी चूत पर था। “तुम्हारा मुँह मेरे लंड को कितना अच्छा लग रहा है… कितना गर्म… कितना गीला…”

मैंने उसकी गांड को दोनों हाथों से पकड़ा – उसकी गांड मेरी हथेलियों में थी, और मैंने उसे अपने मुँह पर और कसकर दबाया। मेरी जीभ उसकी चूत के अंदर घुस गई – गहराई तक, और उसका रस मेरे मुँह में बहने लगा – मीठा, और गर्म। सिमरन ने भी मेरे लंड को और गहराई तक चूसा — उसका गला मेरे लंड के टोपे को कस रहा था – और मैं कराह उठा। दोनों एक-दूसरे में पूरी तरह खो गए – जैसे दो आत्माएँ एक हो रही हों।

कुछ देर बाद सिमरन का शरीर काँपने लगा। उसकी चूत ने मेरी जीभ को कस लिया – ज़ोर से, और उसके मुँह से एक लंबी सिसकारी निकली — “रोहन… मैं आ रही हूँ… ओह… बहुत अच्छा…” उसका पूरा शरीर झटकों से काँप उठा — उसके पैर काँपे, और उसकी पीठ झुक गई; और उसकी चूत से रस की एक तेज़ धार निकली – मेरे मुँह में, मेरे चेहरे पर। मैंने उसका पूरा रस पी लिया — बूँद-बूँद – जैसे कोई अमृत हो।

लेकिन सिमरन ने मेरा लंड चूसना बंद नहीं किया। वो चरमसुख के बाद भी मेरा लंड चूसती रही — और भी ज़ोर से – जैसे उसे और चाहिए हो। मुझे लगा कि मैं अब झड़ने वाला हूँ – मेरा शरीर तन गया था, और मेरे लंड में झनझनाहट हो रही थी। “सिमरन… मैं झड़ने वाला हूँ…” मैंने कहा – मेरी आवाज़ काँप रही थी।

सिमरन ने अपना मुँह मेरे लंड पर और कस लिया – उसके होंठ मेरे लंड के चारों ओर कसे हुए थे, और उसकी जीभ मेरे टोपे पर थी; और मैं उसके मुँह में झड़ गया। मेरा माल उसके मुँह में भर गया – गर्म, गाढ़ा, और बहुत ज़्यादा; और उसने सब निगल लिया — बूँद-बूँद – “ग्लुग… ग्लुग…” फिर उसने मेरे लंड को चाट-चाटकर साफ कर दिया – उसकी जीभ मेरे लंड की हर नस पर फिर रही थी।

“ये 69… बहुत अच्छा था…” सिमरन ने कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसके होंठों पर मेरा माल था।

“हाँ, बहुत अच्छा,” मैंने कहा – मैंने उसकी गांड को चूमा, और उसे अपनी बाहों में भर लिया। “अब से हम रोज़ 69 करेंगे – जब भी तुम्हारा मन करे।”

भाग 6: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – फेस फकिंग और चोकिंग का नया अनुभव

अगले दिन शाम को सिमरन ने मुझसे कहा, “रोहन, कल वाली फेस फकिंग… मैं उसे फिर से करना चाहती हूँ।” – उसकी आवाज़ में एक नई सी हिम्मत थी, और उसकी आँखों में एक चमक।

मैं मुस्कुराया। “अच्छा? तुम्हें अच्छा लगा था?” – मुझे खुशी हुई कि उसे ये पसंद आया।

“हाँ,” उसने शरमाते हुए कहा – उसके गाल लाल हो गए। “बहुत अच्छा लगा था। जब तुम्हारा लंड मेरे गले में जाता है, तो एक अजीब सा एहसास होता है… बहुत अच्छा लगता है – जैसे मैं पूरी तरह तुम्हारी हो जाती हूँ।”

“ठीक है, आज फिर से करेंगे,” मैंने कहा – मैंने उसे अपनी बाहों में लिया, और उसके होंठों को चूमा।

उस रात हमने फिर से फेस फकिंग की। इस बार मैंने थोड़ा और ज़ोर से किया — क्योंकि सिमरन अब पहले से ज़्यादा सहज थी – वो अब जानती थी कि क्या होने वाला है, और वो तैयार थी। मैंने उसका सिर बिस्तर के किनारे पर लटकाया, और उसके मुँह में अपना लंड डालकर ज़ोर-ज़ोर से चोदा – “धड़ाम! धड़ाम! धड़ाम!” मेरा लंड उसके गले के अंदर तक जा रहा था, और उसकी लार फर्श पर टपक रही थी। सिमरन की आँखों से आँसू बह रहे थे, लेकिन वो मुस्कुरा रही थी — जैसे उसे ये सब पसंद आ रहा हो – जैसे वो मेरे लंड की दीवानी हो गई हो।

इस बार मैंने थोड़ा चोकिंग भी किया – क्योंकि मैंने पोर्न में देखा था, और मैं जानना चाहता था कि सिमरन को ये कैसा लगता है। मैंने अपना एक हाथ उसकी गर्दन पर रखा, और हल्के से दबाया – मेरी उंगलियाँ उसकी गर्दन पर थीं, और मैं उसे हल्के से दबा रहा था। सिमरन की साँसें रुक गईं – उसकी आँखें फैल गईं, लेकिन उसने मुझे रोका नहीं। वो पूरी तरह मेरे साथ थी – उसने मेरी कलाई पकड़ी, लेकिन खींची नहीं – बस पकड़ी। मैंने उसकी गर्दन को हल्के से दबाया, और उसके मुँह को और ज़ोर से चोदा। सिमरन की आँखें बंद थीं, और उसके चेहरे पर एक अजीब सी तृप्ति थी – जैसे वो किसी और दुनिया में हो।

“तुम्हें चोकिंग पसंद है?” मैंने पूछा – मैंने अपना हाथ उसकी गर्दन से हटा लिया, और वो गहरी साँस लेने लगी।

“हाँ…” उसने हाँफते हुए कहा – उसकी आवाज़ धीमी थी। “जब तुम मेरी गर्दन दबाते हो… तो मुझे बहुत अच्छा लगता है… जैसे मैं पूरी तरह तुम्हारे काबू में हूँ।”

“ठीक है, आगे से हम ऐसा भी करेंगे,” मैंने कहा – मैंने उसके माथे को चूमा, और उसे अपनी बाहों में भर लिया।

भाग 7: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – रोमांटिक चुदाई और गहराता प्यार

फेस फकिंग और चोकिंग के बाद मैंने सिमरन को बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत में अपना लंड डाला। उसकी चूत अब पूरी तरह गीली थी — उत्तेजना से भरी हुई – उसका रस मेरे लंड पर लग रहा था। मैंने उसे धीरे-धीरे चोदना शुरू किया — प्यार से, रोमांटिक अंदाज़ में – मेरे धक्के धीमे थे, और मेरी रफ्तार सौम्य। सिमरन मेरे नीचे कराह रही थी – उसके दूध हिल रहे थे, और उसकी चूत मेरे लंड को कस रही थी।

“रोहन… मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ…” वो बोली – उसकी आवाज़ काँप रही थी, और उसकी आँखों में आँसू थे।

“मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, सिमरन,” मैंने कहा – मैंने उसके होंठों को चूमा, और उसके आँसू पोंछे।

फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में लिटाया। उसकी गांड ऊपर उठाई, और उसके पीछे से उसकी चूत में लंड डाला — इस पोज़िशन में उसकी चूत और भी टाइट लग रही थी, और मेरा लंड उसकी चूत की दीवारों से रगड़ खा रहा था। मैंने उसकी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के देने लगा – “धड़ाम! धड़ाम! धड़ाम!” सिमरन चीख रही थी — “आह… रोहन… और ज़ोर से… मुझे और चाहिए…” – उसकी आवाज़ में दर्द नहीं था, बस एक गहरी भूख थी।

मैंने उसकी रफ्तार बढ़ाई। अब मैं उसे पूरी तरह चोद रहा था — प्यार से, लेकिन जोश से। उसकी गांड मेरे जाँघों से टकरा रही थी – “थप! थप! थप!”; उसके दूध झूल रहे थे, और उसकी आहें कमरे में गूँज रही थीं। कुछ देर बाद सिमरन चरमसुख पर पहुँची — उसका शरीर काँप उठा, और उसकी चूत ने मेरे लंड को कसकर पकड़ लिया — जैसे वो उसे अंदर ही रख लेना चाहती हो।

फिर मैंने उसे काउगर्ल पोज़िशन में बिठाया। वो मेरे ऊपर चढ़ी, मेरा लंड अपनी चूत में डाला, और ऊपर-नीचे होने लगी — उसके दूध हिल रहे थे, उसकी आँखें बंद थीं, और उसके मुँह से आहें निकल रही थीं – “आह… रोहन… ये… बहुत अच्छा…” मैं उसके दूध दबा रहा था — उन्हें धीरे-धीरे सहला रहा था; उसके होंठ चूस रहा था — उन्हें चूम रहा था; और उसे आनंद दे रहा था — उसकी कमर को पकड़कर उसे गाइड कर रहा था।

“रोहन… मैं आ रही हूँ…” वो चीखी — उसकी आवाज़ टूट रही थी। और फिर उसका शरीर काँप उठा — उसकी चूत ने मेरे लंड को कस लिया, और उसकी आँखें पीछे की ओर घूम गईं। मैंने भी उसी समय झड़ गया — उसकी चूत के अंदर ही। मेरा वीर्य उसकी चूत में भर गया, और हम दोनों निढाल होकर लेट गए — पसीने से तर, थके हुए, लेकिन बहुत खुश।

भाग 8: मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन – प्यार की सुबह और आगे का सफर

सुबह हुई। हल्की धूप खिड़की से कमरे में आ रही थी — सुनहरी किरणें बिस्तर पर पड़ रही थीं। मेरी आँख खुली तो सिमरन मुझे देख रही थी — उसकी आँखों में प्यार था, और एक नई सी चमक भी। वो बोली, “सुप्रभात, मेरे पति।” – उसकी आवाज़ धीमी थी, और उसके होंठों पर एक हल्की सी मुस्कान थी।

“सुप्रभात, मेरी पत्नी,” मैंने मुस्कुराकर कहा — मेरी आवाज़ में प्यार था, और एक गहरी संतुष्टि भी।

फिर उसने मुझे चूमा — इस बार खुद से, बिना मेरे कहे। उसके होंठ मेरे होंठों पर थे, और उसकी जीभ मेरे मुँह में थी — यह चुम्बन लंबा था, गहरा था, और बहुत ही मीठा था। वो अब पूरी तरह से जानती थी कि उसे क्या चाहिए, और वो अपनी इच्छाएँ खुलकर बताती थी — “मुझे फिर से चाहिए…” उसने कहा — उसकी आवाज़ में एक नई सी हिम्मत थी।

“ये तो तुम्हारा हक है,” मैंने कहा और उसे अपनी बाहों में लिया।

उस सुबह हमने दो बार चुदाई की। पहली बार मैंने उसे मिशनरी पोज़िशन में चोदा — धीरे-धीरे, प्यार से; और दूसरी बार उसने मेरे ऊपर चढ़कर काउगर्ल पोज़िशन में — वो मेरे लंड पर उछल रही थी, और मैं उसके दूध दबा रहा था। हर बार सिमरन और बेहतर होती गई। वो अब शर्मीली नहीं थी — कम से कम मेरे सामने नहीं। वो मेरी पत्नी थी, मेरी प्रेमिका थी, और अब पूरी तरह से मेरी हो चुकी थी। और मैं उसका पति था, उसका प्रेमी था, और पूरी तरह से उसका हो चुका था।

उस दिन शाम को हम छत पर बैठे थे — दिल्ली की शाम, जब आसमान नारंगी और गुलाबी हो जाता है, और पक्षी अपने घोंसलों की तरफ लौटते हैं। सिमरन मेरे कंधे पर सिर रखकर बैठी थी, और मैं उसके बालों को सहला रहा था — उसके बाल रेशम की तरह मुलायम थे, और उनमें से नारियल तेल की खुशबू आ रही थी। वो बोली, “रोहन, तुमने मुझे बहुत कुछ सिखाया। पहले मैं सेक्स से डरती थी, शर्माती थी। लेकिन अब मैं तुम्हारे साथ सब कुछ करने को तैयार हूँ। तुम मेरे लिए सबसे खास हो।”

“और तुम मेरे लिए,” मैंने कहा। “तुम मेरी मासूम शर्मीली दुल्हन से मेरी प्यारी पत्नी बन गई। और अब तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो, मेरी प्रेमिका हो, मेरी ज़िंदगी हो।”

वो मुस्कुराई और मुझसे लिपट गई। उस पल हमने सिर्फ एक-दूसरे को महसूस किया — दिल से। हमारा रिश्ता अब और भी गहरा हो चुका था, और हम दोनों जानते थे कि आने वाले दिनों में हम और भी नई चीज़ें सीखेंगे, और भी करीब आएंगे। लेकिन सबसे ज़रूरी चीज़ थी — हमारा प्यार, हमारा भरोसा, और हमारा साथ। और यही हमें सबसे मज़बूत बनाता था।

समाप्त — भाग 4

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